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Monday, April 6, 2026
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राजनीतिक साजिश या सच्चाई? पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव पर लगे अपहरण के आरोप में नया मोड़, युवती ने व्यान बदले

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Udaypal Singh Yadav
Udaypal Singh Yadav

– छात्रा ने बदला बयान, कहा— “मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ”

– सपा नेता को फ़साने का खेल हुआ उजागर, युवती ने जारी किया विडिओ

फर्रुखाबाद/मैनपुरी: जनपद मैनपुरी (Mainpuri) के भोगांव क्षेत्र में कोचिंग जा रही 24 वर्षीय छात्रा के कथित अपहरण मामले ने अब नया रुख ले लिया है। इस मामले में फर्रुखाबाद के कम्पिल नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन (former chairman) उदयपाल सिंह यादव (Udaypal Singh Yadav) का नाम सामने आने के बाद जहां राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी, वहीं अब युवती के बदले बयान ने मामले को पूरी तरह उलट दिया है।

घटना की शुरुआत भोगांव थाना क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया के पास से हुई, जहाँ 24 वर्षीय छात्रा प्रियंका (काल्पनिक नाम )के अपहरण की सूचना परिजनों द्वारा दी गई थी। आरोप था कि सफेद स्कॉर्पियो में सवार उदयपाल यादव और उनके दो सहयोगी युवती को जबरन उठा ले गए। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और छात्रा को लखनऊ से बरामद भी कर लिया।

 युवती का बदला बयान— “किसी ने मुझे अगवा नहीं किया”

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब छात्रा ने पुलिस के सामने बयान दिया कि उसके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया, और उसे जबरन नहीं ले जाया गया था। युवती ने यह भी स्वीकार किया कि उसने किसी दबाव में या डर के चलते परिजनों से संपर्क नहीं किया।

इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा था? सूत्रों के अनुसार, पूर्व चेयरमैन उदयपाल यादव, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय, लोकप्रिय और विकासपरक छवि के नेता माने जाते हैं, को राजनीतिक रूप से फंसाने की योजना बनाई गई थी।

कम्पिल नगर पंचायत में उदयपाल यादव का वर्चस्व किसी से छिपा नहीं है। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं और वर्तमान में उनकी मां चेयरमैन पद पर हैं। माना जा रहा है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता कुछ विरोधियों को रास नहीं आ रही थी, और यह प्रकरण उसी असंतोष की परिणति है।

घटना के बाद उदयपाल यादव के समर्थकों में असंतोष था, लेकिन जैसे ही युवती के बदले बयान की सूचना आई, लोगों में संतोष और राहत की लहर दौड़ गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है:

“हम उदयपाल जी को वर्षों से जानते हैं। उनका आचरण सदैव सम्मानजनक रहा है। यह सब उनकी छवि धूमिल करने की साजिश थी।”

भोगांव थाना पुलिस ने बताया कि,

“युवती के बयान और परिस्थितियों के अनुसार जांच की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

हालांकि युवती ने न्यायलय मे कलमबंद व्यान दिए हैं, और अपने व्यानो की वीडिओ भी सोशल मीडिया पर जारी की है।यह मामला न केवल कानूनी प्रक्रिया का विषय है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे लोकप्रिय जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक द्वेष का शिकार बनाया जा सकता है। उदयपाल सिंह यादव जैसे जनसेवक, जिन्होंने विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी, उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाना न केवल न्याय के साथ खिलवाड़ है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंताजनक संकेत है। अब जब सच्चाई सामने आने लगी है, सवाल यह है कि क्या उन पर झूठा आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई होगी?

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को लखनऊ पहुंचेंगे

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लखनऊ: लखनऊ (Lucknow) से सांसद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) 12 जुलाई, शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचेंगे। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय यात्रा पर पूर्वाह्न 11 बजे लखनऊ एयरपोर्ट (Lucknow Airport) पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से रक्षा मंत्री सीधे ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान जाएंगे जहां भाजपा कार्यकर्ता और प्रबुद्ध जनों के साथ संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

कार्यक्रम के उपरांत अपराह्न 12.45 बजे केजीएमयू पहुंचेंगे जहां गांधी वार्ड में भर्ती पूर्व एमएलसी विंध्यवासिनी कुमार का हाल जानेगे। मेडिकल कॉलेज से पार्षद नागेंद्र सिंह के हजरतगंज स्थित आवास जाएंगे। सायं 4 बजे चौक में श्री कालीजी मंदिर परिसर में नवनिर्मित ब्लॉक का उद्घाटन करेंगे। शाम 5.30 बजे निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में सम्मिलित रहेंगे।

