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Tuesday, January 13, 2026
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एक ही थाने के इंस्पेक्टर सहित 25 जवान को SP ने किया लाइन हाजिर, जानें इस बड़ी कार्रवाई की वजह

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30 policemen line hajir
30 policemen line hajir

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एसपी चक्रेश मिश्रा (SP Chakresh Mishra) ने एक बड़ा एक्शन लिया। यहां एसपी ने कमलापुर थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर तीन दरोगा और 22 सिपाहियों को एक साथ लाइन हाजिर (Line Hajir) कर दिया। पुलिस की दो टीमें आपस में टकरा गई थीं जिसके बाद मौके पर खुद एसपी को पहुंचना पड़ा। जब फिर भी मामला सुलझा नहीं तो एसपी चक्रेश मिश्रा को यह बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।

पुलिस की एक टीम ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ा था। जानकारी के मुताबिक, यह मादक पदार्थ किसी गैर प्रदेश या गैर जिले का था और सीतापुर पुलिस इसका गुडवर्क करना चाहती थी। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने कमलापुर पुलिस (Kamlapur Police) पर इस गुड वर्क का मुकदमा लिखने को कहा, लेकिन कमलापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया।

पुलिस की एक टीम लगातार दबाव बना रही थी। कमलापुर पुलिस ने मुकदमा लिखने से मना कर दिया जिसके बाद पुलिस की दोनों टीमों में काफी टकराव हो गया। इस टकराव के बाद सीतापुर पुलिस के मुखिया एसपी चक्रेश मिश्रा (SP Chakresh Mishra) खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले की जांच पड़ताल शुरू की। लेकिन उनके खुद बीच में आने के बाद भी जब कोई बात नहीं बनी तो एसपी चक्रेश मिश्रा ने सबसे पहले इंस्पेक्टर कमलापुर चौकी इंचार्ज, मास्टर बाग कस्बा इंचार्ज और हेड मोहर्रिर को लाइन हाजिर (Line Hajir) कर दिया। इसके बाद देर शाम एसपी ने एक दरोगा सहित 21 अन्य पुलिसकर्मियो को भी लाइन हाजिर (Line Hajir) कर दिया।

सीतापुर पुलिस महकमे में हड़कंप

पुलिस की दो टीमें आपस में टकरा गईं। देर रात एसपी मिश्रा खुद कमलापुर थाने पहुंचे और उन्होंने मामले को हल करना चाहा लेकिन जब बात ना बन पाई तो एसपी ने यह बड़ी कार्रवाई कर दी। एक ही थाने में इतनी बड़ी कार्रवाई होने से सीतापुर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

फिलहाल पुलिस इस मामले में कुछ भी जानकारी देने को तैयार नहीं है लेकिन एक बड़े पदाधिकारी के इतना बड़ा एक्शन लेने से हर तरफ पुलिस के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाती है।

सावन में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त

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Pradosh Vrat
Pradosh Vrat

सावन (Sawan) का महीना भगवान शिव को अतिप्रिय माना गया है। हर माह की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) किया जाता है जो कि भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में सावन प्रदोष व्रत पर भोलेनाथ की आराधना करने से भक्त को सभी महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलती है। सावन का प्रदोष व्रत बेहद ही शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सावन के प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) पर शिवजी का जलाभिषेक करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। सावन के महीने में पड़ने वाले प्रदोष व्रत पर शुभ योग बन रहे हैं जिसमें आप भगवान शिव की पूजा करके दोगुना फल प्राप्त कर सकते हैं।

सावन (Sawan) का पहला प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat)

सावन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 1 अगस्त 2024 को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से शुरू हो रही है। वहीं, इस तिथि का समापन 2 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर होगा। ऐसे में सावन का पहला प्रदोष व्रत 1 अगस्त, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) कहा जाएगा।

सावन कृष्ण प्रदोष व्रत पूजा (Pradosh Vrat) का शुभ मुहूर्त – 2 अगस्त की शाम 07 बजकर 12 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

सावन कृष्ण प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) शुभ योग

नक्षत्र – सावन के पहले प्रदोष व्रत पर 2 अगस्त सुबह 10 बजकर 24 मिनट तक मृगशिरा नक्षत्र रहने वाला है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा, इस दिन आर्द्रा नक्षत्र का भी योग बन रहा है।

