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Wednesday, March 18, 2026
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गेहूं की तरह बोएं धान, कम होगी लागत, उपज भी होगी बराबर

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लखनऊ। किसानों की आय बढ़ाना डबल इंजन (मोदी एवं योगी) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे बढ़ाने का सबसे प्रभावी जरिया है, कम लागत में अधिक उपज। केंद्र सरकार ने इसी मकसद से “विकसित कृषि संकल्प अभियान” शुरू कर रही है। उम्मीद है कि इस देश व्यापी अभियान का लाभ खरीफ के मौजूदा सीजन में ही मिलेगा। योगी सरकार भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए जी जान से जुट गई है।

उल्लेखनीय है कि खरीफ की मुख्य फसल धान है। नर्सरी में तैयार पौधों को कुशलता से निकालना, इनकी रोपाई के लिए खेत की तैयारी, फसल संरक्षा के उपायों से लेकर फसल की कटाई और मड़ाई तक का काम काफी श्रमसाध्य है। स्वाभाविक है इस सबमें अच्छी खासी लागत आती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि धान की फसल भी गेहूं की तरह सीधे लाइन से बोआई कर नर्सरी से लेकर पलेवा तक का खर्च बचाया जा सकता है। जीरो सीड ड्रिल, हैप्पी सीडर से बोआई आसान भी है। यही नहीं इसके जरिए बोआई के दौरान खाद और बीज एक साथ गिरने से पौधों को खाद की उपलब्धता भी बढ़ जाती है। फसल के लाइन से उगने के कारण फसल संरक्षा के उपाय में भी आसानी होती है। यही वजह है कि योगी सरकार लाइन सोइंग के लाभों से किसानों को लगातार जागरूक कर रही है। सरकार का तो यहां तक भी प्रयास है कि जिस फसल के लाइन सोइंग उपयुक्त है उनको किसान लाइन से बोएं। जिनको बेड बनाकर बोना है उनको बेड बनाकर बोएं। इनमें उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों पर सरकार 50% तक अनुदान भी देती है।

सीधी बोआई से प्रति हेक्टेयर 12500 रुपए घट जाती है लागत

गोरखपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बेलीपार के प्रभारी डॉ. एस के तोमर और मनोज कुमार के मुताबिक, इस विधा से बोआई करने पर उपज में कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रति हेक्टेयर लागत करीब 12500 रुपये घट जाती है। किसान अगर तकनीक का सही तरीके से प्रयोग करना सीख लें तो परंपरागत विधा की तुलना में अधिक उत्पादन भी संभव है।

बोआई से पहले खेत की तैयारी जरूरी

बोआई के पहले खेत की लेवलिंग जरूरी है। यह लेवलिंग अगर लेजर लेवलर से हो तो और बेहतर। समतल खेत में बीज की बोआई समान रूप से होती है। सिंचाई के दौरान पानी कम लगता है। इससे सिंचाई की भी लागत घटती है। जून का तीसरा हफ्ता बोआई का सबसे उचित समय होता है यानि धान की सीधी बोआई का सबसे उचित समय 10-20 जून के बीच होता है। बाढ़ वाले क्षेत्रों में पहले बोआई कर लें ताकि बाढ़ आने तक पौधों की जड़ें मजबूत हो जाएं और फसल को न्यूनतम क्षति हो। बेहतर जर्मिनेशन (अंकुरण) के लिए बोआई के समय खेत में पर्याप्त नमी जरूरी है।

बीज और खाद की मात्रा का अनुपात है महत्वपूर्ण

मध्यम और मोटे दाने वाले धान में 35 किग्रा तथा महीन धान में 25 किग्रा, संकर प्रजातियों के लिए 8 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से बीज लगता है। अधिक उपज देने वाली प्रजातियों के लिए एनपीके (नाइट्रोजन,फास्फोरस एवं पोटाश) का अनुपात प्रति हेक्टेयर 150: 60: 60 किग्रा की जरूरत होती है। इसमें से बोआई के समय 130 किग्रा. डीएपी का प्रयोग करें। खाद की बाकी मात्रा को दो या तीन हिस्सों में बांटकर हर सिंचाई के ठीक पहले या बाद में प्रयोग करें। भूमि-जनित एवं बीज जनित रोगों से बचाव के लिए प्रति किग्रा बीज को 3 ग्राम कार्बेडाजिम से उपचारित कर सकते हैं। बोआई के समय सबसे जरूरी चीज है गहराई के लिए मशीन की सेटिंग। गहराई का मानक 2 से 3 सेंटीमीटर है। अधिक गहराई पर बीज गिराने से जमाव प्रभावित होता है।

