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Thursday, March 12, 2026
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दिल्ली: प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, विदेश में बैठे गैंगस्टर से मिली थी धमकी

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के छावला इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर (Property dealer) की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के मुताबिक, वारदात उस समय हुई जब प्रॉपर्टी डीलर अपनी कार में अकेले बैठे थे। इसी दौरान हमलावर मौके पर पहुंचे और करीब से कई गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हाल ही में विदेश में बैठे एक गैंगस्टर ने डीलर को जान से मारने की धमकी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि हत्या उसी धमकी से जुड़ी हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मृतक अपनी कार में अकेले बैठे थे, तभी हमलावर मौके पर पहुंचे और करीब से कई गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मृतक को विदेश में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू से जान से मारने की धमकी मिली थी। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे गैंगस्टर का हाथ तो नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

पुलिस ने बताया कि हाल ही में विदेश में रहने वाले एक गैंगस्टर ने मृतक को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि कहीं हत्या के पीछे उसी गैंगस्टर या उसके गिरोह का हाथ तो नहीं है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हाल ही में विदेश में रहने वाले गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने मृतक को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे गैंगस्टर या उसके गिरोह का हाथ तो नहीं है। इस बीच एक अलग मामले में 19 जनवरी को कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मनोज राठी के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की नई दिल्ली रेंज के विशेष प्रकोष्ठ की टीम ने की थी। आरोपी को शस्त्र अधिनियम की धारा 25(8) के तहत गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, मनोज राठी पहले भी दो आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें नजफगढ़ थाने में वर्ष 2021 में दर्ज एक हत्या का मामला भी शामिल है। जांच में सामने आया कि फरवरी 2024 में आरोपी देश से फरार हो गया था। इसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया और लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी खोला गया। बाद में उसे इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर रोका गया और 9 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पर्यटकों के लिए ताजमहल में निःशुल्क प्रवेश

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आगरा: आठ मार्च यानी कल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने पर्यटकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। आज यहां एएसआई अधिकारियों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को आगरा के ताजमहल में सभी पर्यटकों के लिए प्रवेश निःशुल्क कर दिया गया है।

ताजमहल के अलावा, पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित सभी स्मारकों के लिए भी टिकट निःशुल्क रहेंगे। घरेलू और विदेशी पर्यटक रविवार को ताजमहल में निःशुल्क प्रवेश कर सकेंगे, लेकिन मुख्य स्मारक देखने के लिए उन्हें टिकट खरीदना होगा।

फतेहपुर सिकरी, सिकंदरा स्मारक और किले में भी प्रवेश निःशुल्क रहेगा। ताजमहल में पर्यटकों का प्रवेश सूर्योदय से 30 मिनट पहले शुरू होता है और सूर्यास्त से 30 मिनट पहले प्रस्थान शुरू होता है। रविवार को ताजमहल में प्रवेश निःशुल्क होने के कारण भारी भीड़ जमा होने की संभावना है।

आजमगढ़ पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार

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आजमगढ़: आजमगढ़ पुलिस (Azamgarh police) ने नकली नोट (fake currency) छापने और चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से 1.19 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं, साथ ही नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक लैपटॉप, प्रिंटर, ए-4 साइज का कागज, एक पेपर कटर, एक कार और सात मोबाइल फोन शामिल हैं।

यह अभियान अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध पर लगाम लगाने और नकली नोटों के प्रचलन को रोकने के अभियान के तहत चलाया गया था। राउनापार पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी गश्त पर थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि टेकानपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कई लोग नकली नोटों का कारोबार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर, तीन पुलिस टीमों ने इलाके को घेर लिया और मौके पर ही छह संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ के आधार पर, जियानपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत जगदीशपुर गांव से नकली नोट छापने के उपकरणों के साथ दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गिरोह बरदिहा गांव के निवासी मनीष मिश्रा के नेतृत्व में काम करता था। वे लैपटॉप और प्रिंटर का इस्तेमाल करके ए-4 शीट पर नकली नोट छापते थे और फिर उन्हें पेपर कटर से असली नोटों के आकार में काटते थे। गिरोह के सदस्य नकली नोटों को असली नोटों के बंडलों में मिलाकर बाजारों और दुकानों में बेचते थे, जिससे लोगों के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। ग्रामीण एसपी के अनुसार, गिरोह पिछले तीन से चार हफ्तों से नकली नोट छाप रहा था और लगभग 4-5 लाख रुपये के नकली नोट छाप चुका था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह के सरगना मनीष मिश्रा और अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है।

भारतीय शतरंज जगत का नया सितारा आरव डेंगला

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(हेमंत खुटे -विनायक फीचर्स)