हर्षण योग- सावन कृष्ण प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) पर हर्षण योग 2 अगस्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस योग को कई शुभ कार्यों के लिए सही माना जाता है।

शिव वास योग – सावन के पहले यानी कृष्ण प्रदोष व्रत पर 2 अगस्त दोपहर 03 बजकर 28 मिनट तक शिव वास योग रहेगा। इस समय शुभ माना जाता है, क्योंकि इस समय भगवान शिव नंदी पर सवार होते हैं, इसलिए इसे रुद्राभिषेक करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

अभिजित मुहूर्त – 2 अगस्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

सावन शुक्ल प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat)

सावन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 17 अगस्त को सुबह 8:05 मिनट से शुरू हो रही है। वहीं, इस तिथि का समापन 18 अगस्त को सुबह 05:51 मिनट पर होगा। ऐसे में सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 17 अगस्त, शनिवार के दिन रखा जाएगा। यह व्रत शनिवार के दिन रखा जाएगा, इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा।

सावन शुक्ल प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) की पूजा का शुभ मुहूर्त – 17 अगस्त शाम 06 बजकर 58 मिनट से लेकर 09 बजकर 09 मिनट तक।

सावन शुक्ल प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) शुभ योग

प्रीति योग – सावन के दूसरे प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) पर प्रीति योग सुबह 10:48 मिनट तक रहेगा। वहीं आयुष्मान योग 18 अगस्त सुबह 07:51 मिनट तक रहने वाला है।

शिव वास योग – शिव वास के दौरान भगवान शिव कैलाश पर्वत पर होते हैं। इस समय रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है। वहीं, जब शिव जी नंदी पर होते हैं, तो उस समय में रुद्राभिषेक करने से हर कार्य में सफलता मिलती है। ऐसे में सावन के शुक्ल प्रदोष व्रत पर भगवान शिव कैलाश पर 17 अगस्त सुबह 08:05 मिनट तक रहने वाले हैं। वहीं,नंदी पर 18 अगस्त सुबह 05:51 तक रहेंगे।

अभिजित मुहूर्त – 17 अगस्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से लेकर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

DRDO करेगा सबसे घातक मिसाइल का परीक्षण, 10 हजार से अधिक लोगों को किया शिफ्ट

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Missile Testing
Missile Testing

बालासोर। ओडिशा के बालासोर जिला प्रशासन ने 10 गांवों के करीब 20 हजार लोगों को अस्थाई तौर पर शिफ्ट किया है। बता दें कि इन लोगों को DRDO द्वारा बुधवार को किए जा रहे मिसाइल परीक्षण (Missile Testing)  के मद्देनजर शिफ्ट किया गया है।

डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, ये मिसाइल परीक्षण (Missile Testing) ओडिशा के चांदीपुर आईटीआर रेंज में किया जाना है। ऐसे में डीआरडीओ (DRDO) ने मिसाइल टेस्ट के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ये परीक्षण ITR के लॉन्च पैड 3 से किया जाएगा।

उधर, बालासोर जिला प्रशासन ने इसके लिए 10 गांवों के करीब 20 हजार लोगों को अस्थाई रूप से शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने लॉन्च पैड से 3.5 किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले गांवों को खाली कराया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों की वजह से इन लोगों को शिफ्ट किया गया है। इन लोगों को होने वाली असुविधा को देखते हुए इन्हें मुआवजा भी देने का ऐलान किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन (District Administration)ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद लोगों को बुधवार सुबह 4 बजे तक अपना घर छोड़ने के लिए कहा गया। इन लोगों को अगले आदेश के बाद ही अपने घर पर लौटने के लिए कहा गया है

इन लोगों के रहने के लिए अस्थाई कैंप बनाए गए हैं।अस्थाई कैंप में रिपोर्ट करने के बाद इन लोगों के अकाउंट में मुआवजे की रकम ट्रांसफर की जाएगी। राहत शिविरों में इन लोगों के लिए पीने के पानी से लेकर हेल्थ कैंप तक की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस इलाके में मछुआरों और मजदूरों को भी मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। अभी हर वयस्क को मुआवजे के तौर पर हर दिन 300 रुपये तय किया गया है। वहीं नाबालिगों के लिए 150 रुपये तय किए गए हैं, जबकि खाने के लिए 75 रुपये अलग से मिलेंगे।

