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Thursday, March 26, 2026
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यूपी में 11 जिलों के जेल अधीक्षक और 22 जेलरों का तबादला

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transferred
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश (UP) की योगी सरकार (yogi government) ने के बार फिर तबादला एक्सप्रेस चला दी है है। प्रदेश सरकार ने इस बार शनिवार को जेल प्रशासन में बड़े फेरबदल किए हैं। योगी सरकार ने राज्य के 11 जिलों के जेल अधीक्षक का तबादला (transferred) किया है। इसके अलावा 22 जेलरों का भी ट्रांसफर किया गया है। आदेश के मुताबिक बुलंदशहर, बस्ती, एटा, रायबरेली, चित्रकूट, रामपुर और फिरोजाबाद समेत 11 जिलों के जेल अधीक्षकों को इधर से उधर किया गया है।

राजेंद्र जायसवाल की वर्तमान तैनाती वरिष्ठ आीक्षक कारागार बुलन्दशहर को लखनऊ जिला जेल के अधीक्षक बनाया गया। कोमल मंगलानी को बुलंदशहर जेल का अधीक्षक बनाया गया है। आईपीएस प्रदीप गुप्ता जो कि वर्तमान समय से उप महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाये उत्तर प्रदेश लखनऊ को डीआईजी जेल कानपुर रेंज बनाए गया।

पीएन पांडे को डीआईजी जेल आगरा रेंज के साथ डीआईजी कारागार मुख्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कारागार अधीक्षक जिला कारागार सोनभद्र सौरभ श्रीवास्तव को वाराणसी जिला जेल का अधीक्षक बनाया गया। शशांक पांडे जो कि वर्तमान समय में कारागार अधीक्षक जिला कारागार चित्रकूट को जिला जेल मैनपुरी की अधीक्षक बनाया गया। वहीं कारागार अधीक्षक जिला कारागार बहराईच के पद पर तैनात राजेश यादव जिला जेल रामपुर के अधीक्षक बनाया गया।

इसके अलावा उन्नाव, मथुरा, मेरठ और खीरी समेत 22 जेलरों का भी तबादला हुआ है. जिसमें संतोष वर्मा को सेंट्रल जेल आगरा, हरवंश पांडेय को मेरठ, विकास कटियार को गाजियाबाद, अंजनी गुप्ता को झांसी और सुरेंद्र मोहन सिंह को मथुरा का जेलर बनाया गया है।

देखें पूरी लिस्ट:-

 

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टाइगर रिजर्व में 56741 पर्यटकों ने किया भ्रमण

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Tiger Reserve
Tiger Reserve

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में विजिटिंग सीज़न का समापन

2024-25 सीज़न में 160 लाख रुपये से अधिक का हुआ राजस्व

56289 भारतीय और 452 विदेशी पर्यटक पहुंचे; पर्यटन सुविधाओं का लगातार विस्तार

पीलीभीत: पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) में पर्यटन सत्र 2024-25 का समापन रविवार 15 जून को हो गया। यह सत्र 6 नवंबर 2024 को आरंभ हुआ था। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority), नई दिल्ली द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार हर वर्ष यह सत्र 15 जून को बंद कर दिया जाता है। समापन समारोह का आयोजन टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve) परिसर स्थित सुनगढ़ी रेंज के पर्यटन वन विश्राम भवन में किया गया।

इस सीज़न के दौरान कुल 56741 पर्यटकों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया, जिसमें 56289 भारतीय और 452 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। विभाग को इससे 1 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। वर्ष 2023-24 में 54378 पर्यटक आए थे जबकि उससे पहले के वर्षों में यह संख्या बेहद सीमित थी।

अधिकारियों ने भी बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव समापन समारोह में प्रमुख सचिव, मुख्य वन संरक्षक, न्यायिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और उच्चाधिकारीगण शामिल हुए। इनके साथ सैकड़ों की संख्या में वन्यजीव प्रेमियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर टाइगर रिजर्व द्वारा स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी कराई गईं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वर्तमान में 07 पर्यटन वन विश्राम भवन पर्यटकों के ठहरने हेतु उपलब्ध हैं। पर्यटकों के लिए 04 गेट, 01 कैफेटेरिया और 01 ट्रॉली गेट संचालित किए गए।

