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Thursday, March 26, 2026
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कृषि रक्षा सामग्री की बिक्री व उपयोग को लेकर दिशा निर्देश जारी, बिना लाइसेंस के बिक्री पर सख्त रोक

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agricultural
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फर्रुखाबाद: जिले में कीटनाशी उत्पादों की बिक्री एवं वितरण को लेकर कृषि निदेशक, लखनऊ द्वारा स्पष्ट दिशानिर्देश जारी (Guidelines issued) किए गए हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया गया कि 25 जून 2025 को प्राप्त आदेशों के क्रम में कीटनाशी विक्रेताओं और उत्पादकों के लिए सख्त नियम निर्धारित किए गए हैं, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशी उत्पाद मिल सकें और फसल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिले में केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को ही कृषि रक्षा सामग्री (agricultural defense material) बेचने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि निर्धारित दर से अधिक पर बिक्री नहीं कोई भी विक्रेता एम.आर.पी. से अधिक दर पर बिक्री नहीं करेगा।बिना लाइसेंस के बिक्री पर रोक बिना वैध लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति या संस्था कृषि रक्षा सामग्री का उत्पादन, भंडारण, परिवहन या बिक्री नहीं कर सकेगा।बिक्री रजिस्टर व स्टॉक पंजी का संधारण अनिवार्य – सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं को बिक्री रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखना होगा।अनाधिकृत कंपनियों की बिक्री पर रोक केवल “प्रिंसिपल सर्टिफिकेट” प्राप्त कंपनियों की ही कृषि रक्षा सामग्री का क्रय-विक्रय किया जा सकेगा।

प्रयोगशाला परीक्षण पर आधारित बिक्री केवल प्रमाणित व मान्यता प्राप्त कीटनाशियों की ही बिक्री की जाए।समय से पूर्व, अवैध और कालातीत बिक्री वर्जित कोई भी विक्रेता अवैध या एक्सपायरी कीटनाशकों की बिक्री नहीं करेगा।विदेशी या अवैध उत्पादों से सावधान रहें बिना प्रमाणित निर्माण कंपनी अथवा संदेहास्पद विक्रेताओं से सामग्री क्रय न करें। विक्रेता स्टॉक की जानकारी साझा करें विक्रेता अपने गोदाम व बिक्री केद्रों पर उपलब्ध स्टॉक का विवरण जिला कृषि रक्षा अधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

मोहर्रम का चांद नजर आया, शहर में गूंजे “या हुसैन” के नारे

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Muharram
Muharram

– आज से मजलिसों का दौर शुरू, सज गए इमामबाड़े

फर्रुखाबाद: इस्लामिक नया साल शुरू होते ही मोहर्रम (Muharram) का चांद बुधवार रात नजर आ गया, जिसके साथ ही शिया समुदाय में ग़म का महीना आरंभ हो गया। शहर के शिया बहुल इलाकों में इमामबाड़ों की सजावट, मजलिसों का आयोजन और गम के रस्मों की शुरुआत हो गई है। शहर के घेरशामू खा, बूरा वाली गली, मादारबाड़ी, खटकपुरा, भीकमपुरा, बंगशपुरा, नख़ास, मनिहारी, बजरिया और भाऊटोला जैसे इलाकों में “या हुसैन” की सदाएं गूंजने लगीं और मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया।

ग़म में डूबे लोग, शुरू हुईं मजलिसें मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने बताया कि

 

“मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है और यह माह शोक और बलिदान की याद दिलाता है। पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की कर्बला में हुई शहादत को याद कर शिया समुदाय यह महीना ग़म में बिताता है।”

मोहर्रम की 10 तारीख (यौमे आशूरा) को सन 61 हिजरी में इराक के कर्बला शहर में यज़ीद की सेना ने इमाम हुसैन, उनके परिजनों और एक छह माह के बच्चे तक को भूखा-प्यासा रखकर शहीद कर दिया था। मोहर्रम की शुरुआत के साथ ही शिया मुस्लिम महिलाएं भी ग़म के रंग में रंग गईं। उन्होंने काले वस्त्र धारण किए और सुहाग की सभी निशानियाँ (चूड़ियाँ, बिंदी आदि) उतार दीं। कई महिलाओं ने इमामबाड़ों में चूड़ियाँ तोड़कर इमाम हुसैन के ग़म में शरीक होने की रस्म की।

शहर भर में अगले 10 दिनों तक मजलिसें, धार्मिक प्रवचन, और अज़ादारी का क्रम जारी रहेगा। विभिन्न स्थानों से ताज़िये, अलम और जुलूस भी निकलेंगे। सुबह से लेकर देर रात तक मजलिसों में शिरकत करने के लिए शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में पहुंचेंगे।

मजलिसों में मौलाना मदीना से कर्बला तक के सफर का वाक़या बयान कर रहे हैं। इमाम हुसैन और उनके परिवार की कुरबानी के दृश्य सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो रही हैं। शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। सभी इमामबाड़ों और जुलूस मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

भजन संध्या में झूमे भक्त, ‘कृपा की ना होती जो आदत तुम्हारी’ पर गूंज उठा मंदिर परिसर

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Shri Jagannath Rath Yatra
Shri Jagannath Rath Yatra

श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, आज निकलेगी रथयात्रा

फर्रुखाबाद: श्री राधा माधव मंदिर, घमंडी कूचा में आयोजित श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव (Shri Jagannath Rath Yatra Festival) के प्रथम दिवस पर आयोजित भजन संध्या में भक्तों ने भक्ति की रसधारा में डुबकी लगाई। नेत्रोत्सव दर्शन के साथ श्री राधारमण संकीर्तन रसवर्षा का आयोजन हुआ, जिसमें भजन “कृपा की न होती जो आदत तुम्हारी” जैसे भावपूर्ण गीतों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया।

