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Monday, April 6, 2026
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देश के दिल की बढ़ी धड़कन, फिर से हिली दिल्ली, भूकंप के झटके से बाहर भागे लोग

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earthquake
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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक बार फिर लोगो की धड़कन (heartbeat) बढ़ गई जब दूसरे दिन भूकंप (earthquake) के झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा के कई शहरों में शुक्रवार की शाम करीब 7:49 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसे एक दिन पहले यानी बीते गुरुवार को दिल्ली-हरियाणा और यूपी में सुबह के वक्त करीब 10 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस हुए थे। इस दौरान लोग घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में भी इसके तेज झटके महसूस किए गए हैं। हरियाणा के झज्जर में आज शाम करीब 7:49 बजे भारतीय समयानुसार रिक्टर पैमाने पर 3.7 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, इस हफ्ते दूसरी बार राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किये गए है। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी और इसका अक्षांश 28.68 डिग्री उत्तर तथा देशांतर 76.72 डिग्री पूर्व था। इससे पहले गुरुवार सुबह 9:04 बजे भी झज्जर के पास रिक्टर स्केल पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका प्रभाव दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, पानीपत और मेरठ तक महसूस किया गया था।

 

 

20 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, तीन साइबर ठग गिरफ्तार

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Online fraud
Online fraud

– 16 राज्यों में फैला था नेटवर्क

प्रतापगढ़: पुलिस ने 20 करोड़ की ऑनलाइन ठगी (Online fraud) का खुलासा करते हुए तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी गेमिंग (fake gaming), ट्रेडिंग (trading) और लोन एप्स के जरिए देशभर के लोगों को चूना लगा रहा था। टेलीग्राम ग्रुप्स से शिकार ढूंढ़ने वाले इस नेटवर्क की पहुंच 16 राज्यों तक है। पुलिस ने आरोपियों से बड़ी मात्रा में डिजिटल दस्तावेज और पासबुक बरामद किए हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कोतवाली नगर क्षेत्र से हुई है, जहां पकड़े गए युवकों की पहचान शिवम तिवारी, अनुराग शुक्ला और अंकित पाल के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

एसपी अनिल कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह गेमिंग, ट्रेडिंग और लोन जैसी स्कीमों के नाम पर लोगों को लालच देता था। पहले उन्हें इनवेस्टमेंट पर बड़ा मुनाफा दिखाकर विश्वास में लेता था, फिर फर्जी एप्स के जरिए उनके बैंक खाते, आधार, सिम कार्ड और अन्य संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर लिए जाते थे। जिसके जरिए आरोपी लोगों के खाते से लाखों रुपये उड़ा देते थे। इस गिरोह की पहुंच बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, गुजरात समेत देश के 16 राज्यों तक फैली हुई है।

आरोपी टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर ग्रुप बनाकर अपने शिकार तलाशते थे। जब किसी खाते पर कार्रवाई की आशंका होती, तो ठग नए खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर देते थे ताकि पकड़ में न आ सकें। एसपी ने बताया कि पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। इस नेटवर्क का खुलासा होने से साइबर ठगी के ऐसे मामलों पर बड़ी रोक लगेगी।

पुलिस ने आम जनता से भी जागरूक रहने की अपील की है ताकि ऐसे ऐप्स और स्कीमों से जो असामान्य मुनाफे का झांसा देते हैं उनसे सावधान रहें।

पुलिस ने इनके पास से दो स्मार्टफोन, दो कीपैड फोन, तेरह बैंक पासबुक, चैंतीस फत् कोड और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। साइबर पोर्टल के विश्लेषण के मुताबिक, अब तक इस गिरोह ने करीब 20 करोड़ 5 लाख 86 हजार 879 रुपये की ठगी की है। इसकी पुष्टि देशभर से दर्ज 55 अलग-अलग शिकायतों से हुई है।

वॉशरूम के बहाने साइबर ठग एयरपोर्ट से हुआ फरार, गुजरात पुलिस को चकमा

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Cyber ​​fraud
Cyber ​​fraud

– ट्रांजिट आरोपी का वॉशरूम के बहाने भाग जाना एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक मानी जा रही है।