अगले दिन रविवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे राजाजीपुरम में व्यापारी नेता संदीप बंसल और उसके बाद ऐशबाग में विद्यासागर गुप्ता के आवास जाएंगे। अपराह्न 12 बजे से नेशनल पीजी कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता की मूर्ति का अनावरण करेंगे और उनका डाक टिकट जारी करेंगे । कार्यक्रम के उपरांत अपराह्न 1:00 बजे लखनऊ एयरपोर्ट प्रस्थान करेंगे और 1:30 बजे दिल्ली रवाना होंगे।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की मौत से हड़कंप

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doctor
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– हॉस्टल के कमरे में बेड पर मिला शव

गोरखपुर: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज (Gorakhpur Medical College) के एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत एक युवा डॉक्टर (doctor) संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मृतक डॉक्टर की पहचान 32 वर्षीय अबिषो डेविड के रूप में हुई है, जो केरल के तिरुअनंतपुरम के निवासी थे। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब एनेस्थीसिया विभाग (anesthesia department) में कार्यरत एक युवा डॉक्टर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए।

मृतक डॉक्टर की पहचान 32 वर्षीय अबिषो डेविड के रूप में हुई है, जो केरल के तिरुअनंतपुरम के निवासी थे। वे मेडिकल कॉलेज के 100 सीटेट पीजी बॉयज हॉस्टल में रह रहे थे और एनेस्थीसिया विभाग में जूनियर रेजिडेंट (जेआर-3) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। दरअसल, आज सुबह रोज की तरह जब अबिषो डेविड समय पर विभाग में उपस्थित नहीं हुए तो विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने कर्मचारी को उनके हॉस्टल रूम में भेजा, कर्मचारी जब हॉस्टल पहुंचा तो उसने पाया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और खटखटाने व आवाज लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिल रहा।

हालात संदिग्ध देख कर्मचारी ने तुरंत विभागाध्यक्ष को सूचना दी। स्थिति को देखते हुए डॉ. सतीश कुमार स्वयं अन्य डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ हॉस्टल पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ने का निर्णय लिया गया. दरवाजा तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया गया तो अबिषो बेड पर मृत पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, कई वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर मौके पर पहुंच गए। गोरखपुर के गुलरिहा थाना पुलिस को तत्काल सूचित किया गया, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटनास्थल से किसी प्रकार का स्पष्ट सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे उनकी मृत्यु को लेकर रहस्य और गहरा गया है। हालांकि, कुछ लोगों का दावा है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला था, जिसे पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है, लेकिन पुलिस ने इस दावे को नकारते हुए कहा है कि उन्हें अभी तक कोई सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुआ है।

पांचाल घाट पर दुर्दशा के बाद प्रशासन हरकत में, डीएम ने दिए सुधार के सख्त निर्देश

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DM
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फर्रुखाबाद: पांचाल घाट (Panchal Ghat) पर चली आ रही बदहाली और यूथ इंडिया द्वारा पूर्व में प्रकाशित खबरों के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में तात्कालिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पांचाल घाट की दुर्दशा पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद पांचाल घाट पर गड्ढे अब तक नहीं भरे गए हैं। इससे गंगा स्नान (Ganga bath) और कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही में परेशानी हो रही है।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि आगामी दिनों में सावन मेले और कांवड़ यात्रा को कोई दिक्कत न हो।इसके साथ ही साफ-लिए सफाई को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई गई। स्वच्छता कर्मियों की लापरवाही पर सख्त टिप्पणी करते हुए डीएम ने खेद जताया कि नगर पालिका के निर्देशों के बावजूद कोई ठोस कार्य नहीं हो सका।

उन्होंने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्यवाही की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घाट पर बनाए गए शौचालय, चेंजिंग रूम और पेयजल की व्यवस्था की गुणवत्ता का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही, आने-जाने वाले मार्गों की मरम्मत, रैंप निर्माण और बैरिकेडिंग कार्यों की भी उच्च गुणवत्ता से निगरानी की जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गड्ढों को तत्काल भरा जाए,सफाई अभियान को युद्ध स्तर पर चलाया जाए,जलभराव की समस्या पर प्राथमिकता से कार्य हो,घाट के आसपास की दुकानों व अवैध अतिक्रमण पर भी हो कार्रवाई।

डीएम ने कहा कि “श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस बार पंचायत घाट पूरी तरह व्यवस्थित और स्वच्छ दिखे। बैठक में प्रमुख रूप से एडीएम,अधिशासी अभियंता सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मनरेगा में लूट का महाघोटाला : ईमानदार अफसरों के नाम पर उगाही का खुला खेल

