यूथ इंडिया संवाददाता
फतेहगढ़, फर्रुखाबाद। देशभर में 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां एक ओर धूमधाम से समारोह आयोजित किए गए, वहीं फतेहगढ़ में पुलिस लाइन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सराहनीय कार्य किए हैं।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट सेवाएं दी हैं। ये सम्मान उनके समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों ने समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में असाधारण योगदान दिया है, जिसके लिए वे प्रशंसा के पात्र बने।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व और पुलिस बल की जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस आत्मनियंत्रण और समर्पण को याद करने का दिन है जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस देश को आजादी दिलाने के लिए दिखाया था। उन्होंने पुलिस बल के सभी सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं।
समारोह में सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और भी अधिक मेहनत और ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित करेगा। उनका कहना था कि समाज की सुरक्षा और सेवा के प्रति वे सदैव तत्पर रहेंगे।
समारोह का समापन पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी पुलिसकर्मियों के साथ समूह चित्रण और मिष्ठान वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर शहर के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति ने समारोह को और भी विशेष बना दिया।
इस प्रकार, 78वें स्वतंत्रता दिवस पर फतेहगढ़ में आयोजित यह सम्मान समारोह पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ और समाज में उनकी अहम भूमिका को सम्मानित करने का एक अवसर बना।
78वें स्वतंत्रता दिवस पर फतेहगढ़ पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
आईएमए ने किया 24 घंटे के देशव्यापी हड़ताल का ऐलान
नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में क्रूर अपराध और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई गुंडागर्दी के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 24 घंटे के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।IMA ने गुरुवार देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर देशव्यापी हड़ताल करने की जानकारी दी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा है कि डाक्टरों के प्रति हिंसा की घटनाओं को देखते हुए शनिवार 17 अगस्त को सुबह 6 बजे से रविवार 18 अगस्त को सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के लिए सेवाएं बंद रखी जाएंगी। हालांकि इस दौरान सभी आवश्यक सेवाएं बहाल रहेंगी।

घायलों का इलाज किया जाएगा, लेकिन नियमित ओपीडी बंद रहेगी और ना ही कोई वैकल्पिक सर्जरी की जाएगी। आईएमए ने आगे कहा कि यह बंदी उन सभी क्षेत्रों में रहेगी जहां भी आधुनिक चिकित्सा चिकित्सक सेवा प्रदान कर रहे हैं।
IMA का कहना है कि बुधवार रात्रि आंदोलनरत चिकित्सकों के ऊपर आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुआ हमला बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। आईएमए को अपने डॉक्टरों के उचित मुद्दे के प्रति राष्ट्र की सहानुभूति की आवश्यकता है। हम बस चिकित्सकों की सुरक्षा चाहते हैं।
चावल भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, हादसा टला
यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर/फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के डबरी के निकट अनियंत्रित होकर ट्रक पलट गया। जिसके कारण बड़ा हादसा होते होते टल गया।
बताया जा रहा है कि चावल से लदा ट्रक राजेपुर कस्बे से चावल लोड कर पंजाब के लिए जा रहा था। जब ट्रक डबरी के निकट पहुंचा तो नशे में धुत्त चालक महेंद्र के द्वारा ट्रक पर काबू नहीं पा पाया जिसके कारण ट्रक प्रक्रिया जिसमें चालक महेंद्र परिचालक हरभजन के मामूली चोटे आई तथा बड़ा हादसा होते-होते बच गया स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा चालक परिचालक को बाहर निकल गया तथा लाखों रुपए का चावल बर्बाद हो गया।
SSLV D-3 ने शार रेंज से EOS-08 के साथ भरी उड़ान
श्रीहरिकोटा, (आंध्र प्रदेश)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) अपनी तीसरी और अंतिम विकासात्मक उड़ान में नवीनतम पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-8 और एक यात्री उपग्रह को लेकर शुक्रवार की सुबह यहां शार रेंज से रवाना हुआ।
रात 0247 बजे शुरू हुई 6.5 घंटे की सुचारू उलटी गिनती के बाद 175.5 किलोग्राम EOS-08 और एक यात्री उपग्रह एसआर-0 डेमोसैट ले जाने वाला SSLV D-3, 09:17 बजे पहले लॉन्च पैड से रवाना हुआ।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज हमले में अब तक 19 लोग गिरफ्तार
