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Monday, March 30, 2026
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नोएडा: सेक्टर-113 में पुलिस और शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़

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  • गोली लगने से घायल, अवैध तमंचा और चोरी का सामान बरामद

नोएडा। गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक शातिर बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी को पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार बदमाश ने रुकने की बजाय भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के दाएं पैर में लगी।

आरोपी की पहचान वसीम उर्फ सोनू (निवासी दिल्ली सीमा क्षेत्र) के रूप में हुई है।
इस पर नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में कुल 17 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वसीम लूट, चैन स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और वाहन चोरी जैसी अपराध श्रृंखलाओं में सक्रिय रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी NCR के कई जिलों में अकेले और गिरोह के साथ वारदातों को अंजाम देता रहा है।

“चेकिंग के दौरान संदिग्ध स्कूटी को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह भागने लगा और फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसे पकड़ लिया गया। आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।”

घायल बदमाश को डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस उसकी गिरफ्तारी के बाद अन्य वारदातों की फाइल दोबारा खोलने और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

नोएडा पुलिस द्वारा की गई यह मुठभेड़ न सिर्फ NCR क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और ठोस कदम है। आम जनता में इस कार्रवाई के बाद पुलिस के प्रति भरोसा और सुरक्षा का भाव बढ़ा है

उद्घाटन के दो दिन बाद ही बंद हुआ स्वास्थ्य उपकेंद्र, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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बदायूं। जिले के वजीरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम कसेर पनौता में स्वास्थ्य उपकेंद्र के नाम पर ग्रामीणों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। भाजपा के सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता द्वारा उद्घाटन के महज दो दिन बाद ही उपकेंद्र में ताले लटक गए। इसके विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

गांव कसेर पनौता में बना यह स्वास्थ्य उपकेंद्र 11 साल पहले 2013 में निर्मित हुआ था, लेकिन इसमें सेवाएं शुरू नहीं हुई थीं।

मई 2025 में भवन की मरम्मत के बाद 11 मई को सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने का भरोसा दिलाया।

उद्घाटन के बाद केवल दो दिन तक ही दवाओं का वितरण हुआ, इसके बाद केंद्र में कोई स्वास्थ्यकर्मी या फार्मासिस्ट नहीं आया।

ग्रामीणों का कहना है कि—

 “यह सब दिखावा था। सिर्फ उद्घाटन करके प्रचार किया गया, लेकिन सेवाएं शुरू नहीं हुईं। अब हमें फिर से 8 किलोमीटर दूर वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ रहा है।”

गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र पर इकट्ठा होकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी से मांग की कि उपकेंद्र को तत्काल शुरू कराया जाए।
प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों, और किसानों ने भी हिस्सा लिया।

इस संबंध में सीएमओ कार्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया—

“उपकेंद्र की सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही फार्मासिस्ट व एक एएनएम की तैनाती की जाएगी।”

कागजों पर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे भले ही प्रभावशाली दिखते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कसेर पनौता जैसे गांवों में उजागर हो रही है। विधायक द्वारा फीता काट कर उद्घाटन कर देना ही पर्याप्त नहीं है, जब तक वहां नियमित स्टाफ और दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी, तब तक ग्रामीणों को राहत नहीं मिलेगी।

शहर-शहर आग का तांडव: नोएडा सेक्टर-2 की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप

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नोएडा। एक बार फिर नोएडा में आग का तांडव देखने को मिला है। सोमवार सुबह सेक्टर-2 स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिश में जुट गईं। अब तक करीब 4 घंटे से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।

फैक्ट्री में आग सुबह करीब 5:10 बजे लगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग केमिकल स्टोर यूनिट से शुरू हुई और तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

फिलहाल आग से हुए नुकसान का आंकलन जारी है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार— फैक्ट्री में रखा गया लगभग ₹5 करोड़ से अधिक का माल जलकर खाक हो गया। करीब 40 कर्मचारी मौके पर मौजूद थे, जिनमें से 3 को मामूली झुलसने की खबर है। अग्निशमन अधिकारियों ने कहा कि आसपास की इमारतों को एहतियातन खाली करा लिया गया है।

नोएडा प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। अपर जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त और मुख्य अग्निशमन अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आसपास के रिहायशी इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

गौरतलब है कि इसी सेक्टर में पिछले महीने भी एक प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लगी थी। लगातार हो रही आग की घटनाओं से औद्योगिक क्षेत्र में फायर सेफ्टी मानकों पर सवाल उठ रहे है।

केमिकल फैक्ट्रियों में लगातार हो रही आग की घटनाएं एक बार फिर फायर सेफ्टी मानकों की पोल खोल रही हैं। प्रशासन को न सिर्फ त्वरित जांच करनी होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

