नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के सरकारी स्कूलों को शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Reka Guta) ने 1,368 नव-नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी देश की प्रगति की नींव होती है और शिक्षक उस नींव को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नव-नियुक्त शिक्षकों से विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से भी जोड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नव-नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और परिवारों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके जीवन का एक नया अध्याय है और उन्हें उम्मीद है कि सभी शिक्षक दिल्ली के विद्यार्थियों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,368 नए शिक्षकों की नियुक्ति से दिल्ली सरकार के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को दिशा देने का भी कार्य करते हैं।
रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल खाली पदों को भरना नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने नए शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे समर्पण, ईमानदारी और नवाचार के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करेंगे तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक शिक्षा के प्रसार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की प्रगति और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि एक अच्छी शिक्षा व्यवस्था ही बेहतर और जिम्मेदार भविष्य की पीढ़ी तैयार कर सकती है।
इसी उद्देश्य से सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्मार्ट क्लासरूम विकसित करने और शिक्षण की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा सके। इसके लिए स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ डिजिटल और स्मार्ट शिक्षण संसाधनों का भी विस्तार किया जा रहा है।


