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Saturday, March 21, 2026
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मानव-वन्यजीव संघर्ष जागरूकता कार्यक्रम “बाघ एक्सप्रेस” पहुंची खरगापुर, रामपुरिया महोफ और रूपपुर

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Tiger Express
Tiger Express

पीलीभीत: टाइगर रिजर्व (tiger reserve) द्वारा चलाया जा रहा “बाघ एक्सप्रेस” (Tiger Express) जागरूकता अभियान आज खरगापुर, रामपुरिया महोफ और रूपपुर गांवों में पहुंचा। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-wildlife conflict) की रोकथाम तथा सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देना है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन क्षेत्रों में चलाया जा रहा है जहाँ वन्यजीवों की उपस्थिति के कारण मानव संघर्ष की संभावनाएँ अधिक होती हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार को समझाने और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। टीएसए फाउंडेशन इंडिया के एजुकेशन ऑफिसर हर्षित सिंह ने बताया कि “बाघ एक्सप्रेस” ने स्थानीय स्कूलों और गांवों में जाकर बच्चों और ग्रामीणों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जैसे: बाघ का सामना होने पर घबराएं नहीं और तेजी से भागने की कोशिश न करें।

बाघ से आँख मिलाते हुए धीरे-धीरे पीछे हटें, लेकिन पीठ न दिखाएं। जंगल में अकेले न जाएं। बंदर, हिरण, पक्षियों जैसे अन्य जानवरों के संकेतों पर ध्यान दें जो बाघ की मौजूदगी का संकेत हो सकते हैं।सुबह और शाम के समय जंगल या बफर जोन में जाने से बचें।

इस दौरान नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी मानव-बाघ सह-अस्तित्व पर संदेश दिए गए। कलाकारों ने नाटक के जरिए ग्रामीणों को बताया कि कैसे सतर्कता और सही जानकारी से संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सकता है। कार्यक्रम में वन दरोगा शंकर सिंह, फॉरेस्ट गार्ड फहीम ,राकेश आदि टाइगर रिजर्व की टीम उपस्थित रहीं।

समर कैंप में बच्चों ने सीखी कला, योग और जीवन उपयोगी कौशल

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summer camp
summer camp

– बीईओ सुरेशचंद्र पाल ने किया समापन समारोह में बच्चों को प्रमाण पत्र वितरण

 

कमालगंज: 21 मई से 10 जून तक यूपीएस बिचपुरी (UPS Bichpuri) में आयोजित समर कैंप (summer camp) में बच्चों को विविध रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से ज्ञानवर्धन कराया गया। इस दौरान बच्चों ने कला, योग (yoga), वार्ली पेंटिंग, क्राफ्ट वर्क, रंगोली, भाषा उत्सव, लोक नृत्य और कंप्यूटर का प्रशिक्षण खेल-खेल में प्राप्त किया।

समर कैंप में बच्चों को बदलते मौसम में संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति भी जागरूक किया गया। प्रवीन कुमार ने योग और बागवानी का प्रशिक्षण देते हुए बच्चों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। चेतन भारती ने कला के माध्यम से गतिविधियों को प्रस्तुत कर बच्चों में रचनात्मकता को विकसित किया।

सीमा पथरिया दीदी और एसआरजी श्रीमती रूचि वर्मा ने विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों को नारियल के लड्डू और ब्रेड से दही बड़े बनाना सिखाया, जिससे बच्चों में पाक-कला के प्रति रुचि उत्पन्न हुई।

समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुरेशचंद्र पाल ने प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कैंप बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को उभारने में सहायक होते हैं और विद्यालय स्तर पर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिये।

नखाशा कंपोजिट विद्यालय में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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school nakhasa
school nakhasa

समाधान विकास समिति के तत्वावधान में छात्रों को दिया गया सुरक्षित आहार व खाद्य जोखिमों की जानकारी

 

