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Tuesday, March 31, 2026
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नव आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर हुआ विशेष चर्चा सत्र

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  • विद्या भारती के प्रशिक्षुओं को दी गई नई शिक्षा नीति की गहराई से जानकारी

फर्रुखाबाद। विद्या भारती कानपुर प्रांत द्वारा संचालित दस दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के अंतर्गत शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की मूल अवधारणाओं, उद्देश्यों और क्रियान्वयन प्रक्रिया से अवगत कराना रहा।

सत्र में कमलेश (सह क्षेत्र प्रशिक्षण प्रमुख, विद्या भारती पूर्वी क्षेत्र), रजनीश (प्रांत संगठन मंत्री, विद्या भारती कानपुर प्रांत), अयोध्या प्रसाद (प्रदेश निरीक्षक), और श्रीमती रजनी (व्यवस्थापिका, सरस्वती विद्या मंदिर, सेनापति फर्रुखाबाद) सहित कई गणमान्य शिक्षाविद उपस्थित रहे।

कमलेश जी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की व्यापक व्याख्या करते हुए बताया कि यह 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जो देश के समग्र विकास की दृष्टि से मील का पत्थर है। उन्होंने नीति के मुख्य बिंदुओं को विस्तार से समझाया, जिनमें शिक्षा की गुणवत्ता, सतत मूल्यांकन, जीवन कौशल, अवधारणात्मक शिक्षा, तकनीकी समावेश, भारतीय परंपराओं से जुड़ाव और शोध पर विशेष बल दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नई नीति के अंतर्गत 5+3+3+4 का शैक्षणिक ढांचा लागू किया गया है, साथ ही छठी कक्षा से व्यवसायिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को प्रारंभिक अवस्था से ही व्यावसायिक दक्षता प्राप्त हो सके।

द्वितीय सत्र में कमलेश जी ने कक्षा-कक्ष की प्रभावी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि शिक्षण को आनंदमयी, प्रयोगात्मक और संवादात्मक बनाने के लिए शिक्षकों को खोज आधारित अधिगम, शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षा, समस्या समाधान, समूह कार्य, सेमिनार, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, एकल अभिनय, पत्रकार सम्मेलन, कला-संगीत, भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं मूल्य आधारित शिक्षा जैसी नवाचार विधियों को अपनाना चाहिए।

यह सत्र नवचयनित आचार्यों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक रहा। प्रशिक्षुओं ने इसे एक उत्कृष्ट मार्गदर्शन के रूप में अनुभव किया, जिससे उन्हें न केवल नई शिक्षा नीति को समझने में मदद मिली, बल्कि कक्षा-कक्ष में नवाचार के साथ शिक्षण की प्रेरणा भी मिली।

कार्यक्रम में अजय द्विवेदी (संभाग निरीक्षक, कानपुर), शिवकरन जी (संभाग निरीक्षक, बांदा), शिवसिंह (प्रांत सेवा प्रमुख), प्रधानाचार्य धर्मवीर सिंह, अनिल शुक्ला, ओमप्रकाश शुक्ला, आशीष दीक्षित समेत अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं आचार्यगण उपस्थित रहे।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: ज़मानत के बावजूद 28 दिन जेल में रखा कैदी, यूपी सरकार पर ₹5 लाख जुर्माना

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Supreme Court
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  • “यह केवल लिपिकीय गलती नहीं, सिस्टम की विफलता है” – सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यूपी सरकार पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई उस मामले में की गई है, जिसमें एक कैदी को गाजियाबाद की जेल में ज़मानत मिलने के बाद भी 28 दिनों तक रिहा नहीं किया गया।

इस गंभीर चूक को लेकर सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एनके सिंह शामिल थे, ने टिप्पणी की कि यह सिर्फ एक “तकनीकी गलती” नहीं बल्कि “सिस्टमिक फेल्योर” यानी व्यवस्था की विफलता का उदाहरण है।

पीठ ने स्पष्ट कहा: “तकनीकी खामी या लिपिकीय त्रुटि के नाम पर किसी व्यक्ति की आज़ादी नहीं छीनी जा सकती।”

एक अभियुक्त को अदालत से विधिवत जमानत मिल चुकी थी। जमानत आदेश में अपराध और आरोप दोनों स्पष्ट थे, बावजूद इसके केवल एक उपधारा (subsection) का उल्लेख न होने के कारण 28 दिनों तक उसे रिहा नहीं किया गया।

इस लापरवाही के लिए जेल अधीक्षक को सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाज़िर होना पड़ा, जबकि जेल विभाग के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए।

राज्य सरकार की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद के तर्कों को भी कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा,

 “यह एक गंभीर मामला है। यह केवल एक लिपिकीय त्रुटि नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है। न्याय की प्रक्रिया में इस प्रकार की गड़बड़ी अस्वीकार्य है।”

अदालत ने आगे कहा कि ऐसी घटनाएं न्याय प्रणाली पर आम नागरिकों का भरोसा कमजोर करती हैं।

“बेकार की तकनीकी त्रुटियों के आधार पर किसी व्यक्ति की आज़ादी को रोका नहीं जा सकता।”

टिप्पणी: “अगर मौका मिले तो जज को भी अंदर कर दें”

इस घटना पर सोशल मीडिया और जनचर्चा में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोग कह रहे हैं कि,

