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Saturday, March 21, 2026
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डंफर चालक व साथी पर हमला, सोने की चेन और मोबाइल तोड़ा

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नवाबगंज, फर्रुखाबाद। थाना नवाबगंज क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े दबंगई का मामला सामने आया, जब एक बाइक सवार युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर डंफर चालक और उसके साथी पर हमला कर दिया। मारपीट के साथ मोबाइल तोड़ा गया और गले से सोने की चेन छीनने का भी आरोप लगाया गया है।

गांव नगला मन निवासी विकास यादव जेसीबी ऑपरेटर हैं। मंगलवार को वे थाना जहानगंज के गांव बंदरखेड़ा तरा नगला निवासी अपने साथी डंफर चालक सुमित के साथ डंफर पर सवार होकर बेग गांव जा रहे थे। नवाबगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर कुतुबुद्दीनपुर निवासी युवक ने बाइक डंफर से सटाकर निकाली, जिस पर सुमित ने बाइक को दूर चलाने की सलाह दी। इस बात पर युवक भड़क गया और गालीगलौज शुरू कर दी।

थोड़ी ही देर में गल्ला मंडी के पास युवक ने अपने साथियों के साथ डंफर रुकवाया और चालक सुमित को गाली देते हुए नीचे खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर विकास यादव पर लात-घूंसे और चप्पलों से हमला कर दिया गया। जब विकास ने मोबाइल से हमलावरों की तस्वीर लेने की कोशिश की, तो युवकों ने उनका मोबाइल तोड़ दिया और गले में पहनी सोने की चेन भी तोड़कर ले गए।

पीड़ित विकास यादव ने नवाबगंज थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

श्रीमद् भागवत कथा में हुआ गोवर्धन पूजा महोत्सव, छप्पन भोग अर्पित

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नवाबगंज, फर्रुखाबाद। नगर के बरतल स्थित कलावती मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के अंतर्गत मंगलवार को गोवर्धन पूजा की भव्य लीला का वर्णन हुआ। कथा वाचक पंडित कौशल किशोर त्रिपाठी महाराज ने श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह लीला ज्ञान, भक्ति और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती है।

पंडित त्रिपाठी ने कहा कि गोवर्धन लीला से इंद्र और संसार को भगवान श्रीकृष्ण के सामर्थ्य का बोध हुआ। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पूजा वास्तव में प्रकृति की पूजा है। उन्होंने समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताते हुए कहा कि भ्रष्टाचारी व्यक्ति धर्म, समाज और देश की नींव को खोखला बना रहा है।

गौ माता की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पहले जिन गायों की पूजा होती थी, आज वे उपेक्षित हैं। “गाय का पोषण तभी संभव है जब उसका शोषण रुकेगा,” उन्होंने कहा। कथा के अंत में गोवर्धन भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए और आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

इस मौके पर ठाकुर रणबीर सिंह, आशीष दीक्षित, रिंकल ठाकुर, मोहित ठाकुर, राघव दीक्षित, आरिफ अल्वी, दुष्यंत गिरी, सर्वेश ठाकुर, बसंत गिरी और ठाकुर जयवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

साध्वी मोहिनी देवी ने ली समाधि, ग्रामीणों में शोक की लहर

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– ग्राम पैथान खुर्द की तपस्विनी का अवसान

फर्रुखाबाद/कायमगंज। कायमगंज तहसील के ग्राम पैथान खुर्द की रहने वाली 25 वर्षीय साध्वी मोहिनी देवी ने बुधवार को समाधि ले ली। वर्ष 2012 से अन्न का पूर्ण त्याग कर आध्यात्मिक साधना में लीन साध्वी मोहिनी का जीवन ग्रामीणों के लिए तप और त्याग की मिसाल बन गया था।

साध्वी मोहिनी देवी, ग्रामवासी राम रतन की पुत्री थीं। उनके भाई डॉ. ब्रजेश कश्यप ने जानकारी दी कि मोहिनी देवी ने बचपन से ही पूजा-पाठ में गहरी रुचि लेना शुरू कर दिया था। युवावस्था में आते-आते उन्होंने संसारिक जीवन से पूरी तरह विरक्ति ले ली और भगवान की अराधना तथा तपस्या को ही अपना उद्देश्य बना लिया। उन्होंने विवाह न करने का निर्णय लिया और संयमित जीवन जीते हुए धर्म के मार्ग पर चलीं।