मुंबई के 17 वर्षीय प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ी आरव डेंगला ने कम उम्र में ही उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए भारत के 93वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि फीडे रेटिंग में 2500 अंकों के मापदंड को पूरा करके प्राप्त की। साथ ही, बोस्निया हर्ज़ेगोविना में लगातार दो टूर्नामेंट जीतकर अपना तीसरा और अंतिम जीएम नॉर्म पूरा किया।

आरव डेंगला ने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन और समर्पण के बल पर भारतीय शतरंज जगत में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि भारतीय शतरंज के उज्ज्वल भविष्य का भी संकेत है।

भारतीय शतरंज जगत के उभरते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ी आरव डेंगला ने कम उम्र में ही अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हुए ग्रैंडमास्टर का प्रतिष्ठित खिताब हासिल किया है। आरव ने मात्र 5 वर्ष की आयु में शतरंज खेलना प्रारंभ किया और देखते ही देखते राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली।

आरव ने वर्ष 2022 में अपना पहला ग्रैंडमास्टर (जी एम) नॉर्म प्राप्त किया। इसके बाद निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वर्ष 2025 में दूसरा जीएम नॉर्म अर्जित किया। अपने लगातार बेहतर खेल और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंततः ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल कर भारत को गौरवान्वित किया।

आरव की उपलब्धियों में वर्ष 2024 में आयोजित ग्रैंड पेरिस मास्टर्स चैंपियनशिप तथा फीडे वर्ल्ड स्कूल्स रेपिड और ब्लिट्ज चैंपियनशिप में विजेता बनना भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इन प्रतियोगिताओं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाई।

आरव की इस सफलता के पीछे उनकी माता श्रीमती शिप्रा डेंगला का विशेष सहयोग और प्रोत्साहन रहा है। साथ ही उनके प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने भी उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आरव डेंगला की यह उपलब्धि न केवल भारतीय शतरंज जगत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है। उनकी यह सफलता यह संदेश देती है कि लगन, परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।

भारतीय शतरंज के उभरते हुए युवा खिलाड़ी आरव डेंगला ने वर्ष 2024 में इंटरनेशनल मास्टर (आई एम ) का खिताब हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। आरव ने फ्रांस में आयोजित ग्रैंड पेरिस मास्टर्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 राउंड में 7 अंक हासिल किए और आवश्यक मानदंड पूरे किए। अपने सधे हुए खेल, रणनीतिक समझ और धैर्यपूर्ण प्रदर्शन से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।

भारतीय शतरंज के उभरते सितारे आरव डेंगला ने बचपन से ही अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था। वर्ष 2016 में मात्र 7 वर्ष की आयु में उन्होंने एम एस एस ए अंडर-10 प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड-तोड़ जीत हासिल की और इस स्पर्धा के सबसे कम उम्र के विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद भी आरव की सफलता का सिलसिला लगातार जारी रहा। अपनी प्रतिभा, एकाग्रता और रणनीतिक समझ के बल पर वे महज 13 वर्ष की उम्र तक अंडर-13 आयु वर्ग में दुनिया के शीर्ष 5 खिलाड़ियों में शामिल रहे।

किसी भी शतरंज खिलाड़ी के लिए ग्रैंडमास्टर (जीएम) का खिताब हासिल करना लंबी मेहनत, निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में अपनी क्षमता साबित करने का परिणाम होता है। आरव डेंगला ने भी इसी कठिन और प्रतिष्ठित यात्रा को सफलतापूर्वक तय करते हुए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन कर अपने तीनों जीएम नॉर्म अर्जित किए।

उन्हें पहला जीएम नॉर्म 2022 में बोस्निया और हर्ज़ेगोविना में आयोजित मेडजुनारोदनी वेलेमाजस्टोर्स्की टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करने पर हासिल हुआ। दूसरा जीएम नॉर्म 2025 में क्रोएशिया में आयोजित जुपान्या सेलिब्रेट्स चेस जीएम-नॉर्म राउंड रॉबिन प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाने पर मिला और तीसरा जीएम नॉर्म 2026 बोस्निया और हर्ज़ेगोविना में आयोजित जीएम मिक्स बिजेलजिना टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ मिला । तब आरव ने तीसरा और अंतिम जीएम नॉर्म प्राप्त कर ग्रैंडमास्टर बनने की दिशा में अपनी यात्रा पूरी की।

भारतीय शतरंज के युवा ग्रैंडमास्टर आरव डेंगला की रेटिंग यात्रा उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन की कहानी को दर्शाती है। कम उम्र से ही उन्होंने हर वर्ष अपने खेल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

अपनी मजबूत पहचान बनाई

अभी आरव को क्लासिकल शतरंज में 2506, रेपिड शतरंज में 2200 और ब्लिट्ज शतरंज में 2304 रेटिंग प्राप्त है। आरव ने यह रेटिंग यात्र लगातार अभ्यास, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मजबूत मानसिक दृढ़ता से विश्व स्तर तक अपनी विशिष्ट पहचान बना कर हासिल की है।

