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Wednesday, March 18, 2026
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लखनऊ के लाल अंतरिक्ष में दिखाएंगे कमाल, शुभांशु शुक्ला रचेंगे इतिहास

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के लाल अब कमाल कर रहे है। लखनऊ की गलियों में खेला, कूदा, पला बढ़ा बच्चा अब बड़ा हो गया और देश का नाम रोशन कर रहा है। लखनऊ के रहने वाले भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Group Captain Shubhanshu Shukla) एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन में भाग लेकर इतिहास रचने वाले हैं। 8 जून 2025 को वह Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा पर निकलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी और कहा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है।

जानकारी के मुताबिक, शुभांशु लखनऊ के त्रिवेणीनगर के रहने वाले हैं और भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। वह आठ जून को अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे। राजधानी लखनऊ के लाल, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ऐतिहासिक एक्सिओम -4 अंतरिक्ष मिशन को आगे बढ़ाएंगे। देश के लिए यह गर्व का समय है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करके शुभांशु को बधाई दी। उन्होंने लिखा- प्रभु श्रीराम की धरती से अंतरिक्ष की ओर! उत्तर प्रदेश के लाल, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ल को ऐतिहासिक #Axiom4 अंतरिक्ष मिशन के लिए चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएं! वह अब इतिहास रचने जा रहे हैं—भारत के सपनों को लेकर अंतरिक्ष की यात्रा पर निकलेंगे। यह हर भारतीय और उत्तर प्रदेश के हर परिवार के लिए गर्व का क्षण है।

शुभांशु शुक्ला भारत के पहले अंतरिक्ष-पर्यटन आधारित मिशन में भाग लेकर नया इतिहास रचने वाले हैं। उनका चयन अमेरिकी निजी अंतरिक्ष एजेंसी एक्सिओम स्पेस के चौथे मिशन के लिए हुआ है। 24 मई से शुभांशु को क्वारंटीन कर दिया गया है और अब वह अंतिम तैयारियों में जुटे हैं। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला ने जानकारी दी कि आठ जून को शुभांशु अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे।

 

https://x.com/myogiadityanath/status/1927741591709430175?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1927741591709430175%7Ctwgr%5E70514db8cc87fb3821991548794fa9940a68145c%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jagran.com%2Futtar-pradesh%2Flucknow-city-lucknow-shubhanshu-shukla-to-create-history-in-axiom-4-space-mission-cm-yogi-congratulate-23949880.html

गर्मी के प्रकोप से बिलबिलाया जनमानस

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तेज धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी, संक्रामक रोग फैलने की आशंका

फर्रुखाबाद। जिले में इन दिनों गर्मी का प्रकोप चरम पर है। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर होते-होते तापमान ने तपिश का कहर और बढ़ा दिया, जिससे आमजन पसीने-पसीने होते रहे। हालात यह रहे कि बाजारों में सन्नाटा छा गया और राहगीर छांव की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए।

गर्मी की वजह से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्कूल, कार्यालय और बाजारों में उपस्थिति में कमी देखी जा रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। दुपहिया वाहन चालकों को जहां गर्म हवा का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पैदल चलने वालों को लू लगने का खतरा बना हुआ है।

तेज गर्मी के साथ-साथ जलभराव और गंदगी की समस्या ने संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा और बढ़ा दिया है। नगर क्षेत्र के कई इलाकों में नियमित सफाई न होने के कारण नालियां बजबजा रही हैं। मच्छरों और दुर्गंध से लोगों का जीना दूभर हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में दस्त, डायरिया, फूड प्वाइजनिंग और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है।

नगर निकायों की लचर सफाई व्यवस्था पर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि जब गर्मी से संक्रामक रोग फैलने की संभावनाएं अधिक होती हैं, तब भी नगर पालिका सफाई और फॉगिंग जैसे जरूरी उपायों में लापरवाही बरत रही है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “गर्मी में तो रोज सफाई और दवा छिड़काव होना चाहिए, लेकिन यहां हफ्तों तक झाड़ू नहीं लगती।”

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से गर्मी से बचने की अपील की है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि धूप में निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करें, अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्का भोजन करें। साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता भी जताई गई है।

लगातार बढ़ते तापमान के चलते लोग अब राहत की आस लगाए बैठे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि तत्काल सफाई व्यवस्था मजबूत करे और स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता दे।

प्रसाद बिक्रेता दंपति के साथ मारपीट कर व्यापार मंडल नेता ने मांगी रंगदारी, पीड़िता एसपी की शरण में

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प्रसाद देने पर ₹50 का फटा नोट थमाया, विरोध करने पर की गई मारपीट

