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Sunday, March 22, 2026
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लखीमपुर में सीओ के स्टेनो पर दूसरी शादी का आरोप, जांच के आदेश

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सीओ धौरहरा को सौंपी गई जांच, आरोपों के बाद स्टेनो को छुट्टी
लखीमपुर खीरी। जिले में तैनात एक सीओ के स्टेनो पर दूसरी शादी करने का आरोप लगने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीओ धौरहरा को सौंप दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार स्टेनो गौरव शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने पहली शादी की जानकारी छिपाकर दूसरी शादी कर ली। इस मामले में दूसरी पत्नी की ओर से भी पहली शादी छिपाने का आरोप लगाया गया है।
वहीं इस प्रकरण में स्टेनो की तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नियमों के विपरीत गौरव शर्मा को मूल तैनाती के स्थान पर लंबे समय तक मुख्यालय में ही रखा गया। बताया जा रहा है कि वह करीब तीन वर्षों तक मुख्यालय पर ही तैनात रहे।
मामले के सामने आने के बाद आरोपों से घिरे सीओ गोला के स्टेनो गौरव शर्मा को फिलहाल छुट्टी पर भेज दिया गया है। पुलिस विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीओ धौरहरा को सौंपी गई जांच
पहली शादी छिपाने का आरोप
तैनाती को लेकर भी उठे सवाल
आरोपों के बाद स्टेनो को छुट्टी पर भेजा गया।

दिल्ली में कानून व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

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रूटीन लीव पर रोक, इमरजेंसी छुट्टी जांच के बाद ही होगी मंजूर

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां फिलहाल रद्द कर दी गई हैं।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब किसी भी पुलिसकर्मी को नियमित या रूटीन अवकाश नहीं मिलेगा। यदि किसी को अत्यावश्यक कारण से छुट्टी की आवश्यकता होगी तो उसे वरिष्ठ अधिकारियों की जांच और अनुमति के बाद ही इमरजेंसी लीव दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजधानी में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती जरूरी है। इसी कारण सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और पुलिस को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

दूसरों के दोष नहीं, खुद को देखो: बुद्ध का आत्मचिंतन का संदेश

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यूथ विचार | यूथ इंडिया
मानव स्वभाव की एक बड़ी कमजोरी यह है कि हम अक्सर दूसरों की गलतियों को देखने में अधिक रुचि लेते हैं, जबकि अपनी कमियों को नजरअंदाज कर देते हैं। समाज में अधिकांश विवाद, ईर्ष्या और तनाव की जड़ भी यही प्रवृत्ति है।
महात्मा गौतम बुद्ध ने इसी मनोवृत्ति पर गहरी बात कही थी —
“दूसरों के दोष देखने में मत उलझो, अपने भीतर झांकना सीखो। अस्तित्व एक दिन तुमसे सवाल करेगा।”
यह संदेश केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में लागू होने वाला सत्य है।
मनुष्य का अहंकार उसे अपनी गलतियों को स्वीकार करने से रोकता है। जब हम दूसरों की कमियों पर ध्यान देते हैं, तो हमें लगता है कि हम उनसे बेहतर हैं। यह एक मानसिक भ्रम है जो व्यक्ति को आत्मविकास से दूर कर देता है।
असल में दूसरों की आलोचना करना आसान है, लेकिन अपने अंदर झांकना साहस का काम है।
बुद्ध का पूरा दर्शन आत्मचिंतन पर आधारित है। उनका मानना था कि जब व्यक्ति अपने भीतर झांकता है, अपनी कमजोरियों को पहचानता है और उन्हें सुधारने की कोशिश करता है, तभी वह सच्चे ज्ञान की ओर बढ़ता है।
आत्मनिरीक्षण हमें यह समझने में मदद करता है कि हमारे भीतर कौन-सी आदतें हमें आगे बढ़ने से रोक रही हैं।
“अस्तित्व तुमसे सवाल करेगा” — यह वाक्य बहुत गहरा अर्थ रखता है।
जीवन का हर पल हमें अवसर देता है कि हम खुद को बेहतर बनाएं। एक दिन जीवन हमसे यही पूछेगा कि हमने अपने भीतर कितना सुधार किया।
हमने कितनी आलोचनाएं कीं, यह महत्वपूर्ण नहीं है।
महत्वपूर्ण यह है कि हमने खुद को कितना बदला।
आत्मसुधार से बदलता है समाज
दुनिया में बड़े बदलाव हमेशा व्यक्ति के भीतर से शुरू होते हैं।
जब एक व्यक्ति अपने विचारों, व्यवहार और दृष्टिकोण को बेहतर बनाता है, तो उसका प्रभाव परिवार, समाज और पूरी दुनिया पर पड़ता है।
इसलिए बुद्ध ने कहा था कि दूसरों को बदलने से पहले खुद को बदलना जरूरी है।
आज के समय में बुद्ध का संदेश
आज सोशल मीडिया और प्रतिस्पर्धा के दौर में लोग दूसरों की आलोचना और तुलना में ज्यादा समय बिताते हैं। इससे तनाव, असंतोष और नकारात्मकता बढ़ती है।
यदि हम बुद्ध के इस विचार को अपनाएं और दूसरों के दोष देखने के बजाय खुद को सुधारने पर ध्यान दें, तो जीवन अधिक शांत और संतुलित हो सकता है।
जीवन का वास्तविक विकास तब शुरू होता है जब व्यक्ति अपनी कमियों को स्वीकार कर उन्हें सुधारने का प्रयास करता है।
दूसरों के दोष देखने से केवल अहंकार बढ़ता है, लेकिन आत्मचिंतन से ज्ञान, शांति और सफलता मिलती है।
शायद इसलिए बुद्ध का यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है—
“दूसरों को मत देखो, खुद को देखो; क्योंकि अंततः जीवन तुमसे तुम्हारा ही हिसाब मांगेगा।”

