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Monday, March 30, 2026
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सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज को अपमानित करने वाला वीडियो वायरल, FIR की मांग तेज

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viral
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फर्रुखाबाद: सोशल मीडिया (social media) पर ब्राह्मण समाज (Brahmin community) को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का एक वीडियो वायरल (video viral) होने के बाद जिले में रोष की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रीय ब्राह्मण मंच के पदाधिकारियों ने इस वीडियो पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जातीय उन्माद फैलाने की आशंका, वीडियो में अपशब्दों की बौछार

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति ब्राह्मण समाज के विरुद्ध गाली-गलौज करता दिख रहा है और अन्य जातियों से लामबंद होने की अपील कर रहा है। यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर तेजी से फैल रहा है, जिससे समाज में नाराजगी और तनाव का माहौल है। राष्ट्रीय ब्राह्मण मंच फर्रुखाबाद के जिला उपाध्यक्ष अनुपम दीक्षित ने शमशाबाद थाना पुलिस को तहरीर सौंपते हुए आरोपी अमर सिंह पुत्र श्यामजीत शाक्य, निवासी ग्राम बेला सराय गजा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा: “ब्राह्मण समाज को अपमानित करना समाज की एकता पर हमला है। प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कदम उठाए।” सूत्रों के अनुसार यह वीडियो हाल ही में इटावा में ब्राह्मण बनाम यादव विवाद से प्रेरित हो सकता है। वहां भी एक कथावाचक के खिलाफ जातीय टिप्पणी हुई थी, जिसके बाद तनाव फैल गया था। फर्रुखाबाद में वायरल यह वीडियो उसी पृष्ठभूमि का प्रतीत हो रहा है।

ब्राह्मण समाज के कई संगठनों और आम नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आरोपी पर IT एक्ट और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसा दुस्साहस न कर सके।

मोहर्रम को लेकर नगर पंचायत की तैयारियाँ तेज़, शांति और स्वच्छता को लेकर प्रशासन सतर्क

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Moharram
Moharram

शमशाबाद (फर्रुखाबाद): मोहर्रम (Moharram) पर्व को शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने के लिए नगर पंचायत (Nagar Panchayat) शमशाबाद (Shamshabad) ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। 27 जून से 6 जुलाई तक चलने वाले आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी विभागों को जिम्मेदारियाँ सौंपी जा चुकी हैं।

वार्डवार ड्यूटी तय, लापरवाही पर सख्ती

नगर पंचायत द्वारा कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। अधिशासी अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्यूटी में किसी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जुलूस मार्गों की सफाई और जल निकासी प्राथमिकता में

प्रशासन का विशेष फोकस उन मार्गों पर है जहाँ से ताज़िये और मातमी जुलूस गुजरते हैं। जलभराव और कचरे की समस्या न हो इसके लिए नियमित सफाई और ड्रेनेज की व्यवस्था कराई जा रही है।

स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था चुस्त करने के निर्देश

विद्युत विभाग को सभी खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्व के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। कनिष्ठ अभियंता को विद्युत व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

“शांति और सौहार्द ही प्राथमिकता” — अधिशासी अधिकारी

 

 

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने कहा, “मोहर्रम एक पवित्र अवसर है। इसे भाईचारे और सौहार्द के माहौल में संपन्न कराना हमारी प्राथमिकता है। नगर के सभी लोग मिलकर इस प्रयास में सहयोग करें।”

 

कोविड स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति न दिए जाने पर डीएम को सौंपा गया ज्ञापन

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DM
DM

– प्रमुख सचिव के आदेश के बावजूद अब तक नहीं हुआ समायोजन, की गई निष्पक्ष जांच की मांग

फर्रुखाबाद: कोविड महामारी (covid pandemic) के दौरान अपनी सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों (health workers) ने अब तक समायोजन न होने पर नाराज़गी जताते हुए जिला अधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रमुख सचिव के स्पष्ट निर्देश के बावजूद भी कोविड कर्मचारियों को अब तक किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम में समायोजित नहीं किया गया है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है।

ज्ञापन के अनुसार, प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए थे कि एक माह की अवधि में इन कर्मियों को किसी न किसी कार्यक्रम में समायोजित किया जाए। लेकिन निर्देशों को अनदेखा करते हुए एक माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि जिले में स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी के कई पद रिक्त पड़े हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि पद रिक्त न हों, तो हर सप्ताह रिमाइंडर भेजने का निर्देश था। लेकिन जिला स्तर पर शायद एक बार भी रिमाइंडर नहीं भेजा गया, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

साथ ही आरोप लगाया गया कि प्रमुख सचिव द्वारा केवल कोविड कर्मचारियों को ही समायोजित किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष चिकित्सालय के अधीक्षक द्वारा इस आदेश का उल्लंघन करते हुए हाल ही में चतुर्थ श्रेणी की नई नियुक्तियाँ कर दी गईं, और आगे भी की जा रही हैं।

कोविड कर्मियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनकी योग्यता के आधार पर शीघ्र समायोजन सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन पर वर्तिका निधि, डाली, अवनींद्र कुमार, नीलम शर्मा समेत अन्य कर्मियों के हस्ताक्षर हैं।

विवादित सोशल मीडिया पोस्ट: आरोपी के खिलाफ अमृतपुर थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज

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Amritpur police
Amritpur police

– जातीय वैमनस्य फैलाने का आरोप, जांच उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह को सौंपी गई

