बुलंदशहर। शिकारपुर से भाजपा विधायक और पूर्व राज्य मंत्री अनिल शर्मा का बुधवार दोपहर दिल्ली के निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 63 वर्ष के थे और वर्ष 2023 से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बेटे कुश शर्मा से फोन पर बात कर संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “हिम्मत रखिए, हमारी संवेदनाएं आपके साथ हैं।” मुख्यमंत्री ने अंतिम संस्कार की जानकारी भी ली।
अनिल शर्मा चार बार विधायक रहे। उन्होंने राजनीति की शुरुआत गांव की प्रधानी से की और निर्विरोध प्रधान चुने गए। 2002 में खुर्जा से बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने और 2007 में दोबारा जीत हासिल की। 2012 में शिकारपुर से चुनाव हारने के बाद भाजपा में शामिल हुए।
2017 में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से जीतकर योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री बने। 2022 में लगातार दूसरी बार शिकारपुर से विधायक चुने गए।
निधन के बाद नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान और खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर पैतृक गांव सुरजावली पहुंचने पर बड़ी संख्या में समर्थक अंतिम दर्शन के लिए जुटे।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी शोक जताया। महाना ने उनके निधन को प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अनिल शर्मा के निधन के बाद प्रदेश में छह विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं। इनमें तीन सपा, दो भाजपा और एक बसपा की हैं। विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम बचने के कारण इन सीटों पर उपचुनाव नहीं होने की बात कही गई है।


