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Tuesday, March 24, 2026
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, मुख्यमंत्री योगी करेंगे उद्घाटन

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Gorakhpur
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– ₹7,283 करोड़ की लागत से बना 91.352 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल को मिलेगी नई रफ्तार

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) आज पूर्वांचल के बहुप्रतीक्षित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Link Expressway) का लोकार्पण करेंगे। करीब ₹7,283 करोड़ की लागत से तैयार हुए 91.352 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन (inaugurate) समारोह जैतपुर (NH-27), गोरखपुर में दोपहर 12:30 बजे से आयोजित किया जाएगा। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से अब गोरखपुर, संत कबीर नगर, अम्बेडकरनगर और आजमगढ़ जैसे प्रमुख जिलों की राजधानी लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय विकास को गति देगा, रोजगार के नए अवसर खोलेगा और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगा।

यह लिंक एक्सप्रेसवे आजमगढ़ जिले के जैतापुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलकर न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल को राजधानी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। इससे न केवल सफर आसान होगा बल्कि समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

हॉस्टल में छिपा था बेहद जहरीला सांप देखकर मचा हड़कंप, सर्पमित्र ने किया रेस्क्यू

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snake
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(सर्पमित्र डॉ आशीष ने करैत सांप को रेस्क्यू कर देर रात्रि में ही वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ा)

प्रवीन कुमार

इटावा: थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र के अंतर्गत बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर (Dr Bhimrao Ambedkar) कृषि अभियांत्रिकी एवम प्रौद्योगिकीमहाविद्यालय, इटावा (Etawah) के विशाल 141.2 एकड़ के हरे भरे विशाल परिसर में कभी कभी खतरनाक जीव जन्तु निकल ही आते है। इसी क्रम में बारिश के बाद परिसर में स्थापित सी वी पॉल छात्रावास में देर रात्रि लगभग 10 बजे एक बेहद ही खतरनाक साइलेंट किलर सांप (snake) करैत हॉस्टल की बाहरी दीवार के पास आकर छिपकर बैठ गया था जिसे अचानक से हॉस्टल की लाइट चली जाने के बाद गर्मी से परेशान होकर टहलने बाहर निकले छात्रों ने मोबाइल की रोशनी में देख लिया।

तभी सांप की खबर सुनकर अन्य सभी छात्र भी दौड़कर कमरों से बाहर आ गए फिर छात्र शिवम ने महाविद्यालय परिसर में विगत वर्ष 2024 के फरवरी माह में माननीय कुलपति,कृषि विश्विद्यालय,कानपुर प्रो0 आनन्द कुमार सिंह के कुशल दिशा निर्देशन में विश्विद्यालय के कुलपति के अनुमोदन उपरांत डीन डॉ एन के शर्मा के द्वारा छात्रहित के प्रयासों के क्रम में स्थापित की गई वन्यजीव रेस्क्यू हेल्पडेस्क प्रभारी वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष को हॉस्टल में एक खतरनाक सांप के मौजूद होने की सूचना छात्र शिवम अग्रहरी द्वारा उनके व्हाट्सएप नंबर 7017204213 पर एक फोटो भेजकर दी।

दूसरी सूचना डीन कृषि इंजीनियरिंग कालेज द्वारा भी सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को फोन पर तत्काल ही दी गई। जिसका संज्ञान लेते हुए डॉ आशीष ने देर रात्रि में ही तुरंत मौके पर जाकर बड़ी मशक्कत से अंधेरे में ही कई मोबाइल की रोशनी में उस खतरनाक करैत सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया । रेस्क्यू के बाद मौके पर मौजूद छात्रों ने राहत की सांस ली और तालियां बजाकर सर्पमित्र डॉ आशीष का तत्काल मदद के लिए विशेष अभिवादन किया।