पीलीभीत: समाधान विकास समिति (Solution Development Committee) के तत्वावधान में शुक्रवार को कंपोजिट विद्यालय नखाशा (composite school nakhasa) में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक अमित कुमार व समिति के संसाधित व्यक्ति लक्ष्मी कांत शर्मा ने विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियाँ दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लक्ष्मी कांत शर्मा ने बताया कि हर वर्ष 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य जनित जोखिमों को रोकने, पहचानने व उनके प्रभावी प्रबंधन के प्रति समाज को जागरूक करना है, ताकि मानव स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, कृषि उत्पादन, बाजार की उपलब्धता, पर्यटन तथा सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सुरक्षित भोजन की भूमिका सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि यह केवल विज्ञान की जानकारी नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित दिशा-निर्देशों और सलाहों को व्यवहार में लाकर ही भोजन को सुरक्षित बनाया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी व्यक्तिगत स्तर से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक की होती है। जनपद स्तर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, जिनका पालन करना हम सभी का कर्तव्य है। यदि किसी स्तर पर सुरक्षा में चूक दिखाई देती है, तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग को दी जानी चाहिए।

कार्यक्रम में जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें सुमन मंडल, रेखा मंडल और शिवांगी ने शानदार प्रदर्शन कर प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतिभागियों को संतुलित व संतृप्त आहार की महत्ता के बारे में भी जानकारी दी गई।

वरिष्ठ शिक्षक अमित कुमार ने समाधान विकास समिति द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल छात्रों को बल्कि आमजन को भी सुरक्षित भोजन के महत्व को समझने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम के समापन पर समिति द्वारा खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक गति देने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, अभिभावकगण व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

बड़ा मंगल आयोजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी

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Bada Mangal
Bada Mangal

             सेक्टर-आई एलडीए कॉलोनी में बड़ा मंगल आयोजन अभिनंदन समिति की बैठक सम्पन्न

 

लखनऊ: सनातन परंपराओं में शामिल बड़ा मंगल (Bada Mangal) अब केवल एक धार्मिक आयोजन न रहकर समाज सेवा, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी प्रतीक बनता जा रहा है। इसी क्रम में आज एलडीए कॉलोनी (LDA Colony),सेक्टर-आई स्थित एक सभागार में “बड़ा मंगल आयोजन अभिनंदन समिति” की एक महत्वपूर्ण बैठक मुक्तिनाथ सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें लखनऊ (Lucknow) दक्षिण क्षेत्र में भव्य भंडारों के आयोजकों को सम्मानित करने के लिए भावी योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लखनऊ दक्षिण क्षेत्र के उन सभी आदर्श भंडारा आयोजकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने बड़ा मंगल के दिन जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए नि:स्वार्थ भाव से भंडारों का आयोजन किया। यह सम्मान समारोह, न केवल उनके प्रयासों की सराहना होगी, बल्कि अन्य आयोजकों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेगा।

सम्मान समारोह का स्वरूप तय किया गया, जिसमें धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य आयोजकों के नामों पर चर्चा कर संभावित सूची तैयार की गई, जिसे अंतिम रूप अगले सप्ताह तक दिया जाएगा। सम्मेलन में सम्मान पत्र, प्रतीक चिह्न और मंचीय अभिनंदन की व्यवस्था की जाएगी।

इस बैठक में समिति के प्रमुख पदाधिकारी व सदस्यगण मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मुक्तिनाथ सिंह, सुरेश सिंह, विपिन शर्मा, शिखर त्रिवेदी, नवल किशोर पाण्डेय आदि गणमान्यजन शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के संयोजक प्रो. रामकुमार तिवारी ने बताया कि यह अभिनंदन समारोह “मंगलमय अभियान” का एक हिस्सा है, जिसके अंतर्गत लखनऊ भर के भंडारा आयोजकों को एक मंच पर लाने का प्रयास हो रहा है। उनका उद्देश्य है कि बड़ा मंगल केवल धार्मिक आस्था का उत्सव न होकर संगठित सामाजिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बने।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक व्यापक और संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, जिससे इसकी लोकप्रियता, परंपरा और प्रभाव को नई ऊँचाइयाँ मिल सकें। बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले कुछ दिनों में आयोजन की तिथि, स्थान और विशिष्ट अतिथियों की घोषणा की जाएगी। साथ ही आयोजकों की अंतिम सूची तैयार कर उन्हें आमंत्रण भेजे जाएंगे।

