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Wednesday, March 18, 2026
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‘न्याय के साथ ही अन्याय हुआ’, महिला जज को गाली देने वाले वकील की सजा कम करने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

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दिल्ली हाईकोर्ट ने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर एक महिला न्यायिक अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए एक वकील को दी गई सजा कम करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जेंडर के आधार पर अपशब्दों के माध्यम से किसी न्यायाधीश को धमकाने या डराने वाला कोई भी कृत्य न्याय पर हमला है।

हाई कोर्ट ने कहा कि यह महज व्यक्तिगत दुर्व्यवहार का मामला नहीं है बल्कि ऐसा मामला है जहां न्याय के साथ ही अन्याय हुआ और जहां कानून की निष्पक्ष आवाज की प्रतीक एक न्यायाधीश अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते समय व्यक्तिगत हमले का निशाना बनी। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत चिंता का विषय है कि कभी-कभी न्यायाधाीश भी लैंगिक दुर्व्यवहार से मुक्त नहीं रह पाते।

वकील की टिप्पणी पर क्या बोला हाईकोर्ट

जस्टिस ने कहा, “जब एक महिला न्यायाधीश को अदालत के एक अधिकारी (जैसे इस मामले में एक वकील) द्वारा व्यक्तिगत अपमान और निरादर का सामना करना पड़ता है तो यह न केवल एक व्यक्तिगत अन्याय को दर्शाता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिलाएं आज भी न्याय व्यवस्था के उच्चतम स्तरों पर भी एक असुरक्षा का सामना करती हैं।

अदालत ने 26 मई के अपने फैसले में आरोपी वकील को पहले ही जेल में बिताई गई पांच महीने की अवधि को सजा के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने निचली अदालत के आदेश में यह संशोधन किया कि सजा एक साथ चलेंगी क्रमानुसार नहीं। निचली अदालत द्वारा अलग-अलग सजा को क्रमानुसार चलाने का जो निर्देश दिया गया था, उससे कुल सजा अवधि दो साल हो जाती। आदेश में संशोधन के बाद, 2015 में चालान मामले में महिला न्यायाधीश के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करने वाले वकील की कुल सजा 18 महीने तक सीमित रहेगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि यह अन्याय किसी अन्य वादी या अज्ञात शिकायतकर्ता पर नहीं था बल्कि यह एक वर्तमान में कार्यरत महिला न्यायिक अधिकारी पर किया गया, वह भी उसकी अपनी अदालत कक्ष के भीतर।अदालत ने कहा कि यह एक ऐसा स्थान है जो सम्मान, व्यवस्था और कानून की गरिमा का प्रतीक होना चाहिए।

क्या है मामला?

अक्टूबर 2015 में एक दोषी वकील ने अपने मुवक्किल के चालान मामले को अगले दिन के लिए टाले जाने से नाराज होकर कड़कड़डूमा कोर्ट रूम में घुसकर महिला जज को गालियां दी थीं। इस घटना के बाद महिला जज ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वकील ने उनका अपमान किया है और एक महिला न्यायिक अधिकारी होने के नाते उनका शील भंग किया है साथ ही अदालत की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। पुलिस ने इस मामले में वकील के खिलाफ IPC की धारा 354 (महिला का शील भंग करना) सहित संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी।

नोएडा के बाद अब लखनऊ में कोरोना ने दी दस्तक, जांच में मरीज निकला पॉजिटिव

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लखनऊ। देशभर में कोरोना वायरस फिर से तेजी से बढ़ना लगा है। राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस ने फिर से दस्तक दे दी है। आशियाना के रहने वाले बुजुर्ग कोविड पॉजिटिव निकला है। बताया जा रहा है कि, बुजुर्ग दूसरे राज्य से यात्रा करके लौटा था। सांस लेने में तकलीफ के कारण बुजुर्ग को पीजीआई में भर्ती कराया गया, जांच में वह कोरोना पॉजिटिव निकला। पहला केस मिलने बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।

आशियाना के रहने वाले बुजुर्ग 60 धार्मिक यात्रा करके उत्तराखंड से वापस लौटे थे। बीती 14 मई को सांस लेने में तकलीफ हुई।

परिजनों ने इलाज के लिए पीजीआई में भर्ती कराया था। इलाज के बाद डिस्चार्ज करने से पहले उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य विभान ने क्लोज कांट्रेक्ट का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।

वहीं लखनऊ में पहला केस आने बाद विभाग अलर्ट हो गया है। जेएन 1 वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने, कोविड जांच बढ़ाने, और अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ का कहना है किसी भी तरह के लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं और सतर्कता बरतें।

भूकंप के झटके से डोली इस राज्य की धरती, जानें कितनी थी तीव्रता?

