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Wednesday, March 18, 2026
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13 वर्षीय किशोरी का शव तीसरे दिन भूसे में दबा मिला, गांव में सनसनी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया

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Amritpur
Amritpur

                     अमृतपुर क्षेत्र की घटना, दीवार पर मिले खून के निशान, कई लोग हिरासत में

 

अमृतपुर/फर्रुखाबाद: थाना अमृतपुर (Police Station Amritpur) क्षेत्र के एक गांव में सोमवार से लापता चल रही 13 वर्षीय किशोरी का शव तीसरे दिन बुधवार को गांव के ही एक बाड़े में भूसे के ढेर में दबा मिला। किशोरी के शव की बरामदगी के बाद गांव में सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच तेज कर दी है।

घटना थाना अमृतपुर क्षेत्र के एक गांव की है, जहां सोमवार सुबह करीब 8 बजे 13 वर्षीय किशोरी घर से दाल लेने परचूनी की दुकान पर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर खोजबीन शुरू की। ड्रोन से गांव के आसपास के इलाकों की तलाशी ली गई, पड़ोसी जिले से डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला।

बुधवार को अचानक पुलिस को सूचना मिली कि गांव के ही शिवशरण के भैंसों के बाड़े में भूसे के नीचे एक शव दबा हुआ है। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार, क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा, थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और SOG मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकाला गया, जिसे मृतका की मां और भाई ने पहचान लिया।

किशोरी का शव जिस बाड़े से मिला, उसके पास ही शिवशरण के भाई रामशरण का घर है। दीवार पर खून जैसे निशान मिले हैं, जिसे देखकर संदेह और गहरा गया है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाते हुए सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। शव की शिनाख्त होते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप व भाई का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की निर्दयता से हत्या की गई है और शव को छिपाने के उद्देश्य से भूसे में दबा दिया गया। किशोरी के पिता ने बताया कि उनकी किसी से रंजिश नहीं थी। वह मजदूरी और खेती से परिवार चलाते हैं। मृतका अपने पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी।

अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि 26 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। अब शव एक घर के बाड़े में मिला है। परिजनों द्वारा दो लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी गई है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही मृतका के मामा व गांव के अन्य कुछ युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा, वहीं फॉरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।

मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ याचिका की सुनवाई में बड़ा हंगामा, कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर और अधिवक्ता पर कोर्ट परिसर में जानलेवा हमला

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Suresh Khanna
Suresh Khanna

                            – कोर्ट की गरिमा तार-तार, न्यायपालिका की सुरक्षा पर सवाल –

लखनऊ: वृंदावन (Vrindavan) स्थित एक प्रतिष्ठित आश्रम पर अवैध कब्जे, भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (Minister Suresh Khanna) के खिलाफ दायर याचिका की एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) में सुनवाई के दौरान बुधवार को जबरदस्त हंगामा हो गया। कथावाचक और याचिकाकर्ता कौशल किशोर ठाकुर और उनके अधिवक्ता पर कोर्ट परिसर में ही जानलेवा हमला कर दिया गया। इस घटना ने न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि वृंदावन के एक प्रतिष्ठित आश्रम पर अवैध कब्जे का मामला न केवल भूमाफियाओं से जुड़ा है, बल्कि इसमें भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और कुछ प्रभावशाली नेताओं की भूमिका भी संदिग्ध है। ठाकुर का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की भूमिका पर भी सवाल हैं, जिसको लेकर उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की थी।

बुधवार को जब इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में शुरू हुई, तब सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रीना सिंह विशेष रूप से दिल्ली से पेशी के लिए पहुंचीं। लेकिन सुनवाई के दौरान ही मंत्री के पक्ष में खड़े एक शासकीय अधिवक्ता (एपीओ) ने कथित तौर पर बहस को भटकाने और दबाव बनाने की कोशिश की। याचिकाकर्ता पक्ष का आरोप है कि शासकीय अधिवक्ता ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और फिर अपने साथ लाए दर्जनों गुंडों को इशारा कर कोर्ट परिसर में हमला करवा दिया।

कौशल किशोर ठाकुर ने बताया कि जैसे ही वे कोर्ट परिसर से बाहर निकले, उन पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने ना सिर्फ शारीरिक हमला किया, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। याचिकाकर्ता ने थाना सदर पुलिस को इस घटना की लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने मंत्री खन्ना के समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कौशल ठाकुर ने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले भी उन्हें मंत्री खन्ना के कथित गुर्गों से जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इसकी भी उन्होंने प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा – “अगर कोर्ट परिसर में ही याचिकाकर्ता और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती, तो फिर आम जनता कैसे न्याय की उम्मीद कर सकती है?”