इस तरह की सामाजिक पहल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(g) “प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना तथा जीवित प्राणियों के प्रति करुणा का भाव रखना” — से जुड़ती है। साथ ही यह संविधान की धर्मनिरपेक्षता की भावना के अंतर्गत आते हुए विविध आस्थाओं और समुदायों के बीच सद्भाव, सेवा और सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस अभिनव पहल से यह स्पष्ट है कि बड़ा मंगल की परंपरा अब सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज निर्माण के एक सशक्त मंच में बदल रही है, जहाँ जनभागीदारी और जनकल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न: सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता, कड़े निर्देश जारी

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District Road Safety
District Road Safety

– जिलाधिकारी ने एनएचएआई, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को दिए कई निर्देश, राह-वीर योजना के प्रचार पर भी दिया बल

फर्रुखाबाद: कलेक्ट्रेट सभागार (Collectorate Auditorium) में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी (DM Ashutosh Kumar Dwivedi) की अध्यक्षता में “जिला सड़क सुरक्षा समिति” (District Road Safety) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता जताई गई और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए। सड़क हादसों में 30% से अधिक वृद्धि, दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा जिम्मेदार बैठक के दौरान एआरटीओ (ARTO) प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि मई 2025 में जिले में 43 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 27 लोगों की मृत्यु और 24 लोग घायल हुए। जबकि मई 2024 में यह आंकड़ा 33 दुर्घटनाओं और 14 मृतकों का था। इस प्रकार, दुर्घटनाओं में 30.30% और मृतकों में 92.85% की वृद्धि दर्ज की गई। दुर्घटनाओं में 60% मामलों में दोपहिया वाहन शामिल पाए।

जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को पांचाल घाट पुलिस चौकी के पास क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि एनएचएआई द्वारा 94 में से सिर्फ 70 जंक्शनों पर ही सुधारात्मक कार्रवाई हुई है, शेष पर भी जल्द कार्यवाही करने को कहा गया। नेकपुर चौरासी रेलवे ओवरब्रिज की ऊंचाई अधिक होने और रात्रि में दुर्घटना की संभावना को देखते हुए वहां क्रैश बैरियर लगाने, तथा पांचाल घाट सेतु की मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने मसेनी से कादरीगेट तक के मार्ग पर सड़क संकेतक (साइनेज) और खतरनाक ढंग से खड़े विद्युत पोल को एक महीने के भीतर हटवाने और चिन्हांकन कराने का निर्देश दिया। साथ ही 30 जून तक ट्रैफिक व्यवस्था से संबंधित सभी कार्य पूर्ण करने को कहा गया। मई 2025 तक जिले में 44 हिट एंड रन घटनाएं, 49 मौतें और 28 घायल दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 66 थी। परिवहन विभाग द्वारा इस वर्ष 95 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें 18 मोबाइल फोन पर बात करते हुए, 2 शराब पीकर, और 73 ओवरलोडिंग के कारण निलंबित हुए हैं।

पुलिस विभाग द्वारा अभी तक कोई लाइसेंस निलंबन की संस्तुति नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में रांग साइड ड्राइविंग पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज करने को कहा गया। इस धारा के अंतर्गत 6 माह तक का कारावास या ₹1,000 तक जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है। साथ ही, रांग साइड ड्राइविंग से मृत्यु होने पर मुआवजा नहीं देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ‘राह-वीर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति गंभीर दुर्घटना के शिकार को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे ₹25,000 का पुरस्कार मिलेगा। यह योजना 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।

