– केयर इकॉनमी पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में मंथन, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के अवसरों पर भी जोर
लखनऊ। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए वरिष्ठजनों की देखभाल के लिए सरकार गंभीरता से तैयारी कर रही है। इसी दिशा में केयर इकॉनमी को मजबूत करने और युवाओं को इससे जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
लखनऊ में आयोजित केयर इकॉनमी पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में वरिष्ठजनों की देखभाल, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के नए अवसरों सहित विभिन्न विषयों पर मंथन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बदलती सामाजिक जरूरतों के अनुरूप देखभाल से जुड़ी सेवाओं को व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि आने वाले समय में बुजुर्गों की संख्या बढ़ने के साथ उनकी देखभाल की जरूरत भी बढ़ेगी। इसके लिए प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को वरिष्ठजनों की देखभाल के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देकर केयर इकॉनमी से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिल सकें।
उन्होंने कहा कि केयर इकॉनमी केवल बुजुर्गों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं के लिए भी आजीविका और सशक्तिकरण के नए रास्ते खुल सकते हैं। प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को इस क्षेत्र से जोड़ने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों की बेहतर देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप योजना बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें वरिष्ठजनों को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण देखभाल मिल सके तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।


