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Tuesday, March 17, 2026
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वीर सावरकर की जयंती पर श्रद्धांजलि संगोष्ठी में गूंजे राष्ट्रभक्ति के स्वर

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  • कायमगंज में कवियों ने काव्यांजलि के माध्यम से किया राष्ट्रनायक को नमन

कायमगंज (फर्रुखाबाद)। क्रांतिकारी विचारक वीर सावरकर की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय प्रगतिशील फोरम द्वारा आयोजित संगोष्ठी में देशभक्ति की भावनाओं से ओतप्रोत काव्यांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का आयोजन कृष्णा प्रेस परिसर, सदवाड़ा में किया गया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य अहिवरन सिंह गौर ने की तथा संचालन शिक्षक नेता जेपी दुबे ने किया।

प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ‘रत्नेश’ ने वीर सावरकर के अद्वितीय संघर्ष और त्याग को याद करते हुए कहा कि “काला पानी जैसी अमानुषिक यातनाएं भी उन्हें राष्ट्र धर्म से डिगा न सकीं।” उन्होंने अपनी कविता में वीरता का चित्रण करते हुए कहा—

“वे महाकाल की आन लिए भिड़ गए क्रूर दुःशासन से,
गोली की दम पर लौट दिए कुख्यात दरिंदे आसन से।
आजादी मिलती नहीं विनय से, मनुहारों से,
धरती हो जाती लाल वरण जब रण होता अंगारों से।”

प्रख्यात गीतकार पवन बाथम ने समकालीन सच्चाइयों पर आधारित देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया—

“पर्दे के पीछे से यह नापाक इरादे साफ हैं,
भूल न जाना यहां पर केवल सौ गाली ही माफ है।
आओ मिलकर गाएं वंदे मातरम… वंदे मातरम।”

हंसा मिश्रा ने एकता का संदेश देते हुए गीत सुनाया—

“मांगता देश बलिदान, बलिदान कर।
जिंदगी वक्फ कर देश की शान पर।
खिल रहा देश में एकता का कमल,
व्यर्थ में अब न हिंदू मुसलमान कर।”

प्रो. कुलदीप आर्य की पंक्तियाँ थीं—

“अमृत पुत्र हम परहित में विषपान किया करते हैं,
भुवन विजय करते जब मन में ठान लिया करते हैं।”

डॉ. सुनीत सिद्धार्थ ने कहा—

“जब-जब भीर पड़ी,
एक साथ भारत की जनता उठकर हुई खड़ी।”

छात्र यशवर्धन ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा—

“सावरकर जैसे वीरों का जो अपमान किया करते हैं,
वे सच में पशु हैं, मानव दिखते हैं, व्यर्थ जिया करते हैं।”

व्यंग्यकार मनीष गौड़ ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल मुनीर पर कटाक्ष करते हुए कहा—

“मियां मुनीर तुम्हारे कारनामे हम नहीं समझे,
अमा तुम आदमी हो या पजामे, हम नहीं समझे।”

प्रधानाचार्य शिवकांत शुक्ला ने राजनीति और सेना पर चेतावनी भरे स्वर में कहा—

“राजनीति करनी है, करो कहीं भी जाकर,
नहीं सियासत करें आप सेना को लेकर।”

वीएस तिवारी ने कहा—

“वीर पुत्र हम असिधारों पर धरकर चरण में मचलते हैं,
तेरे जैसे विषधर के फन हम तो रोज कुचलते हैं।”

कार्यक्रम में मौजूद साहित्यप्रेमियों और गणमान्य नागरिकों ने कवियों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की और वीर सावरकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन ने राष्ट्रप्रेम की भावना को नई ऊर्जा दी और युवाओं में देश के प्रति समर्पण की भावना को प्रबल किया।

खंड विकास कार्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का भव्य स्वागत

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  • सरकारी योजनाओं की समीक्षा के साथ कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार का मंत्र

कमालगंज (फर्रुखाबाद)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कमालगंज आगमन पर खंड विकास कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत, ब्लॉक प्रमुख पति शील चंद्र राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेह चंद्र राजपूत और वरिष्ठ भाजपा नेता विश्वास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने प्रदेश अध्यक्ष को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