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earthquake
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इंफाल। मणिपुर में आज दो भूकंप आए, पहला 5.2 तीव्रता का चुराचांदपुर में और दूसरा 2.5 तीव्रता का नोनी जिले में. भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग दहशत में आ गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने बताया कि बुधवार (28 मई) को मणिपुर के चुराचांदपुर में रिक्टर पैमाने पर 5.2 तीव्रता का भूकंप आया।

एनसीएस के अनुसार, भूकंप सुबह 1:54 बजे अक्षांश 24.46 एन और देशांतर 93.70 ई पर आया। जिसकी गहराई 40 किलोमीटर थी। इसके थोड़ी देर बाद ही दूसरी बार मणिपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इस भूकंप के कारण जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है। लेकिन, लगातार दो बार भूकंप आने से मणिपुर में लोग दहशत में आ गए और वे घरों के बाहर निकल आए।

इससे पहले, 8 मई 2025 को रात 10:11 बजे (भारतीय समयानुसार) मणिपुर के चंदेल जिले में 3.6 तीव्रता का एक भूकंप आया था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र 24.19 उत्तरी अक्षांश और 93.96 पूर्वी देशांतर पर था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।

यह भूकंप हल्की तीव्रता का था और इसे स्थानीय क्षेत्रों में महसूस किया गया, लेकिन इससे किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की कोई खबर दर्ज नहीं की गई थी।

UPMRC ने मेट्रो यात्रियों को दिया खास तोहफा, LSG खिलाड़ियों के साथ…

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LSG
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लखनऊ: लखनऊ मेट्रो (Lucknow Metro) के यात्रियों के लिए आज मंगलवार का दिन खास रहा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) की पहल से यात्रियों को आईपीएल टीम लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लाइव अभ्यास सत्र को देखने का शानदार अवसर मिला। यह विशेष कार्यक्रम ‘एलएसजी-रेल’ सेल्फी प्रतियोगिता के तहत आयोजित किया गया।

सेल्फी प्रतियोगिता के पांच विजेताओं को LSG के खिलाड़ियों से बातचीत करने के साथ तस्वीरें लेने का भी मौका मिला। इस दौरान एलएसजी के तेज गेंदबाज अवेश खान ने विजेताओं को टीम की आधिकारिक जर्सी भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं विजेताओं ने यूपीएमआरसी के साथ, टीम को एक्शन में देखने और खिलाड़ियों से सीधा संवाद करने के अवसर के लिए प्रसन्नता व्यक्त की।

बता दें कि 9 अप्रैल, 2025 को ‘एलएसजी-रेल’ सेल्फी प्रतियोगिता शुरू की गई थी जिसमें लोगों को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाड़ियों के आर्ट वर्क से सजी विशेष ‘एलएसजी रेल’ के साथ सेल्फी क्लिक करने के लिए आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को इंस्टाग्राम या फेसबुक पर अपनी एंट्री पोस्ट करने, यूपीएमआरसी के ऑफिसियल अकाउंट्स को टैग करने और हैशटैग #LSGRailSelfie का उपयोग करने के लिए कहा गया था।

 

प्रतियोगिता 24 मई, 2025 को खत्म हुई और अभ्यास सत्र में भाग लेने के लिए पांच भाग्यशाली विजेताओं का चयन किया गया। इस अवसर पर यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने कहा कि इस सत्र ने एक अनूठा अनुभव प्रदान किया जिसने यात्रियों और मेट्रो प्रणाली के बीच संबंध को मजबूत किया।

पवित्र ने मंदिर में की शर्मनाक हरकत, 5 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म

