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Monday, April 6, 2026
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घटिया पाइपलाइन डाले जाने की शिकायत पर हड़कंप, जल शक्ति मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

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Jal Shakti Minister
Jal Shakti Minister

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विजय गुप्ता की शिकायत पर हुआ एक्शन

फर्रुखाबाद: नगर पंचायत शमशाबाद (Municipal Council Shamshabad) में जल निगम (Jal Nigam) द्वारा की जा रही पाइपलाइन बिछाने की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में घटिया पाइपलाइन (pipeline) डाली जा रही है, जिससे न केवल पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिवक्ता विजय गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री (Jal Shakti Minister) स्वतंत्र देव सिंह को पत्र भेजा।

उन्होंने पत्र में जल निगम द्वारा डाली जा रही पाइपलाइन को घटिया गुणवत्ता वाली बताते हुए पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। विजय गुप्ता ने पत्र में लिखा कि शमशाबाद में जलाशय व ट्यूबवेल परियोजना के अंतर्गत बिछाई जा रही पाइपलाइन में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी आशंका जाहिर की कि इसमें भ्रष्टाचार हो सकता है और सरकार का करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।

इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जल शक्ति मंत्री ने मामले को प्रबंध निदेशक, जल जीवन मिशन (ग्रामीण) को भेजकर आवश्यक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अपने बयान में कहा:

 

“पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा भेजी गई शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। मामले को संबंधित विभाग को अग्रेषित कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”

घटना के बाद शमशाबाद क्षेत्र में इस मामले की खूब चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है और मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय निवासी रामअवतार मिश्रा का कहना है, “अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में जलापूर्ति पूरी तरह चरमरा सकती है। इससे जनता को पीने के साफ पानी के लिए जूझना पड़ सकता है।” जनता अब इस बात पर निगाह लगाए हुए है कि जांच रिपोर्ट क्या निष्कर्ष देती है और क्या सरकार दोषियों को जवाबदेह बनाएगी।

शांति भंग मामले में 9 अभियुक्तों का चालान

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Mohammadabad
Mohammadabad

किदवई नगर, शिवाजी नगर और सिकन्दरपुर के निवासी शामिल

फर्रुखाबाद, मोहम्मदाबाद: थाना मोहम्मदाबाद पुलिस (Mohammadabad Police) ने शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में नौ व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए चालान (challaned) प्रस्तुत किया है। इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170/126/135 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अभियुक्तों के नाम व पते इस प्रकार हैं:

1. महेश चन्द्र, पुत्र इतवारी लाल, उम्र 55 वर्ष

2. देवकी, पत्नी महेश चन्द्र, उम्र 50 वर्ष

3. मीना, पत्नी राजेश, उम्र 42 वर्ष
(उपरोक्त तीनों अभियुक्त ग्राम किदवई नगर, थाना मोहम्मदाबाद के निवासी हैं)

4. अदनान, पुत्र इसरत, उम्र 20 वर्ष

5. काजल, पुत्री इसरत, उम्र 19 वर्ष

6. हिना, पुत्री इसरत, उम्र 24 वर्ष
(तीनों अभियुक्त शिवाजी नगर, थाना मोहम्मदाबाद के निवासी हैं)

7. दिपेन्द्र, पुत्र ओमवीर, उम्र 22 वर्ष

8. अरूण, पुत्र ओमप्रकाश, उम्र 42 वर्ष

9. पुष्पेन्द्र, पुत्र ओमसरन, उम्र 25 वर्ष
(उपरोक्त अभियुक्त ग्राम सिकन्दरपुर, थाना मोहम्मदाबाद के निवासी हैं)

इन अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर शांति भंग करने वाली गतिविधियों में भाग लिया, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस ने आवश्यक जांच के बाद सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया है।

थानाध्यक्ष मोहम्मदाबाद ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस आमजन से भी सहयोग की अपील कर रही है, ताकि शांति व सौहार्द का वातावरण बना रहे।

हरदोई में जमीनी विवाद को लेकर युवक की हत्या, चचेरे भाई ने पुत्रों के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

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हरदोई: जमीनी विवाद (land dispute) में गुरुवार की रात परिवार के ही लोगों ने एक युवक की हत्या (murdered) कर दी। युवक की शादी नहीं हुई थी, उसके चचेरे भाई उसकी जमीन कब्जा (land grab) करना चाहते थे और उसी को लेकर चल रही रंजिश में उन लोगों ने हत्या कर दी। सांडी थाना क्षेत्र के लाहौरीपुरवा निवासी नारेंद्र खेतीबाड़ी करते थे। उनकी चचेरे भाई शिशुपाल से जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी, कई बार विवाद भी हो चुका था। गुरुवार की देर शाम नारेंद्र दहरझील के पास स्थित मजार पर गए थे।

रात में वहीं से वापस लौट रहे थे। गांव से कुछ पहले ही रास्ते में उसके चचेरे भाई शिशुपाल मिल गए और उनके बीच कहासुनी होने लगी। कहासुनी के बाद शिशुपाल के पुत्र सोनू और अंकित के साथ ही रामविलास और उनके पुत्र विपिन आ गए। बताते हैं कि पहले उन लोगों ने नारेंद्र के ऊपर पत्थर चलाए। उसके घायल हो जाने पर भाला घोंप दिया और वह लोग मौके से भाग गए।