खरपतवार के नियंत्रण का रखे खास ध्यान

धान बारिश की फसल है। इस सीजन में खरपतवारों का बहुत प्रकोप होता है। इनका समय से सही और प्रभावी नियंत्रण न होने से फसल को बहुत क्षति होती है। इसके लिए बोआई के 24 घंटे बाद जब खेत में नमी रहे तभी पैडी मिथेलीन 30 ईसी की 3.3 लीटर मात्रा को 600 लीटर पानी में घोलकर शाम को छिड़काव करें। जमाव के बाद, विस्पैरी बैक सोडियम (नोमिनीगोल्ड) या एडोरा की 100 मिली मात्रा प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में घोलकर बुवाई के 25 दिन बाद छिड़काव करने से चौड़ी पत्ती वाले और घास कुल के अधिकत्तर खरपतवार नियंत्रित हो जाते हैं। मोथा के नियंत्रण के लिए इथोक्सी सल्फ्यूरान (सनराइस) 50-60 ग्राम सक्रिय तत्व को पानी में घोलकर बोआई के 25 दिन बाद छिड़काव कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौधरी चरण सिंह को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने विधानभवन परिसर के समक्ष किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

चौधरी साहब ने शासन की शुचिता के लिए कई कदम उठाये, उसकी गूंज पूरे समाज में सुनायी देती है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि पूरा देश चौधरी साहब काे भूमि सुधार, हदबंदी कानून को लागू करने, ग्रामीण विकास और अन्नदाता किसानों के मसीहा के रूप में याद करता है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि चौधरी साहब का सानिध्य उत्तर प्रदेश वासियों को एक लंबे समय तक प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश में भूमि सुधार, ग्रामीण विकास संबंधित शासन की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर अनेक कदम उठाए, जिसकी गूंज आज भी हमारे गांव में किसानों से लेकर समाज के प्रत्येक तबके में सुनने को मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, गृह और वित्त मंत्रालय के दायित्व को भी बखूबी निभाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 11 वर्षों से चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास और अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। सीएम योगी ने अंत में कहा कि चौधरी साहब की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह मौजूद रहे।

सीएम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी पूर्व प्रधानमंत्री को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ट्वीट पर लिखा कि देश की समृद्धि का रास्ता गांव के खेत एवं खलिहानों से होकर जाता है। चौधरी चरण सिंह समृद्ध गांव और सशक्त किसान के लिए आजीवन समर्पित रहे। उन्होंने उन्हे वंचितों के उत्थान, किसानों के कल्याण और ग्रामीण भारत की प्रगति के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करते रहे। डबल इंजन की सरकार उनके दिखाये मार्ग पर सतत आगे बढ़ रही है।

प्रदेश के युवा उद्यमिओं को सशक्त बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम

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लखनऊ: लखनऊ (Lucknow) में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (Chief Minister Youth Entrepreneur Development Campaign) के अंतर्गत इन्दिरा गाँधी प्रतिष्ठान में ऋण वितरण समारोह (Loan disbursement ceremony) का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर सुरेश खन्ना, वित्त मंत्री तथा अशोक चंद्र, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पंजाब नेशनल बैंक(PNB), विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उनके साथ अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री मुख्य सचिव एवं आलोक कुमार जी, प्रमुख सचिव – MSME, निर्यात प्रोत्साहन एवं औद्योगिक विकास विभाग, की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और भी बढ़ाया। कार्यक्रम में सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा राज्य के प्रतिभावान एवं महत्वाकांक्षी युवा उद्यमियों को ऋण वितरित किया गया, साथ ही उन्हें उनके उद्यमशीलता सफर के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और उत्साह प्रदान किया गया। यह आयोजन न केवल युवाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की नींव है, बल्कि उत्तर प्रदेश को उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल भी है।

कार्यक्रम में सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा राज्य के प्रतिभावान एवं महत्वाकांक्षी युवा उद्यमियों को ऋण वितरित किया गया, साथ ही उन्हें उनके उद्यमशीलता सफर के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन और उत्साह प्रदान किया गया। यह आयोजन न केवल युवाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की नींव है, बल्कि उत्तर प्रदेश को उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल भी है।

30 मई तक जनपद में स्वच्छता का विशेष अभियान चलाए: सीएम योगी

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CM Yogi
CM Yogi

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने आज जनपद कानपुर नगर में आगामी 30 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के प्रस्तावित भ्रमण के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके उपरान्त उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के दृष्टिगत चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