लखनऊ: चैधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Chaudhary Charan Singh International Airport), लखनऊ से गुरुवार सुबह एक साइबर ठग (Cyber ​​fraud) गुजरात पुलिस (Gujarat police) को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात ले जाया जा रहा था। वॉशरूम जाने का बहाना बनाकर भागे आरोपी की तलाश खबर लिखे जाने तक जारी है। घटना ने गुजरात पुलिस की लापरवाही के साथ-साथ एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुजरात के तापी जिले के व्यारा साइबर क्राइम थाना में वांछित आरोपी अर्श उर्फ हर्ष को लखनऊ की वृंदावन कॉलोनी स्थित आकाश एन्क्लेव से 8 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी च्ळप् थाना क्षेत्र की मदद से गुजरात पुलिस की टीम द्वारा की गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर धीरज राघवभाई बथवार, एसआई के.आर. पटेल और कांस्टेबल विपुल लाभभाई शामिल थे।

11 जुलाई की शाम 4 बजे तक ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को ट्रेन से ले जाने की योजना थी, लेकिन यह संभव न होने पर गुजरात पुलिस ने उसे इंडिगो की फ्लाइट से रवाना करने का निर्णय लिया और गुरुवार सुबह टीम एयरपोर्ट पहुंची। एयरपोर्ट चेकिंग के दौरान आरोपी ने वॉशरूम जाने की बात कही। कांस्टेबल विपुल भाई उसे वॉशरूम ले गए, लेकिन उसी दौरान बैग संभालने में व्यस्त कांस्टेबल के पीछे मुड़ते ही आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।

सरोजनीनगर थाना प्रभारी राजदेव राम प्रजापति ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में छानबीन जारी है, लेकिन अब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। यह घटना जहां गुजरात पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है, वहीं एयरपोर्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

राजनीतिक साजिश या सच्चाई? पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव पर लगे अपहरण के आरोप में नया मोड़, युवती ने व्यान बदले

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Udaypal Singh Yadav
Udaypal Singh Yadav

– छात्रा ने बदला बयान, कहा— “मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ”

– सपा नेता को फ़साने का खेल हुआ उजागर, युवती ने जारी किया विडिओ

फर्रुखाबाद/मैनपुरी: जनपद मैनपुरी (Mainpuri) के भोगांव क्षेत्र में कोचिंग जा रही 24 वर्षीय छात्रा के कथित अपहरण मामले ने अब नया रुख ले लिया है। इस मामले में फर्रुखाबाद के कम्पिल नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन (former chairman) उदयपाल सिंह यादव (Udaypal Singh Yadav) का नाम सामने आने के बाद जहां राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी, वहीं अब युवती के बदले बयान ने मामले को पूरी तरह उलट दिया है।

घटना की शुरुआत भोगांव थाना क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया के पास से हुई, जहाँ 24 वर्षीय छात्रा प्रियंका (काल्पनिक नाम )के अपहरण की सूचना परिजनों द्वारा दी गई थी। आरोप था कि सफेद स्कॉर्पियो में सवार उदयपाल यादव और उनके दो सहयोगी युवती को जबरन उठा ले गए। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और छात्रा को लखनऊ से बरामद भी कर लिया।

 युवती का बदला बयान— “किसी ने मुझे अगवा नहीं किया”

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब छात्रा ने पुलिस के सामने बयान दिया कि उसके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया, और उसे जबरन नहीं ले जाया गया था। युवती ने यह भी स्वीकार किया कि उसने किसी दबाव में या डर के चलते परिजनों से संपर्क नहीं किया।

इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा था? सूत्रों के अनुसार, पूर्व चेयरमैन उदयपाल यादव, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय, लोकप्रिय और विकासपरक छवि के नेता माने जाते हैं, को राजनीतिक रूप से फंसाने की योजना बनाई गई थी।

कम्पिल नगर पंचायत में उदयपाल यादव का वर्चस्व किसी से छिपा नहीं है। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं और वर्तमान में उनकी मां चेयरमैन पद पर हैं। माना जा रहा है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता कुछ विरोधियों को रास नहीं आ रही थी, और यह प्रकरण उसी असंतोष की परिणति है।

घटना के बाद उदयपाल यादव के समर्थकों में असंतोष था, लेकिन जैसे ही युवती के बदले बयान की सूचना आई, लोगों में संतोष और राहत की लहर दौड़ गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है:

“हम उदयपाल जी को वर्षों से जानते हैं। उनका आचरण सदैव सम्मानजनक रहा है। यह सब उनकी छवि धूमिल करने की साजिश थी।”

