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Saturday, April 11, 2026
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प्राणि उद्यान में गम्बूसिया मछलियों की छोड़ी गई 50 जोड़ियाँ

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zoo
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– मच्छरों के लार्वा पर जैविक नियंत्रण की पहल
-दवाओं के बजाय प्राकृतिक समाधान को बढ़ावा

लखनऊ: नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (zoo), लखनऊ में मच्छरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए एक अनूठी जैविक पहल की गई। प्राणि उद्यान की निदेशक अदिति शर्मा द्वारा गम्बूसिया मछली (Gambusia fish) के 50 जोड़ों को नवनिर्मित एण्ट्री प्लाजा के लोटस पॉण्ड में प्रवाहित किया गया। इस जैविक उपाय का मुख्य उद्देश्य मच्छरों के लार्वा को समाप्त करना है, जिससे दवाओं के छिड़काव की आवश्यकता न पड़े।

गौरतलब है कि गम्बूसिया मछली को “मॉस्कीटो फिश” भी कहा जाता है, क्योंकि यह पानी में मौजूद मच्छरों के लार्वा को खाकर उनकी जनसंख्या को नियंत्रित करती है। यह पर्यावरण के अनुकूल और रासायनिक रहित उपाय है, जो विशेष रूप से मानसून के मौसम में प्रभावी होता है।

इन्द्रमणि राजा (मत्स्य विशेषज्ञ) ने बताया कि “गम्बूसिया मछलियाँ बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाती हैं और आने वाले समय में इन्हीं तालाबों से इन मछलियों को शहर के अन्य हिस्सों जैसे नाले-नालियों में भी प्रवाहित किया जाएगा, जिससे मच्छरों पर प्राकृतिक रूप से नियंत्रण पाया जा सके।” यह पहल न केवल प्राणि उद्यान में आने वाले हजारों आगंतुकों को मच्छरों से राहत देगी, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और रसायनमुक्त समाधान की दिशा में भी एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

इस अवसर पर प्राणि उद्यान के उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने इस जैविक उपाय को साफ-सुथरे और स्वस्थ वातावरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।

अब शिकायतों के समाधान के लिए नहीं मांगे जाएंगे अनावश्यक कागज़

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UPPCL
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– बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
– चेन्ज ऑफ टाइटल को छोड़कर किसी भी सेवा के लिए दस्तावेज़ देना अनिवार्य नहीं

लखनऊ: प्रदेश के करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब उपभोक्ताओं को विद्युत कार्यालयों में बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि चेन्ज ऑफ टाइटल (नामांतरण) को छोड़कर किसी भी अन्य सेवा जैसे बिल संशोधन, मीटर परिवर्तन या सप्लाई कैटेगरी में बदलाव के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ की मांग नहीं की जाएगी।

यह निर्णय यूपी पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर लिया गया है। हाल ही में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें निगम के मुख्य अभियंता, निदेशक और प्रबंध निदेशक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

अध्यक्ष डॉ. गोयल ने स्पष्ट कहा कि, “यह विभाग की जिम्मेदारी है कि कनेक्शन से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेख स्वयं संधारित रखे जाएं। उपभोक्ता को हर छोटी-बड़ी सेवा के लिए दस्तावेज़ मांगकर परेशान करना न केवल अनुचित है बल्कि हमारी कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।” उन्होंने कहा कि उपभोक्ता से चेन्ज ऑफ टाइटल को छोड़कर किसी भी शिकायत के समाधान के लिए कोई कागज़ नहीं मांगा जाएगा। यदि किसी सेवा के लिए अभिलेख की आवश्यकता हो, तो विभाग अपने रिकॉर्ड से समाधान सुनिश्चित करेगा। इस निर्णय का पालन प्रदेशभर में सुनिश्चित किया जाए और किसी भी कार्यालय से इस प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।

डॉ. गोयल ने कहा कि उपभोक्ता की सुविधा सुनिश्चित करना निगम की नैतिक जिम्मेदारी है और इसके लिए यह आवश्यक है कि समस्याओं का समाधान न्यूनतम प्रयासों में हो। उन्होंने 1912 उपभोक्ता सेवा नंबर पर आने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए, ताकि कोई शिकायत लंबित न रहे।

गौरतलब है कि उपभोक्ताओं को अक्सर यह शिकायत रहती थी कि बिजली विभाग के कर्मचारी कनेक्शन से संबंधित पुराने दस्तावेज़ मांगते हैं, जिन्हें तत्काल प्रस्तुत करना कठिन होता है, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिलेगा।

