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Monday, April 6, 2026
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मनरेगा में लूट का महाघोटाला : ईमानदार अफसरों के नाम पर उगाही का खुला खेल

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MNREGA
MNREGA

कमालगंज: मनरेगा (MNREGA) जैसी महत्वाकांक्षी योजना (ambitious plan) को कमालगंज ब्लॉक (Kamalganj Block) में भ्रष्टाचार की भट्ठी में झोंक दिया गया है। विकास की बजाय यहां कमीशन का खेल चल रहा है और इस पूरे काले खेल का सूत्रधार है ब्लॉक स्तरीय एक मनरेगा कर्मी, जो बेखौफ होकर ईमानदार (honest) मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), जिला समन्वयक (डीसी) मनरेगा के नाम पर भी वसूली कर रहा है।

ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली ग्राम पंचायतों को इन अफसरों के नाम पर डरा धमका कर लूटा जा रहा है। ग्राम प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2% कमीशन एडवांस एस्टीमेट की स्वीकृति के नाम पर, 2% काम पूरा होने के बाद, 1% लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए, 1% जेई की जेब में कुल मिलाकर 6% की खुली कटौती जबरन वसूली जा रही है।कर्मचारियों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि अगर ऊपर पैसा नहीं गया तो निरीक्षण लग जाएगा जिससे प्रधान डरे सहमे रहते हैं।

अफसरों की ईमानदारी को धूमिल करने का यह सुनियोजित षड्यंत्र अब धीरे धीरे उजागर हो रहा है।डीसी मनरेगा कपिल कुमार ने हाल ही में साफ चेतावनी दी थी कि अगर उनके नाम पर कोई वसूली करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन ब्लॉक के भ्रष्ट कर्मचारी बेखौफ हैं, जैसे कि उन्हें किसी साजिशन राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त हो।

प्रधानों का कहना है कि वसूली के बाद कोई अधिकारी निरीक्षण करने नहीं आता। सिर्फ फोटो खींचकर हाजिरी लगवा दी जाती है और कागजों में काम पूरा दिखा दिया जाता है।कमालगंज ब्लॉक में ग्राम पंचायत सचिवों की भूमिका को पूरी तरह शून्य कर दिया गया है। एमआर (मस्टररोल) जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में अब सचिव के हस्ताक्षर की भी जरूरत नहीं समझी जा रही, जबकि नियम साफ कहते हैं कि बिना सचिव के सत्यापन के कोई कार्य वैध नहीं माना जा सकता।

प्रधानों का कहना है कि जिन ग्राम पंचायत में मनरेगा खूब चलती है वहां पर निरीक्षण के नाम पर भी बीच में मोटी धन उगाई की जाती है। अगर अफसर अकेले में बात करें, तो वे पूरी सच्चाई बता देंगे। वे चाहते हैं कि गोपनीय जांच करवाई जाए, ताकि इस भ्रष्ट तंत्र की असली सूरत सामने लाई जा सके।सरकारी धन की बंदरबांट पर प्रशासन मौन है। अब सवाल यह है कि क्या अफसर अपनी ही साख बचाने के लिए अब कोई कार्रवाई करेंगे या फिर ये लूट यूं ही चलती रहेगी? यही समय है जब फर्रुखाबाद प्रशासन को सख्ती से नकेल कसनी चाहिए, वरना मनरेगा का भरोसा मिट्टी में मिल जाएगा।

दारु के चक्कर में चचा ने ग्रिल में फंसा लिया सर, निकालने में छूटे पसीने, पकड़े रहे पौआ

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alcohol
alcohol

नई दिल्ली: शराब (alcohol) की दीवानगी की बात ही अलग है कुछ लोग तो इसके लिए कहा कहा फंस जाते। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया (social media) पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देख कर आप लोट पोट कर हसने लगेंगे। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि, एक शराबी को दारू (paua) लेने की इतनी जल्द बाजी थी की उसने अपनी गर्दन लोहे की बनी ग्रिल में ही डाल दी। शायद इस उम्मीद में कि कोई जादू हो जाएगा और बोतल खुद-ब-खुद बाहर निकल आएगी।