“यह वही यूपी पुलिस है जो नेताओं के संरक्षण में पलती है। अगर मौका मिल जाए तो यह जज साहब को भी जेल भेज दे और बाद में कहे कि हमें पता नहीं था कि आप जज हैं।”

इस फैसले ने न केवल उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि न्यायपालिका अब ऐसी लापरवाहियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले ने साफ संदेश दिया है कि व्यवस्था की गलती की कीमत किसी की आज़ादी नहीं हो सकती।

अमित शाह ने श्री जगन्नाथ मंदिर में की मंगला आरती

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अहमदाबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में अहमदाबाद के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में शुक्रवार को मंगला आरती की।

श्री शाह ने अपने परिवार के साथ आज 148वीं रथ यात्रा के पावन अवसर पर यहां भगवान श्री जगन्नाथ की मंगला आरती, पूजा-अर्चना कर भक्तिभाव से दर्शन किए। हर साल आषाढ़ी बीज (दूज) के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ जी अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं।

अहमदाबाद शहर ही नहीं, बल्कि गुजरात और देश भर में लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ के लिए गहरी आस्था का प्रतीक है, उनकी रथयात्रा के इस पावन अवसर पर आज अहमदाबाद श्री जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष अविचलदासजी, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और सहकारिता राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, स्थानीय विधायक, संत-महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

PM मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा पर लोगों को दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस अवसर पर सभी के लिए सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के लिए लाखों श्रद्धालु समुद्र तटीय तीर्थ नगरी पुरी में उमड़े हैं।

पंचायत सहायक नितिन राठौर की हत्या के आरोप में समरवीर गिरफ्तार

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arrested
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– पुलिस की कई टीमों ने की पूछताछ, 26 मई की रात हुई थी वारदात

फर्रुखाबाद। मेरापुर थाना पुलिस ने ग्राम साहबगंज निवासी पंचायत सहायक 32 वर्षीय नितिन राठौर उर्फ रामू की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने बताया कि नितिन की हत्या 26 मई की रात हुई थी, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की गई।

हत्या की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित कीं, जिन्होंने दर्जनों लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान मिले संदेश और सुरागों के आधार पर गांव के ही भूरे उर्फ समरवीर को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में भूरे ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि 26 मई की रात करीब 1 बजे उसने ईंट से कूचलकर नितिन की हत्या कर दी थी।
एसपी आरती सिंह ने बताया कि आरोपी समरवीर ने निजी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट और अन्य साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं। जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को जेल भेजा जाएगा।

पुलिस के अनुसार हत्या में किसी अन्य की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। एसपी ने यह भी बताया कि फरार आरोपियों पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा।

यह वारदात क्षेत्र में सनसनी फैला चुकी थी, और पुलिस पर खुलासे का दबाव था। खुलासे के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस का आभार जताया है।

रिटायर्ड इंजीनियर आर.के. सिंह ने कैंसर से त्रस्त होकर की आत्महत्या, लाइसेंसी राइफल से खुद को मारी गोली

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वाराणसी के महामनापुरी कॉलोनी में सुबह 3:30 बजे की घटना, गले के कैंसर से थे पीड़ित

वाराणसी। पूर्व में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) से रिटायर्ड इंजीनियर आर.के. सिंह ने शुक्रवार भोर में अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह हृदय विदारक घटना चितईपुर थाना क्षेत्र के महामनापुरी कॉलोनी स्थित उनके निजी आवास पर तड़के करीब 3:30 बजे हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर.के. सिंह लंबे समय से गले के कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज मुंबई के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन डॉक्टरों ने जब बीमारी की अंतिम अवस्था में कोई उम्मीद न जताई, तो वे निराश हो गए थे। पेन किलर के सहारे ही उनका जीवन चल रहा था।

कई महीनों से वह असहनीय शारीरिक पीड़ा से गुजर रहे थे। परिवार वालों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में कई बार गहरी निराशा व्यक्त की थी। आज सुबह जब परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे, उसी समय उन्होंने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवारजन दौड़े, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आर.के. सिंह एक जिम्मेदार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी आत्महत्या ने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया है। उनके परिवार में पत्नी, बेटा-बहू और दो बेटियाँ हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

यह घटना एक बार फिर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के मानसिक तनाव और जीवन से जूझने की जटिलता को उजागर करती है। पुलिस मामले की विधिक कार्यवाही में जुटी है।

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 50 लाभार्थियों को वितरित किए गए ऋण, युवाओं को किया गया प्रेरित

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– जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र द्वारा आयोजित हुआ कार्यक्रम

फर्रुखाबाद। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) दिवस के अवसर पर जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र फर्रुखाबाद के तत्वावधान में स्थानीय स्तर पर ऋण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत चयनित कुल 50 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री शशिकांत कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हुए योजनाओं का भरपूर लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला उद्योग प्रोत्साहन अधिकारी ने बताया कि सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

इस अवसर पर लाभार्थियों को ऋण वितरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिन प्रमुख लाभार्थियों को योजना से लाभ मिला, उनमें श्रीमती नूतन गुप्ता, श्री नितिन गुप्ता, श्री रोहित कुमार, श्रीमती रेखा, श्रीमती अंजली आदि के नाम शामिल हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित बैंकों का विशेष योगदान रहा। अंत में उप उद्योग उपायुक्त ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।