अयोध्या: अयोध्या (Ayodhya) जिले के हैदरगंज थाना क्षेत्र के जानाबाजार (Janabazar) इलाके में शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मिला नर कंकाल 24 दिनों से लापता 70 वर्षीय बुजुर्ग गुरु राम का निकला। मृतक के पुत्र लालचंद निषाद ने मौके पर पड़ी चप्पल और चड्ढी के आधार पर अपने पिता के रूप में पहचान की है। नर कंकाल मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के अनुसार, हैदरगंज थाना क्षेत्र के बेला रामबाग उमरनी निवासी लालचंद निषाद ने बताया कि उनके पिता गुरु राम पुत्र जगई, उम्र करीब 70 वर्ष, गत 23 नवंबर को घर से अचानक लापता हो गए थे। परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी और उनका इलाज चल रहा था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो 28 नवंबर को हैदरगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
शनिवार सुबह गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर हरी राम के खेत, पहाड़ी के खेत और दोनों खेतों के बीच स्थित बाहा में ग्रामीणों ने बिखरा हुआ नर कंकाल देखा. कंकाल लगभग आधा दर्जन स्थानों पर बिखरा पड़ा था। इधर-उधर हाथ, पैर, सिर और सीने की हड्डियां पड़ी थीं, जबकि शव का मांस पूरी तरह जंगली जानवर खा चुके थे। मौके पर मिली चप्पल और चड्ढी देखकर पुत्र ने रोते हुए अपने लापता पिता के रूप में पहचान की।
सूचना मिलते ही हैदरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की घेराबंदी कर उसे सुरक्षित किया। इसके बाद फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। फोरेंसिक टीम के सहयोग से बिखरी हुई हड्डियों को सावधानीपूर्वक एकत्र कर कब्जे में लिया गया और डीएनए टेस्ट व पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
इस संबंध में हैदरगंज के थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र ने चप्पल और कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान अपने लापता पिता के रूप में की है, जिसकी गुमशुदगी पहले से थाने में दर्ज है। हालांकि, स्पष्ट पहचान और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए कंकाल को फोरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


