13 C
Lucknow
Thursday, January 29, 2026
Home Blog Page 3232

नाबालिग के साथ रंगे हाथ पकड़े गए पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव, कॉलेज में पुलिस ने किया गिरफ्तार

0

सोचे समझे षडयंत्र की सुगसुवाहट
सपा के ही एक नेता के नाम की चर्चा 
बोले नबाब, मेरे खिलाफ साजिश

यूथ इंडिया संवाददाता
कन्नौज। जनपद कन्नौज में रविवार देर रात एक बड़ी घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया, जब पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव को नाबालिग लडक़ी के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में उनके ही कॉलेज चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस ने देर रात 2 बजे मौके पर पहुंचकर नवाब सिंह यादव को गिरफ्तार किया। इस दौरान एसपी अमित कुमार आनंद स्वयं मौजूद थे, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
घटना के बाद कन्नौज कोतवाली में मचा हडक़ंप
पुलिस द्वारा नवाब सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद कन्नौज कोतवाली में हडक़ंप मच गया। पीडि़ता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराकर बयान दर्ज किए। पीडि़ता ने अपने बयान में नवाब सिंह यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
राजनीतिक साजिश का आरोप
नवाब सिंह यादव ने इस मामले को अपने राजनीतिक करियर को समाप्त करने की साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह आरोप उनके खिलाफ रचा गया एक षड्यंत्र है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पीडि़ता की मां, जो पहले समाजवादी पार्टी (सपा) में थी, अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो चुकी है, और इसी वजह से यह पूरा मामला रचा गया है।
सूत्रों के अनुसार, चर्चा है कि इस मामले के पीछे सपा के ही एक नेता का हाथ हो सकता है, जिसने पूरा गेम प्लान किया। हालांकि, यह आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।
समर्थकों का कोतवाली घेराव
नवाब सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके सैकड़ों समर्थकों ने कोतवाली का घेराव कर दिया और उन्हें रिहा करने की मांग की। समर्थकों का कहना है कि यादव के खिलाफ यह मामला साजिशन रचा गया है, ताकि उनके राजनीतिक करियर को खत्म किया जा सके। हालात को देखते हुए मौके पर सीओ और एएसपी भी पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।
यादव का सपा से लंबा संबंध और हालिया समर्थन
नवाब सिंह यादव का समाजवादी पार्टी से लंबे समय से संबंध रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। लेकिन इस चुनाव में उन्होंने सपा का साथ दिया था। इस पृष्ठभूमि में इस मामले ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है।
अभी भी मामले में कई सवाल बने हुए हैं
इस घटना के बाद से कन्नौज और आस-पास के क्षेत्रों में चर्चा का बाजार गर्म है। जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह मामला वास्तव में एक साजिश है या फिर इसमें कुछ और सच्चाई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, और सभी संभावित कोणों को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। खबर लिखे जाने तक मामला गरम रहा। वहीं नबाब के समर्थक मौके से हटने का नाम नहीं ले रहे।

रेड ब्लाउज में एक्ट्रेस ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा, फोटो देख फैंस के उड़े होश

0
Kanika Mann
Kanika Mann

टीवी एक्ट्रेस कनिका मान (Kanika Mann) हमेशा अपनी बोल्ड और ग्लैमरस फोटोज  को लेकर सुर्ख़ियों में बनी रहतीं हैं. कनिका मान (Kanika Mann) जब भी अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं तो फैंस उनकी तारीफों के पुल बांधते नहीं थकते हैं। अब हाल ही में एक्ट्रेस कनिका मान (Kanika Mann) ने अपने लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरें फैंस के बीच शेयर की है।

इन तस्वीरों में उनका लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है। एक्ट्रेस कनिका मान (Kanika Mann) हमेशा अपनी खूबसूरती और ग्लैमरस अदाओं से फैंस के बीच सुर्खियां बटौरती हैं। उनका कातिलाना अंदाज अक्सर फैंस की धड़कनें बढ़ा देता है। वो जब भी अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती हैं तो अक्सर उनका बोल्ड लुक इंटरनेट पर आते ही तबाही मचाने लगता है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Kanika Mann (@officialkanikamann)

