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Thursday, March 12, 2026
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गैस गोदाम और शराब ठेकों में चोरी का खुलासा, आधा दर्जन चोर गिरफ्तार

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– चौबेपुर पुलिस को बड़ी सफलता, भारी मात्रा में शराब और 43 गैस सिलेंडर बरामद

कानपुर। गैस गोदाम और शराब के ठेकों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चौबेपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में शराब के साथ 43 गैस सिलेंडर बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गैस गोदाम और शराब ठेकों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच तेज की और संदिग्धों पर निगरानी शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर छापेमारी कर गिरोह से जुड़े करीब आधा दर्जन चोरों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी किए गए 43 गैस सिलेंडर और बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी संगठित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और बाद में सामान को सस्ते दामों में बेच देते थे।

चौबेपुर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हुई कई चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

6.78 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास

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– जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने किया शुभारंभ

– बेतवा नहर प्रखंड प्रथम के अंतर्गत होंगे निर्माण कार्य

जालौन। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जालौन जनपद में 6 करोड़ 78 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। यह निर्माण कार्य बेतवा नहर प्रखंड प्रथम के अंतर्गत कराया जाएगा।

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नहरों और संबंधित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके और खेती को लाभ हो।

इस मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परियोजनाओं की रूपरेखा और निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी।

जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि किसानों और क्षेत्रीय लोगों को इसका जल्द लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाकर किसानों की आय बढ़ाने में सहयोग किया जाए।

‘पहले अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा था उत्तराखंड’, भाजपा ने कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना

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– रामपुर तिराहा कांड को बताया आंदोलन का दर्दनाक अध्याय, कहा— उत्तराखंडवासी आज भी नहीं भूले घटना

देहरादून/लखनऊ। भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर पार्टी नेताओं ने उत्तराखंड के पुराने आंदोलन और राजनीतिक परिस्थितियों को याद करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है।

नेताओं का कहना है कि आज जो विकास उत्तराखंड में दिखाई दे रहा है, वह लंबे संघर्ष के बाद संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब उत्तराखंड के लोग अपने अधिकारों के लिए लगातार आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उस समय की सरकारों ने आंदोलनकारियों की आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का सबसे दर्दनाक अध्याय है, जिसे उत्तराखंड के लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं। उस घटना में आंदोलनकारियों के साथ हुए व्यवहार ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

पार्टी का कहना है कि उस दौर में आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय कांग्रेस और सपा की सरकारों ने दमनात्मक कार्रवाई की, जिससे लोगों में आक्रोश पैदा हुआ।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि आज केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें उत्तराखंड के विकास, बुनियादी सुविधाओं और क्षेत्रीय अस्मिता को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का गठन लंबे संघर्ष और बलिदानों का परिणाम है और उन आंदोलनकारियों के त्याग को हमेशा याद रखा जायेगा।

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार, अब 81 मेडिकल कॉलेज संचालित

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– पहले केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, डबल इंजन सरकार में तेजी से बढ़ा मेडिकल शिक्षा का दायरा

लखनऊ ।उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। राज्य में अब कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ वर्ष पहले तक प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज ही संचालित थे।

सरकार का कहना है कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया है। इसी नीति के तहत प्रदेश के अधिक से अधिक जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और संचालन से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, बल्कि मेडिकल शिक्षा के अवसर भी बढ़े हैं। इससे स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार का दावा है कि अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और भविष्य में डॉक्टरों की कमी को भी काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

सरकार ने कहा है कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए नई योजनाओं और परियोजनाओं पर काम जारी रहेगा।

गाली-गलौज का विरोध करने पर महिला से मारपीट का आरोप

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– पीड़िता ने कोतवाली में दी तहरीर, पुलिस ने जांच शुरू की

मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लखरुआ में गाली-गलौज का विरोध करने पर एक महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

गांव निवासी सूरजपाल की पत्नी देवकी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 6 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे गांव के ही गौरव पुत्र राधेश्याम, कारेलाल पुत्र कन्हैयालाल कठेरिया, पंडा व देवा पुत्र रमेश निवासीगढ़ उसके घर के दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।

महिला के विरोध करने पर आरोप है कि उक्त लोगों ने लात-घूंसों और लाठी-डंडों से मारपीट कर दी, जिससे उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान प्रेमपाल की पत्नी सोनी ने भी गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।

