विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के औद्योगिक शहर विशाखापत्तनम से सोमवार को ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। शहर के एक बड़े स्टील प्लांट की एसएमएस-2 और एसटीसी-3 इकाई में अचानक पिघला हुआ लोहा लीक हो गया। देखते ही देखते मौत का यह खौलता सैलाब मजदूरों पर टूट पड़ा और आठ श्रमिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के समय मजदूर रोज की तरह अपने काम में जुटे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में पूरा परिसर चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अत्यधिक तापमान वाला पिघला हुआ लोहा अचानक बाहर निकलने लगा। मजदूरों को संभलने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में कई परिवारों के चिराग बुझ गए।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल, पुलिस और प्लांट प्रबंधन मौके पर पहुंचा। घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ लगी रही। किसी की आंखों में अपने बेटे को खोने का दर्द था तो कोई अपने पति की सलामती की दुआ मांगता नजर आया।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में पिघला हुआ लोहा कैसे लीक हुआ? क्या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं गंभीर चूक हुई? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल विशाखापत्तनम में शोक का माहौल है। जिन मजदूरों ने सुबह अपने परिवार से हंसते हुए विदा ली थी, वे शाम तक ताबूतों में लौटे। आठ परिवारों के घरों में चूल्हे ठंडे हैं और आंखों में सिर्फ आंसू हैं। यह हादसा सिर्फ एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन मेहनतकश परिवारों के सपनों का टूट जाना है, जिनका सहारा हमेशा के लिए उनसे छिन गया।