सवाल उठ रहे हैं…आखिर कोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर यह हमला कैसे हुआ?
क्या मंत्री के प्रभाव में आकर न्याय प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो रही है?
पुलिस और प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे या फिर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा?

थाना सदर के प्रभारी ने पुष्टि की है कि उन्हें लिखित तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महिला अर्धनग्न अवस्था में पहुंची थाने, परिजनों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप, चार पर FIR दर्ज

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                     आज़ाद नगर में घरेलू हिंसा का मामला, पुलिस ने जेठ को लिया हिरासत में

कमालगंज: थाना क्षेत्र के मोहल्ला आज़ाद नगर (Azad Nagar) में एक महिला (woman) ने परिजनों पर मारपीट, दुर्व्यवहार और गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। पीड़िता पूजा पालीवाल पत्नी राहुल पालीवाल मंगलवार सुबह लगभग 9:30 बजे अर्धनग्न अवस्था में थाने पहुंची, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल महिला को अंगौछा देकर शरीर ढका गया और उसकी तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

पूजा पालीवाल ने बताया कि जब उनके पति सुबह घर से बाहर गए थे, तभी उनकी ननद मानसी पालीवाल ने घर का दरवाजा तोड़कर उन्हें जबरन अंदर खींचा। इस दौरान उनके बाल खींचे गए और कपड़े फाड़ दिए गए। महिला के अनुसार, जेठ आशीष पालीवाल ने अपनी पत्नी से कहा कि “इसको जान से मार दो, मैं तेरे साथ हूं।” जब पीड़िता डरकर भागी तो आशीष ने उसका रास्ता रोकते हुए सीना पकड़ लिया और धमकी दी कि थाने मत जाओ, यहीं मार डालो।

पीड़िता के अनुसार, उन्होंने किसी तरह खुद को छुड़ाकर थाने पहुंचने में सफलता पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहन पालीवाल और अंकित पालीवाल भी लगातार जेठ आशीष का साथ देते हैं और हर विवाद में उसके साथ खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं, पूजा ने आरोप लगाया कि आशीष रोज रात शराब के नशे में गंदी-गंदी बातें करता है और घर में अशांति फैलाता है।

थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर चार नामजद आरोपियों – आशीष पालीवाल, मानसी पालीवाल, रोहन पालीवाल और अंकित पालीवाल – के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी आशीष को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा बनी हुई है।

छेड़खानी पर सरकार की सख्ती, ओला-उबर चालकों के लिए नया नियम लागू

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सभी जिलों में ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी और ओला-उबर (Ola-Uber drivers) जैसी कैब सेवाओं को चलाने वाले अब सावधान हो जाए। योगी सरकार (yogi government) और महिला आयोग (Women Commission) ने अब राज्य की महिलाओ पर बढ़ते अपराध को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब हर ड्राइवर को अपनी गाड़ी में स्पष्ट रूप से अपना नाम और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा। जब तक यह जानकारी गाड़ी में नहीं लिखी होगी, ड्राइवर को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खासकर महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। यह व्यवस्था जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।

यूपी महिला आयोग बबिता सिंह चौहान ने इस संबंध में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को पत्र लिखकर सख्ती से नियम लागू करने की मांग की थी। पत्र में कहा है कि कई बार महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या असुरक्षा की घटनाएं सामने आती हैं, जब वे अकेले यात्रा कर रही होती हैं। किसी भी मामले में वाहन और ड्राइवर की पहचान कर पाना मुश्किल होता है इसलिए हर ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी, टेम्पो और निजी कैब पर ड्राइवर का नाम और मोबाइल नंबर लिखा हो, तो शिकायत दर्ज कराना आसान होगा और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।

