नई दिल्ली: दिवाली से पहले मोदी सरकार (Modi government) ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी सरकार ने 6 रबी फसलों (Rabi crops) का MSP बढ़ा दिया है। कैबिनेट बैठक में सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, सरसों, मसूर समेत छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इसका मकसद किसानों को उनकी फसल का बेहतर और उचित दाम दिलाना है।
इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower MSP) के लिए की गई है, जो अब 675 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। वहीं सबसे कम बढ़ोतरी गेहूं की एमएसपी में की गई है, जो 25 रुपये प्रति क्विंटल है। गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरसों के भाव में 413 रुपये और मसूर में 390 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को यह फैसला लिया। सरकार के अनुमान के मुताबिक, फसल उगाने की लागत निकालने के बाद किसानों को गेहूं में करीब 106%, सरसों और रेपसीड में 96%, मसूर में 92%, चना में 59%, जौ में 58% और कुसुम में 50% तक का फायदा मिल सकता है। सरकार का फोकस किसानों को बेहतर दाम देने और दाल-तिलहन की खेती बढ़ाने पर है। इन 6 फसलों में गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों-रेपसीड और कुसुम शामिल हैं। गौरतलब है कि सरकार किसानों को मूल्य समर्थन (Farmers MSP) प्रदान करने के लिए बुवाई के मौसम से पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करती है। सरकार ने सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) के MSP में की है. इसका MSP 675 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेहूं के लिए 106% है। इसके बाद सरसों के लिए 96%, मसूर के लिए 92%, चना के लिए 59%, जौ के लिए 58% और कुसुम के लिए 50% है। रबी फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करेगी और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी।
Modi Cabinet ने बैठक में दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) पर भी फैसला लिया। राजधानी के लिए Intelligent Traffic Management System को मंजूरी दी। ITMS का इस्तेमाल ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभालने के लिए होगा।


