लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति ठप हो गई और फसलों को भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव आया है, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला। हवा की रफ्तार कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिससे कच्चे मकानों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है, जहां गेहूं और आम की फसल पर ओलावृष्टि ने सीधा प्रहार किया है। किसान भारी नुकसान की आशंका जता रहे हैं। कई जिलों में खेतों में पानी भर गया है, जिससे कटाई के लिए तैयार फसल बर्बाद होने की कगार पर है।
शहरी क्षेत्रों में भी हालात सामान्य नहीं हैं। सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जगहों पर होर्डिंग और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं, लेकिन सवाल यह है कि हर साल आने वाली ऐसी आपदाओं के बावजूद तैयारी क्यों अधूरी रहती है?
यूपी में मौसम का कहर: 30+ जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त


