फर्रुखाबाद: नगर पालिका (Municipal) परिषद फर्रुखाबाद की कुत्ता पकड़ने वाली गाड़ी (dog catcher vehicle) का निजी उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस सरकारी वाहन पर स्पष्ट रूप से “नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद” अंकित है, उसे आज एक मोहल्ले में किसी व्यक्ति के निजी घर के उपयोग हेतु पत्थर ढोते हुए देखा गया। यह वाहन न तो किसी नगर पालिका कार्य में संलग्न था और न ही इसके उपयोग से जुड़ा कोई अधिकृत कार्यादेश मौजूद था।

मामले की जानकारी मिलते ही सुधांशु दत्त द्विवेदी एडवोकेट, जो वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सभासद भी हैं, ने मौके पर पहुंचकर वाहन को रोक लिया और इस पूरे प्रकरण को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों का निजी इस्तेमाल न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी खिलवाड़ है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया जाए, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह घटना नगर पालिका में व्याप्त लापरवाही और निगरानी तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है। आमजन का कहना है कि यदि सरकारी वाहनों का इस तरह निजी कार्यों में उपयोग होता रहा, तो इससे जनता के धन और संसाधनों का दुरुपयोग लगातार होता रहेगा।


