19 C
Lucknow
Friday, March 20, 2026
Home Blog Page 131

एसआई भर्ती परीक्षा के झांसे में आए अभ्यर्थी, एसटीएफ ने ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य को आगरा से किया गिरफ्तार

0

लखनऊ: प्रदेश में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र दिलाने के झांसे में ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी आयुष बघेल टेलीग्राम पर चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र भेजता था और उनसे ऑनलाइन धनराशि वसूलता था।

एसटीएफ के अनुसार, आयुष बघेल “यूपी एसआई यूपी पुलिस-2026”, “रिजल्ट पैनल प्राइवेट” और “यूपी एसआई परीक्षा प्रश्नपत्र-2026” नाम के चैनलों पर अभ्यर्थियों को उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी प्रश्नपत्र के पहले पेज को एडिट कर असली बताकर भेजता और फिर क्यूआर कोड तथा भुगतान पहचान संख्या के माध्यम से पैसे वसूलता था।

इस मामले में थाना हुसैनगंज में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसटीएफ को सूचना मिली कि गिरोह का एक सदस्य आगरा में मौजूद है, जिसके बाद न्यू आगरा थाना क्षेत्र की इंजीनियर्स कॉलोनी से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आयुष बघेल ने अपने कार्यों की स्वीकृति दी और बताया कि इस तरह अभ्यर्थियों का भरोसा जीतकर उनसे धनराशि ली जाती थी। एसटीएफ अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फर्जी चैनलों और ठगी के प्रयास अभ्यर्थियों के लिए गंभीर खतरा हैं और उन्हें सतर्क रहना चाहिए।

इस गिरफ्तारी से यह संदेश भी गया है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एसटीएफ और पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखा जा सके।

दर्दनाक सड़क हादसा: दो युवकों की मौत पर गुस्साए लोग बाजार में जाम,

0

अंबेडकरनगर। जिले में सड़क पर हुए एक भयावह हादसे ने इलाके को हिला दिया। दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई, जिससे परिवार और स्थानीय लोग गहरे शोक में डूब गए। हादसा दोपहर के समय उस वक्त हुआ, जब दोनों युवक अपनी मंज़िल की ओर जा रहे थे और अचानक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए।

जैसे ही घटना की जानकारी लोगों को मिली, आसपास का समुदाय सड़क पर इकट्ठा हो गया। गुस्साए लोग राजे सुल्तानपुर के मुख्य बाजार में पहुंच गए और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन करीब एक घंटे तक जारी रहा, जिससे बाजार और मुख्य मार्ग दोनों प्रभावित हुए।

पुलिस ने स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक श्याम देव ने प्रदर्शनकारियों और मृतकों के परिवार से बात की, उन्हें शांत किया और जाम हटवाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और हादसे की पूरी जांच होगी।

स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। लोगों को भी अपनी सुरक्षा और सड़क नियमों का पालन करने की आवश्यकता है।

स्थानीय नागरिक हादसे की गंभीरता को देखकर सड़क सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी और की जान न जाए और सड़कें सुरक्षित बनें।

सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा की तारीख तय, हजारों छात्रों में उत्साह

0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में संचालित सर्वोदय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में कक्षा 6 से 9 तक प्रवेश के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार यह परीक्षा 15 मार्च और 22 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी।

राज्य के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों तथा समय से अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश भर में संचालित सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2026–27 के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। कक्षा 6, 7, 8 और 9 में खाली सीटों को भरने के लिए यह प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन कक्षाओं में कुल 10,790 सीटें खाली हैं। इनमें बालक वर्ग के लिए 7,452 सीटें और बालिका वर्ग के लिए 3,338 सीटें निर्धारित हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए इस वर्ष विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश भर से कुल 68,780 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें 44,743 आवेदन बालक वर्ग से और 24,037 आवेदन बालिका वर्ग से प्राप्त हुए हैं। सभी अभ्यर्थियों का चयन लिखित प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा परिणाम के बाद मेरिट सूची तैयार कर योग्य छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।

प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सर्वोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के अलग-अलग जिलों में ऐसे 103 आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाती है।

इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यार्थियों को स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, खेलकूद की सुविधाएं और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया जाता है। साथ ही व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।

इसके अलावा इन विद्यालयों में उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। छात्रों को इंजीनियरिंग और चिकित्सा क्षेत्र की परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि सर्वोदय विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान करना है। प्रवेश परीक्षा के माध्यम से योग्य छात्रों का चयन कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है, जिससे वे भविष्य में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

समाज कल्याण विभाग ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित सभी निर्देशों का पालन करें और समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

अफवाह फैलाने वालों को जनता देगी जवाब, विपक्ष का बाजा बज जाएगा” – केशव प्रसाद मौर्य

0

प्रयागराज: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को प्रयागराज दौरे के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में गैस की कमी को लेकर फैलायी जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं और कुछ विपक्षी नेता केवल जनता में भ्रम और डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

संगम नगरी प्रयागराज पहुंचने पर पुलिस लाइन हेलीपैड और सर्किट हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता केवल घटिया राजनीति करने में लगे हैं और जनता के बीच गलत संदेश फैलाकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। मौर्य ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “अफवाह गांधी” और “अफवाह यादव” जैसे नेता केवल दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में ऐसे अफवाह फैलाने वालों का “बाजा बजा दिया जाएगा”।

गैस सिलिंडर की कमी को लेकर फैल रही चर्चाओं पर उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहले जहां प्रतिदिन लगभग 55 लाख गैस सिलिंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 75 लाख तक पहुंच चुकी है। इससे साफ है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने कहा कि सरकार हर घर तक गैस सिलिंडर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद भारत को ऊर्जा आपूर्ति में कोई बड़ी दिक्कत नहीं आई है। उनके अनुसार सरकार की प्रभावी कूटनीति के कारण ईरान से भारत को कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति जारी है और देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया आज देख रही है कि वैश्विक संकट के समय भी भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है।

राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत के साथ आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है। उनका दावा है कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंचकर सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में भी पार्टी संगठन को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जा रही है। इसके अलावा आने वाले जिला पंचायत चुनावों को लेकर भी कार्यकर्ता सक्रिय हो चुके हैं।

प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री के आगमन पर कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। स्वागत करने वालों में शहर के महापौर गणेश केसरवानी, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता सहित अनेक भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने तथा सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास और सुशासन के मुद्दे पर भाजपा जनता के बीच जाएगी और विरोधियों को करारा जवाब देगी।

आईआईटी बीएचयू में सेना की टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी, नैनो ड्रोन और रोबोटिक डॉग बने आकर्षण

0

वाराणसी | यूथ इंडिया: वाराणसी में स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (बीएचयू ) परिसर में भारतीय सेना द्वारा आधुनिक तकनीक और हथियारों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में सेना के जवानों ने छात्रों को नई सैन्य तकनीकों और उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

प्रदर्शनी में आईआईटी-बीएचयू के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे और सेना के आधुनिक उपकरणों को करीब से देखा। जवानों ने छात्रों को बताया कि आधुनिक युद्ध और सुरक्षा व्यवस्था में नई तकनीकों का किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में नैनो ड्रोन और रोबोटिक डॉग सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहे। छात्रों ने इन आधुनिक उपकरणों को देखकर काफी उत्साह दिखाया और सेना के अधिकारियों से इनके उपयोग और कार्यप्रणाली के बारे में सवाल भी किए।

सेना के अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि नैनो ड्रोन का उपयोग निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है। वहीं रोबोटिक डॉग का इस्तेमाल जोखिम भरे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान किया जाता है।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवाओं को सेना की आधुनिक तकनीक से परिचित कराना और उन्हें देश की सुरक्षा व्यवस्था में हो रहे तकनीकी बदलावों के बारे में जागरूक करना था।