अब हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में वो बेहद ही खूबसूरत नजर आ रही हैं। फोटोज में आप देख सकते हैं एक्ट्रेस कनिका मान ने रेड कलर का ब्लाऊज और व्हाइट साड़ी पहनी हुई है

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Kanika Mann (@officialkanikamann)

माथे पर बिंदी, खुले बाल और लाइट मेकअप कर के एक्ट्रेस कनिका मान (Kanika Mann) ने अपने आउटलुक को कंप्लीट किया है। इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं एक्ट्रेस कैमरे के सामने कातिलाना अंदाज में एक से बढ़कर एक स्टनिंग पोज देते हुए हॉट फोटोज क्लिक करवाई है।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने दिया इस्तीफा, बोले- सोशल मीडिया पर मुझे डिफेम किया जा रहा है

0
RG Kar Medical College
RG Kar Medical Colleges

कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (RG Kar Medical College)  में ट्रेनी लेडी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या मामले में कोलकाता समेत देशभर के सभी सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर गए डॉक्टरों की मांग है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस बीच आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) के प्रिंसिपल प्रोफेसर संदीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मृतक लेडी डॉक्टर मेरी बेटी की तरह थी और मुझे सोशल मीडिया पर डिफेम किया जा रहा है। इसलिए एक पैरेंटस की तरह मैं इस्तीफा दे रहा हूं। मै नहीं चाहता कि फ्यूचर में किसी के साथ ऐसा कुछ हो।”

बीते 9 अगस्त की सुबह आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College)  और अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने रेप और हत्या की बात कबूल कर ली।

पुलिस ने संजय रॉय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (रेप) और 103 (मर्डर) के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी संजय रॉय फिलहाल 14 दिन की पुलिस कस्टडी में है।

बिहार में जहानाबाद के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़, आठ की मौत

0
Baba Siddhanath Temple
Baba Siddhanath Temple

पटना। बिहार में जहानाबाद जिले के वाणावर पहाड़ी पर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर (Baba Siddhanath Temple)  में लगभग मध्य रात्रि को मची भगदड़ में आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच महिला और तीन पुरुष हैं। दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। इनमें तीस की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह जानकारी पुलिस ने दी। यह मंदिर मखदुमपुर प्रखंड में स्थित है।

पुलिस के मुताबिक, इस भगदड़ में सुशीला देवी, पूनम देवी, निशा कुमारी, निशा देवी, राजू कुमार और प्यारे पासवान की जान चली गई। पूनम गया जिले के मोर टेकरी, निशा कुमारी मखदुमपुर थाना क्षेत्र के लडौआ गांव, सुशीला जल बीघा नाडोल, निशा देवी नगर थाना क्षेत्र के एरकी गांव और प्यारे पासवान स्थानीय निवासी है। दो लोगों की अभी पहचान नहीं हो सकी है।

जहानाबाद जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने इसकी पुष्टि की है। सोमवार सुबह सूर्योदय के समय यह हादसा हुआ। मंदिर (Baba Siddhanath Temple)  क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की मदद से राहत और बचाव का कार्य चल रहा है। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि सावन का सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थी। श्रद्धालु संकरे गंगा एवं गऊघाट मार्ग से बाबा सिद्धनाथ (Baba Siddhanath Temple)  के दर्शन करने के लिए पहाड़ पर पहुंचे। अचानक मंदिर के पास अफरातफरी मची और लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई महिलाएं और पुरुष गिर गए। जिन लोगों को गंभीर चोट आई है, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लोगों का आरोप है कि लाठीचार्ज की वजह से भगदड़ मची।