छात्रों को किया गया जागरूक दी गई सर्पदंश की विशेष जानकारी

मौके पर पहुंचे वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने रेस्क्यू के बाद सभी उपस्थित सभी छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि, बरसात के मौसम में आप सभी थोड़ा सा सावधान रहें और अपने आस पास हमेशा देखकर ही बैठे या सोएं। उन्होंने बताया कि ये लगभग 3 फीट लम्बा न्यूरोटॉक्सिक वेनम धारी बेहद ही खतरनाक सांप करैत था जिसके काट लेने पर समय से इलाज न लेने पर मृत्यु भी हो जाती है उन्होंने सभी को जानकारी देते हुए यह भी बताया कि, कभी भी सर्पदंश होने पर किसी को भी घबराना नही चाहिए बल्कि जल्दी से काटे हुए स्थान से ह्रदय की ओर एक हल्की सी पट्टी लपेटकर नजदीक ही बने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 3 नंबर कमरे में पहुंच जाना चाहिए।

हर प्रकार के सर्पदंश का शत प्रतिशत सुरक्षित इलाज जनपद के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद है साथ ही कहा कि,किसी भी प्रकार के वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने पर भारतीय वन्यजीव अधिनियम की धारा 1972 के तहत कड़ी सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है अतः कभी भी उन्हें न मारें बल्कि तत्काल हमें सूचना दें। करैत सांप को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, इटावा के दिशा निर्देशन में सुरक्षित प्राकृतवास में ले जाकर छोड़ दिया गया।

ज्ञात हो कि सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी जनपद इटावा में यूपी पुलिस की डायल 112 सेवा और वन विभाग के सहयोग से इससे पूर्व भी कई सैकड़ा वन्यजीवों को पिछले कई वर्षों से सुरक्षित उनके प्राकृतवास में ले जाकर छोड चुके है साथ ही साथ जनपद इटावा की जनता सहित जनपद के विभिन्न स्कूली छात्र छात्राओं को पर्यावरण एवम वन्यजीव संरक्षण के साथ साथ सर्पदंश से बचाव के लिए भी लगातार जागरूक करते रहते है।

रेस्क्यू हेल्पडेस्क पर कॉल से सभी को मिल रही है विशेष सुविधा और सुरक्षा

डॉ आशीष त्रिपाठी की संस्था ओशन द्वारा जनपद में चलाई जा रही विशेष नि:शुल्क स्नेक बाइट हेल्पलाइन से जनपद की जनता अब सर्पदंश होने पर डॉ आशीष से तत्काल संपर्क कर नि:शुल्क सहायता पाकर अपने आपको 100% सुरक्षित महसूस करती है और इसी के साथ संस्था ओशन के महासचिव डॉ आशीष त्रिपाठी जनपद इटावा में राज्य आपदा (सर्पदंश) को नियंत्रित करने में अपनी बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका भी अदा कर रहे है।

सनसनीखेज़ खुलासा: Cloud Particle के डिजिटल फ्रॉड में अब और नाम आए सामने, करोड़ों की ठगी के आरोप में नए चेहरों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी

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fraud
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– ED की जांच में बड़ा खुलासा, लखनऊ ऑफिस पर ताला, साक्ष्य गायब, यूथ इंडिया खोलेगा फरेब की परतें

शरद कटियार

लखनऊ/नोएडा: देश की राजधानी से सटे नोएडा (Noida) में स्थापित माय क्लाउड पार्टिकल कंपनी, जिसे veunew ग्रुप द्वारा संचालित किया जा रहा था, अब ₹3,500 करोड़ के एक हाई-प्रोफाइल डिजिटल घोटाले (High-profile digital fraud) का केंद्र बन चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में कंपनी के प्रमुख सुखविंदर सिंह खरोड़ और उनकी पत्नी डिंपल खरोड़ को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन इस घोटाले की परतें अब और भी गहराई से खुलने लगी हैं। एक बड़ी जांच एजेंसी के हवाले से मिली विशेष जानकारी के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े और कई नाम ED के रडार पर हैं।

जांच में सामने आए संभावित सहयोगियों के कई प्रमुख नाम सामने आये हैं। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने कंपनी के लिए निवेशकों को जोड़ने, “घर बैठे कमाई” और “डेटा सेंटर पर निवेश” जैसे झूठे वादों को फैलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन सभी पर शिकन्जा कसने की तैयारी है। देशभर के ठगे गए निवेशकों की आवाज़ को मंच देने और इस घोटाले की गहराई तक पहुँचने के लिए यूथ इंडिया इस पूरे मामले की परत-दर-परत पड़ताल कर रहा है।

इस मीडिया प्लेटफॉर्म ने न केवल ई डी की रिपोर्टों को सामने लाया है, बल्कि निवेशकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों को भी दस्तावेज़ित किया है। यूथ इंडिया आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और कई नामों तथा दस्तावेजों को उजागर करेगा। बड़ी जांच एजेंसी के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि:लखनऊ ऑफिस से बरामद हुई हार्ड डिस्क और दस्तावेजों में छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं।

सीसीटीवी फुटेज के कई हिस्से डिलीट या गायब कर दिए गए हैं। कुछ तकनीकी डाटा विदेश में ट्रांसफर होने की आशंका है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जहां ED ने कंपनी के मुख्य संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं इन सहयोगियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या इन्हें किसी राजनीतिक या रसूखदार संरक्षण का लाभ मिल रहा है?
क्या यह घोटाला किसी और बड़े नेटवर्क का हिस्सा है?

प्रवर्तन निदेशालय ने नागरिकों को चेताया है कि “हर महीने किराया”, “100% रिटर्न” या “डिजिटल निवेश से लाखों की आमदनी” जैसी योजनाओं से सावधान रहें। यदि आपने My Cloud Particle या Vuenow Group में निवेश किया है, तो तुरंत अपने क्षेत्रीय पुलिस स्टेशन या ईडी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।

”डिजिटल इंडिया के नाम पर हुआ सबसे बड़ा फ्रॉड?”यूथ इंडिया की तहकीकात से सामने आ रही हैं परतें”

“जांच एजेंसियां अलर्ट, आने वाले दिनों में कई बड़े नाम हो सकते हैं बेनकाब”

वर्ष भर बाद भी नहीं सुलझी जलभराव की समस्या, किदवई नगर व शिवाजी नगर की जनता बेहाल

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waterlogging
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– 30 जून 2024 को विधायक के निरीक्षण के बाद भी नहीं हुई स्थायी व्यवस्था, बरसात में फिर डूबी गलियाँ

मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद): पिछले वर्ष 30 जून को किदवई नगर और शिवाजी नगर (Shivaji Nagar) में जलभराव waterlogging) की समस्या को लेकर मोहल्लेवासियों द्वारा की गई शिकायत पर भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर भौतिक निरीक्षण किया था। समस्या के स्थायी समाधान हेतु निर्देश भी दिए गए थे, परंतु एक वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

बारिश के शुरुआती दौर में ही मोहल्लों की गलियाँ एक बार फिर जलमग्न हो गई हैं। घरों में पानी घुसने लगा है और राहगीरों को निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित हैं। 30 जून 2024 को हुए निरीक्षण के दौरान विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के साथ एडीएम फाइनेंस सुभाष प्रजापति, एसडीएम सदर गजराज सिंह, पीडब्ल्यूडी जेई उदय राजकुमार और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान विधायक ने ग्रामीण आर्यावर्त बैंक के पास स्थित बंद पुलिया को नाले से जोड़ने और मुख्य चौराहे पर संकरी पुलिया को चौड़ा करने के निर्देश दिए थे।

विकल्प के रूप में सड़क से 55 फुट जगह छोड़कर कच्चा नाला खोदने का प्रस्ताव भी सामने आया था। वहीं एडीएम फाइनेंस ने तत्काल अतिक्रमण हटाने की मुनादी करवा कर नालों की सफाई करवाने का आदेश भी अधिशासी अधिकारी को दिया था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निरीक्षण के बाद उम्मीद जगी थी कि वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान होगा। परंतु न तो अस्थायी नाला खोदा गया और न ही पुलिया के चौड़ीकरण अथवा सफाई का कोई कार्य हुआ। प्रशासन की निष्क्रियता का खामियाजा अब फिर से आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

