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Monday, March 23, 2026
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ठेली चालक के इश्क में अन्धी हुई बीवी ने खेला खूनी खेल, 2 लाख में बुलाए किलर और कराई हत्या

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अलवर: बीते लगातार तीन माह से हो रहे अवैध संबंधों के चलते पतियों के हत्याओं के मामले को लेकर वर्तमान समय में आलम इस कदर है कि अब पति अपनी पत्नी को शक भरी निगाहों से देखने पर मजबूर हो चुके हैं। लगातार हो रही एसी घटनाओं से समाज में गलत मैसेज भी पहुंच रहा है।

ताजा मामला राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली थाना क्षेत्र का है। जहां के निवासी ,मृतक वीरू जाटव अपनी पत्नी अनीता के साथ रहते थे बताते चलें कि मृतक किराना की दुकान चलाते थे।

मृतक की पत्नी भी दुकान पर आकर बैठ जाती थी और बिक्री करने लगती थी। इसी दौरान मोहल्ले का ही प्रेमी काशी वहीं दुकान के पास ठेली लगाता था।

जो की मृतक की दुकान से अक्सर सामान ले जाया करता था इसी दौरान उसके किसी तरीके से मृतक की पत्नी अनीता से बातचीत शुरू हो गई।

जिसके बाद दोनों के बीच में अवैध संबंध भी बन गए। इस दौरान जब पति को कुछ जानकारी हुई।तो उसने रोक-टोक की इसी दौरान प्रेमी और प्रेमिका के दोनों के बीच में रोड़ा बनकर आ रहे पति को दोनों ही लोगों ने हटाने का निर्णय कर लिया और युवक की हत्या कर अंजाम दे दिया।

जानकारी के अनुसार बताया गया कि 8 जून को आरोपी काशी ने हत्या के लिए बुलाए सुपारी किलर के साथ मिलकर पहले शराब पी और उसके बाद प्लान के मुताबिक मृतक के घर पहुंच गए और सोते हुए वीरू जाटव की गला दबाकर हत्या कर दी लेकिन इस दौरान मृतक का बेटा जाग गया तो आरोपियों ने डरा कर उसे वापस सुला दिया।

मामले की जांच कर रहे खेड़ली थाना प्रभारी धीरेंद्र गुर्जर ने बताया कि थाना क्षेत्र में आरोपी पत्नी अनीता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 8 जून को पति की ₹200000 की सुपारी दी इसके बाद प्रेमी काशी ने 4 भाड़े के किलर बुलाए और उसके प्लान के अनुसार मृतक की गला दबाकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए मृतक के भाई गब्बर सिंह ने हत्या का मामला दर्ज कराया था पुलिस लगातार जांच कर रही थी पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी अनीता राज, प्रेमी काशी और सुपारी किलर विश्वाएंड्रा जाटव, निवासी कालवाड़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है

पीलीभीत: 61 सिख परिवारों ने घर वापसी कर गुरुद्वारे में टेका मत्था

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पीलीभीत की तहसील पूरनपुर के नेपाल सीमा के करीब स्थित गांवों में पिछले कुछ समय में 3000 से अधिक सिखों ने ईसाई धर्म अपनाया था। टाटरगंज गुरुद्वारे में हाल ही में लगभग 500 लोगों के घर वापसी का ऐलान किया गया था।

सोमवार को राघवपुरी स्थित गुरुद्वारा में एक समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नौ जत्थेबंदियों और सिख संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

भारतीय सिख संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसवीर सिंह विर्क ने बताया कि इस समारोह में 61 सिख परिवारों ने घर वापसी की और गुरुद्वारे में मत्था टेका। उन्होंने कहा कि ये वे परिवार थे जो लंबे समय से गुरुद्वारे में नहीं आते थे, इसलिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

तत्काल टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़: अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

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  • 1.34 लाख के टिकट बरामद

लखनऊ। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) क्राइम ब्रांच लखनऊ (पूर्वोत्तर रेलवे व उत्तर रेलवे) और आरपीएफ पोस्ट लखनऊ जंक्शन की संयुक्त टीम ने तत्काल रेल टिकटों की कालाबाजारी में लिप्त एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन के पार्सल ऑफिस के पास की गई, जहां दोनों आरोपी टिकटों की डिलीवरी देने की तैयारी में थे।

आरपीएफ की टीम ने मौके पर दबिश देकर मोहम्मद कैफ (24 वर्ष) और गौरव उर्फ प्रिंस (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से कुल 20 तत्काल टिकट (1 असली व 19 टिकटों के फोटोग्राफ) बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 1,34,743/- रूपये है। इसके साथ ही दो मोबाइल फोन, एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह देशभर, विशेषकर दक्षिण भारत के रेलवे आरक्षण केंद्रों से ऑर्डर पर तत्काल टिकट बनवाता था। इन टिकटों को फ्लाइट, रेल और बस के माध्यम से लखनऊ भेजा जाता था। बरामद किए गए 20 में से 14 टिकट लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जरिए भेजे गए थे।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आए हैं। इनमें मुंबई के ट्रैवल एजेंट मनीष कामदार और मयूर गणेश, सीसीएस एयरपोर्ट कार्गो सर्विस के कुछ कर्मचारी तथा दक्षिण भारत के कुछ एजेंट भी शामिल हैं। यह गिरोह एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत कार्य कर रहा था, जो देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से तत्काल टिकट बनवाकर उन्हें काले बाज़ार में ऊंचे दामों पर बेचता था गिरफ्तार अभियुक्तों को आरपीएफ पोस्ट लखनऊ जंक्शन को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह यादव,हेड कांस्टेबल महेन्द्रनाथ (आरपीएफ क्राइम ब्रांच, पूर्वोत्तर रेलवे)उपनिरीक्षक आनंद सिंह,हेड कांस्टेबल अमरेश यादव (आरपीएफ क्राइम ब्रांच, उत्तर रेलवे)सहायक उपनिरीक्षक गोविंद प्रताप सिंह,हेड कांस्टेबल गणेश प्रसाद (आरपीएफ पोस्ट लखनऊ जंक्शन) शामिल रहे।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट केवल अधिकृत माध्यमों से ही बुक कराएं और किसी भी दलाल या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ को दें।