भारतीय शतरंज के उभरते हुए खिलाड़ी आरव डेंगला ने अपने खेल को सर्वोच्च स्तर तक पहुँचाने के लिए पढ़ाई के साथ भी संतुलन बनाते हुए सोच-समझकर सटीक निर्णय लिया। वर्तमान में वे शिक्षा के लिए अमेरिका के एक प्रतिष्ठित स्कूल से जुड़े हुए हैं। आरव ने फिलिप्स एकेडमी (अमेरिका) में अध्ययन किया है, और वर्ष 2025-26 में उन्होंने एक गैप ईयर लिया, ताकि वे पूरी तरह से शतरंज पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इससे पहले आरव धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई (भारत) के छात्र भी रह चुके हैं। पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज के प्रति उनका यह समर्पण उनके बड़े लक्ष्य और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

हर बड़ी सफलता के पीछे किसी न किसी का मौन त्याग छिपा होता है। भारतीय ग्रैंडमास्टर आरव डेंगला की उपलब्धियों के पीछे उनकी माता श्रीमती शिप्रा डेंगला का भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। अपने बेटे की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्होंने उसके शतरंज करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी, ताकि वे पूरा समय उसके प्रशिक्षण, टूर्नामेंट और तैयारी में दे सकें। एक माँ के रूप में उनका यह त्याग और समर्पण ही आरव की सफलता की मजबूत नींव बना। उनकी यह बलिदान इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि माता-पिता का विश्वास और समर्थन किसी भी खिलाड़ी को ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।

आरव डेंगला की ग्रैंडमास्टर बनने की यात्रा केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह निरंतर परिश्रम, अनुशासन, सही मार्गदर्शन और परिवार के त्याग का प्रेरक उदाहरण भी है। कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प और सतत अभ्यास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारतीय शतरंज को एक और गौरवपूर्ण क्षण दिया है और देश के युवा खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा जगाई है। निश्चित रूप से आरव डेंगला आने वाले समय में भारतीय शतरंज को विश्व मंच पर और अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। (विनायक फीचर्स)

मायावती और नीतीश को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा बयान

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– कहा— सपा-बसपा गठबंधन में मायावती को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, केशव प्रसाद मौर्य पर भी कसा तंज

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा बड़े दिल से राजनीति की है और कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी और बसपा का गठबंधन हुआ था, तब उनकी इच्छा थी कि मायावती को प्रधानमंत्री बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उस समय गठबंधन के जरिए देश में नई राजनीतिक दिशा देने की कोशिश की जा रही थी और मायावती को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने की सोच थी।

उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह विपक्षी एकता के तहत नीतीश कुमार को भी इंडिया गठबंधन में प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की चर्चा हुई थी। अखिलेश यादव का कहना था कि विपक्षी दलों ने कई बार एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ मजबूत विकल्प देने की कोशिश की है।

सपा अध्यक्ष ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा कई नेताओं को राज्यसभा भेजकर राजनीतिक रूप से रिटायर करने का काम करती है।

इसी क्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को लेकर भी तंज कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि हाल में हेलीकॉप्टर से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए केशव प्रसाद मौर्य को नया हेलीकॉप्टर मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

शंकराचार्य विवाद पर अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, कहा— पूजनीय शंकराचार्य केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं

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– कहा— पूजनीय शंकराचार्य केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं; उन्हें बदनाम करना सनातन का अपमान

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूजनीय शंकराचार्य केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार और परंपरा का प्रतीक हैं, जिनका सनातन धर्म में अत्यंत सम्मानित स्थान है।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश और समाज में गाय की पूजा और सनातन परंपराओं के सम्मान की भावना सदियों से चली आ रही है, और हर व्यक्ति चाहता है कि इन परंपराओं का आदर बना रहे। लेकिन जिस तरह से हाल के दिनों में शंकराचार्य को लेकर बयानबाजी और विवाद खड़े किए जा रहे हैं, उससे सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धार्मिक भावनाओं को समझने के बजाय उन्हें राजनीतिक मुद्दा बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी पूजनीय संत या धार्मिक गुरु को बदनाम करने की कोशिश करना उचित नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य की परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की एक महत्वपूर्ण धरोहर है। ऐसे में उनके बारे में विवाद खड़ा करना या उन्हें विवादों में घसीटना सनातन परंपरा का अपमान है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज देश और प्रदेश को ऐसे माहौल की जरूरत है जहां धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान किया जाए, न कि उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाए।

सपा अध्यक्ष ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक विषयों पर संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार होना चाहिए, ताकि समाज में सौहार्द और विश्वास बना रहे।

उन्होंने कहा कि संतों, आचार्यों और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और इसे किसी भी हाल में कम नहीं होने देना चाहिए।