सरकार और महिला आयोग का मानना है कि ड्राइवरों की पहचान सार्वजनिक करने से अपराध पर लगाम लगेगी और महिलाएं खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। यह नियम महिलाओं के लिए यात्रा को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। यह फैसला प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

ग्रेटर नोएडा में दो पानी के प्लांट सील, सभी बोतले जब्त

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Greater Noida
Greater Noida

ग्रेटर नोएडा: मार्किट में आज कल पीने की पानी की बोतल की पैकेजिंग किसी नामी कंपनी के नाम और डिजाइन की कॉपी करके बेचते दिखाई देते है। अब ऐसा करने वालो को सावधान होना पड़ेगा क्योंकि गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कासना इंडस्ट्रियल एरिया, साइट-5 में नकली बोतलबंद पानी बनाने वाले दो प्लांटों का भंडाफोड़ किया गया है। एक प्लांट में ‘बिल्सेरी’ नाम की 6252 बोतलें सीज की गईं। दूसरे प्लांट में ‘ब्लेसरी’ नाम की 6856 बोतलें जब्त की गईं। इन बोतलों की पैकेजिंग ‘बिसलेरी’ जैसी थी। दोनों प्लांट बिना लाइसेंस के ब्रांडेड पानी जैसा दिखने वाला नकली पानी पैक कर बाजार में सप्लाई कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा के कासना इंडस्ट्रियल एरिया में बिसलेरी पानी के नाम की नकल करके पानी बनाने वाले दो प्लांटों पर कार्रवाई की है। दोनों प्लांट बिना लाइसेंस के ब्रांडेड पानी जैसा दिखने वाला नकली पानी पैक कर बाजार में सप्लाई कर रहे थे।

पहला प्लांट

K-300, साइट-5, कासना में पहला प्लांट गुप्ता इंटरप्राइजेज पकड़ा गया, यहां बिसलेरी नाम की कॉपी करके उसके नकल में बिलसेरी नाम से 1 लीटर बोतलों में पानी की पैकिंग हो रही थी। कार्रवाई में मौके से 6252 बोतलें बरामद हुई और प्लांट को सील कर दिया गया।

दूसरा प्लांट

A-2/88, साइट-5, कासना में दूसरे प्लांट पैरामेट्रो वॉसर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से मिला, यहां पर भी बिसलेरी की कॉपी करके दूसरे नाम से ब्लेसरी नाम से पानी पैक हो रहा था, वहां से 6856 बोतलें जब्त कर कार्रवाई की गई है।

सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि पर दोनों प्लांट पर छापेमारी की गई और वहां से कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले है। ये दोनों प्लांट अवैध रूप से चल रहे थे। इन दोनों प्लांट पर छापेमारी करके कुल 13,108 बोतलें बरामद हुईं, जिनमें से 13,076 बोतलों को सील कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इन बोतलों की पैकेजिंग ‘बिसलेरी’ जैसी थी।

ऐशबाग स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, इंजन पटरी से उतरा

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Aishbagh
Aishbagh

लखनऊ: लखनऊ (Lucknow) में आज बुधवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां के ऐशबाग रेलवे स्‍टेशन (Aishbagh Railway Station) पर ट्रेन का इंजन पटरी (engine derailed) से उतरा गया। इस दौरान OHE खंभा टूटा साथ ही स्टॉपर भी उड़ गया। इस कारण इस रुट पर छपरा-मथुरा एक्सप्रेस ढाई घंटे तक गोमती नगर में अटकी रही और जिसके बाद यार्ड रूट बहाल हुआ।

जानकारी के मुताबिक, ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर बुधवार को बड़ा हादसा होने से टला। छपरा-मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन का लाइट इंजन दोपहर 2:03 बजे यार्ड में शंटिंग के दौरान पटरी से उतर गया। इंजन की गति तेज होने की वजह से वह स्टॉपर को तोड़ते हुए ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) खंभे से टकराया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।।