बहुचर्चित गैंगरेप केस में SIT रिपोर्ट आई सामने, कई खुलासे चौंकाने वाले

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  •  आरोपों से अलग निकली हकीकत

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान और निर्देश के बाद गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने बहुचर्चित गैंगरेप मामले में अपनी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंप दी है। रिपोर्ट में न सिर्फ केस से जुड़े कई अहम तथ्यों को खंगाला गया, बल्कि चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। टीम ने मौके से जुटाए गए डिजिटल, फॉरेंसिक, और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कई आरोपों को तथ्यों से मेल नहीं खाते पाया गया है।

पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया था। टीम ने पीड़िता, आरोपियों, चश्मदीदों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर विस्तृत जांच की।

रिपोर्ट में ये मुख्य बिंदु सामने आए—

🔹 पीड़िता की गतिविधियों पर सवाल: SIT रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पीड़िता की सोशल मीडिया गतिविधियों, उसके कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल के CCTV फुटेज में कई विरोधाभास पाए गए।
🔹 23 युवकों पर लगा था गैंगरेप का आरोप: वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों के 23 युवकों के खिलाफ लड़की ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
🔹 अब तक 14 गिरफ्तारियां: पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की गई है।
🔹 आरोपों में कई बातें तथ्य से परे: SIT ने रिपोर्ट में बताया है कि पीड़िता द्वारा लगाए गए कुछ आरोपों का समर्थन घटनास्थल की परिस्थितियों और तकनीकी साक्ष्य से नहीं होता।

यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को फोन पर फटकार लगाई थी। पीएम के निर्देश के बाद पुलिस कमिश्नर ने तत्काल SIT का गठन कर जांच शुरू कराई थी।

SIT ने पीड़िता के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया चैट्स, GPS लोकेशन, घटनास्थल के CCTV, कॉल रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट, और चश्मदीदों के बयान समेत कुल 42 साक्ष्यों को रिपोर्ट में शामिल किया है। इन सभी के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया।

वाराणसी पुलिस कमिश्नर के अनुसार, SIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि रिपोर्ट में झूठे आरोप लगाने की पुष्टि होती है, तो पीड़िता के खिलाफ भी IPC की धारा 182 व 211 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। वहीं जिन युवकों के खिलाफ साक्ष्य पुख्ता पाए गए हैं, उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

SIT रिपोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले की तस्वीर का एक नया और सटीक पहलू सामने लाया है। यह मामला अब केवल न्यायिक नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन फिलहाल पूरी संवेदनशीलता से कार्यवाही कर रहा है और जल्द ही अंतिम फैसला अदालत में रखा जाएगा।

अभाछम के कुंवर हरिवंश सिंह पुनः निर्विरोध बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

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– राघवेन्द्र सिंह राजू को राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व सैन्य अधिकारी बच्चन सिंह राणा को कोषाध्यक्ष बनाया गया

नई दिल्ली/लखनऊ। राष्ट्रीय संगठन की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आगामी 6 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, क्षेत्रीय समीक्षाएं और आगामी मिशन यूपी की रणनीति तय की जाएगी।
इससे पूर्व लखनऊ निर्वाचन कार्यक्रम की सफलता पर पूरे संगठन ने प्रसन्नता व्यक्त की और पुनः एकमत से पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना गया। साथ ही, राघवेन्द्र सिंह ‘राजू’ को वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सैन्य अधिकारी बच्चन सिंह राणा को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

संगठन की प्रदेश रिव्यू कमेटी ने मध्य प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती हेतु नए नेतृत्व की नियुक्ति की है। अब मध्यप्रदेश में दो क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं:

वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह सिसोदिया (जबलपुर) को पश्चिम मेवात-महाकौशल-नर्मदापुरम संभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

पृथ्वीराज सिंह जादौन (शिवपुरी) को चंबल व बुंदेलखंड संभाग का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

संगठन के मिशन यूपी के अंतर्गत प्रत्येक क्षेत्रीय प्रदेश में बैठकों की तिथियां तय की जा रही हैं, जिसमें राष्ट्रीय पदाधिकारी संबंधित मंडलों में जाकर समीक्षा करेंगे। एक सप्ताह के भीतर सभी पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों का रिपोर्ट कार्ड बनाकर राष्ट्रीय महामंत्री राघवेन्द्र सिंह राजू व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर हरिवंश सिंह को सौंपेंगे।

