नई दिल्ली| पश्चिम एशिया में हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। ईरान पर कथित संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई है। हमलों के लिए इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसी बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा कर स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, एयरस्पेस अलर्ट पर है और कई देशों ने अपने दूतावासों को हाई सिक्योरिटी पर रख दिया है।
खामेनेई की मौत का दावा: सत्ता के शीर्ष पर भूचाल
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान पर हुए भीषण हवाई हमलों में खामेनेई की मौत हुई। सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह इस्लामिक गणराज्य के इतिहास की सबसे बड़ी सत्ता-परिवर्तनकारी घटना होगी। खामेनेई तीन दशक से अधिक समय से देश की सर्वोच्च सत्ता के केंद्र में थे। उनकी अनुपस्थिति ईरान की राजनीतिक और सैन्य रणनीति को नई दिशा दे सकती है।
रिपोर्टों में उनके परिवार के कुछ सदस्यों के भी मारे जाने की बात कही गई है, जिससे देश के भीतर भावनाएं और भड़क उठी हैं।
‘इतिहास का सबसे जबरदस्त हमला’ की धमकी
ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉप्स ने सख्त बयान जारी करते हुए कहा है कि अब तक का सबसे बड़ा जवाबी हमला किया जाएगा। नए कमांडर-इन-चीफ की नियुक्ति के साथ ही सेना को पूरी तरह युद्ध मोड में डाल दिया गया है।
तेहरान ने साफ कहा है कि जब तक “आक्रामक ताकतें” झुक नहीं जातीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मिसाइल यूनिट्स और ड्रोन स्क्वाड्रन को सक्रिय कर दिया गया है। खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा भी सामने आया है।
14 अमेरिकी ठिकानों पर हमला, खाड़ी में दहशत
ईरान ने मध्य पूर्व में 14 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। कतर, बहरीन, कुवैत और यूएई में स्थित बेस अलर्ट पर हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें फ्लीट मुख्यालय के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एक घटना में नुकसान और कर्मचारियों के घायल होने की खबर है। कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट कर दी गई हैं। खाड़ी देशों में सायरन बज रहे हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी: ऐसी चोट देंगे जो कभी नहीं देखी
घटनाक्रम के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने “अब तक का सबसे ज़ोरदार हमला” करने की धमकी दी है, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान पहले उनकी हत्या की साजिश रच चुका है। उनका यह बयान न केवल राजनीतिक बल्कि सैन्य संकेतों से भी भरा माना जा रहा है। वॉशिंगटन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
संयुक्त राष्ट्र में हड़कंप, चीन की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस हुई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने खामेनेई की मौत की पुष्टि से इनकार करते हुए कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की।
चीन ने खुले तौर पर चिंता जताते हुए कहा कि अंधाधुंध सैन्य कार्रवाई क्षेत्र को विनाश की ओर धकेल सकती है। यूरोपीय देशों ने भी संयम बरतने की अपील की है।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ेगा। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के ऊर्जा बाजार का प्रमुख केंद्र है। किसी भी बड़े सैन्य टकराव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट संभव है।
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने कई रूट बदल दिए हैं। बीमा कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ा दिए हैं और समुद्री व्यापार पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
व्यापक युद्ध की ओर बढ़ रहा है क्षेत्र
मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि यह सिर्फ सीमित जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि बड़े क्षेत्रीय टकराव की प्रस्तावना हो सकती है। लगातार हो रहे हमले, तीखे बयान और सैन्य जमावड़ा इस आशंका को मजबूत कर रहे हैं।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान, वॉशिंगटन और तेल अवीव पर टिकी हैं। आने वाले घंटे और दिन तय करेंगे कि यह तनाव कूटनीति की मेज तक सीमित रहेगा या फिर मिडिल ईस्ट एक और भीषण युद्ध की आग में झोंक दिया जाएगा।


