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Friday, March 13, 2026
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सुबह का नाश्ता छोडऩा पड़ सकता है भारी

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नाश्ता शरीर के लिए ईंधन, इसे नजरअंदाज करना सेहत के लिए खतरा
यूथ इंडिया
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग सुबह की जल्दी और काम के दबाव के कारण नाश्ता करना छोड़ देते हैं। कई लोग यह सोचते हैं कि नाश्ता न करने से समय बच जाएगा या वजन कम होगा, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है। रात भर के लंबे अंतराल के बाद जब हम सुबह उठते हैं तो शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में पौष्टिक नाश्ता शरीर को जरूरी ऊर्जा देता है और पूरे दिन काम करने की क्षमता बढ़ाता है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से सुबह का नाश्ता छोड़ देता है तो उसके शरीर पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे कमजोरी और थकान, चक्कर या सिरदर्द, ध्यान और एकाग्रता में कमी, पाचन संबंधी समस्याएं, जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कई बार लंबे समय तक नाश्ता न करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित हो सकता है, जिससे वजन बढऩे की संभावना भी बढ़ जाती है।
कैसा होना चाहिए स्वस्थ नाश्ता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सुबह का नाश्ता हल्का लेकिन पौष्टिक होना चाहिए। इसमें ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करें।
नाश्ते में निम्न चीजें शामिल करना लाभदायक माना जाता है:ताजे फल,अंकुरित अनाज,दूध या दही ओट्स या दलिया,सूखे मेवे ये सभी चीजें शरीर को प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज तत्व प्रदान करती हैं, जिससे शरीर दिनभर सक्रिय और ऊर्जावान बना रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और युवाओं के लिए सुबह का नाश्ता और भी जरूरी होता है। इससे उनकी पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है और मानसिक विकास में भी मदद मिलती है।
यदि दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से की जाए तो व्यक्ति पूरे दिन बेहतर महसूस करता है और उसकी कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है।

संतुलित खानपान से बनती है स्वस्थ जिंदगी

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सही भोजन केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन और सोच को भी देता है मजबूती
यूथ इंडिया
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपने स्वास्थ्य से ज्यादा स्वाद और सुविधा को महत्व देने लगे हैं। व्यस्त दिनचर्या, काम का दबाव और बदलती जीवनशैली के कारण बहुत से लोग फास्ट फूड और तली-भुनी चीजों की ओर आकर्षित हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालने लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यक्ति स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीना चाहता है तो उसे सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान देना होगा।
संतुलित भोजन क्यों जरूरी है
संतुलित भोजन का मतलब केवल पेट भरना नहीं है, बल्कि ऐसा भोजन करना है जिससे शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज और फाइबर की जरूरत होती है।
दाल, अनाज, हरी सब्जियां, ताजे फल, दूध और पर्याप्त मात्रा में पानी शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ रोगों से लडऩे की क्षमता भी बढ़ाते हैं। जब शरीर को सही पोषण मिलता है तो व्यक्ति खुद को अधिक सक्रिय, स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत महसूस करता है।
आज के समय में कई लोग समय की कमी के कारण घर का बना पौष्टिक भोजन छोडक़र बाहर का भोजन या फास्ट फूड अधिक खाने लगे हैं। पिज्जा, बर्गर, तले स्नैक्स और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ स्वाद में भले अच्छे लगते हों, लेकिन इनका अधिक सेवन धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अधिक तैलीय और जंक फूड खाने से मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि भोजन का चुनाव सोच-समझकर किया जाए और प्राकृतिक व पौष्टिक आहार को प्राथमिकता दी जाए।
स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है कि हमारी थाली रंग-बिरंगे पोषक तत्वों से भरपूर हो। एक आदर्श भोजन में अनाज या रोटी/चावल दाल या प्रोटीन का स्रोत हरी सब्जियां,सलाद और फल,दूध या दही,जैसी चीजें शामिल होनी चाहिए। इससे शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है।
संतुलित भोजन के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन क्रिया को सही बनाए रखता है। इसके अलावा ताजे फल और हरी सब्जियां शरीर को विटामिन और खनिज तत्व प्रदान करती हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
स्वस्थ जीवन की शुरुआत रसोई से
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परिवार में सही खानपान की आदतें विकसित हो जाएं तो कई बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। घर का बना सादा और पौष्टिक भोजन शरीर के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। संतुलित खानपान केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। जब शरीर स्वस्थ रहता है तो व्यक्ति का आत्मविश्वास, कार्यक्षमता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी बढ़ता है।
जीवन शायरी
स्वास्थ्य की राह थाली से होकर गुजरती है,जो संतुलन समझे वही जिंदगी संवरती है।