बरसात शुरू होते ही गलियों में पानी भरने लगा है। किदवई नगर और शिवाजी नगर के लोगों का कहना है कि कई वर्षों से शिकायत की जा रही है, लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टालते रहे हैं। अब जब विधायक और उच्च अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्देश दे चुके हैं, तब भी कार्य न होना लापरवाही और अकर्मण्यता का उदाहरण है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था हेतु तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य शुरू किया जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

कुम्हौली मोड़ के पास जुआ खेलते पकड़े गए तीन युवक, नगदी और ताश की गड्डी बरामद

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जुआ
जुआ

– मुखबिर की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, कोतवाली में मुकदमा दर्ज

मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद): कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर चौकी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कुम्हौली मोड़ (Kumhauli turn) के पास जुआ खेलते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस (Police) ने मौके से ताश की गड्डी, एक टॉर्च और ₹1500 की नकदी भी बरामद की है। चौकी इंचार्ज अनिल सिकरवार ने मंगलवार को गश्त के दौरान
मुखबिर की सूचना पर कांस्टेबल राजकुमार व कांस्टेबल शशांक के साथ कार्रवाई करते हुए जुआ खेल रहे तीन अभियुक्तों को दबोच लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है,रामनिवास पुत्र बालजीत, निवासी ग्राम झसी, थाना जहानगंज, समरपाल पुत्र छोटे लाल, रामवीर पुत्र हरसुख दयाल, दोनों निवासी ग्राम नहरैया शामिल हैं।

पुलिस ने उनके पास से 52 पत्तों की ताश की गड्डी, एक टार्च और ₹1500 नकद बरामद किए। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ल ने बताया कि तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध गैंबलिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

1.4 अरब साल पुरानी विरासत को मिला वैश्विक सम्मान: सोनभद्र का सलखन जीवाश्म पार्क UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल

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Sonbhadra
Sonbhadra

– अब विश्व देखेगा भारत की भूगर्भीय धरोहर, शोध और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश): भारत के भूगर्भीय इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र (Sonbhadra) ज़िले में स्थित सलखन फॉसिल्स पार्क (Salkhan Fossil Park) को UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची (Tentative List) में शामिल किया गया है। इससे इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और भारत की 1.4 अरब साल पुरानी भूगर्भीय विरासत को वैश्विक मंच पर नई गरिमा प्राप्त हुई है।

सलखन जीवाश्म पार्क लंबे समय से भूगर्भीय वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और पर्यावरणविदों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां पाए जाने वाले जीवाश्मों में मुख्य रूप से शैवाल (Algae) और स्ट्रोमैटोलाइट्स (Stromatolites) के जीवाश्म शामिल हैं, जो पृथ्वी पर प्रारंभिक जीवन के साक्ष्य माने जाते हैं। पार्क को UNESCO की संभावित सूची में शामिल किए जाने से यहां शोध कार्य को नई दिशा मिलेगी और विदेशी व देशी वैज्ञानिकों का आगमन बढ़ेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार को गति मिलने की संभावना है।

सलखन जीवाश्म पार्क सोनभद्र जिले के कैमुर वन्यजीव अभयारण्य के निकट, कैमर रेंज में लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह स्थल रॉबर्ट्सगंज से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पार्क तक पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा बाबतपुर एयरपोर्ट (वाराणसी) है, जो पर्यटकों के लिए सुगम मार्ग प्रदान करता है।

सलखन पार्क में प्राप्त फॉसिल्स वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह जीवाश्म उस काल के हैं जब पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत हुई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन फॉसिल्स के अध्ययन से पृथ्वी के प्रारंभिक पर्यावरण और जीवन की उत्पत्ति को समझने में मदद मिलती है। यह उपलब्धि भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, तथा UNESCO से जुड़े विशेषज्ञों के लगातार प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य के पर्यटन और विरासत स्थलों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर देने से यह सफलता प्राप्त हुई है।