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MNREGA
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कमालगंज: मनरेगा (MNREGA) जैसी महत्वाकांक्षी योजना (ambitious plan) को कमालगंज ब्लॉक (Kamalganj Block) में भ्रष्टाचार की भट्ठी में झोंक दिया गया है। विकास की बजाय यहां कमीशन का खेल चल रहा है और इस पूरे काले खेल का सूत्रधार है ब्लॉक स्तरीय एक मनरेगा कर्मी, जो बेखौफ होकर ईमानदार (honest) मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), जिला समन्वयक (डीसी) मनरेगा के नाम पर भी वसूली कर रहा है।

ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली ग्राम पंचायतों को इन अफसरों के नाम पर डरा धमका कर लूटा जा रहा है। ग्राम प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2% कमीशन एडवांस एस्टीमेट की स्वीकृति के नाम पर, 2% काम पूरा होने के बाद, 1% लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए, 1% जेई की जेब में कुल मिलाकर 6% की खुली कटौती जबरन वसूली जा रही है।कर्मचारियों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि अगर ऊपर पैसा नहीं गया तो निरीक्षण लग जाएगा जिससे प्रधान डरे सहमे रहते हैं।

अफसरों की ईमानदारी को धूमिल करने का यह सुनियोजित षड्यंत्र अब धीरे धीरे उजागर हो रहा है।डीसी मनरेगा कपिल कुमार ने हाल ही में साफ चेतावनी दी थी कि अगर उनके नाम पर कोई वसूली करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन ब्लॉक के भ्रष्ट कर्मचारी बेखौफ हैं, जैसे कि उन्हें किसी साजिशन राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त हो।

प्रधानों का कहना है कि वसूली के बाद कोई अधिकारी निरीक्षण करने नहीं आता। सिर्फ फोटो खींचकर हाजिरी लगवा दी जाती है और कागजों में काम पूरा दिखा दिया जाता है।कमालगंज ब्लॉक में ग्राम पंचायत सचिवों की भूमिका को पूरी तरह शून्य कर दिया गया है। एमआर (मस्टररोल) जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में अब सचिव के हस्ताक्षर की भी जरूरत नहीं समझी जा रही, जबकि नियम साफ कहते हैं कि बिना सचिव के सत्यापन के कोई कार्य वैध नहीं माना जा सकता।

प्रधानों का कहना है कि जिन ग्राम पंचायत में मनरेगा खूब चलती है वहां पर निरीक्षण के नाम पर भी बीच में मोटी धन उगाई की जाती है। अगर अफसर अकेले में बात करें, तो वे पूरी सच्चाई बता देंगे। वे चाहते हैं कि गोपनीय जांच करवाई जाए, ताकि इस भ्रष्ट तंत्र की असली सूरत सामने लाई जा सके।सरकारी धन की बंदरबांट पर प्रशासन मौन है। अब सवाल यह है कि क्या अफसर अपनी ही साख बचाने के लिए अब कोई कार्रवाई करेंगे या फिर ये लूट यूं ही चलती रहेगी? यही समय है जब फर्रुखाबाद प्रशासन को सख्ती से नकेल कसनी चाहिए, वरना मनरेगा का भरोसा मिट्टी में मिल जाएगा।

दारु के चक्कर में चचा ने ग्रिल में फंसा लिया सर, निकालने में छूटे पसीने, पकड़े रहे पौआ

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नई दिल्ली: शराब (alcohol) की दीवानगी की बात ही अलग है कुछ लोग तो इसके लिए कहा कहा फंस जाते। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया (social media) पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देख कर आप लोट पोट कर हसने लगेंगे। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि, एक शराबी को दारू (paua) लेने की इतनी जल्द बाजी थी की उसने अपनी गर्दन लोहे की बनी ग्रिल में ही डाल दी। शायद इस उम्मीद में कि कोई जादू हो जाएगा और बोतल खुद-ब-खुद बाहर निकल आएगी।

इस शराबी का नशा तो तब उत्तर गया जब गर्दन अंदर चली तो गई, लेकिन बाहर निकलनी मुश्किल हो गई। अब न तो दारू मिली, न ही इज्जत बची ऊपर से पूरी मुहल्ले के सामने तमाशा बन गया। बाहर खड़े लोगों ने पहले तो हंसते हुए वीडियो बनाना शुरू किया, लेकिन जब देखा कि बेचारा वाकई में बुरी तरह फंस चुका तो उसे बाहर निकालने की जुगत में लग गए।

लोगो ने उसे निकालने की कोशिशें की और कुछ लोग लोहे की एंगल को खींचने लगे लेकिन फिर भी नहीं निकला। कुछ लोग हथौड़ा भी मंगवाने की बात कर रहे थे, लेकिन शराबी अब भी अटका ही रहा। वीडियो में शराबी की हालत देख कर कुछ लोग कह रहे हैं। मजाक उड़ाते हुए लिखा – अबे दारू नहीं मिली तो मुंडी ही रख दी गिरवी। दारू पीने से पहले सोचना चाहिए था भाई।