फर्रुखाबाद। मंदिर पर प्रसाद बेचकर जीवन यापन करने वाली महिला और उसके बीमार पति के साथ मारपीट, अभद्रता और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप शहर के एक व्यापार मंडल नेता पर लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।

शिकायत के अनुसार, पीड़िता प्रियंका निवासी नवाब दिलावरजंग मोहल्ला, अपने पति गौरव की बीमारी के चलते मंदिर ‘बड़े बूढ़े हनुमान’ के पास प्रसाद बेचकर परिवार का भरण-पोषण करती है। 24 मई को शाम के समय अंकुर श्रीवास्तव निवासी नाला मछरट्टा, शानू तिवारी निवासी बूरा वाली गली, रोहन कश्यप निवासी नगारची मोहल्ला बीबीगंज, विशाल श्रीवास्तव निवासी मदारबाड़ी व अन्य 3-4 लोग मौके पर पहुंचे और प्रसाद मांगा।

पीड़िता के अनुसार, जब उसे ₹50 का प्रसाद दिया गया, तो आरोपित अंकुर श्रीवास्तव ने बदले में ₹50 का फटा हुआ नोट थमा दिया। जब प्रियंका ने वह नोट बदलने को कहा, तो सभी युवक रंगदारी दिखाने लगे और धमकी देने लगे कि यदि दुकान लगानी है तो हर महीने ₹2000 देने होंगे, अन्यथा गाड़ी नहीं लगने दी जाएगी।

जब पीड़िता के पति गौरव ने विरोध करते हुए प्रसाद के पैसे मांगे और गाली देने से मना किया, तो उक्त युवकों ने गौरव के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता जब अपने पति को बचाने गई तो उसके साथ भी धक्का-मुक्की, मारपीट और अश्लील शब्दों का प्रयोग किया गया। घटना से आहत पीड़िता ने तत्काल थाने जाकर शिकायत की, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने का आरोप लगाया। कहा गया कि “अंकुर व्यापार मंडल का नेता है” कहकर उसे टरका दिया गया।

प्रियंका ने आरोप लगाया कि अंकुर श्रीवास्तव एवं उसके साथी गिरोह बनाकर मंदिर क्षेत्र में वसूली का काम करते हैं। दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से जबरन रुपये वसूले जाते हैं और विरोध करने पर धमकाया और पीटा जाता है।
पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा है और जनसुनवाई के माध्यम से भी प्रकरण को उठाया है। उसने मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

वहीं, पूरे प्रकरण को लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़िता की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना शेष है।

न्यायप्रिय एवं लोकप्रिय शासक थीं रानी अहिल्याबाई होलकर: सत्यपाल सिंह

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रानी अहिल्याबाई होलकर की त्रि-शताब्दी संगोष्ठी को संबोधित करते दुग्ध संघ अध्यक्ष सत्यपाल सिंह

महिलाओं को वितरित किए गए मनरेगा प्रमाण पत्र

फर्रुखाबाद। रानी अहिल्याबाई होलकर त्रि-जन्म शताब्दी स्मृति अभियान के अंतर्गत नवाबगंज विकासखंड में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उनके जीवन, विचारों और शासन प्रणाली पर चर्चा की गई। संगोष्ठी के उपरांत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मनरेगा प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दुग्ध संघ अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने रानी अहिल्याबाई होलकर को भारतीय इतिहास की महान न्यायप्रिय और जनप्रिय शासक बताते हुए कहा कि उन्होंने मालवा जैसे छोटे से राज्य को सुशासन का आदर्श मॉडल बना दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद ऐसे महापुरुषों और महापुरुषियों के इतिहास को सामने लाया जा रहा है जिनके योगदान को पूर्ववर्ती सरकारों ने उपेक्षित किया।
“अहिल्याबाई होलकर ने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया”

सत्यपाल सिंह ने कहा कि एक महिला होते हुए भी रानी अहिल्याबाई ने अपने शासन काल में जो निष्पक्ष और जनकल्याणकारी कार्य किए, वे आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं। उन्होंने मंदिरों, धर्मशालाओं, कुओं और सड़कों का निर्माण करवाया और प्रशासनिक दक्षता का ऐसा परिचय दिया जिसे आज भी आदर्श माना जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कृतसंकल्प है। 33% आरक्षण से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों तक, हर मोर्चे पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। “ऑपरेशन सिंदूर” में भारतीय महिला सैनिकों ने जो अद्भुत शौर्य दिखाया, वह भारत की शक्ति और महिलाओं के योगदान का प्रमाण है।
सत्यपाल सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रानी अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लें और उनके आदर्शों को आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह रानी अहिल्याबाई ने न्याय, धर्म और जनसेवा को प्राथमिकता दी, उसी तरह आज की पीढ़ी को भी राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

महिला मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मीरा सिंह ने भी रखे विचार