एसआईआर -2026 : दावा-आपत्ति की अवधि समाप्त, फॉर्म-6 के 86.69 लाख आवेदन प्राप्त

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– मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी, बीएलओ से संपर्क के लिए ‘Book Call With BLO’ सुविधा शुरू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर -2026) के तहत मतदाता सूची से जुड़े दावा-आपत्ति की अवधि समाप्त हो गई है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने शनिवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता कर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि एसआईआर -2026 के दौरान फॉर्म-6 के कुल 86 लाख 69 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है।
इसके अलावा फॉर्म-7 के तहत 2,68,682 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने से संबंधित हैं। अधिकारियों ने बताया कि विशेष अभियान की तिथियों के दौरान फॉर्म-6 की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए ‘बुक कॉल बिद बीएलओ ’ की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से मतदाता सीधे अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ ) से संपर्क कर अपनी समस्याओं या जानकारी से संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अधिक से अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से यह विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित रूप से दर्ज हो सके।
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम और विवरण की जांच समय-समय पर करते रहें, जिससे मतदान के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यूपी के दो आईपीएस अफसरों की 28 मार्च को होगी शादी

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– संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा बंधेंगे विवाह सूत्र में, बाड़मेर में होगा विवाह समारोह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के दो युवा आईपीएस अधिकारियों की शादी 28 मार्च को होने जा रही है। संभल जिले के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई और बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा विवाह सूत्र में बंधेंगे।
जानकारी के अनुसार दोनों अधिकारियों का विवाह समारोह राजस्थान के बाड़मेर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर परिवारजन, करीबी रिश्तेदारों के साथ कई प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल होंगे।
केके बिश्नोई वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। वहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और इस समय बरेली जिले में एसपी दक्षिणी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
दोनों अधिकारियों के विवाह के बाद जोधपुर के एक रिसॉर्ट में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि शामिल होने की संभावना है।
पुलिस सेवा के दो अधिकारियों के इस वैवाहिक बंधन को लेकर पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा है और लोग उन्हें नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

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तकनीकी कारणों से बीच रास्ते में उतारना पड़ा हेलीकॉप्टर, सुरक्षित रहे उपमुख्यमंत्री
लखनऊ/यूपी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के हेलीकॉप्टर की अचानक इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने के बाद पायलट ने सतर्कता बरतते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित स्थान पर उतार दिया।
सूत्रों के अनुसार घटना के समय उपमुख्यमंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान हेलीकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिलने पर पायलट ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
गनीमत रही कि हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उतर गया और उपमुख्यमंत्री समेत सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई।
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर यह मामला तकनीकी खराबी से जुड़ा बताया जा रहा है। इंजीनियरों की टीम हेलीकॉप्टर की जांच कर रही है, जिसके बाद ही आगे की उड़ान या अन्य व्यवस्था की जाएगी।
घटना के बाद उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आंशिक बदलाव भी किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
हालांकि इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और उपमुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

एक्शन में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, कमालगंज तिराहे के पास अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर

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– भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन की कार्रवाई, सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाए गए
फर्रुखाबाद। जनपद में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को कमालगंज तिराहे के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर नगर क्षेत्र में बुल्डोजर चलाकर सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों के जरिए सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानों और अवैध ढांचों को हटाया गया।
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मार्ग संकरा हो गया था, जिससे आम लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर और कस्बों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए अवैध अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम लोगों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की पहल का स्वागत किया है।