नगर थाना प्रभारी दिवाकर विश्वकर्मा का कहना है कि कई स्रोत से जानकारी प्राप्त हुई है कि भीड़ नियंत्रण में कई तरह की खामी रही। वरीय अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। घटना दुखद है। जांच में दोषी पाए गए लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ा, 2 दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा नदियों में लगातार बढ़ते जलस्तर से जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नरौरा बांध से 77 हजार क्यूसेक, बिजनौर बैराज से एक लाख 145 हजार क्यूसेक, और हरिद्वार बांध से एक लाख 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद, गंगा का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 136.80 मीटर तक पहुंच गया है।
इसी तरह, रामगंगा नदी में आज 12,090 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे रामगंगा का जलस्तर 136.15 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर अब चेतावनी बिंदु के निशान 136.60 मीटर के करीब पहुंच चुका है, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
इस बढ़ते जलस्तर के कारण 2 दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गंगा एक्सप्रेसवे के बाद एक और झटका: फर्रुखाबाद पीपीपी मॉडल के तहत अत्याधुनिक बस अड्डे की योजना से बाहर

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में विकास की गति को और तेज करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 16 जिलों में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत अत्याधुनिक रोडवेज बस अड्डे बनाने की मंजूरी दी है। यह योजना राज्य के यातायात और परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस सूची से फर्रुखाबाद जिला बाहर रह गया है, जो स्थानीय जनता के लिए निराशा का कारण बन रहा है।
फर्रुखाबाद, जिसे अपरा काशी के नाम से जाना जाता है, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित मंदिर, पवित्र नदियां और धार्मिक स्थल जिले को एक विशेष पहचान देते हैं। इस जिले का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व इसे राज्य के अन्य जिलों से अलग बनाता है, लेकिन इसके बावजूद इसे इस योजना से बाहर रखा गया है, जो स्थानीय जनता के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है।
यदि फर्रुखाबाद इस योजना में शामिल होता, तो यहां के नागरिकों को कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलतीं। इनमें शामिल हैं,जैसे अत्याधुनिक बस अड्डों में ई-टिकटिंग की सुविधा उपलब्ध होती, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से निजात मिलती और उन्हें डिजिटल माध्यम से आसानी से टिकट बुक करने की सुविधा मिलती।
यात्रियों को अत्याधुनिक बस अड्डों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलती, जिससे वे अपने डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर सकें और समय का सदुपयोग कर सकें।
सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे और 24&7 निगरानी व्यवस्था होती, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध भी किए जाते।
इन बस अड्डों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता, जहां यात्रियों को साफ-सुथरे वॉशरूम और पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था मिलती। इसके अलावा, कचरा निस्तारण और सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाती। यात्रियों की सुविधा के लिए इन बस अड्डों में फूड कोर्ट और शॉपिंग एरिया की भी व्यवस्था होती, जहां यात्री अपने सफर के दौरान खाने-पीने और खरीदारी कर सकते हैं।
अत्याधुनिक बस अड्डों में स्मार्ट पार्किंग की सुविधा होती, जिससे यात्रियों को अपने वाहनों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से पार्क करने में आसानी होती। यात्रियों के आराम के लिए विश्राम गृह भी बनाए जाते, जहां वे सफर के दौरान आराम कर सकते हैं। विशेष रूप से, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा बहुत उपयोगी साबित होती। जिले को इस योजना में शामिल न किए जाने पर स्थानीय जनता में निराशा और आक्रोश है। लोगों का मानना है कि जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे भी इस परियोजना का हिस्सा बनाना चाहिए था। जिले के कई प्रमुख संगठनों और नेताओं ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि फर्रुखाबाद भी इस विकास की धारा में शामिल हो सके।
पीपीपी मॉडल के तहत 16 जिलों में अत्याधुनिक बस अड्डों के निर्माण की मंजूरी से जहां प्रदेश की यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा, वहीं फर्रुखाबाद को इस योजना से बाहर रखा जाना एक बड़ा झटका साबित हुआ है। अगर यह जिला इस योजना में शामिल होता, तो यहां के लोगों को अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलता और जिले के विकास में भी तेजी आती। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और फर्रुखाबाद के लोगों की उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं।