41 C
Lucknow
Friday, May 22, 2026

ईंधन बचत पर यूपी में बड़ा अभियान, 70 जज साइकिल से पहुंचे कोर्ट

Must read

 

लखनऊ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद उत्तर प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण को लेकर बड़ा अभियान शुरू हो गया है। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को करीब 70 जज एक साथ साइकिल से जिला अदालत पहुंचे। जजों की साइकिलों पर “एक देश, एक संकल्प- ईंधन बचाओ” लिखे पोस्टर लगे थे। इस पहल को ऊर्जा संकट के बीच जनजागरूकता अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर पूर्वांचल के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कुशीनगर और महाराजगंज में लगातार चौथे दिन पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं। लोग बड़े-बड़े डिब्बों के साथ घंटों लाइन में खड़े नजर आए। महाराजगंज के एक युवक ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक डीजल नहीं मिला। अगर डीजल नहीं मिला तो खेती और सिंचाई का काम कैसे होगा?

हालांकि तेल कंपनियों ने किसी भी तरह की कमी से इनकार किया है। यूपी के राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) एवं कार्यकारी निदेशक संजय भंडारी ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आपूर्ति सामान्य रूप से चल रही है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने जमाखोरी न करने की अपील भी की।

ऊर्जा संकट और बढ़ती खपत को देखते हुए योगी सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारियों की गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर अगले सात महीनों के लिए रोक लगा दी है। इसके अलावा शहरों में 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में साइकिल ट्रैक बनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत कम करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

विशेष सचिव प्रवीण कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि नगर विकास विभाग की अधिकतर बैठकें अब ऑनलाइन होंगी। जिलों के बीच होने वाले प्रशिक्षण और सेमिनार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किए जाएंगे। सरकारी दफ्तरों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखने, अनावश्यक लाइट और लिफ्ट बंद रखने तथा शाम 7 बजे के बाद बिजली की बचत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने बस और कार पूलिंग को बढ़ावा देने, शहरों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाने, एलईडी और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने तथा “साइकिल से ऑफिस वीक” चलाने जैसे कदम भी उठाए हैं। इसके साथ ही गोबर और सीवेज से कम्प्रेस्ड बायो गैस बनाने के लिए गोबरधन परियोजना को तेज करने की तैयारी की जा रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article