नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही जनगणना 2026 इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है। पहली बार यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिसमें गणनाकर्मी टैबलेट और मोबाइल ऐप के जरिए सीधे लोगों के घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। इसके लिए सरकार ने 33 सवालों का एक विस्तृत “क्वेश्चन बैंक” तैयार किया है, जिसमें नागरिकों के जीवन स्तर, आर्थिक स्थिति, परिवार और संसाधनों से जुड़ी बारीक जानकारियां जुटाई जाएंगी।
इस बार जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोगों के जीवन की वास्तविक स्थिति को समझने का एक बड़ा माध्यम बनेगी। गणनाकर्मी आपके घर की बनावट से लेकर दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले संसाधनों तक की जानकारी लेंगे। इसमें यह भी पूछा जाएगा कि आपका घर कच्चा है या पक्का, छत किस प्रकार की है, घर में कितने कमरे हैं, पानी और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
परिवार से जुड़ी जानकारी में परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, उनकी उम्र, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति और पेशा जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति को समझने के लिए आय के स्रोत, रोजगार की स्थिति, बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
जनगणना में पहली बार लोगों की संपत्ति और संसाधनों का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसमें घर में उपलब्ध वाहन जैसे साइकिल, बाइक या कार, मोबाइल फोन, टीवी, इंटरनेट कनेक्शन जैसी सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा यह भी पूछा जाएगा कि परिवार किन-किन प्रकार के अनाज का उपयोग करता है, खाना बनाने के लिए किस ईंधन का इस्तेमाल होता है और राशन कार्ड की स्थिति क्या है।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल जनगणना से डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी होगा। कागजी प्रक्रिया लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और गलतियों की संभावना भी कम होगी। इस डेटा के आधार पर भविष्य में सरकारी योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा, ताकि जरूरतमंदों तक सही लाभ पहुंच सके।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल नीतिगत निर्णय लेने और योजनाओं के निर्माण के लिए ही किया जाएगा। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि देश के विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया सफल हो सके।
जनगणना 2026 में घर की छत से लेकर अनाज तक पूछे जाएंगे 33 सवाल, 1 अप्रैल से शुरू होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना


