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Monday, March 23, 2026
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403 विधानसभाओं में समावेशी विकास की ठोस पहल के निर्देश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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CM Yogi
CM Yogi

– 30 जून तक सभी जिलों से भेजे जाएं गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव, विकास कार्यों में हो जनभागीदारी

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लोक निर्माण विभाग की 18 प्रमुख योजनाओं को लेकर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 403 विधानसभा (Assembly) क्षेत्रों में समावेशी विकास की दिशा में ठोस पहल हो, और सभी 75 जिलों से 30 जून तक प्रस्ताव प्राप्त हो जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्ताव स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित हों और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से तैयार किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन/शिलान्यास स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कराया जाए, जिससे जनभागीदारी को प्रोत्साहन मिले। सीएम योगी ने धार्मिक स्थलों को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने की बात कही।

उन्होंने निर्देश दिए कि हर साल प्रदेश के टॉप-50 धार्मिक स्थलों का चयन कर उन्हें जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण/सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता पर हो। इससे न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल, बुंदेलखंड, यमुना, आगरा और गंगा एक्सप्रेसवे की चर्चा करते हुए उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को और सशक्त करने पर बल दिया।

गड्ढामुक्त सड़कें, सड़क सुरक्षा और मॉनसून से पहले तैयारी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी मार्ग पर गड्ढे नहीं दिखने चाहिए। उन्होंने डार्क स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में लघु सेतु और सड़कों की मरम्मत के लिए अग्रिम योजना बनाने की बात कही, ताकि बरसात खत्म होते ही कार्य प्रारंभ हो सके।

नोडल अधिकारी और साप्ताहिक समीक्षा से सुनिश्चित हो गुणवत्ता

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जिले में एक नोडल अधिकारी नामित करें, जो कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करे। साथ ही जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति मासिक व द्वैमासिक बैठकों में सुनिश्चित हो।
उन्होंने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि दागी ठेकेदारों की पहचान कर जांच के बाद कार्रवाई की जाए। विकास कार्यों की ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसहभागिता से ही जनता का विश्वास मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सुशासन मॉडल — उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास का नया युग

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Sharad Katiyar
Sharad Katiyar

शरद कटियार

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) का कार्यकाल एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ है। 2017 में जब उन्होंने सत्ता संभाली, तब प्रदेश अपराध, भ्रष्टाचार, माफिया राज और अराजकता की चपेट में था। आम जनता में शासन व्यवस्था को लेकर अविश्वास और भय का माहौल व्याप्त था। लेकिन चंद वर्षों में ही जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी ने न केवल प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि सुशासन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया, वह निःसंदेह ऐतिहासिक और अनुकरणीय है।

योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि अपराध नियंत्रण और माफिया राज का खात्मा मानी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब अपराधियों और माफियाओं की शरणस्थली नहीं बनेगा। राज्य में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की बात करें तो 2017 से 2023 के बीच पुलिस ने 10,000 से अधिक एनकाउंटर किए, जिनमें 186 दुर्दांत अपराधी मारे गए और 5,000 से अधिक घायल हुए। माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, विकास दुबे जैसे नाम अब उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य से मिटाए जा चुके हैं। यह बदलाव केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि जनता के आत्मविश्वास की पुनःस्थापना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 3,300 करोड़ रुपये से अधिक की माफियाओं की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गईं। ‘बुलडोजर बाबा’ की संज्ञा प्राप्त योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर नकेल कसी गई, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय जनता को बड़ी राहत मिली। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी योगी सरकार ने कई क्रांतिकारी पहलें की हैं। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं को जागरूक करने, आत्मरक्षा सिखाने और सुरक्षा का वातावरण देने की कोशिश की गई। 1090 वूमेन पावर लाइन को और मजबूत किया गया। महिला थानों की स्थापना, पिंक बूथ और विशेष महिला पुलिस दलों की तैनाती जैसे कदमों से महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

आज उत्तर प्रदेश में महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं और शिकायत दर्ज कराने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मिशन शक्ति के तहत 7 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ मिला है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल प्रणाली को प्राथमिकता दी गई। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों को मिला, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई।

पीएम आवास योजना के अंतर्गत 1.60 करोड़ घरों का निर्माण हुआ, 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना आदि योजनाओं में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया।

ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देकर योगी सरकार ने सरकारी प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाया। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, जाति और निवास प्रमाणपत्र से लेकर नगर निगम के टैक्स भुगतान तक की व्यवस्था डिजिटल हो चुकी है। उत्तर प्रदेश अब निवेश के क्षेत्र में भी अग्रणी बन गया है। 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

