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Monday, March 23, 2026
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फाइनेंस रिकवरी के नाम पर खुलेआम गुंडागर्दी, थाना बकेवर क्षेत्र में अवैध वसूली का गिरोह सक्रिय

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इटावा (बकेवर) (यूथ इण्डिया संवाददाता): जनपद इटावा के थाना बकेवर क्षेत्र में इन दिनों एक नया और गंभीर किस्म का अपराध पनप रहा है, जो न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन चुका है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान को भी खतरे में डाल रहा है। क्षेत्र में सक्रिय एक कथित रिकवरी गिरोह फाइनेंस की किस्त बकाया होने के नाम पर खुलेआम गुंडागर्दी और अवैध वसूली कर रहा है। यह गिरोह 4 से 5 युवकों के एक ग्रुप में कार से घूमते हुए दिनभर लोगों को परेशान करता है।

वसूली के नाम पर धमकी और दबाव

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह गिरोह स्वयं को “फाइनेंस रिकवरी एजेंट” बताकर सीधे घरों या रास्ते में गाड़ियों को रोककर जबरन वसूली करता है। ये लोग बकाया वाहन की किस्तों या अतिरिक्त अनुरल परसेंट रेट की बात के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग करते हैं, जो न तो लिखित दस्तावेजों में होती है, न ही कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त होती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह गिरोह बिना किसी वैधानिक नोटिस या कोर्ट आदेश के रिकवरी करने के नाम पर लोगों को गाड़ियों से खींचकर नीचे उतारते हैं, गाली-गलौज करते हैं और मानसिक प्रताड़ना देते हैं। कुछ मामलों में तो रिकवरी के नाम पर गाड़ियों को जबरन ले जाना भी सामने आया है।

ग्रामीणों में भय का माहौल

इस तरह की घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। कई लोगों ने डर की वजह से थाने में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई है। पीड़ितों को डर है कि शिकायत करने के बाद ये लोग और अधिक प्रताड़ना देंगे। बकेवर क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “मेरे ऊपर एक किस्त बाकी थीं। लेकिन अचानक 4 लड़के आए, खुद को फाइनेंस कंपनी से बताया और बोले कि APR जोड़कर ₹18,000 दो, नहीं तो गाड़ी उठा लेंगे। जब मैंने विरोध किया तो गाली गलौज शुरू कर दी और धमकी दी कि पुलिस में जाओगे तो देख लेंगे।”

क्या कहते हैं कानून और नियम

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी फाइनेंस कंपनी केवल अधिकृत और प्रशिक्षित रिकवरी एजेंट्स द्वारा ही किस्त की रिकवरी कर सकती है। उन्हें भी ग्राहकों को लिखित नोटिस देना होता है, और किसी प्रकार की जबरदस्ती, मानसिक प्रताड़ना या अभद्रता पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर फाइनेंस कंपनी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।

प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल? यह गंभीर विषय थाना बकेवर के अंतर्गत आता है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से जनता में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह भी है कि आखिर ऐसे गिरोह क्षेत्र में निर्भय होकर खुलेआम वाहन रोककर वसूली कैसे कर रहे हैं? जनहित की मांगें ऐसे अवैध गिरोहों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए। रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाए। पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाए और ऐसे क्षेत्रों में नियमित निगरानी हो।

फाइनेंस कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जाए कि कहीं उनकी मिलीभगत तो नहीं है। पीड़ितों को बिना डर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रशासन भरोसा दे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

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गोरखपुर | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने हर एक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जन-समस्याओं का शीघ्र एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों से आए लोगों ने भूमि विवाद, चिकित्सा सहायता, नौकरी, पेंशन, बिजली, सड़क और पुलिस से संबंधित शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनहित के मामलों में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह जनसंपर्क कार्यक्रम आम जनमानस में प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

ज़ूनो जनरल इंश्योरेंस ने क्रैश-डिटेक्शन की सुविधा वाला मोटर कवर किया लॉन्च

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Zuno
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नई दिल्ली: ज़ूनो जनरल इंश्योरेंस (Zuno General Insurance) नए जमाने की डिजिटल बीमा कंपनी (digital insurance company) है, जो बीमा को आसान एवं सुविधाजनक बनाने और इसमें नयापन लाने की संकल्प पर कायम है। ज़ूनो ने अपने फ्लैगशिप ज़ूनो स्मार्ट ड्राइव कार इंश्योरेंस (Insurance) में भारत का पहला रियल-टाइम क्रैश डिटेक्शन फीचर पेश किया है। इस सुविधा को जोड़े जाने से ग्राहकों को सड़क किनारे तुरंत सहायता उपलब्ध होगी और दावों के निपटान की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे इनोवेटिव और ग्राहकों को अहमियत देने वाली बीमा कंपनी के तौर पर ज़ूनो की स्थिति और मजबूत हुई है।