सीएम योगी ने अधिकारियों को पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि कहीं भी जाम न लगने पाए। लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए पार्किंग स्थलों पर बेतरतीब वाहन खड़े न हों। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय इत्यादि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं।

सीएम योगी ने आगामी 30 मई तक जनपद में स्वच्छता का विशेष अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़के साफ-सुथरी हों, कहीं भी गन्दगी न हो। सभी अधिकारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर रहकर जिम्मेदारी से अपने कार्याेें का निर्वहन करें। इस अभियान से जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। 30 मई को लोग राष्ट्रीयता के भाव के साथ तिरंगा यात्रा निकालते हुए भारत के शौर्य एवं पराक्रम का गुणगान करते हुए जनसभा स्थल पर पहुंचे। इस कार्य में भी जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत सुरक्षा प्रबन्धों की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी तथा पुलिस आयुक्त द्वारा विभिन्न तैयारियों के सम्बन्ध मंे मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने मेट्रो के अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि श्रमिकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, स्कूल के मेधावी छात्र-छात्राओं, पार्षदों व अन्य सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के लोगों को विशिष्ट अवसरों पर इवेन्ट के रूप में मेट्रो की निःशुल्क यात्रा करवाएं।

इससे लोगों को यह जानकारी होगी कि मेट्रो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे अच्छा साधन है। इस सम्बन्ध मंे लोगों को जागरूक किया जाए। बैठक में सांसद देवेन्द्र सिंह ‘भोले’, महापौर प्रमिला पाण्डेय, विधायक नीलिमा कटियार, सुरेन्द्र मैथानी, राहुल बच्चा सोनकर एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यूपी की बेटियों ने जीता सिल्वर मेडल

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Championship
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नई दिल्ली: एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championship) में भारतीय महिलाओं का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। चैंपियनशिप (Championship) के दूसरे दिन बुधवार को बेटियों ने मेडल देश की झोली में डाली है। भारत (India) की दो बेटियों ने खेल में अपना दम दिखाते हुए देश को सिल्वर मेडल दिलाया। पूजा 1500 मीटर में और रूपल चौधरी ने 400 मीटर देश के लिए ये पदक जीते है।

रिपब्लिक ऑफ कोरिया के गुमी में भारत की धाविका और “मेरठ एक्सप्रेस” रूपल चौधरी ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में 52.68 सेकंड का समय लेकर दूसरा स्थान हासिल किया और रजत पदक जीता। अब वह 4×400 मीटर रिले में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। आपको बता दें कि, रूपल ने 2022 में विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रच दिया था।

महिलाओं की 1500 मीटर स्पर्धा में पूजा ने चार मिनट 10.83 सेकेंड के समय के साथ भारत को दूसरा रजत पदक दिलाया है। भारत की ही लिली दास चार मिनट 13.81 सेकेंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए पदक से चूक गईं। जापान की तोमाका किमुरा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार मिनट 11.56 सेकेंड के समय से कांस्य पदक अपने नाम किया।

घास काटने गए वृद्ध पर जंगली सूअर का हमला, मौके पर ही मौत

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                             मुड़गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद: थाना क्षेत्र के गांव मुड़गांव में मंगलवार को उस वक्त कोहराम मच गया जब घास काटने खेत गए एक वृद्ध पर जंगली सूअर (wild boar) ने हमला कर दिया। 68 वर्षीय वृद्ध जगन्नाथ उर्फ जगने की इस हमले में मौके पर ही मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिजनों के अनुसार, जगन्नाथ दोपहर करीब 3 बजे गांव से 500 मीटर दूर मक्के के खेत में घास काटने के लिए गए थे। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने आसपास के खेतों में उनकी तलाश शुरू की। गांव के एक किशोर ने रात लगभग 8 बजे खेत की मेड़ पर जगन्नाथ को खून से लथपथ पड़ा देखा और शोर मचाया। आवाज सुनकर पहुंचे परिजन जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि वृद्ध की जान जा चुकी थी।

बताया जा रहा है कि खेत में घास काटते समय अचानक जंगली सूअर ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी वहीं मौत हो गई। सूचना मिलने पर पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक के छह पुत्र और दो पुत्रियां हैं, सभी की शादी हो चुकी है। पत्नी विटोली देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर लिखे जाने तक पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली जानवरों की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।