भोगांव थाना पुलिस ने बताया कि,

“युवती के बयान और परिस्थितियों के अनुसार जांच की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

हालांकि युवती ने न्यायलय मे कलमबंद व्यान दिए हैं, और अपने व्यानो की वीडिओ भी सोशल मीडिया पर जारी की है।यह मामला न केवल कानूनी प्रक्रिया का विषय है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे लोकप्रिय जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक द्वेष का शिकार बनाया जा सकता है। उदयपाल सिंह यादव जैसे जनसेवक, जिन्होंने विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी, उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाना न केवल न्याय के साथ खिलवाड़ है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंताजनक संकेत है। अब जब सच्चाई सामने आने लगी है, सवाल यह है कि क्या उन पर झूठा आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई होगी?

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को लखनऊ पहुंचेंगे

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लखनऊ: लखनऊ (Lucknow) से सांसद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) 12 जुलाई, शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचेंगे। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय यात्रा पर पूर्वाह्न 11 बजे लखनऊ एयरपोर्ट (Lucknow Airport) पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से रक्षा मंत्री सीधे ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान जाएंगे जहां भाजपा कार्यकर्ता और प्रबुद्ध जनों के साथ संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

कार्यक्रम के उपरांत अपराह्न 12.45 बजे केजीएमयू पहुंचेंगे जहां गांधी वार्ड में भर्ती पूर्व एमएलसी विंध्यवासिनी कुमार का हाल जानेगे। मेडिकल कॉलेज से पार्षद नागेंद्र सिंह के हजरतगंज स्थित आवास जाएंगे। सायं 4 बजे चौक में श्री कालीजी मंदिर परिसर में नवनिर्मित ब्लॉक का उद्घाटन करेंगे। शाम 5.30 बजे निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में सम्मिलित रहेंगे।

अगले दिन रविवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे राजाजीपुरम में व्यापारी नेता संदीप बंसल और उसके बाद ऐशबाग में विद्यासागर गुप्ता के आवास जाएंगे। अपराह्न 12 बजे से नेशनल पीजी कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता की मूर्ति का अनावरण करेंगे और उनका डाक टिकट जारी करेंगे । कार्यक्रम के उपरांत अपराह्न 1:00 बजे लखनऊ एयरपोर्ट प्रस्थान करेंगे और 1:30 बजे दिल्ली रवाना होंगे।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की मौत से हड़कंप

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– हॉस्टल के कमरे में बेड पर मिला शव

गोरखपुर: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज (Gorakhpur Medical College) के एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत एक युवा डॉक्टर (doctor) संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मृतक डॉक्टर की पहचान 32 वर्षीय अबिषो डेविड के रूप में हुई है, जो केरल के तिरुअनंतपुरम के निवासी थे। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब एनेस्थीसिया विभाग (anesthesia department) में कार्यरत एक युवा डॉक्टर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए।

मृतक डॉक्टर की पहचान 32 वर्षीय अबिषो डेविड के रूप में हुई है, जो केरल के तिरुअनंतपुरम के निवासी थे। वे मेडिकल कॉलेज के 100 सीटेट पीजी बॉयज हॉस्टल में रह रहे थे और एनेस्थीसिया विभाग में जूनियर रेजिडेंट (जेआर-3) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। दरअसल, आज सुबह रोज की तरह जब अबिषो डेविड समय पर विभाग में उपस्थित नहीं हुए तो विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने कर्मचारी को उनके हॉस्टल रूम में भेजा, कर्मचारी जब हॉस्टल पहुंचा तो उसने पाया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और खटखटाने व आवाज लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिल रहा।

हालात संदिग्ध देख कर्मचारी ने तुरंत विभागाध्यक्ष को सूचना दी। स्थिति को देखते हुए डॉ. सतीश कुमार स्वयं अन्य डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ हॉस्टल पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ने का निर्णय लिया गया. दरवाजा तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया गया तो अबिषो बेड पर मृत पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, कई वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर मौके पर पहुंच गए। गोरखपुर के गुलरिहा थाना पुलिस को तत्काल सूचित किया गया, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटनास्थल से किसी प्रकार का स्पष्ट सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे उनकी मृत्यु को लेकर रहस्य और गहरा गया है। हालांकि, कुछ लोगों का दावा है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला था, जिसे पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है, लेकिन पुलिस ने इस दावे को नकारते हुए कहा है कि उन्हें अभी तक कोई सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुआ है।