अमर शहीद मंगल पांडे जयंती पर कांग्रेसजनों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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Congressmen
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– 1857 की क्रांति के अग्रदूत को प्रदेश भर में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

लखनऊ: 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद मंगल पांडे (Amar Shaheed Mangal Pandey) की जयंती के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, लखनऊ में भावभीनी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेसजनों (Congressmen) ने मंगल पांडे जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को स्मरण करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय (पूर्व मंत्री) के निर्देश पर आज प्रदेश के सभी जिलों व शहरों में जिला/शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की अगुवाई में अमर शहीद मंगल पांडे जी को श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेसजनों ने क्रांति के इस अग्रदूत के योगदान को याद करते हुए देशप्रेम और सामाजिक समरसता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राज बहादुर ने कहा कि, “आज़ादी हमें यूं ही नहीं मिली है। यह मंगल पांडे जैसे वीर क्रांतिकारियों के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष का परिणाम है। ऐसे महापुरुषों का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हम सबका कर्तव्य है कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द्र के लिए सतत रूप से कार्य करें।”

1857 की क्रांति के आरंभिक सूत्रधार रहे मंगल पांडे ने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध प्रथम विद्रोह की चिंगारी जलाई थी। उनका नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अमर है, और उनके साहसिक योगदान को देश आज भी नमन करता है।

“कोड अगेंस्ट मैलवेयर” हैकाथॉन का पुरस्कार वितरण समारोह

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distribution ceremony
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– युवा प्रतिभाओं को साइबर सुरक्षा नवाचार में जोड़ने की अनूठी पहल
– पीएनबी ने आयोजित किया

नई दिल्ली: पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने आज अपने मुख्यालय में साइबर सुरक्षा विषयक हैकाथॉन “कोड अगेंस्ट मैलवेयर” के पुरस्कार वितरण समारोह (distribution ceremony) का भव्य आयोजन किया। यह हैकाथॉन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के सहयोग से, वित्तीय सेवा विभाग (DFS) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था।

इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना और देश की उभरती तकनीकी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना रहा। समारोह में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल, आईबीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अतुल कुमार गोयल और पीएनबी के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र भी मंच पर विराजमान थे।

हैकाथॉन की शुरुआत दिसंबर 2024 में की गई थी, जिसमें देशभर के तकनीकी संस्थानों के छात्रों को विहैविरियल एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ह्यूरिस्टिक विधियों की सहायता से रैंसमवेयर की पहचान करने वाले एंडपॉइंट सुरक्षा समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में 90 टीमों ने पंजीकरण कराया, 15 टीमें विकास चरण तक पहुँचीं और 7 टीमों ने अपने कार्यशील प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों का विशेषज्ञों की जूरी द्वारा मूल्यांकन किया गया।

मुख्य अतिथि नागराजू ने अपने संबोधन में कहा, “डिजिटल युग में बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल नवाचार को बढ़ावा देती हैं, बल्कि साइबर खतरों के प्रति हमारी सामूहिक सजगता को भी बढ़ाती हैं।”

विजेता टीमों को ग्लोबल मंच पर मिलेगा अवसर :

इस प्रतियोगिता के विजेता अब मुंबई में आयोजित होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल (GFF) 2025 में अपने समाधानों को अन्य बैंकों के विजेताओं के साथ प्रदर्शित करेंगे।

छांगुर बाबा धर्मांतरण सिंडिकेट का पर्दाफाश, 6 राज्यों से 10 अभियुक्त गिरफ्तार

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Changur Baba
Changur Baba

– अपराधियों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति पर यूपी पुलिस का एक और निर्णायक कदम

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस” की नीति को अपनाते हुए यूपी एटीएस द्वारा मिशन अस्मिता के अंतर्गत अवैध धर्म परिवर्तन (conversion) सिंडिकेट के मुख्य आरोपित मो. उमर गौतम और मुफ्ती जाहगीर आलम कासमी को गिरफ्तार किया जा चुका है। यूपी एसटीएफ और एटीएस ने हाल ही में छांगुर बाबा (Changur Baba) उर्फ जमालुद्दीन द्वारा संचालित अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय जिहादी फंडिंग, लव जिहाद, डार्क वेब और अन्य माध्यमों से देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की मंशा से काम कर रहा था।