प्राचीन शिव मंदिर जिरौलिया की सड़क और सौंदर्यीकरण का डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने लिया तत्काल संज्ञान

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एटा/फर्रुखाबाद: जैथरा क्षेत्र स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर जिरौलिया और उससे जुड़ी सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर वर्षों से संघर्ष कर रहे भाजपा नेता नीरज दीक्षित के प्रयास आखिरकार रंग लाए। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए 15 जून को संबंधित विभागों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश जारी कर दिए हैं।

यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इससे जुड़ी सड़क पर एक प्राइमरी और एक जूनियर स्कूल भी स्थित है, जिससे शिव भक्तों, कांवड़ियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय जनता को लंबे समय से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिव तेरस और सावन के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सड़क की खस्ताहालत के कारण उन्हें भारी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं। नीरज दीक्षित ने बताया कि वह बीते कई वर्षों से सड़क निर्माण और मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए लगातार प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर प्रयासरत रहे हैं।

पिछले वर्ष 25 से 27 जुलाई 2024 तक उन्होंने भूख हड़ताल भी की थी, जिसके बाद प्रशासन ने तीन महीने में सड़क निर्माण का आश्वासन देकर अनशन खत्म कराया था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी एक ईंट तक नहीं रखी गई, जिससे जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नीरज दीक्षित ने 16 जून को भू समाधि लेने का संकल्प कर लिया था। जैसे ही यह सूचना डिप्टी सीएम बृजेश पाठक तक पहुंची, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि मंदिर का सौंदर्यीकरण और सड़क निर्माण का कार्य प्राथमिकता पर शुरू कराया जाए। इस निर्णय के बाद क्षेत्र में शिव भक्तों, स्कूली छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय जनता में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

जनता ने बृजेश पाठक जी और भाजपा नेता नीरज दीक्षित का आभार प्रकट करते हुए कहा कि अब उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन-प्रशासन इस आदेश को जमीनी स्तर पर कब और कैसे अमल में लाता है, ताकि श्रद्धालुओं और बच्चों को सुरक्षित व सुविधाजनक मार्ग मिल सके।

काशी में 24 जून को होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

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वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान मंगलवार सुबह होटल ताज पहुंचे। यहां 24 जून को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की तैयारियों का जायजा लिया और आयोजन की तैयारियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम द्वारा बैठक के संबंध में की गयी तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान भी मुख्यमंत्री का मध्य क्षेत्रीय परिषद के बैठक की तैयारियों पर जोर था।

गौरतलब है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मेजबान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी रहेंगे।

मंगलवार को निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, सुशील सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

कानपुर में डीएम-सीएमओ महाभारत, बीजेपी में फूट, सियासी तंदूर पर चढ़ा विवाद

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कानपुर: कानपुर की धरती इन दिनों प्रशासनिक महाभारत का अखाड़ा बनी हुई है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी के बीच चल रही तनातनी अब खुलकर सामने आ चुकी है और यह विवाद अब सियासी जामा पहन चुका है।

जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, सीएचसी पीएचसी में गड़बड़ी, और डॉक्टरों के तबादले में कथित मनमानी को लेकर डीएम ने सीएमओ की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेज दी। तभी आग में घी डालने का काम किया तीन ऑडियो क्लिप्स ने जिनमें सीएमओ जैसे आवाज वाला व्यक्ति डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करता सुनाई देता है, और पैसों के खेल की भी चर्चा होती है।

सीएमओ ने सफाई दी कि यह आवाज उनकी नहीं, बल्कि ए आई से बनाई गई नकली क्लिप्स हैं। जवाब न मिलने पर डीएम ने उन्हें मीटिंग से बाहर निकाल दिया। अब यह प्रशासनिक विवाद बीजेपी के गलियारों तक पहुंच गया है।

एक तरफ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, एमएलसी अरुण पाठक और विधायक सुरेंद्र मैथानी जो डॉ. नेमी के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं और उनके सहज व्यवहार और सेवा भावना की तारीफ कर रहे हैं बही दूसरी तरफ बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा जिन्होंने सीएमओ पर भ्रष्टाचार, बदसलूकी और ट्रांसफर पोस्टिंग में धांधली के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग कर दी है।

अब सभी की नजरें टिकी हैं वायरल ऑडियो की जांच पर क्या ये क्लिप्स असली हैं? या वाकई ए आई से बनाई गई साजिश? सच जो भी हो, इस लड़ाई ने कानपुर की सियासत और प्रशासन, दोनों को झकझोर कर रख दिया है।

सवाल वही असली दोषी कौन? और क्या बीजेपी इस अंदरूनी बिखराव से खुद को बचा पाएगी?