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Saturday, March 21, 2026
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अवैध खनन पर प्रशासन का शिकंजा, तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी जब्त

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illegal mining
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ग्रामीणों की सूचना पर हुई छापेमारी, माफिया पहले से थे सतर्क

कंपिल/फर्रुखाबाद: क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन (illegal mining) पर आखिरकार प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को एसडीएम कायमगंज (SDM Kayamganj) के निर्देश पर खनन निरीक्षक संजय सिंह ने पुलिस बल के साथ गांव निजामुद्दीनपुर में छापेमारी कर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी मशीन को पकड़ लिया। सभी वाहनों को कंपिल थाना पुलिस ने सीज कर लिया है।

सुबह गांव निजामुद्दीनपुर के ग्रामीणों ने एसडीएम को सूचना दी कि क्षेत्र में जेसीबी के माध्यम से बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खनन निरीक्षक संजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। छापेमारी के दौरान देखा गया कि आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी मशीन अवैध खनन में लगे हुए थे।

पुलिस टीम को आता देख तीन ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर भाग निकले, जबकि बाकी चालक ट्रैक्टर और जेसीबी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। जब्त किए गए वाहनों को थाने लाकर खड़ा कर दिया गया है। थाना प्रभारी विश्वनाथ आर्या ने बताया कि खनन निरीक्षक के निर्देश पर पकड़े गए एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों ने दबी ज़ुबान में आरोप लगाया कि क्षेत्र में थाने के एक सिपाही की मिलीभगत से अवैध खनन का धंधा बेखौफ जारी है। उनका कहना है कि जब भी प्रशासनिक कार्रवाई होती है, उसकी सूचना पहले से ही माफियाओं तक पहुंच जाती है, जिससे वे कुछ समय के लिए खनन रोक देते हैं और फिर दोबारा शुरू कर देते हैं।

कई गांवों में जोरों पर अवैध खनन

नूरपुर, नसरुल्लाहपुर, तलफी नगला, कारब, पहाड़पुर, निजामुद्दीनपुर, सिवारा, बिल्सड़ी, जिजौटा बुजुर्ग, बहलोलपुर, रायपुर, चिनहटपुर जैसे गांवों में अवैध खनन का कार्य तेजी से चल रहा है। नूरपुर गांव में तो खेतों से बालू निकाल कर ऊंचे-ऊंचे टीले बना दिए गए हैं, लेकिन आज तक किसी अधिकारी की नजर इन पर नहीं पड़ी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खनन माफियाओं की व्यवस्था इतनी मजबूत है कि प्रशासन के छापे की खबर उन्हें पहले ही मिल जाती है। इससे सवाल उठते हैं कि कहीं न कहीं सूचना लीक होने की बड़ी चूक या भीतरखाने मिलीभगत ज़रूर है।

रंजिश में युवक के लापता होने और हत्या का आरोप, कोतवाली में पीड़ित परिजनों का हंगामा

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कोतवाली
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फर्रुखाबाद: कोतवाली क्षेत्र के गांव याकूतगंज (Village Yakutganj) में एक युवक के लापता (missing) होने और उसकी हत्या की आशंका को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पीड़ित पिता रमेश चंद्र ने एसपी को शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे सुनील की रंजिश के चलते हत्या कर दी गई है, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही।

शिकायत के अनुसार, रमेश चंद्र के बेटे सुनील ने गांव याकूतगंज में असलम की कबाड़ की दुकान पर काम किया था। कुछ दिन पहले सुनील ने एक कांटा मलिक नामक व्यक्ति को भेजा था, जिसकी जानकारी उसने मालिक असलम के बेटे मलिक को दे दी। इस बात को लेकर मलिक नाराज हो गया और उसी रंजिश में मलिक व सोरिस (पुत्र असलम) ने सुनील के साथ मारपीट की थी।

पीड़ित पिता के अनुसार, मारपीट के कुछ दिन बाद ही सुनील अचानक लापता हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मलिक और सोरिस ने उनके बेटे की हत्या कर शव को गायब कर दिया है। पुलिस को सूचना देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे आक्रोशित परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया।

इस दौरान परिजनों ने इंस्पेक्टर सतप्रकाश पर आरोप लगाया कि उन्होंने मामले को गंभीरता से न लेते हुए आरोपी सुरेश को सिर्फ शांति भंग में चालान कर छोड़ दिया। पीड़ितों का कहना है कि फतेहगढ़ कोतवाली में तीन आरोपी बंद थे, लेकिन एक को मामूली धारा में चालान कर रिहा कर दिया गया।

पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी से न्याय की गुहार लगाई है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है। ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

डीएम के तेरहवीं पर नई खतौनी योजना की जिलेभर में सराहना

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DM
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किसानों ने जताया आभार, राज्यमंत्री प्रतिनिधि कपिल अग्रवाल के नेतृत्व में दिया धन्यवाद

 

पीलीभीत: जिलाधिकारी (DM) ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा मृतक कृषकों की तेरहवीं तक उनके वारिसों को नई खतौनी उपलब्ध कराने के ऐतिहासिक फैसले की जिलेभर के किसान समुदाय और जनप्रतिनिधियों ने सराहना की है। इस जनहितैषी निर्णय से प्रभावित होकर शुक्रवार को राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार (Minister of State Sanjay Singh Gangwar) के जिला प्रतिनिधि कपिल अग्रवाल के नेतृत्व में पूरनपुर, अमरिया, मझोला और न्यूरिया क्षेत्र के किसानों व ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया और आभार जताया।

जिलाधिकारी द्वारा हाल ही में लागू की गई इस योजना के अंतर्गत अब किसी कृषक की मृत्यु के बाद राजस्व अभिलेखों में वारिसों का नाम अंतरण तेरहवीं के दिन तक सुनिश्चित किया जाएगा। पहले ऐसी स्थिति में किसान परिवार को महीनों तक तहसील और लेखपाल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे पहले से दुखी परिवार को और अधिक मानसिक व आर्थिक परेशानी होती थी। डीएम के इस मानवीय निर्णय को किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

किसानों और जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को सरोपा पहनाकर व श्रीराम दरबार भेंट कर उनका आभार जताया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप प्रशासनिक कार्य प्रणाली को सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को अपना संपर्क नंबर देते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की अड़चन आने पर वे उन्हें सीधे अवगत कराएं, समस्या का निस्तारण स्वयं उनके स्तर से कराया जाएगा।

इस दौरान कपिल अग्रवाल ने मझोला-अमरिया मार्ग स्थित दियूनिडाम पुल की समयावधि पूर्ण होने के बाद उसके चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण की मांग की। मझोला के पूर्व चेयरमैन अजय गोयल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की नियुक्ति, ग्राम न्यूरिया कॉलोनी के प्रधान जगदीश ने लेखपाल की अनुपलब्धता, गिद्धौर के प्रधान प्रतिनिधि सोनपाल राना ने गिद्धौर-ढाया मार्ग के निर्माण, पूरनपुर के किसान गुरदेव लाहौरिया ने कोऑपरेटिव बैंक संबंधी समस्या रखी। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में मझोला के पूर्व चेयरमैन अजय गोयल, राइस मिलर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अजमेर सिंह छीना, किसान गुरदेव सिंह लाहौरिया, बलदेव सिंह लाहौरिया, प्रधान विश्वनाथ सरकार, पंकज सरदार, चंद्रप्रकाश राठौर, रूपलाल, सर्वजीत सिंह, अनोखे लाल पटेल, कुलविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, जितेंद्र सिंह हैप्पी सहित बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की पहल करने के लिए उपस्थित सभी लोगों ने जिला प्रतिनिधि कपिल अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की और इसे प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के सहयोग का एक सफल उदाहरण बताया।

ग्राम कैम खास में गन्ना कृषकों की समर्पित गोष्ठी हुई सम्पन्न

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Sugarcane
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गन्ना उत्पादन की लागत घटाकर आय बढ़ाने पर दिया गया जोर

वैज्ञानिकों ने दिए उन्नत तकनीकों के सुझाव

पीलीभीत: गन्ना विकास परिषद (Sugarcane Development Council) पीलीभीत एवं गन्ना किसान संस्थान (Sugarcane Farmers Institute) शाहजहांपुर (Shahjahanpur) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ग्राम कैम खास (क्रिटिकल विलेज) में गन्ना कृषकों हेतु एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गन्ना उत्पादन में लगने वाली लागत को कम करते हुए कृषकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।

गोष्ठी में उपस्थित वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने गन्ने की स्वीकृत प्रजातियों, उन्नत उत्पादन विधियों, सिंगल बड तकनीक द्वारा पौध तैयार करने की प्रक्रिया, पेड़ी प्रबंधन तथा रोग व कीट नियंत्रण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। गन्ना किसान संस्थान शाहजहांपुर से आए वैज्ञानिक डॉ. एस. पी. सिंह ने गन्ना खेती की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. आर. डी. तिवारी ने जैविक खेती और पोषण प्रबंधन के विषय में उपयोगी जानकारी साझा की।

जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम ने गन्ना खेती में जैविक नियंत्रण विधियों के लाभ बताए और बेधक कीटों के नियंत्रण हेतु ट्राइकोग्रामा कार्ड के प्रयोग को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषकों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के सीमित व संतुलित प्रयोग की सलाह देते हुए बताया कि जून के अंत तक गन्ना खेती की सभी आवश्यक क्रियाएं पूरी कर लेनी चाहिए, जिससे वर्षा ऋतु में होने वाली खरपतवार वृद्धि को नियंत्रित किया जा सके।

चीनी मिल पीलीभीत के मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने मिल द्वारा कृषकों को दी जा रही सुविधाओं एवं विभिन्न अनुदान योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। गन्ना पर्यवेक्षक रोहतास उपाध्याय ने गन्ने में होने वाले लाल सड़न रोग के नियंत्रण उपाय बताए, जबकि राजकमल मिश्र ने फार्म मशीनरी बैंक के अंतर्गत उपलब्ध कृषि यंत्रों की जानकारी किसानों को दी।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक रामभद्र द्विवेदी ने किया एवं अध्यक्षता अग्रणी कृषक रमेश शर्मा द्वारा की गई। गोष्ठी में हरिओम गंगवार (देवीपुरा), सुरेन्द्र, राजेन्द्र, मनोज, सूरज सहित कई स्थानीय कृषकों ने भाग लिया। इस गोष्ठी से कृषकों को गन्ना उत्पादन में नवीनतम तकनीकों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी मिली, जिससे वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकेंगे।

गांधी सभागार में मेधावी छात्र/छात्राओं का सम्मान समारोह सम्पन्न

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Brilliant students
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बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद रहे मुख्य अतिथि

21 विद्यार्थियों को मिला टैबलेट, प्रशस्ति पत्र व 21,000 की प्रोत्साहन राशि

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा प्रेरणा अभियान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर (Collectorate Complex) स्थित गांधी सभागार में शुक्रवार को “मेधावी छात्र/छात्रा (Brilliant students) सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरखेड़ा विधायक एवं महामंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रदेश सरकार की इस योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देना और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। इसी क्रम में पीलीभीत जनपद के विभिन्न विद्यालयों से चयनित कुल 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को ₹21,000 की प्रोत्साहन राशि के चेक, प्रशस्ति पत्र और टैबलेट भेंट किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सशक्त माध्यम मानते हुए प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी मेहनत के लिए सम्मानित कर रही है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़े और वे आगे चलकर देश-प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीकी युग की चुनौतियों को समझते हुए शिक्षा के नए आयामों को आत्मसात करें।

कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्रों की उपस्थिति सराहनीय रही। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।

सम्मान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी झलकती रही। उन्होंने इस सम्मान को अपने जीवन की प्रेरणा बताते हुए आगे की पढ़ाई में और अधिक मेहनत करने की बात कही। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

महिला कांग्रेस ने प्रदेश में बिगड़ती महिला सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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Mahila Congress
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एडीएम के माध्यम से दिया ज्ञापन, प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही महिलाओं के साथ हिंसा और यौन शोषण की घटनाओं को लेकर गुरुवार को जिला महिला कांग्रेस कमेटी (District Mahila Congress Committee) ने कड़ा रुख अपनाया। महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (Additional DM) प्रवेश कुमार को सौंपते हुए प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन महिलाओं के खिलाफ क्रूरता की घटनाएँ सामने आ रही हैं। यौन शोषण और उत्पीड़न के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। महिला कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के संरक्षण में ही महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है और अपराधियों को सत्ताधारी दल के लोगों द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञापन में गाजियाबाद की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि एक महिला की हत्या कर शव को बक्से में बंद कर तालाब के किनारे फेंक दिया गया, जिसकी शिनाख्त अब तक नहीं हो सकी है। महिला कांग्रेस का कहना है कि यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस और कानून-व्यवस्था की असफलता को उजागर करती है। प्रदेश की महिलाओं में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।

महिला कांग्रेस ने महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए, जिससे कानून व्यवस्था को बहाल किया जा सके और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

ज्ञापन सौंपने वालों में महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सरिता चौहान, पीसीसी सदस्य पुष्पा गंगवार, नफीसा, साक्षी, छाया, प्रभा देवी, सीमा देवी, सरिता वर्मा सहित कई महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहीं। इस संबंध में जिला कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट हेमन्त मिश्र ने कहा कि पार्टी महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहेगी और यदि आवश्यकता पड़ी तो जन आंदोलन भी चलाया जाएगा।