प्रदेश अध्यक्ष ने खंड विकास अधिकारी त्रिलोक चंद्र शर्मा से विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय में मौजूद पत्रावलियों का अवलोकन किया और स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भेंट की और संगठन की मजबूती पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सभी वर्गों के हित में योजनाएं संचालित कर रही है और इनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि जनता को यह समझ में आए कि भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति पर कार्य कर रही है।

इस दौरान भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

श्री राधा श्याम शक्ति मंदिर में आध्यात्मिक कवि गोष्ठी में गूंजे स्वच्छता और भक्ति के स्वर

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फर्रुखाबाद। नगर के लोहाई रोड स्थित श्री राधा श्याम शक्ति मंदिर में आयोजित आध्यात्मिक कवि गोष्ठी में देर रात तक भक्ति और सामाजिक जागरूकता के स्वर गूंजते रहे। राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवि डॉ. शिव ओम अंबर की अध्यक्षता और युवा कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री के संचालन में सम्पन्न इस गोष्ठी का शुभारंभ डॉक्टर गरिमा पांडेय की सुमधुर वाणी वंदना से हुआ।

गोष्ठी में शहर के चयनित कवियों ने भक्ति रस में डूबी रचनाओं से ठाकुर श्री राधा श्याम को शब्द सुमन अर्पित किए। गीत, ग़ज़ल और मुक्तकों के माध्यम से कवियों ने श्रद्धालु श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ठाकुर जी के दरबार में जयकारों के बीच बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने श्रद्धापूर्वक माथा टेका।

इस अवसर पर सामाजिक संस्था समर्थ के अध्यक्ष रोहित सफ्फड़ ने मंच से शहर में स्वच्छता अभियान की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए लोगों से इसके लिए जागरूक होने का आह्वान किया।

काव्यपाठ करने वाले प्रमुख रचनाकारों में स्मृति अग्निहोत्री, प्रीति पवन तिवारी, महेश पाल सिंह उपकारी, कवि एवं पत्रकार उपकार मणि “उपकार”, वरिष्ठ गीतकार रामशंकर अवस्थी ‘अबोध’, डॉ. संतोष पांडेय, बृज किशोर सिंह ‘किशोर’, उत्कर्ष अग्निहोत्री और अध्यक्षीय काव्यपाठ में डॉ. शिव ओम अंबर शामिल रहे। सभी ने भक्ति, जीवन मूल्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी प्रभावशाली रचनाएं प्रस्तुत कीं।

मंदिर प्रबंधक सुरेंद्र सफ्फड़ ने सभी आगंतुकों व कवियों के प्रति आभार जताया और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वालों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े प्रवीण कुमार सफ्फड़ ने भी विचार रखे और कवियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में अशोक मिश्रा, हर्षित सिकतिया, अरुण जलान, रोहित गोयल, व्यापारी नेता संजय गर्ग, भारत सिंह, पुरुषोत्तम शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पुलिस हिरासत में महिला की तबीयत बिगड़ी, लोहिया अस्पताल में भर्ती

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फर्रुखाबाद। थाना कादरीगेट क्षेत्र के गांव खानपुर की एक महिला की पुलिस हिरासत में तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने महिला को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति लज्जाराम को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी। इस मामले में पुलिस ने उसे बरामद कर हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि महिला बीते तीन-चार दिनों से भोजन नहीं कर रही थी, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

महिला की बिगड़ती हालत को देख पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल उसे लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला को मेडिकल देखरेख में रखा गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस घटना के बाद महिला की हिरासत को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मुकदमा दर्ज, फिर भी नहीं हुआ निलंबन! अधिकारियों के बढ़ते हौसले

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लखनऊ। हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के तीन अधिकारियों अरुणी कुमार, धीरेज मिश्रा और अवधेश सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(2), 115(2), 352, 351(2) जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक न तो इन्हें निलंबित किया गया है और न ही किसी प्रकार की प्रारंभिक विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार, ये तीनों अधिकारी एक गंभीर मामले में जांच के घेरे में हैं। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोप है कि इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संगठित रूप से धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश को अंजाम दिया। ये धाराएं न केवल सेवा नियमों के विरुद्ध हैं बल्कि सार्वजनिक संस्थानों की साख पर भी सीधा प्रहार करती हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि निलंबन न होने से इन अधिकारियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वे अब पीड़ित पक्ष पर दबाव बना रहे हैं, गवाहों को डराया जा रहा है, और पुलिस जांच को भी प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं।

एचयूआरएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में, जहाँ पारदर्शिता और जवाबदेही की बात की जाती है, वहां ऐसे मामलों में ऊपरी स्तर पर चुप्पी और निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। जब छोटे कर्मचारियों को मामूली गलती पर सस्पेंड कर दिया जाता है, तब ऐसे गंभीर आरोपों के बावजूद बड़े अधिकारियों को संरक्षित किया जाना ‘दोहरी नीति’ का उदाहरण बन चुका है।

फर्रुखाबाद पुलिस की लापरवाही: 14 दिन से गैंगरेप पीड़िता न्याय को तरस रही, न मेडिकल हुआ, न बयान, न गिरफ्तारी

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फर्रुखाबाद। एक ओर सरकार महिला सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जनपद के थाना शमसाबाद क्षेत्र के ग्राम गदनपुर वक्स में गैंगरेप की शिकार एक युवती 14 दिन से न्याय की बाट जोह रही है, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता और संवेदनहीनता ने उसकी पीड़ा को और गहरा कर दिया है। न तो अभी तक मेडिकल परीक्षण कराया गया है, न मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज हुए हैं और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। ग्राम खकुड़ी, थाना कांट, जनपद शाहजहांपुर की रहने वाली युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 11 मई को गदनपुर वक्स गांव के निवासी संदीप ने उसे अपने घर बुलाया। वहां उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया। जब होश आया तो उसने खुद को एक बंद कमरे में पाया, जहां संदीप, राहुल और विशाल ने उसे कैद कर लिया।

पीड़िता के अनुसार, संदीप ने उसे बेल्ट से पीटा और बलात्कार किया। इसके बाद राहुल ने जबरन शादी का दबाव बनाया। आरोप है कि राहुल ने उसे धमकी दी कि वह पैसे देकर उसे खरीद चुका है और अब वह उसी के साथ पत्नी बनकर रहेगी। जब युवती ने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।कई दिन तक बंद कमरे में रहने के बाद एक दिन आरोपियों ने उसे कपड़े दिलाने के बहाने बाहर निकाला। मौका पाकर युवती वहां से भाग निकली और किसी महिला की मदद से थाना मऊदरवाजा पहुंची। पुलिस ने मामले को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपुर्द किया, जिसके बाद टीम ने गांव की पुष्टि की और युवती को स्टॉप सेंटर भेज दिया।

14 मई को थाना शमसाबाद में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन उसके बाद से अब तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया गया है, जो कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराध में सबसे जरूरी प्रक्रिया होती है। न ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज किया गया है।

इस पूरे मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्रा ने स्वीकार किया कि उन्होंने शमसाबाद थानाध्यक्ष को निर्देश दे दिया है, लेकिन वह भी मानते हैं कि अब तक कार्रवाई अधूरी है।सरकारी नियमों के मुताबिक किसी पीड़िता को स्टॉप सेंटर में अधिकतम 10 दिन तक ही रखा जा सकता है, लेकिन यह युवती बीते 14 दिन से वहीं है। इससे भी ज़्यादा गंभीर बात यह है कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद न तो पीड़िता को न्याय की दिशा में कोई ठोस भरोसा मिला और न ही उसकी रिपोर्ट पर अमल हुआ।गैंगरेप जैसा जघन्य अपराध, पीड़िता के बयान और मेडिकल की अनदेखी, ज़ीरो एफआईआर के बावजूद कोई गिरफ्तारी नहीं, ये सब दर्शाता है कि फर्रुखाबाद पुलिस संवेदनहीनता और लापरवाही की मिसाल बन चुकी है।

दो सप्ताह बीत जाने का बाद मेडिकल रिपोर्ट मे क्या ही निकलेगा यह भी अपने आप मे बड़ा सवाल है। सबसे अहम बात यह कि इस प्रदेश में पीड़ितों को न्याय सिर्फ फाइलों और वादों में ही मिलेगा? अब सवाल ये है कि क्या 14 दिन तक गैंगरेप पीड़िता को न्याय से वंचित रखने वालों पर कोई कार्रवाई होगी? क्या फर्रुखाबाद पुलिस को जवाबदेह बनाया जाएगा?