इस शराबी का नशा तो तब उत्तर गया जब गर्दन अंदर चली तो गई, लेकिन बाहर निकलनी मुश्किल हो गई। अब न तो दारू मिली, न ही इज्जत बची ऊपर से पूरी मुहल्ले के सामने तमाशा बन गया। बाहर खड़े लोगों ने पहले तो हंसते हुए वीडियो बनाना शुरू किया, लेकिन जब देखा कि बेचारा वाकई में बुरी तरह फंस चुका तो उसे बाहर निकालने की जुगत में लग गए।

लोगो ने उसे निकालने की कोशिशें की और कुछ लोग लोहे की एंगल को खींचने लगे लेकिन फिर भी नहीं निकला। कुछ लोग हथौड़ा भी मंगवाने की बात कर रहे थे, लेकिन शराबी अब भी अटका ही रहा। वीडियो में शराबी की हालत देख कर कुछ लोग कह रहे हैं। मजाक उड़ाते हुए लिखा – अबे दारू नहीं मिली तो मुंडी ही रख दी गिरवी। दारू पीने से पहले सोचना चाहिए था भाई।

ट्रेन पर पथराव करने वाले युवकों को पुलिस ने सिखाया सबक, कराया ‘मुर्गा वॉक’

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train
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जौनपुर: यूपी के जौनपुर (Jaunpur) में बारात में हुए विवाद के बाद कुछ अराजक तत्वों ने बरसठी थाना (PS Barsathi) क्षेत्र में कटवार हाल्ट और सरसरा हाल्ट के बीच रायबरेली जा रही इंटरसिटी ट्रेन (intercity train) को निशाना बनाते हुए जमकर पथराव किया। इस घटना से ट्रेन में बैठे यात्रियों चोटे आई है और साथ ही खिड़कियों के शीशे टूट गए। इस घटना के बाद से दहशत का माहौल बन गया।

जानकारी के मुताबिक, बरसठी थाना क्षेत्र के कटवार हाल्ट और सरसरा हाल्ट के बीच जा रही रायबरेली इंटरसिटी ट्रेन पर अचानक कुछ अराजक तत्वों ने अंधाधुंध पत्थरबाजी की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हमले की शुरुआत एक बारात में हुए विवाद के बाद ट्रेन में अचानक पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमे आरोपी पथरबाजी करते हुए दिख रहे है। वीडियो के संज्ञान में आते ही एसपी ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि, बरसठी थाना क्षेत्र में कटवार हाल्ट और सरसरा हाल्ट के बीच कुछ अराजक तत्वों ने रायबरेली जा रही इंटरसिटी ट्रेन पर अंधाधुंध पत्थरबाजी की। इस घटना में ट्रेन की कई खिड़कियों के शीशे टूट गए और कुछ यात्री भी घायल हुए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जौनपुर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन आरोपियों को ‘मुर्गा वॉक’ कराकर सख्त सबक भी सिखाया।

SP ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने कहा कि, कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों को ‘मुर्गा वॉक’ की सजा दी, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है। यूपी पुलिस की तेजी और सख्ती ने एक बार फिर साबित किया कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वायरल वीडियो से मिली जानकारी के आधार पर हुई ये कार्रवाई कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करती है।

 

 

‘ओ’ लेवल एवं सीसीसी प्रशिक्षण योजना हेतु आवेदन तिथि 21 जुलाई तक

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'O' level
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– https://obccomputertraining.upsdc.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं

लखनऊ: प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (Minister of State for Empowerment of Persons with Disabilities) (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अन्य पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी दक्षता से युक्त कर उन्हें रोजगार योग्य बनाने की दिशा में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित ‘ओ’ लेवल ( ‘O’ level ) एवं CCC कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना (CCC Computer Training Scheme) की आवेदन प्रक्रिया की समय-सीमा को बढ़ाया गया है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में निर्धारित आवेदन की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2025 थी, जिसे अब संशोधित कर 21 जुलाई 2025 कर दिया गया है। उन्होंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के युवाओं से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण योजना का अधिकाधिक लाभ लें और अपने कौशल को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी https://obccomputertraining.upsdc.gov.in पोर्टल पर 21 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह योजना केवल उन बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए है, जिन्होंने कक्षा 12 उत्तीर्ण की है और जो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आते हैं। प्रशिक्षण भारत सरकार की संस्था ‘नीलिट’ (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान) से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा।

आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया के उपरांत अभ्यर्थियों को हस्ताक्षरयुक्त हार्डकॉपी तथा सभी वांछित प्रमाण-पत्रों के साथ अपने संबंधित जिले के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय में 21 जुलाई 2025 की सायं 5 बजे तक अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच, सत्यापन एवं पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया 31 जुलाई 2025 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को 1 अगस्त से 5 अगस्त 2025 तक संबंधित संस्थाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा और उनका नीलिट में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को भी उसी अवधि में मौका दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 6 अगस्त 2025 से किया जाएगा।

दो अधिकारी सम्मानित, एक निरीक्षक निलंबित

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suspended
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– ईओडब्ल्यू की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की जून माह (June month) की प्रगति एवं प्रदर्शन समीक्षा बैठक में राज्य के सातों सेक्टरों द्वारा जून 2025 में प्राप्त लक्ष्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य (excellent work) करने वाले अधिकारियों/ कर्मचारियों (officers) को सम्मानित किया गया, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की बैठक के दौरान विशेष प्रकोष्ठ सेक्टर के प्रभारी, हफीजुर्रहमान, आईपीएस को सर्वश्रेष्ठ सेक्टर प्रभारी का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी क्रम में मुख्यालय सेक्टर के निरीक्षक प्रवीण सिंह को सर्वश्रेष्ठ विवेचक के रूप में सम्मानित किया गया। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विवेचना में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।

उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए और प्रत्येक प्रकरण में समयबद्ध, निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित जांच सुनिश्चित हो। संगठन में ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ एवं परिणाम आधारित कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि शिथिलता अथवा लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में वाराणसी सेक्टर में तैनात निरीक्षक चंद्र प्रकाश त्रिपाठी को जांच, विवेचना एवं अनुवर्ती कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

अधूरी नाली बनी संकट का कारण, सहकारी सेवा संस्था को वर्षा जल से खतरा

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drain
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सचिव ने नगर पंचायत को पत्र भेजकर की तत्काल समाधान की मांग

शमशाबाद: नगर पंचायत शमशाबाद (Municipal Council Shamshabad) स्थित सहकारी सेवा पूर्ति भंडार (co-operative service supply stores) एक बार फिर गंभीर संकट का सामना कर रहा है। संस्था के सामने अधूरी पड़ी नाली (incomplete drain) और जल निकासी की अव्यवस्था के चलते वर्षा जल सीधे भवन के अंदर भर रहा है, जिससे भवन को क्षति और भंडारित खाद्यान्न के खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

इस संबंध में संस्था के सचिव ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजा है, जिसमें साफ-सफाई कराने और अधूरी नाली को तुरंत पूरा कराने की मांग की गई है।

पत्र में कहा गया है:

 

“वर्षा का जल सीधे संस्था के भीतर घुस रहा है। भवन की दीवारें गीली होकर कमजोर हो रही हैं और अंदर रखा खाद्यान्न खराब होने के कगार पर है। नगर पंचायत को पूर्व में कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है।”

स्थानीय नागरिकों और संस्था के कर्मचारियों ने भी नगर पंचायत से जल निकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने और नाली निर्माण पूर्ण कराने की अपील की है। बरसात के मौसम में यदि यह कार्य शीघ्र नहीं हुआ तो इससे न केवल संस्था की संरचना को स्थायी क्षति पहुँच सकती है, बल्कि सरकारी खाद्यान्न स्टॉक को भी नुकसान हो सकता है।

यह मामला अब जनसुरक्षा और लोकहित से जुड़ा हुआ बन चुका है, जिस पर नगर पंचायत प्रशासन को शीघ्र संज्ञान लेने की आवश्यकता है।