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Monday, May 11, 2026

योगी मंत्रिमंडल में विभाग बंटवारे को लेकर तेज हलचल, कई बड़े चेहरों को मिल सकती अहम जिम्मेदारी

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भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय और सोमेंद्र तोमर पर सबकी नजर, आज हो सकती है विभागों की घोषणा

लखनऊ। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधने के साथ-साथ 2027 के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर विभागों का आवंटन किए जाने की चर्चा तेज है। सूत्रों के मुताबिक आज मंत्रियों के विभागों की घोषणा हो सकती है।

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा भूपेंद्र सिंह चौधरी को लेकर है। माना जा रहा है कि उन्हें सरकार में बेहद महत्वपूर्ण विभाग दिया जा सकता है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिहाज से उनका रोल काफी अहम माना जा रहा है।

वहीं मनोज पाण्डेय को भी बड़े विभाग की जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने के बाद से ही उनके विभाग को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार उन्हें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका दे सकती है।

सूत्रों के अनुसार सोमेन्द्र तोमर और अजित पाल को भी अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। सोमेंद्र तोमर अभी तक ऊर्जा विभाग में राज्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे और अब उन्हें इसी विभाग में स्वतंत्र प्रभार मिलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

फिलहाल ऊर्जा और नगर विकास जैसे बड़े विभाग A. K. Sharma के पास हैं। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इन विभागों में आंशिक फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सरकार प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए कुछ बड़े विभागों का पुनर्वितरण कर सकती है।

लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में गहमागहमी बढ़ी हुई है। चर्चा है कि यह विभाग किसी कद्दावर और संगठनात्मक पकड़ रखने वाले मंत्री को सौंपा जा सकता है। क्योंकि आगामी चुनावों से पहले सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करने की तैयारी है।

सूत्र बताते हैं कि विभागों का अंतिम बंटवारा केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक रणनीति के तहत किया जा रहा है। इसमें जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, संगठनात्मक प्रभाव और आगामी चुनावी लक्ष्य सभी को ध्यान में रखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विभागों के आवंटन से यह भी साफ हो जाएगा कि योगी सरकार में किस नेता का राजनीतिक कद कितना बढ़ा है और कौन सा चेहरा 2027 की रणनीति में केंद्र में रहने वाला है।

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