नारेंद्र के भतीजे सुमित ने बताया कि जानकारी मिलने पर चाचा (नारेंद्र) को उपचार के लिए सांडी सीएचसी लाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मोहन भागवत ने की 75 साल और साइड हो जाने की बात

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Mohan Bhagwat
Mohan Bhagwat

नई दिल्ली: संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने दिवंगत आरएसएस नेता (RSS leader) मोरोपंत पिंगले के साथ एक प्रसंग को याद करते हुए कहा, एक बार हमने उनसे कहा अब बस, आराम करो। तब भी उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि मैंने बहुत काम किया है। अगर कोई उनके काम की तारीफ करता तो वे मजाक में हंसते-हंसते टाल देते। सर संघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा है कि 75 साल की उम्र पूरी होने के बाद लोगों को दूसरों को भी काम करने का मौका देना चाहिए।

नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख ने कहा कि 75 साल पूरा होने पर किसी भी नेता को जब शॉल ओढ़ाई जाती है तो इसका एक मतलब है। ये मतलब यह है कि उनकी उम्र हो चुकी है. आप को बाकियों को मौका देना चाहिए। आरएसएस प्रमुख राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रेरक दिवंगत मोरोपंत पिंगले पर लिखी पुस्तक के विमोचन के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। इस पुस्तक का नाम मोरोपंत पिंगले द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस है।

पुसतक का विमोचन करने के बाद भागवत ने वरिष्ठ आरएसएस नेता की विनम्रता, दूरदर्शिता और जटिल विचारों को सरल भाषा में समझाने की अद्वितीय क्षमता को याद करते हुए कहा, मोरोपंत पूर्ण निस्वार्थता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अनेक कार्य किए और यह सोचकर किए कि यह कार्य राष्ट्र निर्माण में सहायक होगा। भागवत ने आगे कहा कि मोरोपंत पिंगले ने बहुत काम किया।

उनकी उम्र हो गई थी, शरीर भी थोड़ा दुर्बल हुआ था, हमने उनसे कहा अब सब काम दूसरों को सौंप दो। अगर कोई उनके काम की तारीफ करता तो वे मजाक में हंसते-हंसते टाल देते। पिंगले आखिरी दिनों में नागपुर आकर यहीं रहने लगे, उनका चिंतन हमेशा चलता रहता था, हर विषय की उन्हें गहराई से जानकारी थी। उनकी उम्र के 75 साल पूरे हुए, हम सब वृंदावन में बैठक में थे. देशभर के कार्यकर्ता मौजूद थे।

एक सत्र में शेषाद्री ने कहा, आज हमारे मोरोपंत जी के 75 वर्ष पूरे हुए हैं, और उन्हें शॉल पहनाई गई। उसके बाद उनसे कहा गया कि कुछ बोलिए तो उन्होंने कहा था कि मेरी मुश्किल ये है कि मैं खड़ा होता हूं तो लोग हंसते हैं। मैं कुछ नहीं बोलता तो भी लोग मेरे बोलने पर हंसते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग मुझे गंभीरता से नहीं लेते। मैं जब मर जाऊंगा, तब पहले लोग पत्थर मार के देखेंगे कि सच में मरा हूं या नहीं।” फिर मोरोपंत पिंगले जी ने कहा कि, 75 वर्ष की उम्र में शॉल पहनने का अर्थ मैं जानता हूं। इसका मतलब है कि अब आपकी उम्र हो गई है, आप साइड में हो जाओ। अब और बाकी लोगों को काम करने दो। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी की जन्मतिथि 17 सितंबर 1950 है. वे इस वर्ष 75 वर्ष के हो जाएंगे।

राजनीतिक हलकों में हलचल :

हालांकि भागवत ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन विपक्ष ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए परोक्ष संदेश करार दिया, जो इस साल 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो जाएंगे।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा :

श्प्रधानमंत्री को लौटते ही सरसंघचालक ने याद दिला दिया कि वे 75 साल के हो जाएंगे। लेकिन मोदी भी कह सकते हैं कि भागवत खुद भी तो 11 सितंबर को 75 के हो रहे हैं! एक तीरए दो निशाने।

संजय राउत (शिवसेना) ने कहा :

श्मोदी ने आडवाणी, मुरली मनोहर और जसवंत सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को उम्र के आधार पर रिटायर किया। अब देखना है क्या वही नियम खुद पर भी लागू करेंगे ?

