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Monday, April 13, 2026
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जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से बर्बाद हो रहा मिनी सचिवालय, ग्रामीणों ने मक्का भरकर किया कब्जा

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Mini secretariat
Mini secretariat

सरकार के विकास कार्यों पर पड़ी भ्रष्टाचार की छाया, शमशाबाद के नगला कलार में लचर हालात

फर्रुखाबाद: ग्राम स्तर पर सुशासन व पारदर्शिता के लिए सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से बनाए गए मिनी सचिवालय (Mini secretariat) आज भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनदेखी के शिकार हो चुके हैं। विकासखंड शमशाबाद (Development Block Shamshabad) क्षेत्र के ग्राम नगला कलार में बना मिनी सचिवालय इन दिनों जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गया है।

मक्के की बोरियों से भरे सचिवालय के कमरे, टूटा गेट और गंदगी का आलम

मिनी सचिवालय का मुख्य कमरा इस समय किसानों द्वारा मक्का भंडारण का केंद्र बना हुआ है। मुख्य द्वार टूटा हुआ है और बरसात के चलते परिसर में झाड़ियां, घास और गंदगी का अंबार देखा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां जहरीले कीड़े-मकोड़े और सांप-बिच्छू पाए जाने का भी खतरा है। जब पंचायत सहायक अनिल कुमार सिंह से जानकारी मांगी गई तो वे कोई संतोषजनक उत्तर देने के बजाय बगलें झांकते नजर आए।

सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे ग्राम प्रधान और सचिव

सरकार द्वारा बनाए गए इन सचिवालयों का उद्देश्य था कि ग्राम प्रधान, सचिव और ग्रामीण मिलकर गांव के विकास कार्यों की योजना बना सकें, साथ ही ग्रामीण सचिवालय में अपने ज़रूरी कार्यों का निस्तारण करा सकें। लेकिन हकीकत में ये भवन आज पशुओं के तबेले, निजी गोदाम और खंडहर बन चुके हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से ये भवन अब “कमाई के अड्डे” बन चुके हैं। अनेक जगहों पर अनावश्यक सामान भंडारित कर कब्जा कर लिया गया है, और कहीं जानवरों को बांध दिया गया है।

अधिकारी बोले – नहीं थी जानकारी, कराएंगे जांच

विकास खंड अधिकारी शमशाबाद राधेश्याम से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा, “मामले की मुझे जानकारी नहीं थी। अब जानकारी में आया है तो तत्काल जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

MSME सेक्टर की चुनौतियों, तकनीकी उन्नयन और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पर हुआ मंथन

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IIA
IIA

– आईआईए की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक लखनऊ में सम्पन्न

लखनऊ: इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) की 310वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक शुक्रवार को लखनऊ (Lucknow) स्थित IIA भवन में सम्पन्न हुई। यह बैठक सत्र 2025-26 की पहली बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं दिल्ली से आए 100 से अधिक पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस दौरान एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों जैसे Ease of Doing Business, Technology Upgradation, Business Expansion, कौशल विकास और निर्यात पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने बताया कि उद्योगों की सुविधा और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद (आईएएस) से हाल ही में विस्तृत चर्चा की गई है।

आईआईए ने निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के लिए कई सुझाव भी लिखित में दिए हैं, जिन पर सकारात्मक आश्वासन प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त श्रम कानूनों, PF और ESI से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु प्रमुख सचिव (श्रम) डॉ. एम.के. शनमुगा सुन्दरम (आईएएस) के साथ बैठक की गई, जिसमें संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

जानकारी दी गई कि आईआईए आने वाले समय में Google और Microsoft की तकनीकों के उपयोग, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और टेक्नोलॉजी हैण्डहोल्डिंग जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। आईआईए का सुझाव है कि सरकार MSMEs को रियायती दरों पर तकनीकी सलाहकार (कंसल्टेंट) उपलब्ध कराए।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि आईआईए, सरकार के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कई कार्यक्रम चलाने की योजना बना रहा है। आईआईए महासचिव ने बताया कि सत्र 2025-26 में बिल्ड भारत एक्सपो, डिफेंस एंड इंजीनियरिंग गुड्स एक्सपो, इंडिया सोलर एक्सपो, फूड एक्सपो और टूरिज्म एक्सपो सहित कई औद्योगिक प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे एमएसएमई उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने कहा कि आईआईए सरकार के साथ प्लेज पार्क योजना, डेवलपमेंट चार्जेज और बिजली के ओपन एक्सेस जैसे विषयों पर निरंतर संवाद बनाए हुए है, और इन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णयों की अपेक्षा है। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष जी.सी. चतुर्वेदी, अनिल गुप्ता, उपाध्यक्ष, सचिव, डिविजनल चेयरमेन, चैप्टर चेयरमेन सहित आईआईए के विभिन्न चैप्टर्स के 100 से अधिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