यूपी में बदलेगा मौसम, गर्मी से राहत के आसार

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– दो दिन बारिश और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट
– 15–16 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 15 मार्च से प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा, जिससे कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक 15 और 16 मार्च को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे बादल बनने और बारिश होने की स्थिति बनेगी। इससे पिछले कुछ दिनों से महसूस की जा रही गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें।

गंगा-जमुनी तहज़ीब हमारी पहचान: अखिलेश यादव

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प्रदेश में नशे और किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब और मिली-जुली संस्कृति है।
उन्होंने कहा, “हमारे देश की यही खूबसूरती है कि हम एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल होते हैं। ऐसी गंगा-जमुनी तहज़ीब और मिली-जुली संस्कृति दुनिया में कहीं देखने को नहीं मिलती।”
सपा प्रमुख ने इस दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे की तस्करी को लेकर गंभीर स्थिति बनती जा रही है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ट्रकों में छिपाकर उत्तर प्रदेश में गांजा लाया जा रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा, “जब प्रदेश में गांजा पकड़ा जा रहा है और नशे का कारोबार बढ़ रहा है, तो सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री को होश ही नहीं है। जब गांजा आएगा तो आलू पर ध्यान कौन देगा।”
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नशे की तस्करी पर सख्त कार्रवाई करते हुए किसानों और आम जनता की समस्याओं पर भी प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए।

हर एक शरीर एक ट्रांसमीटर और रिसीवर है

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– विचार, ऊर्जा और भावनाओं का अदृश्य संवाद
आध्यात्म | यूथ इंडिया
मानव शरीर केवल मांस, हड्डियों और रक्त का ढांचा नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का एक अद्भुत स्रोत भी है। विज्ञान और आध्यात्मिक दर्शन दोनों ही इस बात की ओर संकेत करते हैं कि हर मनुष्य की बॉडी एक तरह से ट्रांसमीटर (प्रेषक) और रिसीवर (ग्राही) की तरह काम करती है। हम जो सोचते हैं, महसूस करते हैं और जैसा व्यवहार करते हैं, उसकी ऊर्जा हमारे आसपास के वातावरण में फैलती है और दूसरे लोग उसे महसूस भी करते हैं।
जब हम कोई विचार करते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में विद्युत संकेत उत्पन्न होते हैं। ये संकेत तरंगों के रूप में बाहर भी फैलते हैं। यही कारण है कि कई बार हम बिना बोले भी किसी व्यक्ति की भावना या मनःस्थिति को महसूस कर लेते हैं।
आध्यात्मिक दृष्टि से इसे विचार तरंगें या ऊर्जा कंपन कहा जाता है। सकारात्मक विचार सकारात्मक ऊर्जा का प्रसारण करते हैं, जबकि नकारात्मक विचार नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
कभी-कभी जीवन में ऐसा भी होता है कि कोई व्यक्ति हमारे लिए बहुत अच्छा काम करता है, लेकिन हमें वह अच्छा नहीं लगता। वहीं दूसरी ओर कोई व्यक्ति हमारे लिए कुछ खास नहीं करता, फिर भी उसकी उपस्थिति हमें अच्छी लगती है।
यह स्थिति केवल बाहरी व्यवहार से नहीं, बल्कि अंदर की ऊर्जा और भावनात्मक तरंगों से जुड़ी होती है। कई बार किसी व्यक्ति का व्यवहार अच्छा होता है, लेकिन उसके भीतर अहंकार, स्वार्थ या दिखावे की भावना होती है। हमारी आंतरिक चेतना उस ऊर्जा को महसूस कर लेती है और हमें वह अच्छाई भी बनावटी लगने लगती है।
इसके विपरीत, कुछ लोग भले ही हमारे लिए कुछ खास न करें, लेकिन उनके भीतर सच्चाई, अपनापन और सकारात्मक भावना होती है। उनकी यही आंतरिक ऊर्जा हमें सहज और अच्छा महसूस कराती है।
कभी आपने अनुभव किया होगा कि किसी खुश और सकारात्मक व्यक्ति के पास बैठने से मन हल्का और प्रसन्न हो जाता है। वहीं किसी तनावग्रस्त या नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति के साथ रहने पर मन भारी महसूस होने लगता है।
यह सब हमारी बॉडी के ट्रांसमीटर और रिसीवर की तरह काम करने के कारण ही होता है। हम अनजाने में दूसरों की ऊर्जा को ग्रहण भी करते हैं और अपनी ऊर्जा को प्रसारित भी करते रहते हैं।
ध्यान और सकारात्मकता का महत्व
योग, ध्यान और प्रार्थना जैसी प्रक्रियाएं इस ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करती हैं। जब व्यक्ति अपने विचारों को शांत और सकारात्मक बनाता है, तो उसके भीतर से निकलने वाली ऊर्जा भी सकारात्मक हो जाती है।
इसलिए जीवन में केवल बाहरी कर्म ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि उन कर्मों के पीछे की भावना और ऊर्जा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
यदि हमारे विचार शुद्ध हों, भावनाएं सच्ची हों और मन सकारात्मक हो, तो हमारी उपस्थिति ही दूसरों के लिए सुखद बन जाती है। यही कारण है कि कहा जाता है—
मन की सच्चाई और भावना की पवित्रता ही वास्तविक अच्छाई की पहचान होती है।