कम वर्षा होने से किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी, अब सिंचाई कार्यों के लिए मिलेगी 12 घंटे निर्बाध विद्युत अपूर्ति

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लखनऊ। प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। 01 अप्रैल 2023 से निजी नलकूप संचालन के लिए मुफ्त बिजली दी जा रही हैं। वहीं अब किसानों को और सुविधायें देने के लिए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (AK Sharma) ने कृषि पोषकों (एग्रीकल्चर फीडर) पर 10 घण्टे के स्थान पर अब 12 घण्टे विद्युत आपूर्ति देने की घोषणा की है।

ऊर्जा मंत्री (AK Sharma) ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में कम वर्षा होने के कारण किसानों को धान की रोपाई, सिचाई और अन्य क़ृषि कार्यों में कोई समस्या न हो, इसके लिए कृषि फीडरों के निर्धारित 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के शिड्यूल में 02 घंटे और बढ़ाकर अब 12 घंटे बिजली दी जायेगी।

ऊर्जा मंत्री (AK Sharma)ने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में जहां पर कम वर्षा होने से किसानों को धान की रोपाई और अन्य क़ृषि कार्यों को करने तथा फसल को सूखने से बचाने के लिए परेशानी हो रही है। ऐसे क्षेत्रों में जहां फसलों की सिंचाई के लिए नहरे नहीं हैं तथा नलकूपों के माध्यम से सिंचाई हो रही है, वहां पर किसानों की समस्याओं के निवारण के लिए कृषि पोषकों को मिल रही बिजली में 02 घंटे की बढ़ोत्तरी की गयी है।

ऊर्जा मंत्री (AK Sharma) ने निर्देश दिये है कि प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कृषि फीडरों को 12 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। साथ ही सभी डिस्काम के प्रबन्ध निदेशक, मुख्य अभियन्ता (वितरण) व मुख्य अभियन्ता (पी.एम.सी.) द्वारा नियमित इसकी मॉनीटरिंग की जाए। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति सामान्य होने पर निर्धारित रोस्टर के आधार पर ही विद्युत आपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसानों की सिंचाई की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और किसान प्रतिनिधियों की ओर से कृषि फीडरों की विद्युत आपूर्ति में बढ़ोत्तरी की लगातार मांग की जा रही थी। सभी के परामर्श एवं सुझाव के पश्चात ही किसानहित में यह निर्णय लिया गया है।

पठानकोट में दिखे सात संदिग्ध, स्केच जारी

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Seven suspects seen in Pathankot
Seven suspects seen in Pathankot

जम्मू। पठानकोट में एक बार फिर से सात संदिग्ध (Suspects) व्यक्तियों को देखा गया है। एक महिला की सूचना के बाद पंजाब पुलिस तथा बीएसएफ (BSF) ने बुधवार को छह घंटे तक सर्च ओपरेशन चलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो माह में यह तीसरा मौका है, जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर संदिग्धों (Suspects) को देखा गया है।

पाकिस्तानी घुसपैठिया होने की आशंका के चलते पुलिस लगातार जांच कर रही है। दो दिन पहले भी बेहदिया गांव में 2 संदिग्धों ने एक घर में जाकर रोटी मांगी थी। सुजानपुर के चक माधो सिंह गांव में भी सेना की वर्दी में 4 संदिग्ध देखे गए।

मंगलवार की रात पठानकोट के गांवच फागतोली में 7 संदिग्ध देखे गए। फागतोली गांव की रहने वाली सीमा देवी ने बताया कि कुछ लोग जंगल की ओर से उनके घर में घुस आए और पानी मांगा। पानी पिलाने के बाद वे फिर से जंगल में घुस गए, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।

डीएसपी समीर सिंह मान ने कहा कि मंगलवार को देर शाम संदिग्ध लोगों को देखे जाने की खबर सामने आई है, जिसके आधार पर हम सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। ये लोग मजदूर भी हो सकते हैं। यह इसलिए भी संभव है, क्योंकि पीछे जंगल का इलाका है। वहां मजदूर काम कर रहे हैं।