अनुमान के अनुसार, इससे 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित होंगे। राज्य में औद्योगिक गलियारों का निर्माण, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल पार्क, फिल्म सिटी, टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं से निवेशकों को आकर्षित किया गया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, कानपुर, गोरखपुर, जेवर आदि शहर विकास के नये मॉडल बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं को मुख्यमंत्री योगी ने ज़मीनी स्तर पर लागू कर दिखाया है। यही कारण है कि आज यूपी देश की अर्थव्यवस्था में एक अहम भूमिका निभा रहा है। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश ने न केवल कानून व्यवस्था और विकास में प्रगति की, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में भी ऐतिहासिक कार्य किए। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण हो रहा है, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बन चुका है, मथुरा-वृंदावन का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।

इन परियोजनाओं ने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिला है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है। कोरोना महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली ने पूरे देश में मिसाल कायम की। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में से एक होते हुए भी यूपी ने टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट की प्रभावशाली रणनीति अपनाई। लाखों प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित घर पहुँचाया गया, राशन और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई गईं।

सरकार द्वारा शुरू की गई कोविड हेल्प डेस्क, कोविड केयर सेंटर, ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली और वैक्सीनेशन अभियान ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में ला खड़ा किया। आज उत्तर प्रदेश न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन चुका है। टाइम मैगजीन, बीबीसी, वॉशिंगटन पोस्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थाओं ने योगी मॉडल की तारीफ की है।

विदेशी कंपनियों का उत्तर प्रदेश में निवेश करना, अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों में यूपी का प्रतिनिधित्व करना इस बात का प्रमाण है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल इस बात का उदाहरण है कि यदि नेतृत्व में दृढ़ संकल्प, ईमानदारी और नीतिगत स्पष्टता हो तो सबसे जटिल प्रदेश को भी विकास और कानून व्यवस्था की दिशा में अग्रसर किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश की जनता को अब अपने राज्य पर गर्व है। यह बदलाव केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह आमजन की जिंदगी में आया वह बदलाव है, जिसे महसूस किया जा सकता है। योगी मॉडल एक ऐसा मॉडल बन गया है, जिसे भारत के अन्य राज्यों के साथ-साथ विकासशील देशों में भी अपनाया जा सकता है। अब जबकि प्रदेश 2027 की ओर बढ़ रहा है, जनता की अपेक्षाएं और बढ़ गई हैं। लेकिन योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली, प्रशासनिक सख्ती और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को देखकर कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश अब पीछे नहीं लौटेगा — यह एक नए भारत के निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़ा राज्य बन चुका है।

शरद कटियार

प्रधान संपादक, दैनिक यूथ इंडिया

हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद थाने में हुआ समझौता, कथावाचक ने कलावा-तिलक पर की गई टिप्पणी पर मांगी माफी

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– क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा की मौजूदगी में हुआ विवाद का शांतिपूर्ण समाधान

अमृतपुर (फर्रुखाबाद): राजेपुर थाना (Rajepur police station) क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर में आयोजित एक बौद्ध कथा के दौरान कथावाचक (narrator) द्वारा हिंदू धार्मिक प्रतीकों कलावा और तिलक पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवाद गहरा गया। इसको लेकर विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के जिला मंत्री विमलेश मिश्रा व अन्य कार्यकर्ताओं ने तीव्र आपत्ति जताई और विरोध जताया।

घटना के बाद शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक राजेपुर थाने में दोनों पक्षों के बीच वार्ता होती रही। इस दौरान क्षेत्राधिकारी अमृतपुर अजय वर्मा, थाना अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, जिला पंचायत सदस्य राहुल कुशवाहा, आयोजक अनिल कुशवाहा, व अन्य सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। कथावाचक द्वारा कथा के दौरान सार्वजनिक रूप से हिंदू धर्म के कलावा और तिलक लगाने की परंपरा पर टिप्पणी की गई थी, जिसे हिंदू संगठनों ने धर्म का अपमान बताया। विश्व हिंदू परिषद के विमलेश मिश्रा और उनके समर्थकों ने कथावाचक से सार्वजनिक माफी की मांग की।

थाने में आयोजित वार्ता के दौरान सलेमपुर निवासी आयोजक अनिल कुशवाहा ने लिखित रूप में माफी मांगी और स्वीकार किया कि कलावा और तिलक पर की गई टिप्पणी अनुचित थी। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का भी आश्वासन दिया। वार्ता के दौरान विमलेश मिश्रा और जिला पंचायत सदस्य राहुल कुशवाहा के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। राहुल कुशवाहा ने कहा कि “मेरा पक्ष माफी नहीं मांगेगा,” जिस पर विमलेश मिश्रा ने कहा कि “यदि कलावा और तिलक की माफी नहीं मांगी गई तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।”

स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण रही, लेकिन क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा की मध्यस्थता और समझदारी से मामला शांत हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हुआ। विवाद के चलते विहिप की ओर से 40–50 पदाधिकारी व समर्थक तथा राहुल कुशवाहा के पक्ष से लगभग 30–40 ग्रामीण राजेपुर थाने पहुंचे, जिससे थाने में तीन घंटे तक काफी भीड़भाड़ बनी रही। हालांकि, पुलिस बल की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में रही।