एक और धर्मांतरण सिंडिकेट का पर्दाफाश, 6 राज्यों से 10 अभियुक्त गिरफ्तार

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DGP
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– अपराधियों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति पर यूपी पुलिस का एक और निर्णायक कदम

लखनऊ/आगरा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस” की नीति को अपनाते हुए यूपी एटीएस द्वारा मिशन अस्मिता के अंतर्गत अवैध धर्म परिवर्तन सिंडिकेट (conversion syndicate) के मुख्य आरोपित मो. उमर गौतम और मुफ्ती जाहगीर आलम कासमी को गिरफ्तार (arrested) किया जा चुका है। यूपी एसटीएफ और एटीएस ने हाल ही में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन द्वारा संचालित अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय जिहादी फंडिंग, लव जिहाद, डार्क वेब और अन्य माध्यमों से देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की मंशा से काम कर रहा था। पुलिस कमिश्नरेट आगरा के आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में 6 राज्यों से 10 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई, जो विशेष रूप से कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन व लव जिहाद के जरिए धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त थे। यह नेटवर्क ISIS के सिग्नेचर स्टाइल पर कार्य करता है। अभी तक की जांच में इनके संबंध PFI, SDPI और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी पाए गए हैं।

बताते चले कि मार्च 2025 में आगरा से दो सगी बहनों (उम्र 33 और 18) की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना स्थानीय थाना सदर बाजार व बाद में साइबर थाना द्वारा की गई। जांच के दौरान यह पता चला कि घटना से जुड़े लोग देश के विभिन्न हिस्सों से Radicalisation, लव जिहाद व विदेशों से फंडिंग में संलिप्त थे। प्राथमिक साक्ष्य जुटाने के उपरांत 7 अभियुक्तों के विरुद्ध NBW प्राप्त किया गया। बंगाल, गोवा, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में पुलिस की 11 टीमें भेजी गईं। जिससे इस संयुक्त अभियान में 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची:

1. आयशा (पूर्व नाम: एस.बी. कृष्णा) गोवा, 2. अली हसन (पूर्व नाम: शेखर रॉय) कोलकाता, 3. ओसामा कोलकाता, 4. रहमान कुरैशी आगरा, 5. अब्बू तालिब खालापार, मुजफ्फरनगर, 6. अबुर रहमान, देहरादून, 7. मोहम्मद अली जयपुर, 8. जुनैद कुरैशी जयपुर, 9. मुस्तफा (पूर्व नाम: मनोज) दिल्ली, 10. मोहम्मद अली (II) जयपुर।

यह पूरा नेटवर्क अलग-अलग जिम्मेदारियाँ निभा रहा था, जैसे विदेशी फंडिंग जुटाना व वितरित करना। शरणस्थली (सेफ हाउस) उपलब्ध कराना। लीगल एडवाइस देना। नए मोबाइल व सिम कार्ड उपलब्ध कराना। युवतियों को प्रेमजाल में फंसाना। धर्म परिवर्तन के कागज़ तैयार करना। धार्मिक कट्टरता फैलाना। समन्वय व आगे की कार्यवाही।

प्राणि उद्यान में गम्बूसिया मछलियों की छोड़ी गई 50 जोड़ियाँ

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zoo
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– मच्छरों के लार्वा पर जैविक नियंत्रण की पहल
-दवाओं के बजाय प्राकृतिक समाधान को बढ़ावा

लखनऊ: नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (zoo), लखनऊ में मच्छरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए एक अनूठी जैविक पहल की गई। प्राणि उद्यान की निदेशक अदिति शर्मा द्वारा गम्बूसिया मछली (Gambusia fish) के 50 जोड़ों को नवनिर्मित एण्ट्री प्लाजा के लोटस पॉण्ड में प्रवाहित किया गया। इस जैविक उपाय का मुख्य उद्देश्य मच्छरों के लार्वा को समाप्त करना है, जिससे दवाओं के छिड़काव की आवश्यकता न पड़े।

गौरतलब है कि गम्बूसिया मछली को “मॉस्कीटो फिश” भी कहा जाता है, क्योंकि यह पानी में मौजूद मच्छरों के लार्वा को खाकर उनकी जनसंख्या को नियंत्रित करती है। यह पर्यावरण के अनुकूल और रासायनिक रहित उपाय है, जो विशेष रूप से मानसून के मौसम में प्रभावी होता है।