संदिग्ध (Suspects) का स्केच जारी किया

मौके पर पहुंची पुलिस और सेना ने महिला से पूछताछ के बाद एक संदिग्ध का स्केच जारी किया है और लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने अपील की है कि अगर ये संदिग्ध किसी को कहीं नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत दें। पुलिस का कहना है कि महिला की जानकारी के आधार पर तलाश की जा रही है।

गुरु पूर्णिमा आज: जानिए इसका महत्व

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गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु-शिष्य परंपरा का महापर्व है, जो आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन गुरु की विशेष पूजा और सम्मान किया जाता है। शास्त्रों में कई महान गुरुओं का उल्लेख है जिन्होंने अपने शिष्यों को अमूल्य ज्ञान और शिक्षा दी। यहाँ हम शास्त्रों में वर्णित नौ प्रमुख गुरुओं और उनके विशेषताओं के बारे में जानेंगे:

1. वशिष्ठ मुनि

वशिष्ठ मुनि ब्रह्म ऋषि थे और श्रीराम के कुलगुरु थे। उन्होंने राजा दशरथ और उनके पुत्रों श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, और शत्रुघ्न को शिक्षा दी। वशिष्ठ और विश्वामित्र के बीच विवाद की कथा प्रसिद्ध है, जिसमें अंततः वशिष्ठ ने विश्वामित्र को ब्रह्म ऋषि का पद प्रदान किया।

2. महर्षि वेद व्यास

महर्षि वेद व्यास का जन्म दिन गुरु पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। वेदों का संपादन करने के कारण उन्हें वेद व्यास कहा जाता है। उन्होंने महाभारत, श्रीमद् भागवत और अठारह पुराणों की रचना की। वेद व्यास के पुत्र शुकदेव ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी।

3. देव गुरु बृहस्पति

बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं और नौ ग्रहों में से एक हैं। उन्होंने अपनी सलाह से देवताओं को दानवों से बचाया और लक्ष्मी जी को रक्षाबंधन की विधि सुझाई जिससे भगवान विष्णु को वापस स्वर्ग भेजा गया।

4. शुक्राचार्य

शुक्राचार्य असुरों के गुरु हैं और उन्होंने महादेव की प्रसन्नता से मृतसंजीवनी विद्या प्राप्त की। इस विद्या से वे मृत असुरों को पुनर्जीवित कर सकते थे। शुक्राचार्य ने नीति शास्त्र की रचना की जिसमें सुख-शांति और सफलता के सिद्धांत बताए गए हैं।

5. परशुराम

परशुराम भगवान विष्णु के अवतार हैं और उन्हें चिरंजीवी माना जाता है। उन्होंने त्रेतायुग और द्वापरयुग में विभिन्न समयों पर शस्त्र विद्या का ज्ञान दिया। महाभारत में उन्होंने द्रोणाचार्य, भीष्म पितामह, और कर्ण को शिक्षा दी थी।

6. सूर्य

सूर्य देव हनुमान जी के गुरु थे। सूर्य देव ने हनुमान जी को चलते-चलते सभी वेदों का ज्ञान दिया। महाभारत काल में कर्ण सूर्य के पुत्र थे।

7. ऋषि सांदीपनि

ऋषि सांदीपनि ने द्वापर युग में श्रीकृष्ण और बलराम को शिक्षा दी। उन्होंने अपने आश्रम में 64 कलाओं की शिक्षा दी थी। श्रीकृष्ण की मित्रता सुदामा से भी सांदीपनि के आश्रम में ही हुई थी।

8. द्रोणाचार्य

द्रोणाचार्य महाभारत काल में पांडवों और कौरवों के गुरु थे। उनका विवाह कृपाचार्य की बहन कृपी से हुआ था और उनके पुत्र का नाम अश्वत्थामा था। महाभारत युद्ध में उनका वध धृष्टद्युम्न ने किया था।

9. नारद मुनि

देवर्षि नारद भक्त प्रहलाद और ध्रुव के गुरु थे। उनकी सलाह से प्रहलाद और ध्रुव को भगवान की कृपा प्राप्त हुई। देवी पार्वती को शिव जी पति के रूप में प्राप्त करने के लिए नारद मुनि ने तप करने की सलाह दी थी।

गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को रेखांकित करता है और हमें अपने गुरु के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।