ईरान से सस्ता तेल मिलता अमेरिकी दबाव और रूस के खेल नें हाथ बांधे

0

– भारत की ऊर्जा राजनीति की पूरी कहानी
शरद कटियार

नई दिल्ली। भारत की ऊर्जा नीति पिछले एक दशक में बड़े बदलावों से गुज़री है। कभी Iran भारत का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता था, जहां से भारत को सस्ता तेल, आसान भुगतान और ट्रांसपोर्ट में विशेष छूट मिलती थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति, विशेष रूप से अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत को यह व्यवस्था छोड़नी पड़ी। इसके बाद वैश्विक ऊर्जा समीकरण बदले और रूस भारत का बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा।

यह पूरी कहानी केवल व्यापार की नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति, कूटनीति और आर्थिक मजबूरियों की भी है।
भारत और ईरान के बीच तेल व्यापार लंबे समय तक दोनों देशों के लिए फायदेमंद रहा। ईरान भारत को अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाजार से 2 से 5 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता तेल देता था। इसके अलावा भुगतान की शर्तें भी आसान थीं। भारत को कई बार 60 से 90 दिन का क्रेडिट मिलता था।

तेल भुगतान के लिए भारत ने एक विशेष व्यवस्था बनाई थी, जिसमें यूको बैंक की कोलकाता शाखा में ईरान का रुपया खाता खोला गया था। भारत ईरान से खरीदे गए तेल का भुगतान रुपये में करता था और उस पैसे से ईरान भारत से दवाइयां, चावल, चाय और अन्य सामान खरीद सकता था। इस व्यवस्था से भारत को डॉलर खर्च करने की जरूरत कम पड़ती थी और भारतीय निर्यातकों को भी बड़ा बाजार मिलता था।

ईरान भारत को शिपिंग और बीमा में भी राहत देता था। कई बार ईरान अपने टैंकर से तेल भेजता था और जहाजों का बीमा भी खुद ही करता था। इससे भारत की आयात लागत और कम हो जाती थी। 2018 में जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए, तब वैश्विक बैंकिंग और व्यापार व्यवस्था पर उसका असर पड़ा।

अमेरिका ने साफ संकेत दिया कि जो देश ईरान से तेल खरीदते रहेंगे, उन पर भी आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इससे भारतीय बैंकिंग प्रणाली और कंपनियों के लिए जोखिम पैदा हो गया। भारत का अमेरिका के साथ व्यापार, तकनीक और रक्षा सहयोग काफी बड़ा है। इसलिए भारत ने 2019 में ईरान से तेल आयात लगभग बंद कर दिया।

इसी बीच वैश्विक राजनीति में एक और बड़ा बदलाव हुआ। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर भी प्रतिबंध लगा दिए। रूस को अपने तेल के लिए नए बाजारों की जरूरत थी। ऐसे में भारत और चीन उसके सबसे बड़े खरीदार बनकर सामने आए।

रूस ने भारत को भारी छूट पर तेल देना शुरू किया। कई बार यह छूट 20 से 30 डॉलर प्रति बैरल तक बताई गई। इसका फायदा भारत की रिफाइनरियों को मिला और रूस कुछ महीनों में भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया।
आज भारत अपनी ऊर्जा जरूरतें कई देशों से पूरी कर रहा है। प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में रूस,इराक,सऊदी अरबिया,
यूनाइटेड स्टेट्स,शामिल हैं।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करता है। इसलिए भारत को हमेशा अंतरराष्ट्रीय राजनीति और बाजार दोनों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से तेल खरीद भारत के लिए आर्थिक रूप से काफी फायदेमंद थी। लेकिन वैश्विक राजनीतिक दबाव और वित्तीय जोखिमों के कारण भारत को अपनी नीति बदलनी पड़ी।

आज भारत ने एक नई रणनीति अपनाई है—एक ही देश पर निर्भर रहने के बजाय कई देशों से तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना। ईरान से तेल व्यापार बंद होना केवल आर्थिक फैसला नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति की मजबूरी भी थी। इसके बाद रूस को नया बाजार मिला और भारत ने अपनी ऊर्जा रणनीति बदलकर नए स्रोत तलाशे।यह पूरी कहानी दिखाती है कि तेल केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति और कूटनीति का भी बड़ा हथियार है।