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Wednesday, October 14, 2026

फर्जी शपथ पत्र से बिजली कनेक्शन लेने का आरोप, बिजली विभाग के एसडीओ-जेई समेत छह पर प्राथमिकी

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फर्रुखाबाद। फर्जी शपथ पत्र के आधार पर बिजली कनेक्शन जारी करने और दुकानों पर कब्जा करने की साजिश रचने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर बिजली विभाग के एसडीओ, जेई, संविदा कर्मी और तीन परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी रघुनंदन सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत कर उनकी मां की जमीन पर बनी दुकानों के संबंध में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रघुनंदन सिंह के अनुसार, उनकी मां दुलारी देवी ने अपने खेत में बनी 10 दुकानों को पांचों बेटों के बीच बांट दिया था। प्रत्येक बेटे के हिस्से में दो-दो दुकानें आई थीं। आरोप है कि उनके छोटे भाई कृपाल सिंह और उसके बेटों ने विश्वास में लेकर रघुनंदन के हिस्से की दो दुकानें अपने कब्जे में ले लीं। जब उन्होंने दुकानें वापस मांगीं तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
रघुनंदन ने आरोप लगाया कि इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर कथित रूप से फर्जी और कूटरचित शपथ पत्र तैयार कराया गया। आरोप है कि सुमन देवी के नाम से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों के घरेलू बिजली कनेक्शन ले लिया गया। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई।
शिकायत के अनुसार, उनके भतीजे देवेंद्र सिंह ने मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। आरोप है कि शिकायत के बाद संबंधित लोगों ने मिलीभगत कर घरेलू बिजली कनेक्शन को वाणिज्यिक कनेक्शन में परिवर्तित कर दिया और मामले का गलत तरीके से निस्तारण कर दिया। रघुनंदन ने शपथ पत्र पर लगी नोटरी की मुहर और हस्ताक्षर भी फर्जी होने का आरोप लगाया है।
इस मामले में रघुनंदन सिंह ने अपने भतीजों प्रवीण कुमार और अमन कुमार, कृपाल सिंह तथा बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) मो. शमीम अहमद, अवर अभियंता (जेई) सुशील कुमार और संविदा कर्मी प्रवल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
रघुनंदन का कहना है कि उन्होंने थाना पुलिस के साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।फर्जी शपथ पत्र से बिजली कनेक्शन लेने का आरोप, बिजली विभाग के एसडीओ-जेई समेत छह पर प्राथमिकी
फर्रुखाबाद। फर्जी शपथ पत्र के आधार पर बिजली कनेक्शन जारी करने और दुकानों पर कब्जा करने की साजिश रचने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर बिजली विभाग के एसडीओ, जेई, संविदा कर्मी और तीन परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी रघुनंदन सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत कर उनकी मां की जमीन पर बनी दुकानों के संबंध में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रघुनंदन सिंह के अनुसार, उनकी मां दुलारी देवी ने अपने खेत में बनी 10 दुकानों को पांचों बेटों के बीच बांट दिया था। प्रत्येक बेटे के हिस्से में दो-दो दुकानें आई थीं। आरोप है कि उनके छोटे भाई कृपाल सिंह और उसके बेटों ने विश्वास में लेकर रघुनंदन के हिस्से की दो दुकानें अपने कब्जे में ले लीं। जब उन्होंने दुकानें वापस मांगीं तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
रघुनंदन ने आरोप लगाया कि इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर कथित रूप से फर्जी और कूटरचित शपथ पत्र तैयार कराया गया। आरोप है कि सुमन देवी के नाम से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों के घरेलू बिजली कनेक्शन ले लिया गया। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई।
शिकायत के अनुसार, उनके भतीजे देवेंद्र सिंह ने मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। आरोप है कि शिकायत के बाद संबंधित लोगों ने मिलीभगत कर घरेलू बिजली कनेक्शन को वाणिज्यिक कनेक्शन में परिवर्तित कर दिया और मामले का गलत तरीके से निस्तारण कर दिया। रघुनंदन ने शपथ पत्र पर लगी नोटरी की मुहर और हस्ताक्षर भी फर्जी होने का आरोप लगाया है।
इस मामले में रघुनंदन सिंह ने अपने भतीजों प्रवीण कुमार और अमन कुमार, कृपाल सिंह तथा बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) मो. शमीम अहमद, अवर अभियंता (जेई) सुशील कुमार और संविदा कर्मी प्रवल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
रघुनंदन का कहना है कि उन्होंने थाना पुलिस के साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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