संघ की सफाई :

संघ के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि भागवत का बयान ष्सामान्य नैतिक सिद्धांत पर आधारित था, और उसका इरादा किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यह संघ के पूर्वजों की परंपरा और व्यवहार को रेखांकित करने के लिए कहा गया था।

75 वर्ष की उम्र में शॉल पहनने का अर्थ मैं जानता हूं। इसका मतलब है कि अब आपकी उम्र हो गई है, आप साइड में हो जाओ। अब और बाकी लोगों को काम करने दो ….. मोरोपंत पिंगले, आरएसएस नेता ।

“सावन : श्रद्धा, साधना और प्रकृति से एकात्मता का महीना”

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savan
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हर बूंद में गूंजता है‘ॐ नमः शिवाय’का संदेश

– श्रद्धा का सावन, शिव में लय होती साधना।
– हरियाली में छिपा है हर-हर का आह्वान।
– कांवड़ की पदचापों में बसता है भारत का आध्यात्म।
– सावन केवल मास नहीं, एक आध्यात्मिक अनुभूति है।
– जब प्रकृति और प्रार्थना एक साथ बरसते हैं।
– सावन में शिव आराधना नहीं, आत्म शुद्धि का पर्व है।
– आस्था की धार से निर्मल होता है जीवन।

लखनऊ (राजधानी) : सावन मास (month of savan) भारतीय सनातन परंपरा में केवल एक मौसम या कैलेंडर का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभूति है — जब भक्तिभाव, प्रकृति, आस्था और आध्यात्म अपने चरम पर होते हैं। यह मास शिव आराधना (Shiva worship), वर्षा की रिमझिम फुहारों और हरियाली (Greenery) के साथ मानव मन में गहराई तक उतरता है। सावन का हर दिन जैसे किसी दिव्यता की अनुभूति कराता है।

भगवान शिव का यह प्रिय मास हमें संयम, शुद्धता और आत्मिक जागृति की ओर उन्मुख करता है। शिवालयों में गूंजते “ॐ नमः शिवाय” के मंत्र, कांवड़ यात्रा की आस्था-भरी पगध्वनि, और जलाभिषेक की परंपरा — यह सब मिलकर सावन को एक आध्यात्मिक महोत्सव में परिवर्तित कर देते हैं। यह समय है जब समाज के सभी वर्ग, विशेषकर युवा, आस्था के रंग में रंगे दिखाई देते हैं। संयमित जीवनशैली, व्रत, पूजा और शिवभक्ति के माध्यम से आत्मनियंत्रण और शांति का संदेश फैलाया जाता है। यह महीना पर्यावरण और मनुष्य के रिश्ते को भी उजागर करता है — पेड़, पौधे, जल और वायु, सब कुछ जैसे सजीव हो उठते हैं।

सावन का एक और पहलू सामाजिक समरसता है। कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन एकता, सहयोग और अनुशासन का प्रतीक बन चुके हैं। जब देशभर के कोने-कोने से लोग हजारों किलोमीटर पैदल चलकर जल लाने निकलते हैं, तो यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि देश की आत्मा की यात्रा बन जाती है। इस सावन, जब हम भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक हों, तो एक संकल्प लें — अपने अंदर के ‘अहं’ को छोड़, विनम्रता, सेवा और सद्भावना से जीवन को शिवमय बनाने का।

शिव का ‘त्रिनेत्र’ हमें चेतावनी देता है — विनाश के पहले विवेक जरूरी है। और यही सावन का अंतिम संदेश है — भक्ति में शक्ति है, और साधना से ही सृजन संभव है। ॐ नमः शिवाय। हर हर महादेव।

पारिवारिक कलह बनी मौत की वजह: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई फांसी, पुलिस जांच में जुटी

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Young man
Young man

– पत्नी के मायके जाने के बाद युवक ने आंगन में फांसी लगाकर दी जान, पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

कंपिल (फर्रुखाबाद): नगर के मोहल्ला पट्टी मदारी (mohalla patti madari) में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब तीस वर्षीय युवक बीपी शाक्य उर्फ बुद्ध प्राय आनंद का शव घर के आंगन में फंदे पर लटका (death) मिला। युवक (Young man) ने गुरुवार रात घरेलू विवाद के बाद आंगन में पड़े जाल के सहारे साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की पत्नी रूचि कुछ समय पहले भाई के साथ मायके चली गई थी। घटना के बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया, वहीं मृतक के स्वजनों में कोहराम मच गया।

प्रातः करीब 6 बजे पानी की सप्लाई करने आए वाटर बॉय को दरवाजा अंदर से बंद मिला। शक होने पर जब उसने झांककर देखा, तो अंदर युवक का शव फंदे से लटका हुआ था। उसने तत्काल पड़ोसियों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मोहल्ले वालों ने पुलिस और मृतक के स्वजनों को सूचना दी।

मृतक बुद्ध प्राय आनंद अपनी पत्नी रूचि और बेटी आरुषि के साथ कंपिल नगर में रहते थे, जबकि उनके पिता राजबहादुर परिवार सहित गांव सिकंदरपुर छितमा में निवास करते हैं। मृतक की पत्नी से गुरुवार को किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद वह अपने भाई के साथ मायके चली गई थी। इसी से क्षुब्ध होकर युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विश्वनाथ आर्या पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पड़ोसी की छत के रास्ते सीढ़ियों से घर में दाखिल होकर अंदर से बंद दरवाजे की कुंडी तोड़ी। इसके बाद फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना प्रभारी विश्वनाथ आर्या ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल मृतक के परिजन बेहद आहत हैं और पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है।