गाँव के ही एक निवासी ललित कुमार के अनुसार, साध्वी मोहिनी देवी वर्ष 2012 से अन्न का पूर्ण त्याग कर चुकी थीं। वे केवल दूध और फल के सहारे अपने शरीर का निर्वाह करती थीं। उनका जीवन पूर्ण रूप से तप और साधना को समर्पित था।

साध्वी के समाधि लेने की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। श्रद्धांजलि देने वालों में भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के नेता एवं समाजसेवी डॉ. अरशद मंसूरी, भारतीय मोदी आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद वसीम मंसूरी, मंसूरी सोसाइटी के जिला सचिव ललित कुमार कश्यप, रविकांत गौतम सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।

गांववासियों ने मोहिनी देवी को एक तपस्विनी, संत और मार्गदर्शक के रूप में याद किया है। समाधि स्थल पर ग्रामीणों द्वारा पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

योगीराज में नियमों की धज्जियाँ: ‘अंधा बांटे रेवड़ी, अपने-अपने दे’ — सदर तहसील के बढ़पुर ब्लॉक में भूमाफियाओं का बोलबाला

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-राजस्व विभाग की मिलीभगत से सरकारी तालाबों पर कब्जा, लेखपाल-पति और प्रधान-पत्नी की जोड़ी सवालों के घेरे में

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ‘भू-माफिया मुक्त अभियान’ के दावों के बीच फर्रुखाबाद जनपद की सदर तहसील स्थित बढ़पुर ब्लॉक एक बड़ी विडंबना बनता जा रहा है। यहाँ वर्षों से नियमों को दरकिनार कर राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मी खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, और सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्जे कराए जा रहे हैं।

लेखपाल-पति, प्रधान-पत्नी: एक ही ब्लॉक में दोनों पदों पर सवाल

ब्लॉक के ही एक मह्त्वपूर्ण इलाके अल्लाहनगर उर्फ़ बढ़पुर में संजीव दुबे बतौर लेखपाल तैनात हैं, जबकि उनकी पत्नी अभिलाषा दुबे इसी ब्लॉक के एक गांव की ग्राम प्रधान हैं। ऐसे में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मूल सिद्धांत पर ही सवाल खड़ा हो गया है। शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद इस तरह की तैनाती कैसे संभव हुई — यह एक बड़ी जांच का विषय है।

राजस्व संहिता की धारा 11 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे प्रशासनिक क्षेत्र में नियोजन नहीं पा सकता जहाँ से उसका पारिवारिक हित जुड़ा हो। बावजूद इसके यह तैनाती न केवल वर्षों से कायम है, बल्कि भूमि प्रकरणों में इनकी भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है।

सरकारी तालाबों पर हो रहा कब्जा: प्रशासन मौन

ब्लॉक के ग्राम भूपतिपट्टी में राजस्व अभिलेखों के अनुसार लगभग 2.5 बीघा का सरकारी तालाब है। वर्ष 2022 में शिकायत के बाद तहसील प्रशासन ने कब्जेदारों को बेदखल करने का आदेश जारी किया और जुर्माना भी लगाया गया। पर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कब्जा जस का तस बना हुआ है।

दूसरा बड़ा मामला ग्राम नेकपुर कलां से सामने आया है, जहाँ लगभग 1.8 बीघा के सरकारी तालाब पर बाकायदा मिट्टी डलवा कर कब्जा करवा दिया गया। स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया, मगर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की मौजूदगी में ‘नक्शा मिलान’ के नाम पर कागज़ी कार्रवाई करके कब्जा पक्का करा दिया गया।

शासन तक पहुँची बात, कार्रवाई नदारद

मामले की जानकारी मंडल और जिला प्रशासन को भी दी जा चुकी है। यूपी शासन की ‘मिशन भूमि मुक्त योजना’ के अंतर्गत हर जिले से सरकारी भूमि मुक्त कराने के आंकड़े मांगे गए हैं। परंतु इस ब्लॉक से लगातार अपवाद सामने आ रहे हैं। अप्रैल 2024 से मई 2025 के बीच ब्लॉक बढ़पुर में कुल 18 सरकारी ज़मीनों पर कब्जे की शिकायतें हुईं, जिनमें से सिर्फ 2 मामलों में आंशिक कार्रवाई हुई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल लेखपाल, कानूनगो और तहसील प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है। राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर या सीमांकन में गड़बड़ी करके भूमाफियाओं को फायदा पहुँचाया जा रहा है। प्रधान और लेखपाल की आपसी ‘सहमति’ के चलते विरोध करने वाले ग्रामीणों को धमकाया तक गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार: सरकारी तालाब, चारागाह, एवं रास्ते की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना अनिवार्य है।

