फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में आलू की कीमतों में आई भारी गिरावट ने किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर संकट में डाल दिया है। मंडियों में आलू का भाव गिरकर करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाने से किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा नेता विकास राजपूत ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है।
पत्र में उन्होंने आलू पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने, किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज देने और कोल्ड स्टोरेज के भंडारण शुल्क को सरकार द्वारा वहन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं और उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
विकास राजपूत ने मंडियों में किसानों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और अव्यवस्थाओं पर भी चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में जब वहां आलू की कीमतों में गिरावट आई थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से MSP तय कर किसानों को राहत दी थी।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश की मंडी समितियों से आंकड़े जुटाकर जिन किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल से कम कीमत मिली है, उन्हें फसल बीमा योजना के तहत प्रति हेक्टेयर के हिसाब से एकमुश्त मुआवजा दिया जाए। इससे किसानों को तत्काल राहत मिल सकेगी।
राजपूत ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि लागत न निकल पाने और फसल खराब होने के कारण किसान मानसिक दबाव में हैं, जिससे गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र निर्णय लेकर किसानों के हितों की रक्षा करने की अपील की है।
आलू के गिरते दाम से किसानों पर संकट, MSP लागू करने की मांग तेज


