– आर्थिक विकास, निवेश, संस्कृति और पर्यटन पर हुआ विचार-विमर्श
– सारनाथ-नारा के बीच बौद्ध विरासत के माध्यम से संबंध मजबूत करने पर जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची तथा जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल दाइसाकु युकिता के साथ मुलाकात की। बैठक में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन सहयोग को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में आर्थिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। साथ ही भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत को दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सारनाथ और जापान के नारा प्रीफेक्चर के बीच संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश जापान में अपने बौद्ध पर्यटन सर्किट को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत कर रहा है। 24 से 27 सितंबर तक टोक्यो में आयोजित टूरिज्म एक्सपोर जापान 2026 में यूपी के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों,सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशांबी और संकिसा,को एक पर्यटन सर्किट के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।
सारनाथ भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली है और उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार यह वाराणसी से करीब 13 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ है।
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश एवं तकनीकी सहयोग को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। हालिया बातचीत में जापानी उद्योगों के लिए यूपी में निवेश के अवसरों, उन्नत तकनीक और रोजगार से जुड़े सहयोग पर भी जोर दिया गया है। आकाशवाणी के अनुसार जापानी पक्ष ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए उत्तर प्रदेश में एक टीम भेजने की इच्छा भी जताई है।
बैठक को उत्तर प्रदेश और जापान के बीच व्यापार, निवेश, संस्कृति और बौद्ध पर्यटन संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में संवाद के रूप में देखा जा रहा है।


