– भाजपा किसान मोर्चा से जुड़ा नाम सामने आते ही सियासी हलचल तेज
झांसी।अवैध सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई ने सनसनी फैला दी है। करीब 100 करोड़ रुपये के सट्टा सिंडिकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें मुख्य आरोपी आशीष उपाध्याय को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आशीष राजधानी दिल्ली में एक परिचित के घर छिपकर रह रहा था, जहां से उसे दबोच लिया गया।
जांच में सामने आया है कि आशीष उपाध्याय भाजपा किसान मोर्चा का कोषाध्यक्ष भी बताया जा रहा है, जिससे मामला अब सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी रंग भी लेता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह सिंडिकेट लंबे समय से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सट्टा संचालन कर रहा था और इसकी जड़ें कई शहरों तक फैली हुई थीं।
इस मामले में पहले ही शुभम, विजय और नितिन को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि पुलिस की सूची में अभी भी कई बड़े नाम फरार हैं। इनमें पार्षद पति पप्पू, सौरभ समेत 8 आरोपी शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यह गिरोह हाईटेक तरीके से काम कर रहा था मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप और डिजिटल पेमेंट के जरिए करोड़ों का लेनदेन किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस सट्टा नेटवर्क को आखिर प्रशासन की नजर से कैसे बचाया गया? क्या इसमें स्थानीय स्तर पर मिलीभगत भी थी?
जब 100 करोड़ का खेल चल रहा था, तब जिम्मेदार एजेंसियां कहां थीं? क्या अब सिर्फ गिरफ्तारी से मामला खत्म हो जाएगा या इस सिंडिकेट की पूरी जड़ें उखाड़ी जाएंगी?
झांसी पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
झांसी में 100 करोड़ का सट्टा सिंडिकेट ध्वस्त: मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार


