लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोडीन कफ सिरप (codeine cough syrup) की अवैध तस्करी में शामिल एक बड़े गिरोह की जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क ने हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से करोड़ों रुपये का वित्तीय लेनदेन किया, जिनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए एजेंसी अब सक्रिय रूप से काम कर रही है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पार करने के बाद कफ सिरप की आपूर्ति श्रृंखला कुछ इस्लामी संगठनों के नियंत्रण में आ गई। माना जाता है कि इस व्यापार से प्राप्त धन का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया गया था।
हालांकि, ईडी इस दिशा में ठोस सबूत जुटाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। इस मामले में, मेरठ निवासी आसिफ और वसीम के नाम भारत में सक्रिय तस्करी गिरोह की प्रमुख कड़ियों के रूप में सामने आए हैं। सूत्रों का दावा है कि दुबई में रह रहे आसिफ के भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के नेटवर्क से सीधे संबंध थे और वह विदेश से इस ऑपरेशन को चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
ईडी की टीम मामले में वित्तीय संबंधों को मजबूत करने के लिए हवाला नेटवर्क की जांच कर रही है। इसके अलावा, जांचकर्ता कफ सिरप के बदले बांग्लादेश से नकली भारतीय मुद्रा की आपूर्ति से जुड़े संभावित संबंध की भी जांच कर रहे हैं। अधिकारी बांग्लादेश तक फैली पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।
यह मामला कोडीन आधारित कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी से संबंधित है, जिसका अक्सर मादक पदार्थ के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। आरोप है कि गिरोह ने फर्जी कंपनियों और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सिरप को सीधे दवा कंपनियों से खरीदा और फिर उसे सीमा पार तस्करी किया। ईडी ने हाल ही में कई स्थानों पर छापेमारी की है और महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही, नेटवर्क से जुड़े और भी व्यक्तियों की पहचान होने की उम्मीद है। एजेंसी अवैध गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी मामले की जांच कर रही है।