बैठकों का संभावित कार्यक्रम जिसमे क्षेत्रीय प्रदेश बैठक स्थल प्रभारी राष्ट्रीय पदाधिकारी
पश्चिम प्रदेश मुरादाबाद हरेन्द्र सिंह तरकर, भुवनेश्वर सिंह
ब्रज प्रदेश आगरा अनुज सिंह चौहान, बच्चन सिंह राणा
बुंदेलखंड व सेंट्रल यूपी कानपुर वीरेन्द्र सिंह राठौर, हरेन्द्र सिंह तरकर
बिंध्य प्रदेश प्रयागराज दलवीर सिंह एड., मोहन सिंह राघव
पूर्वांचल प्रदेश गोरखपुर निहाल सिंह, एड. महेन्द्र सिंह राजावत
अवध प्रदेश लखनऊ सुखवीर सिंह भदौरिया, कैप्टन डी.एस. राठौर आदि नाम शामिल हैं।

संगठन के सभी सदस्य, पदाधिकारी, वीरांगना, युवा प्रकोष्ठ और क्षेत्रीय कार्यकर्ता अपने मंडल/जिला/ब्लॉक की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित पर्यवेक्षकों को सौंपें। साथ ही अपने प्रस्ताव, समर्थन, नाम, पता और मोबाइल नंबर की जानकारी भी प्रदान करें।

समय और तिथि स्थानीय सहूलियत अनुसार 6 जुलाई के प्रथम सप्ताह तक तय की जा सकती है।
“कर्मपथ में रखो आस्था, मिल जाएगा रास्ता।”

सालों से नाबालिग बेटियों का रेप कर रहा था पिता, फिर ऐसे खुला राज… सब जानकर भी क्यों खामोश रही मां?

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जयपुर पुलिस ने नाबालिग बेटियों के साथ दरिंदगी करने वाले कलयुगी पिता को गिरफ्तार किया है. उसने सालों तक अपनी ही दोनों नाबालिग बेटियों को अपनी हवस का शिकार बनाया था. सबकुछ जानते हुए बदनामी के डर से पीड़ित बच्चियों की मां ने भी आंखे मुंद लीं थीं.

राजस्थान की जयपुर पुलिस ने नाबालिग बेटियों के साथ दरिंदगी करने वाले कलयुगी पिता को गिरफ्तार किया है. उसने अपनी ही दोनों नाबालिग बेटियों को अपनी हवस का शिकार बनाया था. यही नहीं उसकी पत्नी ने भी कई बार उसको बेटियों को नोंचते देखा लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से पीड़ित बच्चियों की मां ने भी आंखे मुंद ली. लेकिन जब पेट में दर्द होने पर दोनों बच्चियों को उनकी मां डॉक्टर के पास लेकर पहुंची तब इसका भंडाफोड़ हो गया. बच्चियों से रेप की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर ने तुरंत एनजीओ से संपर्क किया और एनजीओ ने पुलिस बुला ली.

डीसीपी वेस्ट अमित कुमार बुडानिया के अनुसार एक सामाजिक संस्था द्वारा सूचना मिली कि अस्पताल में एक महिला अपनी बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण घटना के बारे में बताना चाहती है. इस दौरान महिला से जब काउंसलिंग हुई तो यह तथ्य सामने आया कि उसने पहले भी कई बार अपने पति को अपनी बच्चियों के साथ अश्लील हरकतें करते हुए देखा था और संदिग्ध हालातों में पकड़ा था. उसके पति द्वारा सालों से उसके बच्चों के साथ अश्लील हरकतें व दुष्कर्म किया जा रहा था.

मासूम नाबालिग बच्चियां स्कूल में गुमसुम रहती थीं. बच्चियों को बार-बार पेट दर्द जैसी शिकायत रहती थी. ऐसे में उनकी मां उनको अस्पताल में दिखाने आयी थी. डॉक्टर ने पेट दर्द के इलाज के दौरान बच्चों के साथ दुष्कर्म जैसी घटना होने के संबंध में अवगत कराया.

इसके बाद चित्रकूट थानाधिकारी अंतिम शर्मा ने महिला और नाबालिग बच्चियों के साथ में दुष्कर्म की घटना के बारे में काउंसलिंग कर पूरी प्रक्रिया को गोपनीय कैमरे सेरिकॉर्ड किया. चूंकि महिला समाज के भय व पति के डर से एफआईआर दर्ज नहीं करवाना चाह रही थी इसलिए एनजीओ की रिपोर्ट और काउंसलिंग से प्राप्त तथ्यों के अनुक्रम में दुष्कर्म से संबंधित तथ्य प्राप्त कर थानाधिकारी चित्रकूट द्वारा थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया. मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ित बालिकाओं व उनकी मां के बयान लिए गए. बच्चियों के दुष्कर्म संबंधित मुआयने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन कराया गया.

मेडिकल बोर्ड के गठन के बाद में नाबालिग बच्चियों का मेडिकल करवाया गया और मेडिकल रिपोर्ट में तथ्यों की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. अभी तक के अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी द्वारा कई सालों से अपनी नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया जा रहा था. वह अपनी पत्नी को डरा धमकाकर लगातार इस घिनौनी वारदात को अंजाम देता आ रहा था.