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temple
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आगरा: यूपी में क्या बलात्कार के मामले कम हो गए ? नहीं आज भी प्रदेश में ऐसी घटनाएं सामने आरही है। अब तो हैवानो ने मंदिर (temple) को भी नहीं छोड़ा, आगरा (agra) के जगदीशपुरा (Jagdishpura) इलाके में एक हैवान ने पांच साल की बच्ची के साथ मंदिर में ले जाकर दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची की चीख सुनकर उसकी दादी मौके पर पहुंची तो आरोपी ने बुजुर्ग को धक्का देखकर भाग गया। दादी ने तुरंत शोर मचाया और लोगों ने आरोपी को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। बच्ची ने अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने तत्काल बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई। एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने आरोपी युवक पवित्र उर्फ पम्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया।

जानकरी के मुताबिक, यह मामला बीते 18 मई का है। पांच साल की मासूम बच्ची घर के पास के मंदिर के बाहर खेल रही थी। उस दौरान पड़ोसी युवक पवित्र उर्फ पम्मी उस मासूम बच्ची को बहलाकर मंदिर के अंदर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ बलात्कार किया, जिसकी भयावहता से बच्ची की चीखें सुनकर उसकी दादी तुरंत मंदिर पहुंची। मंदिर के बाहर पहुंचते ही आरोपी दादी को धक्का देकर भाग निकला। इस दौरान बच्ची की हालत खराब हो चुकी थी और उसकी दादी ने शोर मचाया। मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी।

दादी ने बताया कि बच्ची की चीख सुनकर मैं मंदिर में पहुंची, मुझे धक्का दिया और भाग गया। मेरे शोर मचाने पर लोगों ने आरोपी को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बच्ची का मेडिकल कराने पर दुष्कर्म की पुष्टि होने पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने आरोपी युवक पवित्र उर्फ पम्मी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि सोमवार को इस घटना का सीसीटीवी आया तो आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि, परिजन का आरोप है कि पुलिस झूठ बोल रही है। आरोपी घर से कुछ दूरी पर रहता है। एक मेडिकल स्टोर में काम करता है और उसकी मानसिक हालत बिल्कुल ठीक है। पहले ही दिन बच्ची के साथ दुष्कर्म की जानकारी दी थी।

676 कोविड कार्मिकों के समायोजन को मिली हरी झंडी

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Brajesh Pathak
Brajesh Pathak

                   पूर्व में 1834 कर्मचारियों को मिल चुकी है तैनाती, शेष के लिए निर्देश जारी

लखनऊ: कोविड (Covid) महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न जनपदों में कार्यरत रहे 676 संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों (outsourced employees) को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने इन कर्मियों के विभागीय समायोजन को मंजूरी दे दी है। ये वे कर्मचारी हैं जो पहले चरण के समायोजन में छूट गए थे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) ने जानकारी दी कि इन कर्मचारियों का समायोजन स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों में किया जाएगा। इससे पूर्व राज्य में 1834 कर्मचारियों को तैनाती मिल चुकी है।

एक माह में होगा समायोजन

डिप्टी सीएम ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन और कोविड काल के अनुभवों को देखते हुए इन कर्मचारियों की सेवाएं महत्वपूर्ण मानी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन 676 कर्मचारियों का समायोजन जिला स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से अगले एक माह के भीतर कर दिया जाए। डिप्टी सीएम के निर्देश पर चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों, सीएमओ, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्यों और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को पत्र जारी कर दिया गया है।

योग्यता के अनुसार मिलेगा कार्य

पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों की तैनाती उनकी शैक्षिक योग्यता और पूर्व अनुभव के अनुसार की जाएगी। ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स, आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एनएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों, लैब असिस्टेंट, स्टाफ नर्स, ओटी टेक्नीशियन, स्वीपर, वार्ड ब्वॉय, माइक्रोबायोलॉजिस्ट जैसे पदों पर उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी, वह भी उसी मानदेय पर जो उन्हें पूर्व में मिलता था।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी जिले में समायोजन के लिए रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं, तो सीएमओ तुरंत मंडलीय अपर निदेशक को सूचित करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोविड काल के कर्मचारियों की जगह अन्य किसी को नियुक्त किया गया, तो संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए न केवल कार्रवाई की जाएगी, बल्कि वित्तीय अनियमितता मानते हुए वसूली भी की जाएगी। यह निर्णय उन सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो लंबे समय से समायोजन की प्रतीक्षा में थे।