राजस्व व पंचायती विभाग के कर्मियों की पारदर्शी तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए।

परंतु इन आदेशों को ज़मीनी स्तर पर लागू कराने की ज़िम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, वही इसे सबसे अधिक नजरअंदाज कर रहे ,ब्लॉक में चल रही यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि शासन की भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के दावे को भी झूठा सिद्ध करती है। यदि शासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आने वाले समय में ये अवैध कब्जे स्थायी रूप ले सकते हैं, जो ग्रामीण जनता के जल-स्रोत और सामाजिक संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

पूर्व CM आतिशी को कालकाजी ध्वस्तीकरण का विरोध करने पर पुलिस ने हिरासत में लिया

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दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया क्योंकि वह कालकाजी भूमिहीन कैंप में तोड़फोड़ विरोधी प्रदर्शन में शामिल थीं। इस दौरान अतिशी और उनके समर्थकों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान आतिशी ने रेखा गुप्ता सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।

पूर्व सीएम आतिशी ने कहा, “बीजेपी कल इन झुग्गियों को ध्वस्त करने जा रही है और मुझे आज जेल भेजा जा रहा है क्योंकि मैं इन झुग्गीवासियों के लिए आवाज उठा रही हूं। बीजेपी और रेखा गुप्ता को झुग्गी वालों की हाय लगेगी। बीजेपी कभी वापस नहीं आएगी।”

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले तोड़फोड़ अभियान से प्रभावित निवासियों से मुलाकात भी की थीं।

आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘कल भाजपा वाले भूमिहीन कैम्प पर बुलडोज़र चलाने वाले हैं। आज वहाँ के झुग्गी वाले प्रोटेस्ट करने वाले थे तो भाजपा सरकार ने हज़ारों की संख्या में पुलिस और CRPF को भेज दिया है। रेखा गुप्ता जी: आपने तो कहा था कि कोई झुग्गी नहीं तोड़ेंगे? तो इतनी पुलिस और CRPF क्यों तैनात है?’

फारूक अब्दुल्ला ने वंदे भारत ट्रेन में किया सफर, स्थानीय लोगों, पर्यटन के लिए इसे वरदान बताया

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को श्रीनगर के नौगाम रेलवे स्टेशन से कटरा तक वंदे भारत ट्रेन में सफर किया और इस सेवा की सराहना की तथा इसे स्थानीय लोगों और पर्यटन के लिए वरदान बताया।

गौरतलब है कि नौगाम रेलवे स्टेशन उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कश्मीर को जम्मू क्षेत्र और शेष भारत से जोड़ता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई घाटी को जम्मू के कटरा शहर से जोड़ने वाली दो सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों का परिचालन सात जून को शुरू हुआ। उद्घाटन के बाद से ट्रेनों ने स्थानीय लोगों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है और पहले से ही पूरी क्षमता से बुकिंग हो चुकी है।

श्री अब्दुल्ला ने ट्रेन में सवार होने से पहले संवाददाताओं से कहा कि ट्रेन सेवा पर्यटन को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी और निवासियों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं कटरा के लिए इस ट्रेन में यात्रा करके बहुत खुश हूं। यह हमारे लिए सबसे बड़े लाभों में से एक है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वंदे भारत सेवा श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के लिए एक बहुत जरूरी विकल्प प्रदान करती है, जो भूस्खलन और मौसम संबंधी व्यवधानों के कारण अक्सर अविश्वसनीय होता है।

उन्होंने कहा, ‘सड़क अक्सर बंद हो जाती है और ऐसे समय में हवाई किराए में उछाल आता है। यह ट्रेन लोगों को उन कठिनाइयों से बचाएगी।’

श्री अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि ट्रेन सेवा पर्यटन क्षेत्र और क्षेत्र के बागवानी उद्योग के लिए लाभदायक साबित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन बनिहाल के रास्ते श्रीनगर और कटरा के बीच चलती हैं।