पर्यटकों को टाइगर सफारी के लिए 90 जिप्सी गाड़ियों की सुविधा दी गई, जिनके जरिए 1039 सफारी राइड्स कराई गईं। विभाग द्वारा 04 वॉच टॉवर्स, कैट वॉक, तथा प्राकृतिक फोटोपॉइंट ज़ोन भी स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष विशेष रूप से वन्यजीव चित्रकला केंद्र, नेचर गैलरी, और मोबाइल कैम्पिंग स्थल की भी व्यवस्था की गई। पीटीआर की वेबसाइट www.pilibhittigerreserve.in तथा ट्विटर हैंडल @pilibhitR के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया।

साथ ही, क्षेत्रीय मुख्यालयों पीलीभीत भीत, लखीमपुर और बरेली के पास 03 फिक्स्ड साउंड जैकेट की सुविधा दी गई। “मोतीकोट घाट” पर फोटोपॉइंट कैप्सूल का निर्माण किया गया जिसे चंडा-खेमकरन विकास समिति द्वारा संरक्षित किया गया। पिछले वर्षों की तुलना में पर्यटन में जबरदस्त उछाल वर्ष 2014-15 में जहां सिर्फ 10 विदेशी और 14172 भारतीय पर्यटक पहुंचे थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर क्रमश: 452 और 56289 हो गई है। राजस्व में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है — 2014-15 में जहां 17 लाख रुपये का राजस्व मिला था, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 1.6 करोड़ रुपये को पार कर गया है।

इस अवसर पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि विभाग का प्रयास पर्यटन सुविधाओं के सतत विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता पर भी केंद्रित रहेगा। आगामी सत्र में और अधिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे पर्यटकों का अनुभव और समृद्ध हो सके।

कुल पर्यटन गाड़ियों द्वारा 1039 बार सफारी राइड्स कराई गईं। रिजर्व क्षेत्र में 03 होम स्टे और वॉटर बोटिंग की सुविधा भी चालू है। कैफेटेरिया और सोलर पॉइंट के अतिरिक्त फोटो जोन की स्थापना की गई। रिजर्व में विजिटर्स के लिए सुरक्षा की दृष्टि से CCTV वॉच टावर और गाइड सेवा उपलब्ध।

स्व. डॉ. अनिल शुक्ला : आयुर्वेद चिकित्सा के गौरव पुरुष ने कहा संसार को अलविदा, जनपद में शोक की लहर

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Late Dr. Anil Shukla
Late Dr. Anil Shukla

पीलीभीत: नगाधिराज हिमालय की तलहटी, देवहुति गंगा-गोमती (Devhuti Ganga-Gomti) के उद्गम स्थल की पावन भूमि, बांसुरी नगरी और टाइगर रिजर्व से समृद्ध तराई जनपद पीलीभीत (pilibhit) ने अपने एक बहुआयामी रत्न को सदा के लिए खो दिया। आयुर्वेद गौरव (Ayurveda pride), आयुर्वेदाचार्य, समाजसेवी, भाजपा नेता, वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रख्यात खिलाड़ी डॉ. अनिल शुक्ला का 11 जून 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे।

12 जून को उनके छोटे भ्राता वरिष्ठ दीवानी अधिवक्ता पंडित सुनील शुक्ला ने गोपाल सिंह मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम पर मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के अवसर पर नगर के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।

बाल सखा डॉक्टर देशबंधु मिश्रा की भावुक श्रद्धांजलि

डॉ. शुक्ला के सहपाठी और बालसखा, जनपद के प्रख्यात कवि डॉ. देशबंधु मिश्रा ‘तन्हा’ ने गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका और अनिल शुक्ला का साथ बचपन से लेकर छात्र जीवन तक रहा। उन्होंने बताया कि ललित हरी आयुर्वेदिक कॉलेज से बीएएमएस करने के बाद डॉ. शुक्ला ने 1976 में चिड़ियादहा गांव में आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रारंभ किया। तत्पश्चात उन्होंने टाल मंडी स्थित दवाखाने से लेकर उपाधि महाविद्यालय रोड स्थित ‘शुक्ला क्लिनिक’ तक जनसेवा को ही अपना धर्म माना।

नाड़ी देखकर करते थे रोग का निदान

डॉ. शुक्ला की चिकित्सा पद्धति में नाड़ी परीक्षण अद्भुत था। वे बिना किसी जांच रिपोर्ट के रोग की पहचान कर दवा देने में निपुण थे। समाज के हर वर्ग ने उनकी चिकित्सा सेवा का लाभ उठाया।

एक के बाद एक पारिवारिक आघात

डॉ. शुक्ला के निधन से पूर्व ही उनके जीवन में गंभीर पारिवारिक आघात लगे। पहले पत्नी श्रीमती इंदिरा देवी शुक्ला का निधन हुआ, फिर 27 जनवरी 2025 को उनके इकलौते पुत्र अनेद्र शुक्ला का आकस्मिक निधन हो गया। पुत्रवधू श्रीमती रेनू शुक्ला ने बताया कि पति के निधन के बाद डॉ. शुक्ला अंदर से टूट गए थे। 11 जून को अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें घर पर ही अंतिम समय में दम तोड़ना पड़ा।

अंतिम क्षणों में अकेली थीं पुत्रवधू रेनू

पति और सास के निधन के बाद दो छोटी बच्चियों आरना (6) और अग्रिमा (3) के साथ अकेली रह गईं रेनू शुक्ला ने रोते हुए कहा कि “अब और कितनी परीक्षाएं देनी होंगी”। यह दृश्य वहां उपस्थित नगर पालिका के पूर्व सभासद देवी सिंह एडवोकेट, पत्रकार अरुण भारद्वाज सहित सभी को भावुक कर गया।

समाजसेवा, शिक्षा और राजनीति में सक्रिय भूमिका

डॉ. अनिल शुक्ला छात्र जीवन से ही आरएसएस, भारतीय जनता पार्टी, छात्र संघ और विभिन्न सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय रहे। वे एक अच्छे क्रिकेटर, शतरंज के खिलाड़ी, साहित्य प्रेमी और वक्ता भी थे। उन्होंने श्री ब्राह्मण सेवा समिति के संरक्षक पद पर रहते हुए अनेक जनहित कार्यों में भागीदारी की।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा

डॉ. शुक्ला का जन्म तहसील फरीदपुर, जनपद बरेली के मूल निवासी स्व. सुरेंद्र नाथ शुक्ला (राजस्व विभाग कर्मी) और माता श्रीमती नारायणी देवी के सनातन धर्मी, आर्य समाजी परिवार में हुआ। उन्होंने इंटरमीडिएट बांके बिहारी इंटर कॉलेज से, बीएससी कानपुर विश्वविद्यालय से और बीएएमएस ललित हरी आयुर्वेदिक कॉलेज पीलीभीत से किया। अपने 75 वर्षों के जीवन में उन्होंने सेवा, सादगी, नैतिकता और त्याग के साथ जीवन जिया।

जनपद में शोक की लहर

डॉ. शुक्ला के निधन की खबर फैलते ही पीलीभीत में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, लोकतंत्र सेनानी डॉ. सुधीर मिश्रा, डॉ. राममूर्ति गंगवार, डॉ. सुभाष त्रिवेदी, डॉ. सहदीप अवस्थी समेत अनेक गणमान्य जनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

डॉ. शुक्ला को युगों-युगों तक आदर्श आयुर्वेद चिकित्सा सेवा के लिए याद किया जाएगा। जनपद ने आज एक यशस्वी चिकित्सक, समाजसेवी, साहित्य प्रेमी और मानवता के पुजारी को खो दिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे एवं परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दे।

फरदान और जव्वाद ने नीट परीक्षा में सफलता पाकर किया पीलीभीत का नाम रोशन

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NEET
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लिटिल एंजेल्स स्कूल के जुड़वां भाइयों ने द्वितीय प्रयास में हासिल की बड़ी उपलब्धि, घर और स्कूल में खुशी की लहर

विनय यादव

पीलीभीत: जनपद पीलीभीत (pilibhit) के लिटिल एंजेल्स स्कूल (Little Angels School) से इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2023-24 में उत्तीर्ण छात्र मो. फरदान यासीन खान और मो. जव्वाद यासीन खान ने नीट 2025 परीक्षा (NEET exam) में शानदार सफलता प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। दोनों जुड़वां भाइयों ने अपने द्वितीय प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।