क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने प्रेस से बातचीत में बताया, “दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। कथावाचक की ओर से आयोजक अनिल कुशवाहा ने लिखित रूप में माफी दी है और भविष्य में ऐसा न करने का वादा किया है।” इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ी बातों को लेकर समाज में संवेदनशीलता बनी रहती है। ऐसे में आयोजकों और वक्ताओं को संयम और सौहार्द के साथ अपनी बातें कहनी चाहिए ताकि सामाजिक समरसता बनी रहे।

आला कत्ल सहित दो हत्यारोपी गिरफ्तार, पांच दिन में पुलिस ने किया खुलासा

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arrested
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– अमृतपुर के उतरनपुर लीलापुर में पत्थर से कुचलकर की गई थी हत्या, शीघ्र अन्य आरोपित भी गिरफ्त में

फर्रुखाबाद: थाना अमृतपुर (Police Station Amritpur) क्षेत्र में बीते 14 जून को हुए हत्या (murder) के मामले का पुलिस (police) ने खुलासा करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल (भारी पत्थर) भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश तेज कर दी गई है।

इसकी जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने घटना का शीघ्र खुलासा करने वाली थाना अमृतपुर पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि “पुलिस ने पांच दिन के भीतर आरोपियों को पकड़कर अपनी सक्रियता और तत्परता का परिचय दिया है, जिसके लिए टीम बधाई की पात्र है।”

14 जून को थाना अमृतपुर क्षेत्र के उतरनपुर लीलापुर गांव में कप्तान सिंह उर्फ कवितान सिंह की उनके चेहरे पर भारी वस्तु (पत्थर) से वार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस ने सूत्रों को सक्रिय किया और मिली सूचना के आधार पर अक्षय कुमार पुत्र नेत्रपाल एवं सवी उर्फ स्वदेश पुत्र अछही, दोनों निवासी उतरनपुर लीलापुर, को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल (पत्थर) भी बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शेष चार नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज़ कर दिए गए हैं और जल्द ही सभी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस की ओर से आम जनता से अपील की गई है कि कोई भी संदिग्ध जानकारी होने पर तुरंत स्थानीय थाने को सूचित करें।

पेट्रोल पंप की मशीन से टकराया ड्रोन, मचा हड़कंप

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petrol pump
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पुलिस ने ड्रोन किया कब्जे में, जांच शुरू

पीलीभीत: नौगवां ओवरब्रिज के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप (petrol pump) पर बृहस्पतिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक आसमान से उड़ता हुआ एक ड्रोन (Drone) सीधे पंप की मशीन से आ टकराया। इस अप्रत्याशित घटना से वहां कार्यरत कर्मचारी घबरा गए और तुरंत स्थिति को संभालते हुए पुलिस को सूचना दी।

प्रत्यक्षदर्शी एवं पंपकर्मी दिनेश चंद्र शर्मा के अनुसार, वह अन्य कर्मचारियों के साथ वाहनों में पेट्रोल भरने का कार्य कर रहे थे, तभी आसमान से एक ड्रोन पंप की मशीन से आ भिड़ा। मशीन से टकराते ही तेज आवाज हुई, जिससे मौके पर मौजूद सभी कर्मचारी और ग्राहक दहशत में आ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही सुनगढ़ी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ड्रोन को कब्जे में लेकर आवश्यक जांच पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि ड्रोन किसने और किस उद्देश्य से उड़ाया था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन को तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है ताकि उसके स्वामी और उड़ान की मंशा का पता लगाया जा सके। फिलहाल, सुरक्षा कारणों से पेट्रोल पंप क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर चिंता व्याप्त है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सतर्क हो गई हैं।

ट्रांस शारदा क्षेत्र में तहसीलदार का छापा, अवैध खनन में लिप्त ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी

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tractor-trolley
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हजारा पुलिस को सौंपी गई कार्रवाई हेतु, खनन माफियाओं में मचा हड़कंप

हजारा (पीलीभीत): तहसील पूरनपुर के तेजतर्रार तहसीलदार (Tehsildar) हवीब उर रहमान अंसारी ने बुधवार को ट्रांस शारदा (Trans Sharda) क्षेत्र में अचानक छापा मारकर अवैध खनन की गतिविधियों को उजागर कर दिया। मौके पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली (tractor-trolley) को अवैध खनन में संलिप्त पाया गया, जिसे तुरंत जब्त कर हजारा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।

तहसीलदार के इस एक्शन से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खनन का धंधा करने वालों में भय का माहौल व्याप्त है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से ट्रांस शारदा क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ने खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

तहसील प्रशासन ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और आगे भी इसी प्रकार की छापेमारी जारी रहेगी। वहीं, हजारा पुलिस ने जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने में खड़ा कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्रवासियों ने सराहना की है और अपेक्षा जताई है कि अवैध खनन पर इसी प्रकार सख्ती जारी रहेगी।