98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों के साथ अभियान समीक्षा में जुटा प्रदेश नेतृत्व
लखनऊ।भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय संगठनात्मक मंथन आज से शुरू हो गया। आगामी चुनावों और बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाने के लक्ष्य के साथ पार्टी नेतृत्व ने प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों को राजधानी तलब किया है। बैठक में 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में भाजपा के चल रहे अभियानों, सदस्यता विस्तार, बूथ प्रबंधन और संगठनात्मक सक्रियता की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। पार्टी का मुख्य फोकस बूथ स्तर पर मजबूती बढ़ाने और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहेगा।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में चुनावी सफलता का सबसे बड़ा आधार बूथ मैनेजमेंट ही है। यही वजह है कि प्रदेश संगठन अब प्रत्येक बूथ पर सक्रिय टीम, सोशल मीडिया नेटवर्क और स्थानीय मुद्दों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली इकाइयों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
बैठक में जिलाध्यक्षों से उनके क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति, विपक्ष की गतिविधियों और संगठन की जमीनी पकड़ को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा। इसके साथ ही आगामी कार्यक्रमों और अभियानों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है।
सूत्र बताते हैं कि पार्टी विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रही है जहां हाल के समय में विपक्ष ने राजनीतिक सक्रियता बढ़ाई है। बूथ समितियों के पुनर्गठन, पन्ना प्रमुखों की सक्रियता और नए वोटरों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हो सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने अभी से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को संगठनात्मक स्तर पर तेज कर दिया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पार्टी अब सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय के जरिए चुनावी बढ़त बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।