मो. फरदान ने 524 अंक अर्जित कर नीट ऑल इंडिया रैंक 28730 तथा जनरल कैटेगरी रैंक 11310 प्राप्त की, जबकि उनके भाई मो. जव्वाद ने 573 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक 4853 और जनरल कैटेगरी रैंक 2397 हासिल की। परीक्षा परिणाम आने के बाद दोनों के घर और स्कूल में हर्षोल्लास का माहौल छा गया।

दोनों छात्र पीलीभीत नगर निवासी यासीन खान और नसीम जहां के सुपुत्र हैं। उनके पिता यासीन खान ने बताया कि “बचपन से ही दोनों बेटे पढ़ाई में मेहनती रहे हैं। विद्यालय स्तर पर भी उन्होंने अनुशासन और समर्पण के साथ पढ़ाई की, और उसी लगन का यह सुखद परिणाम है। हमें पूर्ण विश्वास है कि दोनों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए प्रवेश अवश्य मिलेगा।”

जब लिटिल एंजेल्स स्कूल में इस उपलब्धि की सूचना पहुँची तो वहां शिक्षकों और छात्रों ने तालियों के साथ खुशी जाहिर की। विद्यालय प्रशासन ने दोनों होनहार विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

डीएम ने मरौरी विकासखंड में किया योग सप्ताह का शुभारंभ

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Yoga
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21 जून को गांधी स्टेडियम में होगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

पीलीभीत: जिले में योग सप्ताह (Yoga week) की शुरुआत आज से प्रातः 6 बजे विकासखंड मरौरी (development block marouri) से की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) ज्ञानेंद्र सिंह ने की। योग सप्ताह 15 जून से 21 जून तक जनपद के सभी ब्लॉकों, तहसीलों एवं ग्राम स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न योगाभ्यास कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

मरौरी ब्लॉक परिसर में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मरौरी, खंड विकास अधिकारी, क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारियों ने मिलकर योगाभ्यास किया। जिलाधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि “योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी प्रदान करता है। हमें नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।”

उन्होंने बताया कि 21 जून 2025 को गांधी स्टेडियम में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिले भर से लोग भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसामान्य को योग के लाभों से जोड़ना और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करना है। आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

कैंची धाम स्थापना दिवस पर श्री बालाजी नीम करोली धाम में भव्य धार्मिक आयोजन

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Neem Karoli Dham
Neem Karoli Dham

भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा पाठ और आरती के साथ भक्तों ने मांगा जनकल्याण का आशीर्वाद

पीलीभीत: श्री बालाजी नीम करोली धाम (Neem Karoli Dham) मंदिर परिसर में कैंची धाम स्थापना दिवस (foundation day) के पावन अवसर पर रविवार को एक दिव्य और भव्य धार्मिक आयोजन (religious event organized) संपन्न हुआ। आयोजन का नेतृत्व मंदिर के महंत सेवक विशाल ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा नीम करोली महाराज के दरबार में भजन-कीर्तन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और आरती में भाग लेकर जनकल्याण की कामना की।

सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में आना शुरू हो गया था। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। भक्तों की भारी भीड़ के बीच बाबा के जयकारों—”जय बाबा नीम करोली महाराज” और “जय हनुमान जी सरकार” से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

भक्तों को संबोधित करते हुए महंत सेवक विशाल ने कहा कि यह आयोजन बाबा के सिद्धांतों और उनके प्रेरणादायी जीवन से जनमानस को जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव महाराज का आशीर्वाद आत्मिक शांति प्रदान करता है और जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाता है।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण भजन-कीर्तन में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर संपूर्ण परिसर में सामूहिक आरती का आयोजन हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति से भाग लिया।

आख़िर में भक्तों को हलवा, चने और लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में रत्नाकर रवि, सौरभ सिंह, लव, अर्जुन, अनिकेत, आकाश, ऋषभ, हर्ष, अंशु, मुकेश कुमार, आशीष लोधी, राजकुमार, बिशन स्वरूप, अमन समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रद्धा, भक्ति और समर्पण से ओतप्रोत यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव बन गया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक मन में बनी रहेंगी।