लखनऊ। गुडंबा थाना क्षेत्र में डिप्टी बैंक मैनेजर काजी अहमद के सुसाइड मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की कार से 6 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा मिला कनेक्शन
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन सभी मोबाइल फोन का उपयोग शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि मृतक अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश कर रहे थे और संभवतः भारी लेनदेन भी किया जा रहा था।
मामले को और उलझाने वाली बात यह है कि मृतक के परिजनों को इन 6 मोबाइल फोन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि परिवार से छिपाकर क्यों की जा रही थी।
पुलिस कर रही तकनीकी जांच
पुलिस ने सभी मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और ऐप्स के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन-किन लोगों से संपर्क था और कितना पैसा निवेश किया गया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मृतक शेयर बाजार में सक्रिय रूप से पैसा लगा रहे थे। ऐसे में आर्थिक नुकसान या कर्ज का दबाव सुसाइड की एक वजह हो सकता है, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसमें किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस की जांच के बाद ही सुसाइड के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।
डिप्टी बैंक मैनेजर सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, कार से मिले 6 मोबाइल फोन