फर्रुखाबाद/अमृतपुर: सोशल मीडिया (social media) पर एक विवादित पोस्ट डालने के मामले में अमृतपुर पुलिस (Amritpur police) ने आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह मामला जिले के अमृतपुर थाना (Amritpur police station) क्षेत्र अंतर्गत सामने आया है, जिसमें आरोपी पर जातीय सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, जनपद जालौन के चुर्खी निवासी कल्लू सिंह ने थाना अमृतपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि शीटू यादव पुत्र ध्यान पाल सिंह निवासी ग्राम गुजरपुर पमारान (जालौन) ने सोशल मीडिया पर इटावा प्रकरण को लेकर एक आपत्तिजनक और विवादित पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट से समाज के जातीय वर्गों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और संप्रदायिक माहौल बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शीटू यादव के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह को सौंपी गई है, जो अब तथ्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ और आपत्तिजनक कंटेंट पर विशेष नजर रखी जा रही है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई है।

लाल दरवाजा के आसपास फिर फैला अतिक्रमण, जाम से परेशान जनता

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traffic jam
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दुकानदारों ने नहीं मानी पुलिस की बात, फुटपाथ पर दोबारा फैलाया सामान

फर्रुखाबाद: नगर के लाल गेट (Lal Darwaza) स्थित रोडवेज बस स्टैंड के आसपास एक बार फिर अवैध अतिक्रमण (Encroachment) ने पैर पसार लिए हैं। सड़क किनारे फुटपाथ पर दुकानदारों द्वारा दोबारा सामान रख दिए जाने से जाम (traffic jam) की समस्या लगातार बनी हुई है। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर इस क्षेत्र से अतिक्रमण हटवाया गया था। फुटपाथ को खाली कराया गया था जिससे आम जनता को राहत मिली थी। लेकिन कुछ ही दिनों में दुकानदारों ने पुलिस के समझाने-बुझाने के बावजूद फिर से फुटपाथ पर सामान सजा लिया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस व प्रशासन की उदासीनता के चलते दुकानदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। रोजाना ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चे, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक फुटपाथ के बजाय सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

लोगों ने जिलाधिकारी और नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि दोबारा सख्त कार्रवाई की जाए और नियमित निगरानी की व्यवस्था हो, ताकि रोडवेज बस अड्डे के आसपास अतिक्रमण मुक्त रास्ता सुनिश्चित हो सके।

अवैध वसूली बनाम अतिक्रमण मुहिम: पुलिस पर मनमानी का आरोप, ठेली चालकों का मुख्यालय पर प्रदर्शन

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Police
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– नगर विधायक के इंतजार में बैठी रही भीड़, समाधान न मिलने पर डीएम कार्यालय पहुंचे ठेली चालक

फर्रुखाबाद: रोडवेज बस अड्डे (Roadways Bus Stand) के आसपास अतिक्रमण हटाने (removal of encroachment) के नाम पर चल रही कार्यवाही को लेकर शुक्रवार को शहर में जमकर बवाल हुआ। दर्जनों ठेली चालकों (cart drivers) ने पुलिस पर मनमानी और भेदभाव के आरोप लगाए। उनका कहना था कि कुछ ठेली चालकों से नजराना लेकर उन्हें दुकान लगाने दी जाती है, जबकि बाकी गरीबों की ठेलियां जबरन हटवा दी जाती हैं।

सुबह से ही ठेली चालक नगर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के इंतजार में रोडवेज बस स्टैंड के बाहर जमा रहे। जब विधायक मौके पर नहीं पहुंचे तो सभी ठेली चालक एकजुट होकर जिला मुख्यालय फतेहगढ़ पहुंच गए, जहां उन्होंने अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखी। ठेली चालकों का आरोप है कि पुलिस अतिक्रमण के नाम पर सिर्फ गरीब और कमजोर ठेली वालों को निशाना बना रही है। जिनसे नजराना वसूला जाता है, उन्हें दुकान लगाने दी जाती है।

पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता और समानता नहीं है। प्रदर्शन कर रहे एक ठेली चालक ने कहा, “हम रोज कमाकर अपने बच्चों का पेट पालते हैं। अगर प्रशासन हमें दुकान नहीं लगाने देगा तो हम खाएंगे क्या? पुलिस वाले नजराना लेने वालों को छोड़ देते हैं और बाकी को डरा-धमका कर भगा देते हैं। यह सरासर अन्याय है।”

बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते भी अतिक्रमण के नाम पर ठेलियां हटाई गई थीं। ठेली चालकों ने तब भी अधिकारियों से मिलकर समाधान की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद ठेली चालकों ने नगर विधायक से मदद की गुहार लगाई थी। विधायक ने आश्वासन तो दिया था, लेकिन शुक्रवार को वह शहर में मौजूद नहीं थे।

मुख्यालय पहुंचे ठेली चालकों ने डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और मांग की कि— अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। सभी ठेली चालकों के लिए तय स्थान निर्धारित किए जाएं। पुलिस द्वारा की जा रही मनमानी और कथित वसूली की जांच हो। इस पूरे घटनाक्रम से स्थानीय पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अधिकारी फिलहाल जांच की बात कर रहे हैं, लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं होता, तब तक ऐसे प्रदर्शन और टकराव होते रहेंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार अब देखना यह है कि नगर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी इस पूरे मामले में कब और कैसे हस्तक्षेप करते हैं और क्या प्रशासन पुलिस की कार्यशैली की जांच करवाता है या नहीं।