मीरा सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना सशक्त भारत की कल्पना अधूरी है। रानी अहिल्याबाई होलकर ने तीन सौ वर्ष पहले जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसकी गूंज आज भी भारत के प्रशासनिक ढांचे में महसूस की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और भारत की सामाजिक संरचना को मजबूती दे रही हैं।

इस अवसर पर नवाबगंज मंडल अध्यक्ष कमल भारद्वाज, एडीओ सुखदेव सिंह, मंडल महामंत्री प्रशांत मिश्रा, मंडल उपाध्यक्ष मुकेश दुबे, योगेंद्र सिंह राठौर, आदेश राठौर सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता, ग्रामीण महिलाएं व अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मनरेगा योजना के तहत प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहूलियत होगी।

30 मई को मनाया जाएगा हिंदी पत्रकारिता दिवस

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– उदंत मार्तंड की स्मृति में मनाया जाता है यह दिन, आयोजनों की तैयारी नहीं

फर्रुखाबाद। हिंदी भाषा और पत्रकारिता के गौरवमयी इतिहास को स्मरण कराने वाला हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई को मनाया जाएगा। यह दिन हिंदी पत्रकारिता की नींव रखने वाले पहले समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ की स्मृति में प्रतिवर्ष मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 30 मई 1826 को कोलकाता से हुई थी।

हालांकि, शुक्रवार को पड़ने वाले इस महत्वपूर्ण दिवस को लेकर अब तक जिले के किसी भी पत्रकार संगठन द्वारा आयोजन या कार्यक्रम की औपचारिक सूचना नहीं दी गई है, जिससे पत्रकारों में मायूसी देखी जा रही है। आमतौर पर इस दिन गोष्ठियों, संगोष्ठियों, सम्मान समारोहों एवं विचार विमर्श के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें हिंदी पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा होती है।

‘उदंत मार्तंड’ के संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता का जनक माना जाता है। यह साप्ताहिक अखबार कोलकाता से प्रकाशित होता था, और यहीं से हिंदी पत्रकारिता का आधुनिक इतिहास आरंभ हुआ। यह दिन केवल एक पत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि भारतीय पत्रकारिता के स्वाभिमान, स्वतंत्रता और संघर्ष का प्रतीक भी है।

स्थानीय पत्रकारों ने अपेक्षा जताई है कि पत्रकार संगठनों को इस दिन को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हिंदी भाषा और पत्रकारिता की गरिमा के प्रतीक दिवस के रूप में मनाना चाहिए। पत्रकारिता जगत की वर्तमान परिस्थितियों, चुनौतियों और क्षेत्रीय पत्रकारों की समस्याओं पर संवाद आवश्यक है।

वर्तमान डिजिटल युग में जब पत्रकारिता की दिशा और दशा पर नए सवाल खड़े हो रहे हैं, तब हिंदी पत्रकारिता दिवस पत्रकारों को आत्ममंथन और एकजुटता का अवसर देता है। स्थानीय पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि जिला स्तर पर कोई आयोजन हो, जिससे हिंदी पत्रकारिता की गरिमा और पत्रकारों का मनोबल दोनों बढ़े।

जहरीले कीड़े के काटने से युवती की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

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चाय पीते समय बिगड़ी तबीयत, लोहिया अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

कमालगंज (फर्रुखाबाद)। थाना क्षेत्र के ग्राम भूढ़ नगला में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। जहरीले कीड़े के काटने से एक 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। मृतका शिल्पी अपने पिता स्व. रामगोपाल की तीसरी संतान थी और नौवीं कक्षा की छात्रा थी।

परिजनों के अनुसार बीती रात शिल्पी को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था। जब उसने यह बात अपनी मां सरोजनी देवी और भाई अर्जुन को बताई तो सभी ने इसे मामूली बात समझकर नजरअंदाज कर दिया और सो गए। सुबह रोज की तरह सभी अपने कार्यों में लग गए। तभी करीब 10 बजे शिल्पी ने चाय पीते समय अचानक तबीयत खराब होने की बात कही। यह सुनते ही परिवार के लोग घबरा गए और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज ले जाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान उसकी हालत और बिगड़ती चली गई, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रास्ते में ही शिल्पी ने दम तोड़ दिया।
शिल्पी की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मां सरोजनी देवी और भाई अर्जुन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में पहले ही पिता की मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में शिल्पी की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
सूचना पर कमालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

गांव में मातम का माहौल, स्कूल के साथी भी पहुंचे अंतिम दर्शन को

घटना के बाद शिल्पी के स्कूल के साथी और शिक्षक भी उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे। सभी की आंखें नम थीं और गांव का माहौल पूरी तरह शोक में डूबा रहा।