पुलिस कमिश्नरेट आगरा के आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में 6 राज्यों से 10 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई, जो विशेष रूप से कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन व लव जिहाद के जरिए धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त थे। यह नेटवर्क ISIS के सिग्नेचर स्टाइल पर कार्य करता है। अभी तक की जांच में इनके संबंध PFI, SDPI और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी पाए गए हैं।

बताते चले कि मार्च 2025 में आगरा से दो सगी बहनों (उम्र 33 और 18) की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना स्थानीय थाना सदर बाजार व बाद में साइबर थाना द्वारा की गई। जांच के दौरान यह पता चला कि घटना से जुड़े लोग देश के विभिन्न हिस्सों से Radicalisation, लव जिहाद व विदेशों से फंडिंग में संलिप्त थे। प्राथमिक साक्ष्य जुटाने के उपरांत 7 अभियुक्तों के विरुद्ध NBW प्राप्त किया गया। बंगाल, गोवा, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में पुलिस की 11 टीमें भेजी गईं। जिससे इस संयुक्त अभियान में 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची:

1. आयशा (पूर्व नाम: एस.बी. कृष्णा) गोवा, 2. अली हसन (पूर्व नाम: शेखर रॉय) कोलकाता, 3. ओसामा कोलकाता, 4. रहमान कुरैशी आगरा, 5. अब्बू तालिब खालापार, मुजफ्फरनगर, 6. अबुर रहमान, देहरादून, 7. मोहम्मद अली जयपुर, 8. जुनैद कुरैशी जयपुर, 9. मुस्तफा (पूर्व नाम: मनोज) दिल्ली, 10. मोहम्मद अली (II) जयपुर।

यह पूरा नेटवर्क अलग-अलग जिम्मेदारियाँ निभा रहा था, जैसे

विदेशी फंडिंग जुटाना व वितरित करना। शरणस्थली (सेफ हाउस) उपलब्ध कराना। लीगल एडवाइस देना। नए मोबाइल व सिम कार्ड उपलब्ध कराना। युवतियों को प्रेमजाल में फंसाना। धर्म परिवर्तन के कागज़ तैयार करना। धार्मिक कट्टरता फैलाना । समन्वय व आगे की कार्यवाही।

विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा” विषय पर जुटे देशभर के युवा

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developed India
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– रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ‘युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन’

वाराणसी: केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को वाराणसी (Varanasi) के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ‘युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन’ की शुरुआत हुई। “विकसित भारत (developed india) के लिए नशामुक्त युवा” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के 122 आध्यात्मिक और सामाजिक- सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े 600 से अधिक युवा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्घघाटन करते हुए केंद्रीय युवा मामले, खेल, श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश तभी विकसित बन सकता है जब युवा न केवल नशीले पदार्थों, बल्कि मोबाइल और रील्स जैसी लतों से भी दूर रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

डॉ. मंडाविया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2022 को लाल किले से दिए गए ‘पंच प्राण’ के विज़न के तहत अगले 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम है। देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, जो राष्ट्रीय विकास की प्रमुख ताकत है। मादक द्रव्यों का सेवन युवाओं के जीवन और भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने धार्मिक और सामाजिक नेताओं से आह्वान किया कि वे नशा विरोधी अभियान का हिस्सा बनें और अपने मंचों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाएं।

सम्मेलन के दौरान डॉ. मंडाविया ने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक नागरिक कम से कम पांच अन्य लोगों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करने का संकल्प ले, ताकि यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले सके। दो दिवसीय यह सम्मेलन 20 जुलाई को ‘काशी घोषणा’ के साथ संपन्न होगा, जिसमें नशामुक्त भारत के लिए युवाओं और आध्यात्मिक संगठनों की सामूहिक प्रतिबद्धता दर्ज की जाएगी। यह घोषणा एक राष्ट्रव्यापी कार्य योजना और नीति मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगी।

ये सत्र विशेषज्ञों की वार्ता, पैनल चर्चाएं और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से आयोजित हो रहे हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय रणनीति निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है।

सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं :-

1. नशे की लत और उसका युवाओं पर प्रभाव
2. नशीली दवाओं के नेटवर्क को समाप्त करने की रणनीतियाँ
3. जनजागरूकता अभियान और संचार माध्यम
4. 2047 तक नशामुक्त भारत का रोडमैप