जिलाधिकारी ने कादरीगेट, लालगेट और रोडवेज बस अड्डे से अतिक्रमण हटवाने हेतु टीम गठित कर कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके लिए थानाध्यक्षों, नगर पालिका ईओ और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को साथ मिलकर कार्य करने को कहा गया। बैठक में परियोजना निदेशक एनएचएआई शिवम सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर व अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी यातायात ऐश्वर्या उपाध्याय, डीआईओएस नरेन्द्र पाल सिंह, नगर पालिका ईओ विनोद कुमार, थानाध्यक्ष कादरीगेट आमोद कुमार सिंह, टीएसआई सतेंद्र कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

फर्रुखाबाद विकास पथ पर: राज्य राजमार्ग और पेयजल योजना को मिला अनमोदन,फोर लेन का रास्ता साफ

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Farrukhabad
Farrukhabad

-फतेहगढ़ से गुरसहायगंज तक बनेगा नया राजमार्ग, 120 करोड़ की पेयजल योजना भी स्वीकृति के चरण में

फर्रुखाबाद/लखनऊ: जनपद वासियों के लिए एक बड़ी सौगात की खबर सामने आई है। फर्रुखाबाद (Farrukhabad) सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की सक्रियता से दो अहम विकास योजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। इनमें से एक है फतेहगढ़–गुरसहायगंज (Fatehgarh–Gursahayganj) को जोड़ने वाला राज्य राजमार्ग 29ए, जिसे लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। वहीं दूसरी योजना फर्रुखाबाद नगर की पेयजल आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ बनाने से जुड़ी है, जिसकी अनुमानित लागत 120 करोड़ रुपये है।

फतेहगढ़–गुरसहायगंज राजमार्ग: अब होगा आसान और तेज़ सफर

नए प्रस्तावित राज्य राजमार्ग के तहत जिला जेल चौराहा फतेहगढ़ से लेकर कमालगंज स्थित काली नदी पुल तक लगभग 24 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया जाएगा। इसके अलावा करीब 7 किलोमीटर का बायपास बनाकर इस मार्ग को कानपुर-अलीगढ़ मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना को लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। अब इस पर वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया शासन स्तर पर शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है।

इस मार्ग के बनने से न केवल फतेहगढ़ से गुरसहायगंज का संपर्क बेहतर होगा,बरेली जाने वालों को भी फर्रुखाबाद शहर जाने आने की झंझट नहीं होगी, बल्कि आसपास के कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी यह व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा व आवागमन के लिहाज से बड़ा लाभकारी साबित होगा।साथ ही कमालगंज कस्बा बासियो को भी तनाव से मुक्ति मिल मिलेगी अब कस्बे के अंदर से फोरलेन ना निकालकर अलग बाईपास के रूप में निकलेगा यह सदर विधायक की विशेष सौगात है।

पेयजल पुनर्गठन योजना से सुधरेगी पानी की व्यवस्था

वहीं नगर में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से एक और बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। शासन स्तर से लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल पुनर्गठन योजना को स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस योजना के तहत—नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, नए वाटर हेड टैंक बनाए जाएंगे, अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी, और सबसे महत्वपूर्ण बात – हर घर तक निशुल्क पेयजल गृह संयोजन (Household tap connections) उपलब्ध कराया जाएगा। शासनादेश जारी होते ही यह योजना अमल में लाई जाएगी, जिससे फर्रुखाबाद–फतेहगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता और नियमितता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की भूमिका सराहनीय

इन दोनों विकास परियोजनाओं के पीछे सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की सक्रिय पैरवी और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट झलकती है। उन्होंने विधानसभा के माध्यम से शासन में आवाज उठाकर न सिर्फ इन योजनाओं को मंजूरी तक पहुंचाया, बल्कि अब उनके जल्द कार्यान्वयन की दिशा में भी प्रयासरत हैं। जनपदवासियों में इन घोषणाओं को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है। नागरिकों का कहना है कि यह परियोजनाएं शहर के आवास, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को नई दिशा देंगी।