जैसे ही भगवान जगन्नाथ का विग्रह दर्शनों के लिए प्रस्तुत हुआ, मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ स्वामी” के जयकारों से गूंज उठा। दर्शन हेतु उमड़ी भीड़ में श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो उठीं। परम पूज्य वैष्णव आचार्य डॉ. मनमोहन गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित भजन संध्या में वृंदावन गुरुधाम श्रृंगार वट से पधारे संकीर्तन आचार्य किशोरी दास, श्यामसुंदर शुक्ल, मनीष पांडेय, कु. बृज रज शुक्ल, मास्टर किंजल्क शुक्ल ने अपने मधुर स्वर से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भजनों की संगीतात्मक प्रस्तुति में पं. आकाश तिवारी (ऑर्गन), प्रदीप कुमार (ढोलक), रामप्रकाश वर्मा (ऑक्टोपैड) ने संगत की। प्रमुख भजन: राधे अलबेली सरकार करुणामयी कृपा कीजिए तेरी शरण में आकर मैं धन्य हो गया मेरे बांके बिहारी काली कमली वाला मेरा यार है नाम मेरी राधा रानी का कार्यक्रम में चिन्मय गोस्वामी के संचालन में भक्ति वैभव स्मृति सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ, जिसमें पूर्व दिवंगत श्रद्धेय जनों को याद किया गया।

दौलतियापुर में नहीं बनी नाली, ग्रामीणों को जलभराव से गुजरना मजबूरी

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villagers
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स्कूली बच्चों समेत ग्रामीणों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी, कई बार शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई

अमृतपुर (फर्रुखाबाद): तहसील क्षेत्र के ग्राम गूजरपुर गहलवार के मजरा दौलतियापुर में ग्रामीणों (villagers)को बुनियादी सुविधा के अभाव में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव के प्रमुख संपर्क मार्ग पर नाली का निर्माण न होने के चलते गंदे पानी का जलभराव (waterlogging) हो रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित है।

ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी से भरी सड़क से होकर रोज़ गुजरना उनकी मजबूरी बन चुका है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूली बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार छोटे बच्चे पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।

स्थानीय लोगों ने बयां किया दर्द स्थानीय निवासी गुड्डू ने बताया,

 

“गांव में नाली नहीं है। घरों और बारिश का सारा पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता है। पहले एक गड्ढा था जिसमें पानी चला जाता था, लेकिन अब वह भी बंद हो गया है।”

ग्राम निवासी जसोदा ने बताया,

 

“बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। घरों का पानी बाहर निकलकर सड़क पर भर जाता है। निकलना तक मुश्किल हो जाता है।

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी, राजेपुर ने जानकारी दी कि

 

“मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में नाली निर्माण कराया जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, जिससे उन्हें गंदे पानी में चलने को मजबूर न होना पड़े। यदि समस्या का समय रहते समाधान न हुआ, तो यह क्षेत्र गंदगी और बीमारियों का गढ़ बन सकता है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस जमीनी समस्या का शीघ्र समाधान कर ग्रामीणों को राहत प्रदान करे।

उखरा गांव में अवैध मिट्टी खनन, ट्रैक्टर सीज

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tractor seized
tractor seized

खनन निरीक्षक की कार्रवाई, पुलिस ने ट्रैक्टर को थाने में खड़ा कराया

फर्रुखाबाद (नवाबगंज): थाना क्षेत्र के ग्राम उखरा (Ukhra village) में अवैध मिट्टी खनन (Illegal soil mining) की सूचना पर खनन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर को सीज (tractor seized) कर दिया। यह कार्रवाई खनन निरीक्षक संजय प्रताप द्वारा की गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर मिट्टी लदी ट्रॉली को रोक लिया और दस्तावेजों की जांच की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने गांव में चल रहे अवैध खनन की सूचना खनन निरीक्षक को दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए निरीक्षक संजय प्रताप ने उखरा मार्ग पर एक मिट्टी से लदे ट्रैक्टर को रोका। जब ट्रैक्टर चालक से खनन से जुड़े वैध अभिलेख मांगे गए, तो वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।

प्रक्रिया के तहत खनन निरीक्षक ने ट्रैक्टर और ट्रॉली को मौके पर ही सीज कर दिया और स्थानीय पुलिस की सहायता से वाहन को नवाबगंज थाने में खड़ा करवा दिया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई को लेकर खनन निरीक्षक संजय प्रताप ने स्पष्ट कहा कि

 

“बगैर वैध अनुमति के खनन और परिवहन करना कानूनी अपराध है। विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”

उखरा गांव में लंबे समय से चल रहे अवैध मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। खनन विभाग की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगे।

राजस्थान के डीग में मिली 3500 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष

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Rajasthan
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ASI की खुदाई में मिला सरस्वती नदी का प्राचीन चैनल, महाभारत युग की संभावनाएं प्रबल

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) के डीग क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) को महाभारत युग की सभ्यता से जुड़े अहम अवशेष मिले हैं। चार महीने चली खुदाई में 3500 साल पुरानी संरचनाएं और सरस्वती नदी (Saraswati River) का एक पुराना चैनल सामने आया है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह खोज प्राचीन भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं से जुड़ी मान्यताओं को सशक्त आधार प्रदान करती है। खुदाई में मंदिर, मूर्तियाँ, प्राचीन ईंटें और जल निकासी व्यवस्था के अवशेष भी मिले हैं। ASI द्वारा विस्तृत रिपोर्ट जल्द जारी किए जाने की संभावना है।