इस नए फीचर के जुड़ने के बाद, ज़ूनो स्मार्ट ड्राइव अब केवल सुरक्षित ड्राइविंग के लिए रिवॉर्ड देने से कहीं आगे निकल गया है। अब एडवांस्ड मोबाइल टेलीमैटिक्स सिस्टम को ज़ूनो ऐप में शामिल किया गया है, जो अपने आप ही दुर्घटनाओं का पता लगाता है और ज़ूनो सपोर्ट टीम को इसकी सूचना देता है। इस तरह, ग्राहक के बिना बताए ही तुरंत सड़क किनारे सहायता उपलब्ध होती है, दावों की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और मदद मिल जाती है। इससे आपात स्थितियों में ग्राहक के कीमती समय की बचत होती है — साथ ही यह भी सुनिश्चित होता है कि जरूरत के वक्त सहायता उपलब्ध हो।

ज़ूनो जीआई उपयोग-आधारित बीमा में सबसे आगे है, जिसने पहले ही ज़ूनो स्मार्ट ड्राइव में ‘पे हाउ यू ड्राइव’ को बिना किसी अतिरिक्त लागत के भारत के पहले बिल्ट-इन फीचर के तौर पर पेश किया है, जो ग्राहकों को वास्तविक समय में उनके ड्राइविंग के तौर-तरीके के आधार पर रिवॉर्ड देता है। ये प्लेटफ़ॉर्म वाहन की रफ्तार, ब्रेकिंग और एक समान तरीके से ड्राइविंग जैसे घटकों पर नजर रखकर, जिम्मेदारी से वाहन चलाने की आदतों को बढ़ावा देता है।

ज़ूनो आज की कनेक्टेड दुनिया में मोटर बीमा की पेशकश के स्तर को लगातार बेहतर बना रहा है — यह स्मार्ट, मददगार और ग्राहकों को सबसे ज्यादा अहमियत देने वाला है। ग्राहकों को ध्यान में रखकर किए गए इस इनोवेशन के बारे में बात करते हुए, ज़ूनो जनरल इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ, शनाई घोष ने कहा, “ज़ूनो में, हम इंश्योरेंस को एहतियाती सुरक्षा का सच्चा साथी बनाना चाहते हैं। ज़ूनो स्मार्ट ड्राइव एक ऐसा बीमा है जो आपका ख्याल रखता है, मुश्किल घड़ी में आपका साथ देता है, और आपकी सुरक्षा को सबसे पहले रखता है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भारत में सड़क दुर्घटनाओं पर 2022 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 461,312 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें मरने वालों की संख्या 168,000 से अधिक है — जो 2021 की तुलना में 11.9% अधिक है। यह रिपोर्ट अत्याधुनिक तकनीक वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की जरूरत को उजागर करती है, और ज़ूनो का क्रैश डिटेक्शन फीचर इसमें अपना योगदान देना चाहता है।

फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा

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Police
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ (Lucknow) के थाना सरोजनीनगर एवं सर्विलांस सेल पुलिस उपायुक्त दक्षिणी (Deputy Commissioner of Police Southern) की संयुक्त टीम द्वारा फर्जी कॉल सेंटर (fake call center) संचालित करके लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने वाले गिरोह के 04 शातिर अभियुक्त अभियुक्ता को गिरफ्तारी किया गया है।

थाना बंथरा एवं सर्विलांस सेल पुलिस उपायुक्त दक्षिणी की संयुक्त पुलिस टीम ने फर्जी कॉल सेंटर संचालित करके लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने वालो गिरोह पर शिकंजा कसा है।

आप को बता दें कि थाना बंथरा व डीसीपी साउथ जोन की सर्विलेंस सेल द्वारा कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी की गई है। जिसमें मोबाइल स्मार्टफोन कीपैड फोन लैपटॉप चार्जर चीजें बरामद किया गया है।

सेफ सिटी योजना बनी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की ढाल

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Safe City
Safe City

लखनऊ: योगी सरकार (yogi government) की सेफ सिटी परियोजना (Safe City Scheme) महिलाओं, बेटियों, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सारथी बनकर उभरी है। योगी सरकार सेफ सिटी परियोजना प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा का नया प्रतिमान स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की दूरदर्शी सोच और प्रशासन की सक्रियता ने इसे एक मॉडल योजना बना दिया है, जिससे प्रदेश की महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांगजन स्वयं को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

यह योजना उस भरोसे का प्रतीक है, जो योगी सरकार ने हर नागरिक के मन में सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए पैदा किया है। 80 नए टर्मिनल की स्थापना कर डाटा एनालिटिक्स सेंटर और साइबर सेल को किया गया मजबूत

डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महिलाओं, बालिकाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेफ सिटी परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। यह परियोजना प्रदेश के 17 नगर निगमों और गौतमबुद्धनगर में संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को एक सुरक्षित, संरक्षित एवं सहज वातावरण प्रदान करना है। इस परियोजना के तहत महिला सुरक्षा को लेकर कई अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। इसमें पिंक पुलिस बूथ से लेकर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, डिजिटल प्रचार से लेकर महिला जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूती से लागू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 17 नगर निगम और गौतमबुद्धनगर में 100 पिंक पुलिस बूथ बनाए गए हैं, जहां महिला पुलिस बल तैनात रहती हैं। इसके साथ ही 100 जीपीएस युक्त पिंक स्कूटी और 10 पिंक SUV वाहन सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा 1090 और यूपी-112 को इंटरऑपरेटिव बनाया गया है ताकि त्वरित प्रतिक्रिया हो सके। वहीं 1090 कॉल सेंटर में 80 नए टर्मिनल की स्थापना की गई है, जिससे डेटा एनालिटिक्स सेंटर और साइबर सेल मजबूत हो सके। इतना ही नहीं 54,000 लोगों को महिला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें पुलिसकर्मी, सरकारी व गैर-सरकारी कर्मी, सुरक्षा गार्ड, छात्र-छात्राएं और अध्यापक शामिल हैं।

सेफ सिटी के तहत लगाए गए 47 हजार से अधिक सीसीटीवी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एलईडी वैन, डिजिटल वॉल पेंटिंग, नाटक व वेब प्लेटफॉर्म के जरिए महिला जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यहां पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सेंटर की स्थापना की गई है। ब्रेल लिपि में जनसूचना, दिव्यांगों के लिए क्रॉसिंग पर साइनेज, दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु विशेष रैंप बनाए गए हैं। सर्वेक्षण कर 4,150 डार्क स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां उचित प्रकाश की व्यवस्था की गई है। 47,422 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

4,150 संवेदनशील स्थान (हॉटस्पॉट्स) पर प्रभावी पुलिस प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। सवेरा योजना के तहत मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम और सेफ्टी मेजर्स पर आधारित सेफ सिटी बेस्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है। महिला जागरूकता के लिए ‘संवाद वेणी’ जैसे मोटिवेशनल टॉक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। आशा ज्योति केंद्र परियोजना के तहत रेस्क्यू वैन, एडमिनिस्ट्रेटिव वाहन आदि की व्यवस्था की गई है।

लखनऊ: लोहिया संस्थान में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का शुभारंभ

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लखनऊ: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ (Lucknow) द्वारा RPG मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, शहीद पथ परिसर में अत्याधुनिक पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का भव्य शुभारंभ किया गया। यह केंद्र उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गहन तीव्र कुपोषण (SAM) से निपटने और बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारीगण, विकास सहयोगी, तथा संस्थागत पदाधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ फीता काटकर किया गया, जिसके पश्चात एनआरसी की प्रभारी डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव द्वारा केंद्र का अवलोकन भ्रमण कराया गया। केंद्र में विशेषीकृत क्लिनिकल वार्ड, उपचारात्मक रसोईघर, परामर्श कक्ष, एवं बाल मैत्रीपूर्ण खेल क्षेत्र शामिल हैं।

एनआरसी की नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव ने केंद्र की दृष्टि को रेखांकित करते हुए कहा— “यह केंद्र केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कुपोषित बच्चों के जीवन की दिशा बदलने हेतु एक सशक्त माध्यम बनेगा, जो साक्षर देखभाल, परिवार शिक्षण, एवं अग्रिम पंक्ति के अनुसंधान के माध्यम से साकार होगा।”

डॉ. दीप्ति अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का हार्दिक स्वागत करते हुए एनआरसी की आवश्यकता पर बल दिया। इसके उपरांत यूनिसेफ के प्रोग्राम मैनेजर डॉ. अमित मेहरोत्रा, पारिवारिक कल्याण निदेशालय की महानिदेशक डॉ. सुषमा सिंह, एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने अपने संबोधन में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में कुपोषण उन्मूलन के लिए बहु-क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया।

संस्थान के निदेशक प्रो. सी. एम. सिंह ने एनआरसी को सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता एवं चिकित्सकीय उत्कृष्टता का आदर्श बताया। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन – उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने मुख्य वक्ता के रूप में इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र विशेष रूप से 6 माह से कम आयु के शिशुओं के लिए लंबे समय से चली आ रही देखभाल की खामियों को दूर करेगा।

यह केंद्र एक “Centre of Excellence” के रूप में कार्य करेगा, जहाँ शिशु कुपोषण प्रबंधन हेतु अनुसंधान व प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, विशेषकर उन नवजातों के लिए जो पारंपरिक उपचार पद्धतियों में प्रायः उपेक्षित रह जाते हैं। कार्यक्रम में डॉ. शारदा चौधरी (अपर निदेशक, पारिवारिक कल्याण), डॉ. गौरव (RBSSK प्रभारी), डॉ. रबी पार्ही (पोषण अधिकारी, यूनिसेफ) तथा डॉ. श्रीकेश सिंह (MS, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
एनआरसी अब कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार एवं पुनःपालन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा, साथ ही यह पोषण प्रबंधन हेतु अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का एक अग्रणी मंच भी बनेगा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं अल्पाहार के साथ हुआ।