घटना के बाद पीड़िता ने डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है। मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष, नारी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बना उत्तर प्रदेश

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मिशन शक्ति, रोजगार और कौशल विकास से बदली प्रदेश की बेटियों की तस्वीर

यूपी में दिन हो या रात, बहन-बेटियां भयमुक्त होकर घर से निकल रहीं

लखनऊ, 7 मार्च: उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम अब केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि महिलाओं की आजादी, सशक्तीकरण और स्वावलंबन का जीता जागता पर्याय हैं। योगी सरकार में पिछले 9 साल के भीतर महिला सशक्तीकरण की एक नई तस्वीर सामने आई है। सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के क्षेत्र में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति अभियान मील का पत्थर साबित हुआ। दिन हो या रात, बहन-बेटियां भयमुक्त होकर स्कूल या ऑफिस आ-जा रही हैं। प्रदेश में आज मातृशक्ति स्वतंत्र, आत्मनिर्भर, स्वस्थ और स्वावलंबी है।

मिशन शक्ति- महिला सशक्तीकरण की नई इबारत

प्रदेश सरकार की ये सबसे बड़ी उपलब्धि है कि महिलाएं भयमुक्त होकर जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020 में मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत प्रदेश में 1694 एंटी रोमियो स्क्वायड सक्रिय हैं, जिन्होंने अब तक 1 करोड़ 18 लाख से अधिक सार्वजनिक स्थलों की चेकिंग की है और 4 करोड़ 52 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 24,871 अभियोग दर्ज हुए और 33,268 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 1 करोड़ 64 लाख से अधिक लोगों को चेतावनी दी गई। सेफ सिटी योजना के अंतर्गत 17 नगर निगमों और गौतम बुद्ध नगर में 7,95,699 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा 4,150 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। इन कदमों से महिलाओं के प्रति अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। मिशन शक्ति के प्रभाव से रेप, महिलाओं और बच्चों के अपहरण, दहेज हत्या व घरेलू हिंसा के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत तंत्र 

प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक संस्थागत ढांचा विकसित किया गया है। अब तक 44,177 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है और सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी शिकायतें सुनती हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 के एकीकरण से त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में 9,172 महिला बीट सक्रिय हैं और करीब 19,839 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। लखनऊ में 100 पिंक बूथ स्थापित किए गए, जहां 25,216 शिकायतें प्राप्त हुईं और इनमें से 24,659 मामलों का समाधान काउंसिलिंग के माध्यम से किया गया। मिशन शक्ति फेज-5 में 50 लाख लोगों को जागरूक किया गया।

कौशल और शिक्षा से बढ़ते अवसर

महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा व कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है। उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के माध्यम से युवतियों को आईटी, हेल्थकेयर, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस और रिटेल सहित लगभग 35 सेक्टरों में 1300 से अधिक जॉब रोल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्रों में डिजिटल स्किल, सॉफ्ट स्किल और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि युवतियां आधुनिक अर्थव्यवस्था के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

आर्थिक भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 9.11 लाख से अधिक समूहों, 63,519 ग्राम संगठनों एवं 3272 संकुल स्तरीय संघों का गठन करते हुए ग्रामीण क्षेत्र की 99 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया। लखपति महिला योजना के अन्तर्गत 33 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन किया गया और 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं। बी.सी. सखी ने कार्य करते हुए रु. 40 हजार करोड़ से अधिक का वित्तीय लेनदेन किया। बी. सी. सखियों ने रु. 109 करोड़ का लाभांश अर्जित किया।

आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता महिला सशक्तीकरण

योगी सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 26.78 लाख और निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत 38.58 लाख से अधिक लाभार्थी हैं। वन स्टाप सेंटर से अब तक 2.39 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। 189 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 1100 पिंक शौचालयों का निर्माण किया गया। 181-महिला हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत 8.42 लाख महिलाओं को सहायता मिली है।

हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के अंतर्गत 28.63 लाख महिलाओं तथा बालिकाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। वीबी- जी राम जी में मानव दिवस सृजन में 2025-26 में महिला सहभागिता 42 प्रतिशत है, 23.51 लाख महिला श्रमिकों को रोजगार मिला। 14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु वैक्सिनेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिस वैक्सीन की कीमत पहले लगभग 2100 रुपये थी, उसे कम करते हुए 300 रुपये तक लाया गया।