इन्द्रमणि राजा (मत्स्य विशेषज्ञ) ने बताया कि “गम्बूसिया मछलियाँ बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाती हैं और आने वाले समय में इन्हीं तालाबों से इन मछलियों को शहर के अन्य हिस्सों जैसे नाले-नालियों में भी प्रवाहित किया जाएगा, जिससे मच्छरों पर प्राकृतिक रूप से नियंत्रण पाया जा सके।” यह पहल न केवल प्राणि उद्यान में आने वाले हजारों आगंतुकों को मच्छरों से राहत देगी, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और रसायनमुक्त समाधान की दिशा में भी एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

इस अवसर पर प्राणि उद्यान के उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने इस जैविक उपाय को साफ-सुथरे और स्वस्थ वातावरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।

अब शिकायतों के समाधान के लिए नहीं मांगे जाएंगे अनावश्यक कागज़

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UPPCL
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– बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
– चेन्ज ऑफ टाइटल को छोड़कर किसी भी सेवा के लिए दस्तावेज़ देना अनिवार्य नहीं

लखनऊ: प्रदेश के करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब उपभोक्ताओं को विद्युत कार्यालयों में बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि चेन्ज ऑफ टाइटल (नामांतरण) को छोड़कर किसी भी अन्य सेवा जैसे बिल संशोधन, मीटर परिवर्तन या सप्लाई कैटेगरी में बदलाव के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ की मांग नहीं की जाएगी।

यह निर्णय यूपी पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर लिया गया है। हाल ही में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें निगम के मुख्य अभियंता, निदेशक और प्रबंध निदेशक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

अध्यक्ष डॉ. गोयल ने स्पष्ट कहा कि, “यह विभाग की जिम्मेदारी है कि कनेक्शन से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेख स्वयं संधारित रखे जाएं। उपभोक्ता को हर छोटी-बड़ी सेवा के लिए दस्तावेज़ मांगकर परेशान करना न केवल अनुचित है बल्कि हमारी कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।” उन्होंने कहा कि उपभोक्ता से चेन्ज ऑफ टाइटल को छोड़कर किसी भी शिकायत के समाधान के लिए कोई कागज़ नहीं मांगा जाएगा। यदि किसी सेवा के लिए अभिलेख की आवश्यकता हो, तो विभाग अपने रिकॉर्ड से समाधान सुनिश्चित करेगा। इस निर्णय का पालन प्रदेशभर में सुनिश्चित किया जाए और किसी भी कार्यालय से इस प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।

डॉ. गोयल ने कहा कि उपभोक्ता की सुविधा सुनिश्चित करना निगम की नैतिक जिम्मेदारी है और इसके लिए यह आवश्यक है कि समस्याओं का समाधान न्यूनतम प्रयासों में हो। उन्होंने 1912 उपभोक्ता सेवा नंबर पर आने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए, ताकि कोई शिकायत लंबित न रहे।

गौरतलब है कि उपभोक्ताओं को अक्सर यह शिकायत रहती थी कि बिजली विभाग के कर्मचारी कनेक्शन से संबंधित पुराने दस्तावेज़ मांगते हैं, जिन्हें तत्काल प्रस्तुत करना कठिन होता है, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिलेगा।

अमर शहीद मंगल पांडे जयंती पर कांग्रेसजनों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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Congressmen
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– 1857 की क्रांति के अग्रदूत को प्रदेश भर में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

लखनऊ: 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद मंगल पांडे (Amar Shaheed Mangal Pandey) की जयंती के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, लखनऊ में भावभीनी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेसजनों (Congressmen) ने मंगल पांडे जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को स्मरण करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय (पूर्व मंत्री) के निर्देश पर आज प्रदेश के सभी जिलों व शहरों में जिला/शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की अगुवाई में अमर शहीद मंगल पांडे जी को श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेसजनों ने क्रांति के इस अग्रदूत के योगदान को याद करते हुए देशप्रेम और सामाजिक समरसता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राज बहादुर ने कहा कि, “आज़ादी हमें यूं ही नहीं मिली है। यह मंगल पांडे जैसे वीर क्रांतिकारियों के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष का परिणाम है। ऐसे महापुरुषों का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हम सबका कर्तव्य है कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द्र के लिए सतत रूप से कार्य करें।”

1857 की क्रांति के आरंभिक सूत्रधार रहे मंगल पांडे ने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध प्रथम विद्रोह की चिंगारी जलाई थी। उनका नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अमर है, और उनके साहसिक योगदान को देश आज भी नमन करता है।