कोलकाता। कोलकाता के प्रसिद्ध आरजी कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Medical College) में बुधवार देर रात हुई हिंसक घटना के बाद पुलिस ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के आधार पर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें से एक मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
शुक्रवार को कोलकाता पुलिस ने बयान जारी कर इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बुधवार रात आरजी कर अस्पताल (RG Kar Medical College) हमले के सिलसिले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से पांच की पहचान सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की है। पुलिस ने भरोसा जताया है कि जल्द ही बाकी हमलावरों को भी ढूंढ लेंगे।
पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की तस्वीर भी शेयर की है और इसके पहले जो सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर से तस्वीर शेयर की गई थी उनमें से जिन पांच लोगों के बारे में लोगों ने पुलिस को बताया था उनके हमले के समय की तस्वीर और गिरफ्तारी के बाद की तस्वीर भी पुलिस ने शेयर की है। इन लोगों की पहचान शुभदीप कुंडू, सौरभ दे, सौम्यदीप मिश्रा, ऋषिकांत मिश्रा और शेख साजन के रूप में हुई है।
इस घटना से शहर में भारी आक्रोश व्याप्त है, और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच तेज़ कर दी है।
गुरुवार को दिनभर चली पूछताछ के बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे कोलकाता पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। शाम होते-होते पुलिस ने नौ और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल 19 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से 10 को 22 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें आरोपितों को लाल घेरे से चिन्हित किया गया था। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने जनता से सूचना देने की अपील की थी, जिसके बाद शाम को और गिरफ्तारियां संभव हो सकीं।
यह घटना उस समय हुई जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज ( RG Kar Medical College) में पिछले सप्ताह एक महिला डॉक्टर के साथ हुए कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार रात को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में हमला किया गया। हमले के दौरान आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों पर हमला किया और पुलिस पर भी हमला किया गया। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे, कुर्सियां, टेबल और दरवाजे सहित कई जरूरी चिकित्सा उपकरणों को तोड़ दिया गया। हालांकि, पुलिस के अनुसार, जिस कमरे में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी, वहां कोई नहीं पहुंच पाया और वह कमरा पूरी तरह सुरक्षित है।
पुलिस ने इस हमले के संबंध में तीन मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति का नुकसान और आर्म्स एक्ट के तहत मामले शामिल हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल खुद पूछताछ की प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
सोते हुए परिवार पर गिरा लिंटर, एक महिला की मौत; मलबे में छह लोग दबे
मेरठ। कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव खड़ौली में बुधवार देर रात कमरे का लिंटर (Linter) एक परिवार पर मौत बनकर टूटा। कमरे में सो रहे परिवार के छह सदस्य मलबे के नीचे दब गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह परिवार को मलबे से निकाला। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
शोभापुर चौकी क्षेत्र के खड़ौली गांव में सुशील अपने परिवार के साथ रहता है। सुशील की गांव में ही दर्जी की दुकान है। उसकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व नीलम से हुई थी। परिवार में चार बच्चे बड़ी बेटी 13 साल की गुंजन, नौ साल की परी, सात साल की अनन्या व पांच साल का प्रियांशु है। सुशील ने बताया कि बुधवार रात खाना खाने के बाद पूरा परिवार एक कमरे में सो रहा था।

देर रात लगभग दो बजे अचानक से भरभराकर कमरे का लिंटर (Linter) नीचे गिर गया। सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। चीख पुकार मची तो ग्रामीणों की आंख खुल गई। ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े। कमरे का मंजर देखकर उनकी आंखें खुली रह गईं। कमरे के अंदर व बाहर अफरातफरी का माहौल था। सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। लोगों ने किसी तरह लिंटर (Linter) के मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।
सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने नीलम को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। नीलम की मौत की सूचना पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी योगेश शर्मा कहना है कि पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।








